गोरखपुर- ए एम यू ओल्ड बॉयज एल्यूमिनी एसोसिएशन के तत्वाधान

गोरखपुर। ए एम यू ओल्ड बॉयज एल्यूमिनी एसोसिएशन के तत्वाधान में पिछले 48 सालों से अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैयद अहमद खान का जन्मदिन धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ 17 अक्टूबर को मनाया जाता रहा है। गोरखपुर में इसकी शुरुआत 1975 से शहर के मशहूर डॉक्टर अजीज अहमद की सरपरस्ती में शुरू किया गया जो बदस्तूर जारी है।

कन्वीनर नुसरत अब्बासी ने बताया कि 19 अक्टूबर 2024 को निजामपुर के जश्न महल मैरिज हाउस में शाम 6:00 बजे से कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जिसके मुख्य अतिथि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल जमीरउद्दीन शाह रहेंगे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ.गौरव ग्रोवर विशिष्ट अतिथि डॉ. फैजा अब्बासी डायरेक्टर यूजीसी MMMTTC और स्पेशल गेस्ट जनाब अरशद खुर्शीद जनरल सेक्रेटरी रहेगें।
कार्यक्रम की शुरुआत किरात ( कुरान पाक की तिलावत) से किया जायेगा। अंत मे यूनिवर्सिटी तराना पढ़ा जाएगा। पहले ऑडियो और वीडियो के जरिए होता था लेकिन इस बार युवा पीढ़ी ने तय किया है कि इसका लाइव प्रसारण किया जाए। कार्यक्रम के दौरान गजल शेरो शायरी और कल्चरल एक्टिविटी भी होगा अगले साल हम लोग सिल्वर जुबली मनाएंगे क्योंकि ए एम यू ओल्ड बॉयज एल्यूमिनी एसोसिएशन का 49 वां यह कार्यक्रम है अगले साल 50 साल पूरे हो जाएंगे इस आयोजन को।
सर सैयद अहमद खान ने जो ख्वाब देखा था की हिंदुस्तान के लोग शिक्षित हो और देश को दुनिया के पटल पर नाम रोशन करें ,आज अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से बहुत सी शख्सियत में शिक्षा हासिल की है। भारत के पूर्व राष्ट्रपति जाकिर हुसैन ,पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी ,दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा, हॉकी खिलाड़ी ध्यानचंद, पूर्व क्रिकेटर कप्तान मुश्ताक अली, पूर्व क्रिकेटर लाला अमरनाथ, मुगले-आज़म फिल्म के निर्देश के .आसिफ, फिल्म अभिनेता नसरुद्दीन शाह, गीतकार और शायर जावेद अख्तर, पत्रकार रोमाना ईसार खान, पत्रकार आरफा खानम शेरवानी, उर्दू कवि कैफ़ी आज़मी लेखक राही मासूम रजा आदि लोगों ने यहां से शिक्षा ग्रहण की।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पहले स्नातक ईश्वरी प्रसाद उपाध्याय हुए जो एक भारतीय इतिहासकार थे। विश्वविद्यालय से पढ़ कर निकलने वाले तमाम लोगों ने पद्म विभूषण पद्मभूषण पद्मश्री जैसे पुरस्कार हासिल किए हैं न्यायपालिका में भी यूनिवर्सिटी से पढ़ कर निकलने वाले छात्रों ने न्यायाधीश की कुर्सी संभाली ।
विश्वविद्यालय में 250 से अधिक पाठ्यक्रम पढ़ाई जाते हैं महान समाज सुधारक सर सैयद अहमद खान ने जो सपना देखा था उनके वंशज उन्हें पूरा कर रहे हैं, दुनिया के सभी कोने से विशेष रूप से अफ्रीका, पश्चिम एशिया और दक्षिणी पूर्वी एशिया के छात्रों को आकर्षित करता है कुछ पाठ्यक्रमो में सार्क और राष्ट्रमंडल देशों के छात्रों के लिए आरक्षित है। इसकी स्थापना सर सैयद अहमद खान ने 1875 में की थी और जो 1920 में यूनिवर्सिटी की शक्ल में परिवर्तित हुआ। एशिया की सबसे बड़ी लाइब्रेरी मौलाना आजाद लाइब्रेरी में 13.50 लाख पुस्तकों के साथ तमाम दुर्लभ पांडुलिपियों भी मौजूद है।

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