राजधानी में बैठे जिम्मेदार अफसर सिर्फ कागजी घोड़ा दौड़ा कर सरकार की आंखों में धूल झोंक रहते हैं,

राजधानी में बैठे जिम्मेदार अफसर सिर्फ कागजी घोड़ा दौड़ा कर सरकार की आंखों में धूल झोंक रहते हैं,

लोकदल

सोसाइटियों के बाहर किसानों की लंबी-लंबी लाइन लगने को मजबूर है,
लोकदल,

डीएपी खाद न मिलने से परेशान अन्नदाता किसान,

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने कहा जब किसानों की लंबी-लंबी लाइन प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मोहनलालगंज तहसील में देखने को मिल रही है तो सोचिए पूरे प्रदेश में क्या स्थिति होगी। सिंह ने बताया पूरे प्रदेश में डीएपी खाद की कालाबाजारी अफसरों के साथ मिलकर सक्रिय है। सरकार किसानों के समस्या को गंभीरता से नहीं देखती है । किसानों को जब जरूरत होती है, तब तो खाद मिलती नहीं है। बाद में गोदामों में खराब हो जाती है।वर्तमान में खाद न मिलने से किसान अपनी फसल की बुआई नहीं कर पा रहा है. शासन ने यह निर्देश दिया है कि किसानों को खाद की कोई कमी न हो, लेकिन जिले में बैठे जिम्मेदार सिर्फ कागजी घोड़ा दौड़ा कर सरकार की आंखों में धूल झोंक रहते हैं. खाद के लिए प्रदेश में हाहाकार मचा है और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है. लाचार किसान पूछ रहा है कि आखिर कबतक ये डीएपी रुलाएगी.इस किल्लत से आलू के बेल्ट पश्चिमी उत्तरप्रदेश (अलीगढ़, हाथरस, मेरठ ) के जिले सबसे ज्यादा प्रभावित है। आधा समय फसल का निकल चुका है। सुनील सिंह ने आरोप लगाया है की सरकार के पास पर्याप्त खाद है, लेकिन किसानों को देना नहीं चाहते हैं, ताकि व्यापारियों के साथ हाथ मिलाकर ब्लैक में खाद को बेचा जा सके।

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