बौद्धिक दासता का निषेध तथा काम्य संकल्पना का वरण करें संस्कृत शोध- छात्र

बौद्धिक दासता का निषेध तथा काम्य संकल्पना का वरण करें संस्कृत शोध- छात्र

आज दिनांक 21/10/2024 को संस्कृत एवं प्राकृत भाषा विभाग में नवागंतुक शोध- छात्रों का अधिष्ठाता कला संकाय एवं संस्कृत विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर राजवंत राव तथा विभागीय समस्त शिक्षकों के द्वारा दीक्षारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रोफेसर राव ने शोधन छात्रों को आशीर्वाद स्वरुप उद्बोधन देते हुए संस्कृत में प्रतिरोधता के इतिहास, आधुनिक संस्कृत नाटक, बौद्ध साहित्य में स्त्री पात्र, संस्कृत में कौशल विकास, अतीत का वर्तमान से संवाद तथा ‘आ नो भद्रा क्रतवो यन्तु विश्वतः’ को अपने संस्कृति में ओत- प्रोत करने की बात की। इस अवसर पर डॉ लक्षमी मिश्रा तथा विभागीय समस्त शिक्षक डॉ रंजन लता, डॉ सूर्यकांत त्रिपाठी, डॉ मृणालिनी, डॉ धर्मेंद्र, डॉ ज्ञानधर भारती, डॉ अर्चना शुक्ला आदि ने शोध-छात्रों को संबोधित किया। डॉ देवेंद्र पाल के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ ।

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