Category: शहर और राज्य

  • गोरखपुर में भाजपा का महाशक्ति प्रदर्शन, ‘लोकतंत्र बचाओ’ पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब

    गोरखपुर में भाजपा का महाशक्ति प्रदर्शन, ‘लोकतंत्र बचाओ’ पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब

    गोरखपुर में भाजपा का महाशक्ति प्रदर्शन, ‘लोकतंत्र बचाओ’ पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब

     

    राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में निकली भव्य पदयात्रा, एमपी इंटर कॉलेज का परिसर भगवामय नजर आया, दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने दिखाई संगठनात्मक एकजुटता

     

    सूर्य प्रकाश ओझा

     

    गोरखपुर। भारतीय जनता पार्टी की ओर से सोमवार को गोरखपुर में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ महाभियान के तहत विशाल जनसभा और भव्य पदयात्रा का आयोजन किया गया। एमपी इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने आयोजन को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बना दिया। जनसभा में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने हिस्सा लिया। इसके बाद निकली पदयात्रा में नेताओं के साथ हजारों कार्यकर्ताओं की भागीदारी देखने को मिली।

     

    कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में भाजपा के झंडे, बैनर और पोस्टर दिखाई दिए। कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नजर आया। राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व के स्वागत में लगाए जा रहे नारों से पूरा वातावरण राजनीतिक गतिविधियों से सराबोर रहा। भाजपा नेताओं ने इस आयोजन के माध्यम से लोकतंत्र की मजबूती, राजनीतिक जागरूकता, संगठनात्मक एकजुटता और अराजकता के विरोध का संदेश देने का प्रयास किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रदेश मंत्री दिलीप पटेल ने किया।

     

    दिग्गज नेताओं की मौजूदगी ने बढ़ाई कार्यक्रम की भव्यता

     

    एमपी इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित विशाल जनसभा में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंच पर पहुंचते ही उपस्थित कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक नारों के साथ उनका स्वागत किया। मंच पर प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी की मौजूदगी ने भी कार्यक्रम की राजनीतिक महत्ता को बढ़ाया।

    इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री कमलेश पासवान, उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद, सूर्य प्रताप शाही, राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम और दानिश आजाद अंसारी सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। वहीं राज्यसभा सांसद राधा मोहन अग्रवाल, स्थानीय सांसद रवि किशन, सांसद संगीता यादव तथा क्षेत्र के विभिन्न विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

     

    मंच पर मौजूद नेताओं और जनप्रतिनिधियों की लंबी कतार ने यह स्पष्ट किया कि भाजपा ने इस आयोजन को केवल एक सामान्य जनसभा तक सीमित नहीं रखा था, बल्कि इसे संगठनात्मक शक्ति और राजनीतिक सक्रियता के प्रदर्शन के रूप में प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री की एक साथ मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं के उत्साह को और बढ़ाया।

     

    नेताओं के स्वागत के लिए कार्यकर्ताओं ने पहले से ही व्यापक तैयारियां की थीं। कॉलेज परिसर में अलग-अलग स्थानों पर स्वागत की व्यवस्था दिखाई दी। पार्टी के विभिन्न मोर्चों और संगठनों से जुड़े पदाधिकारी अपने-अपने समर्थकों के साथ कार्यक्रम में पहुंचे। राष्ट्रीय नेतृत्व के आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं में विशेष उत्सुकता देखने को मिली।

     

    कार्यकर्ताओं के उत्साह से भगवामय हुआ एमपी इंटर कॉलेज परिसर

     

    कार्यक्रम में गोरखपुर महानगर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता पहुंचे। पार्टी के विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, बूथ स्तर के कार्यकर्ता, युवा कार्यकर्ता और समर्थक सुबह से ही आयोजन स्थल पर जुटने लगे थे। धीरे-धीरे एमपी इंटर कॉलेज परिसर में लोगों की भीड़ बढ़ती गई और पूरा परिसर भाजपा के झंडों तथा बैनरों से सजा नजर आया।

     

    कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे लेकर नेताओं के समर्थन में नारे लगाए। कई कार्यकर्ता समूहों में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों के बीच संगठनात्मक एकजुटता और उत्साह साफ दिखाई दे रहा था। पार्टी पदाधिकारियों ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को संभालने में सक्रिय भूमिका निभाई।

     

    भाजपा के स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के लिए यह आयोजन अपने शीर्ष नेतृत्व के सामने संगठन की सक्रियता प्रदर्शित करने का अवसर भी रहा। महानगर और ग्रामीण क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं की भागीदारी ने कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप प्रदान किया। मंच से लेकर परिसर के विभिन्न हिस्सों तक पार्टी के झंडे और बैनर दिखाई दे रहे थे।

     

    कार्यकर्ताओं का उत्साह केवल नेताओं के स्वागत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जनसभा के दौरान भी लगातार नारेबाजी और समर्थन देखने को मिला। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के प्रति कार्यकर्ताओं ने विशेष उत्साह प्रदर्शित किया।

     

    इस आयोजन में पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं की सक्रियता भी उल्लेखनीय रही। विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारियों ने अपने समर्थकों के साथ पहुंचकर कार्यक्रम में भागीदारी की। संगठन के अलग-अलग स्तरों पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने इस बात को रेखांकित किया कि भाजपा अपने कार्यक्रमों में बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं को जोड़ने पर विशेष जोर देती है।

     

    ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान बना आयोजन का केंद्र

     

    इस पूरे कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रहा। भाजपा ने इस अभियान के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, राजनीतिक जागरूकता और व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखने का संदेश देने की कोशिश की।

     

    जनसभा के दौरान अभियान का नाम और उद्देश्य कार्यकर्ताओं के बीच प्रमुखता से दिखाई दिया। पार्टी की ओर से इस आयोजन को लोकतंत्र की रक्षा और अराजकता के विरोध से जोड़कर प्रस्तुत किया गया। इसके माध्यम से संगठन ने अपने कार्यकर्ताओं को एक साझा राजनीतिक मुद्दे के साथ जोड़ने का प्रयास किया।

     

    लोकतंत्र किसी भी देश की शासन व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार होता है। इसमें जनता की भागीदारी, जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही, संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका और कानून के शासन का विशेष महत्व होता है। राजनीतिक दल अपने अभियानों के माध्यम से इन मुद्दों को जनता के बीच उठाते रहते हैं। भाजपा का यह कार्यक्रम भी इसी राजनीतिक अभियान का हिस्सा रहा।

     

    पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस आयोजन को लोकतांत्रिक व्यवस्था के समर्थन में जनजागरण की पहल के रूप में प्रस्तुत किया। जनसभा के बाद पदयात्रा निकालने का निर्णय भी इसी संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाने की रणनीति के रूप में देखा गया।

     

    राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी से कार्यकर्ताओं में उत्साह

     

    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण रही। राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनकी उपस्थिति ने गोरखपुर के आयोजन को राष्ट्रीय संगठनात्मक संदर्भ प्रदान किया। उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की मौजूदगी ने प्रदेश तथा राष्ट्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय का दृश्य प्रस्तुत किया।

     

    राष्ट्रीय नेतृत्व के कार्यक्रमों को संगठन में विशेष महत्व दिया जाता है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को नेतृत्व के साथ सीधे जुड़ने का अवसर मिलता है। गोरखपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी इसी उत्साह को दर्शाती रही।

     

    नितिन नवीन की उपस्थिति को लेकर कार्यकर्ताओं में विशेष उत्सुकता दिखाई दी। मंच पर उनके पहुंचते ही स्वागत और नारेबाजी का दौर शुरू हो गया। पार्टी के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि भी इस आयोजन में सक्रिय रूप से शामिल हुए।

     

    कार्यक्रम ने गोरखपुर में भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को एक मंच पर लाने का अवसर प्रदान किया। स्थानीय कार्यकर्ताओं से लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व तक की मौजूदगी ने आयोजन को व्यापक राजनीतिक पहचान दिलाई।

     

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी रही आकर्षण का केंद्र

     

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी ने भी कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया। गोरखपुर से उनका पुराना राजनीतिक और सामाजिक जुड़ाव रहा है। ऐसे में उनके गृह क्षेत्र में आयोजित इस बड़े राजनीतिक कार्यक्रम को लेकर स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

     

    मुख्यमंत्री के मंच पर पहुंचने के दौरान कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। उनकी मौजूदगी से कार्यक्रम स्थल पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गईं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियों और समर्थकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने आयोजन को भव्य स्वरूप दिया।

     

    मुख्यमंत्री के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी ने भाजपा के तीनों संगठनात्मक स्तरों के नेतृत्व को एक मंच पर प्रस्तुत किया। इससे कार्यक्रम में राष्ट्रीय, प्रदेश और स्थानीय संगठन के बीच समन्वय का संदेश भी दिखाई दिया।

     

    गोरखपुर पूर्वांचल की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस क्षेत्र में आयोजित बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों का प्रभाव केवल शहर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आसपास के जिलों के राजनीतिक और संगठनात्मक माहौल पर भी इसका असर देखने को मिलता है। यही कारण रहा कि इस आयोजन में महानगर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

     

    प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी सहित वरिष्ठ नेताओं की सक्रिय भागीदारी

     

    प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी की मौजूदगी ने कार्यक्रम में संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के साथ उनकी उपस्थिति ने पार्टी के प्रदेश नेतृत्व की सक्रियता को प्रदर्शित किया।

     

    इसके अलावा केंद्रीय राज्यमंत्री कमलेश पासवान, कैबिनेट मंत्री संजय निषाद, सूर्य प्रताप शाही, राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम और दानिश आजाद अंसारी सहित कई वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी ने आयोजन को और व्यापक बनाया।

     

    सांसद राधा मोहन अग्रवाल, रवि किशन और संगीता यादव सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति भी चर्चा का विषय रही। इन नेताओं के साथ विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

     

    वरिष्ठ नेताओं की एक साथ मौजूदगी से कार्यकर्ताओं को संगठन के विभिन्न स्तरों के नेतृत्व को करीब से देखने और उनसे जुड़ने का अवसर मिला। कार्यक्रम के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा।

     

    जनसभा के बाद पदयात्रा के लिए तैयार हुआ कार्यकर्ताओं का काफिला

     

    एमपी इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित जनसभा के समापन के बाद कार्यक्रम का दूसरा प्रमुख चरण शुरू हुआ। ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के नारों के साथ भव्य पदयात्रा निकाली गई। इस पदयात्रा की अगुवाई राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने की।

     

    पदयात्रा में सांसदों, विधायकों, मंत्रियों, पार्टी पदाधिकारियों और हजारों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। नेताओं के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। हाथों में पार्टी के झंडे और अभियान से जुड़े संदेश लेकर कार्यकर्ता पदयात्रा में शामिल हुए।

     

    जनसभा के बाद सड़क पर उतरे कार्यकर्ताओं के हुजूम ने कार्यक्रम को एक नए स्वरूप में पहुंचा दिया। एमपी इंटर कॉलेज परिसर से शुरू हुई पदयात्रा में शीर्ष नेतृत्व की अगुवाई विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

     

    पार्टी के लिए पदयात्रा केवल एक प्रतीकात्मक मार्च नहीं, बल्कि अपने अभियान के संदेश को जनसामान्य तक पहुंचाने का माध्यम भी रही। इसके जरिए भाजपा ने लोकतंत्र और राजनीतिक व्यवस्था से जुड़े अपने विचारों को सार्वजनिक रूप से सामने रखने का प्रयास किया।

     

    शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी पदयात्रा

     

    पदयात्रा के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं का काफिला शहर के प्रमुख मार्गों से होकर आगे बढ़ा। रास्ते में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी दिखाई दी। पदयात्रा में शामिल लोगों ने अभियान के समर्थन में नारे लगाए और संगठनात्मक एकजुटता का प्रदर्शन किया।

     

    राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष की एक साथ अगुवाई ने इस मार्च को विशेष पहचान दी। उनके साथ चल रहे सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने भी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया।

     

    पदयात्रा में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी से शहर में राजनीतिक माहौल बना रहा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पार्टी के स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता सक्रिय रहे। आयोजन स्थल से लेकर पदयात्रा के दौरान तक कार्यकर्ताओं की भागीदारी लगातार दिखाई देती रही।

     

    ऐसे कार्यक्रमों में पदयात्रा का अपना अलग महत्व होता है। जनसभा के माध्यम से जहां मंच से विचार और संदेश रखे जाते हैं, वहीं पदयात्रा के माध्यम से कार्यकर्ता सार्वजनिक रूप से अपनी भागीदारी प्रदर्शित करते हैं। गोरखपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में भी दोनों माध्यमों का इस्तेमाल किया गया।

     

    संगठन की एकजुटता और कार्यकर्ताओं की भागीदारी पर रहा जोर

     

    भाजपा के इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण पक्ष संगठनात्मक एकजुटता का प्रदर्शन रहा। राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर बूथ स्तर के कार्यकर्ता तक एक ही कार्यक्रम में शामिल हुए। पार्टी के विभिन्न मोर्चों, मंडलों और स्थानीय इकाइयों की भागीदारी ने संगठन के व्यापक स्वरूप को सामने रखा।

     

    राजनीतिक दलों के लिए संगठन की मजबूती केवल वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता से भी निर्धारित होती है। गोरखपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या ने संगठन की स्थानीय सक्रियता को प्रदर्शित किया।

     

    ग्रामीण क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं की मौजूदगी भी आयोजन का महत्वपूर्ण पहलू रही। इससे गोरखपुर महानगर के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों की भागीदारी दिखाई दी।

     

    पार्टी के विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारी और मंडल अध्यक्ष अपने-अपने स्तर पर कार्यकर्ताओं को लेकर पहुंचे। बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने इस आयोजन को जमीनी संगठन से जोड़ने का काम किया।

     

    पूर्वांचल की राजनीति में गोरखपुर का विशेष महत्व

     

    गोरखपुर पूर्वांचल का एक प्रमुख राजनीतिक केंद्र माना जाता है। यहां होने वाले बड़े राजनीतिक आयोजनों पर आसपास के क्षेत्रों की भी नजर रहती है। धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस शहर में भाजपा की ओर से आयोजित विशाल जनसभा और पदयात्रा ने क्षेत्रीय राजनीति में पार्टी की सक्रियता को प्रदर्शित किया।

     

    गोरखपुर और आसपास के जिलों में भाजपा का संगठन लंबे समय से सक्रिय रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष की संयुक्त मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम को संगठन के लिए महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा गया।

     

    पूर्वांचल में राजनीतिक दलों के लिए कार्यकर्ताओं की सक्रियता, जनसंपर्क और संगठनात्मक समन्वय विशेष महत्व रखते हैं। बड़े कार्यक्रमों के माध्यम से पार्टी अपने समर्थकों को एक मंच पर लाने के साथ राजनीतिक मुद्दों को भी जनता के बीच पहुंचाने का प्रयास करती है।

     

    इस आयोजन में भी यही स्वरूप दिखाई दिया। एक ओर एमपी इंटर कॉलेज परिसर में विशाल जनसभा हुई, वहीं दूसरी ओर शहर के प्रमुख मार्गों से पदयात्रा निकालकर अभियान को सार्वजनिक रूप दिया गया।

     

    जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की व्यापक भागीदारी

     

    कार्यक्रम में सांसदों, विधायकों, मंत्रियों और विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों की मौजूदगी ने इसे व्यापक राजनीतिक आयोजन बनाया। स्थानीय सांसद रवि किशन और राज्यसभा सांसद राधा मोहन अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

     

    सांसद संगीता यादव सहित क्षेत्र के विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। जनप्रतिनिधियों के साथ पार्टी के स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता पूरे कार्यक्रम में सक्रिय नजर आए।

     

    इस प्रकार के आयोजनों में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति संगठन और जनसंपर्क के बीच तालमेल को दर्शाती है। स्थानीय स्तर पर सक्रिय रहने वाले कार्यकर्ताओं को वरिष्ठ नेताओं के साथ एक मंच पर आने का अवसर मिलता है। इससे पार्टी के भीतर संवाद और समन्वय को भी बढ़ावा मिलता है।

     

    गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम में नेताओं की उपस्थिति और कार्यकर्ताओं का उत्साह पूरे समय चर्चा का विषय बना रहा।

     

    कार्यक्रम के सफल संचालन में संगठन की भूमिका

     

    इतने बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए संगठनात्मक स्तर पर व्यापक तैयारियों की आवश्यकता होती है। एमपी इंटर कॉलेज परिसर में जनसभा और उसके बाद पदयात्रा के आयोजन में पार्टी के विभिन्न पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी दिखाई दी।

     

    कार्यक्रम का संचालन प्रदेश मंत्री दिलीप पटेल ने किया। उन्होंने आयोजन के विभिन्न चरणों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया। मंच पर मौजूद वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति के बीच कार्यक्रम का संचालन करना आयोजन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रही।

     

    पार्टी के महानगर और ग्रामीण क्षेत्र के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, मोर्चों के प्रतिनिधि तथा बूथ स्तर के कार्यकर्ता आयोजन में शामिल रहे। अलग-अलग स्तरों पर कार्यकर्ताओं की भागीदारी ने कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप प्रदान किया।

     

    जनसभा के समापन के बाद पदयात्रा की शुरुआत भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण चरण रही। इस दौरान शीर्ष नेतृत्व की अगुवाई में कार्यकर्ताओं का काफिला शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा।

     

    लोकतंत्र और राजनीतिक जागरूकता का संदेश देने का प्रयास

     

    ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के माध्यम से भाजपा ने लोकतंत्र की रक्षा और राजनीतिक व्यवस्था में अनुशासन का संदेश देने की कोशिश की। लोकतंत्र में राजनीतिक दलों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। जनता के बीच अपने विचारों और नीतियों को पहुंचाने के लिए राजनीतिक दल जनसभाओं, रैलियों और पदयात्राओं का आयोजन करते हैं।

     

    गोरखपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में भी जनसभा और पदयात्रा के जरिए पार्टी ने अपने अभियान को सार्वजनिक रूप दिया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण बना दिया।

     

    पदयात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं ने अभियान के नारों के माध्यम से अपना समर्थन प्रदर्शित किया। नेताओं की संयुक्त अगुवाई ने इस कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से विशेष पहचान प्रदान की।

     

    आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए संगठनात्मक सक्रियता का प्रदर्शन

     

    भाजपा के इस आयोजन को आगामी राजनीतिक चुनौतियों के मद्देनजर संगठनात्मक सक्रियता के प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। किसी भी राजनीतिक दल के लिए समय-समय पर कार्यकर्ताओं को एकजुट करना, संगठन की गतिविधियों को गति देना और जनता के बीच अपने मुद्दों को पहुंचाना महत्वपूर्ण होता है।

     

    गोरखपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय नेतृत्व, प्रदेश नेतृत्व और स्थानीय संगठन की संयुक्त भागीदारी दिखाई दी। इससे पार्टी ने अपनी संगठनात्मक एकजुटता और कार्यकर्ताओं की सक्रियता का प्रदर्शन किया।

     

    विशाल जनसभा और पदयात्रा के माध्यम से भाजपा ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि पार्टी अपने राजनीतिक अभियानों को लेकर जमीनी स्तर पर सक्रिय है। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की भागीदारी ने इस प्रयास को व्यापक रूप दिया।

     

    पूरे आयोजन में बना रहा उत्साहपूर्ण माहौल

     

    सुबह से लेकर पदयात्रा के समापन तक कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा। पार्टी के झंडों और बैनरों से सजे एमपी इंटर कॉलेज परिसर में कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या ने आयोजन को भव्य स्वरूप दिया।

     

    राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं के उत्साह को बढ़ाया। केंद्रीय मंत्रियों, प्रदेश सरकार के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की भागीदारी ने कार्यक्रम को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाया।

     

    जनसभा के बाद निकली पदयात्रा ने आयोजन को और व्यापक स्वरूप प्रदान किया। नेताओं और कार्यकर्ताओं का एक साथ सड़क पर उतरना संगठनात्मक एकजुटता का प्रमुख दृश्य रहा।

     

    कुल मिलाकर गोरखपुर के एमपी इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ महाभियान भाजपा के बड़े राजनीतिक आयोजनों में शामिल रहा। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की संयुक्त अगुवाई में आयोजित जनसभा और पदयात्रा ने पार्टी की संगठनात्मक सक्रियता को प्रदर्शित किया। हजारों कार्यकर्ताओं की भागीदारी, वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी और शहर के प्रमुख मार्गों से निकली पदयात्रा ने पूरे आ योजन को विशेष पहचान दिलाई। भाजपा ने इस कार्यक्रम के जरिए लोकतंत्र की रक्षा, अराजकता के विरोध और संगठनात्मक एकजुटता का संदेश जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया।

     

  • सरया तिवारी गांव में भव्य रामलीला का हुआ शुभारंभ, मुख्य अतिथि गजेंद्र त्रिपाठी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया उद्घाटन

    सरया तिवारी गांव में भव्य रामलीला का हुआ शुभारंभ, मुख्य अतिथि गजेंद्र त्रिपाठी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया उद्घाटन

     सरया तिवारी गांव में भव्य रामलीला का हुआ शुभारंभ, मुख्य अतिथि गजेंद्र त्रिपाठी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया उद्घाटन

    खजनी (गोरखपुर)। खजनी क्षेत्र के सरया तिवारी गांव में धार्मिक आस्था, श्रद्धा और सांस्कृतिक परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिला, जहां आयोजित भव्य रामलीला का शुभारंभ शुक्रवार को पूरे विधि-विधान और पारंपरिक उत्साह के साथ किया गया। रामलीला के शुभारंभ अवसर पर गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, त्याग, सत्य और धर्म की विजय का संदेश देने वाली रामलीला के मंचन को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, ग्रामीणों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

    रामलीला के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आज तक न्यूज़ के गोरखपुर मंडल प्रभारी श्री गजेंद्र त्रिपाठी उपस्थित रहे। उन्होंने विधिवत दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इसके उपरांत भगवान श्रीराम की आरती की गई और पूरे वातावरण में भक्ति एवं श्रद्धा का भाव दिखाई दिया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही रामलीला मंचन का औपचारिक शुभारंभ हुआ। इस दौरान उपस्थित लोगों ने भगवान श्रीराम के जयकारे लगाए, जिससे पूरा आयोजन स्थल भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।

     

     

    कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक परंपराओं के अनुसार भगवान की आरती और गणेश वंदना से की गई। भारतीय संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश की आराधना से करने की परंपरा रही है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए रामलीला के कलाकारों ने सबसे पहले गणेश वंदना की मनमोहक प्रस्तुति दी। कलाकारों ने अपनी कला, भाव-भंगिमाओं और आकर्षक प्रस्तुति के माध्यम से भगवान गणेश की महिमा का गुणगान किया। उनकी प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। श्रद्धालुओं ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

    गणेश वंदना के समापन के बाद रामलीला का मुख्य मंचन शुरू हुआ। मंच पर कलाकारों ने धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं के अनुरूप प्रस्तुति देकर दर्शकों को रामकथा से जोड़ने का प्रयास किया। रामलीला के मंचन के दौरान दर्शकों में विशेष उत्सुकता देखने को मिली। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने पूरे मनोयोग से कार्यक्रम का आनंद लिया। ग्रामीण परिवेश में आयोजित इस प्रकार के धार्मिक कार्यक्रम न केवल लोगों को मनोरंजन प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें अपनी सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक परंपराओं से भी जोड़ते हैं।

    धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है रामलीला

     

    रामलीला भारतीय समाज की प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। भगवान श्रीराम के जीवन पर आधारित रामकथा भारतीय जनमानस में विशेष श्रद्धा का विषय है। रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन के विभिन्न प्रसंगों को नाटकीय रूप में प्रस्तुत किया जाता है। इसमें उनके जन्म, बाल्यकाल, शिक्षा, सीता स्वयंवर, वनवास, भरत मिलाप, शबरी प्रसंग, हनुमान जी की भक्ति, लंका विजय और रावण वध जैसे प्रसंगों के माध्यम से धर्म, सत्य, प्रेम, त्याग, सेवा और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया जाता है।

     

    सरया तिवारी गांव में रामलीला का शुभारंभ भी इसी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आयोजन रहा। गांव में इस प्रकार के कार्यक्रमों से लोगों को अपनी धार्मिक मान्यताओं और सामाजिक मूल्यों को समझने का अवसर मिलता है। रामलीला का मंचन केवल एक मनोरंजन कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति की जीवंत अभिव्यक्ति भी है। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन और उनके चरित्र से परिचित कराया जाता है।

     

    भगवान श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है। उनका संपूर्ण जीवन आदर्श पुत्र, आदर्श भाई, आदर्श पति, आदर्श मित्र और आदर्श राजा के रूप में समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करता है। उन्होंने अपने जीवन में कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए भी सत्य, धर्म और मर्यादा का मार्ग नहीं छोड़ा। रामलीला के माध्यम से इन्हीं आदर्शों को समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। यही कारण है कि गांवों और कस्बों में आयोजित होने वाली रामलीलाओं को लेकर लोगों में आज भी गहरी आस्था और उत्साह देखने को मिलता है।

     

    मुख्य अतिथि गजेंद्र त्रिपाठी की मौजूदगी से बढ़ी कार्यक्रम की गरिमा

     

    रामलीला के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे आज तक न्यूज़ के गोरखपुर मंडल प्रभारी श्री गजेंद्र त्रिपाठी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उनकी उपस्थिति से आयोजन की गरिमा बढ़ी। दीप प्रज्ज्वलन भारतीय संस्कृति में शुभता, ज्ञान और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का संदेश देने वाला दीपक धार्मिक आयोजनों में विशेष महत्व रखता है। इसी परंपरा के अनुरूप मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्ज्वलित कर रामलीला मंचन का शुभारंभ किया।

     

    दीप प्रज्ज्वलन के बाद भगवान श्रीराम की आरती की गई। आरती के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ सहभागिता की। पूरा वातावरण धार्मिक उत्साह से भर गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए जयकारे लगाए। इसके बाद कलाकारों ने गणेश वंदना प्रस्तुत की, जिसने कार्यक्रम को और अधिक आकर्षक बना दिया।

     

    इस अवसर पर ग्राम प्रधान, रामलीला आयोजन समिति के पदाधिकारी, गांव के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन में सहयोग और सहभागिता दिखाई। ग्रामीणों की उपस्थिति से यह स्पष्ट दिखाई दिया कि गांव में धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को लेकर लोगों में विशेष लगाव है।

     

    ग्रामीणों की सहभागिता से उत्सवमय बना माहौल

     

    सरया तिवारी गांव में रामलीला के शुभारंभ को लेकर ग्रामीणों में काफी उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालुओं की उपस्थिति लगातार बनी रही। परिवारों के साथ पहुंचे लोगों ने रामलीला मंचन का आनंद लिया। बच्चों में भी विशेष उत्सुकता दिखाई दी। ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाली रामलीला का अपना अलग महत्व होता है। इसमें गांव के लोग केवल दर्शक के रूप में ही शामिल नहीं होते, बल्कि आयोजन की तैयारियों से लेकर व्यवस्था बनाए रखने तक विभिन्न स्तरों पर अपनी भूमिका निभाते हैं।

     

    रामलीला आयोजन के दौरान गांव के लोगों का आपसी सहयोग और सहभागिता सामाजिक एकता का भी संदेश देती है। इस तरह के कार्यक्रमों में अलग-अलग आयु वर्ग और सामाजिक पृष्ठभूमि के लोग एक साथ एकत्रित होते हैं। सभी लोग धार्मिक भावना के साथ कार्यक्रम का हिस्सा बनते हैं। इससे गांव में आपसी मेलजोल, सहयोग और भाईचारे की भावना मजबूत होती है।

     

    रामलीला जैसे आयोजन ग्रामीण जीवन में उत्सव का माहौल पैदा करते हैं। रोजमर्रा की व्यस्तताओं के बीच लोगों को एक स्थान पर एकत्रित होकर धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होने का अवसर मिलता है। खासकर बुजुर्गों के लिए यह अपनी पुरानी परंपराओं से जुड़ने का माध्यम होता है, जबकि बच्चों और युवाओं को भारतीय संस्कृति की जानकारी प्राप्त होती है।

     

    शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में भी ऐसा ही दृश्य देखने को मिला। श्रद्धालु पूरे भक्तिभाव के साथ मंचन देखते रहे। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियों के माध्यम से उनका उत्साह बढ़ाया। देर रात तक रामलीला का आनंद लेने के लिए ग्रामीणों की मौजूदगी बनी रही।

     

    नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने में रामलीला की अहम भूमिका

     

    आज के बदलते सामाजिक परिवेश में धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण हो गया है। आधुनिक जीवनशैली और तकनीकी विकास के बीच नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। रामलीला इस दिशा में एक प्रभावी माध्यम के रूप में कार्य करती है। इसके माध्यम से बच्चों और युवाओं को भगवान श्रीराम के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं के साथ-साथ नैतिक मूल्यों की जानकारी मिलती है।

     

    रामलीला में प्रस्तुत होने वाले प्रसंग बच्चों को यह समझने में मदद करते हैं कि जीवन में सत्य, अनुशासन, बड़ों का सम्मान, माता-पिता की आज्ञा, मित्रता, भाईचारा और कर्तव्य का कितना महत्व है। भगवान श्रीराम का जीवन इन सभी मूल्यों का प्रेरणादायक उदाहरण है। वहीं माता सीता का चरित्र धैर्य, आत्मसम्मान और दृढ़ संकल्प का संदेश देता है। लक्ष्मण का चरित्र भाई के प्रति समर्पण और हनुमान जी का चरित्र निस्वार्थ सेवा एवं अटूट भक्ति की प्रेरणा देता है।

     

    इसी प्रकार रामलीला में आने वाले अन्य पात्रों के माध्यम से भी समाज को अनेक शिक्षाएं मिलती हैं। रामकथा का प्रत्येक प्रसंग किसी न किसी सामाजिक, नैतिक और आध्यात्मिक संदेश को अपने भीतर समेटे हुए है। यही कारण है कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य भी करती है।

     

    सरया तिवारी गांव में आयोजित रामलीला के माध्यम से भी स्थानीय बच्चों और युवाओं को अपनी परंपराओं को करीब से देखने और समझने का अवसर मिल रहा है। मंच पर कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले धार्मिक प्रसंग लोगों को रामायण की घटनाओं से जोड़ते हैं। साथ ही गांव के लोगों में धार्मिक चेतना और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा मिलता है।

     

    स्थानीय कलाकारों और आयोजन समिति का योगदान महत्वपूर्ण

     

    किसी भी रामलीला के सफल आयोजन के पीछे आयोजन समिति और उससे जुड़े लोगों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। मंच की व्यवस्था, धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन, कलाकारों की प्रस्तुति और दर्शकों के बैठने की व्यवस्था सहित कई पहलुओं पर सामूहिक प्रयास की आवश्यकता होती है। सरया तिवारी गांव में आयोजित रामलीला का शुभारंभ भी ग्रामीणों की सहभागिता और आयोजन समिति के प्रयासों का परिणाम रहा।

     

    रामलीला के कलाकार अपनी प्रस्तुति के माध्यम से धार्मिक कथाओं को जीवंत बनाने का प्रयास करते हैं। मंच पर निभाए जाने वाले पात्रों के संवाद, अभिनय और भाव-भंगिमाएं दर्शकों को कथा से जोड़ती हैं। इसके लिए कलाकारों को अभ्यास और समर्पण की आवश्यकता होती है। धार्मिक मंचन में कलाकारों की भूमिका विशेष महत्व रखती है, क्योंकि उनके माध्यम से ही दर्शक रामकथा के विभिन्न प्रसंगों को समझ पाते हैं।

     

    गांव में इस प्रकार के आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को भी अपनी कला दिखाने का अवसर प्रदान करते हैं। अभिनय, गायन, संगीत और मंच संचालन से जुड़े लोगों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का मंच मिलता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।

     

    सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का संदेश

     

    रामलीला जैसे धार्मिक आयोजनों की एक विशेषता यह भी है कि वे समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाते हैं। ऐसे कार्यक्रमों में लोग अपनी व्यक्तिगत व्यस्तताओं और सामाजिक सीमाओं से ऊपर उठकर सामूहिक रूप से भाग लेते हैं। गांव के लोग मिल-जुलकर आयोजन को सफल बनाने का प्रयास करते हैं। इससे सामाजिक समरसता, सहयोग और आपसी सद्भाव की भावना मजबूत होती है।

     

    सरया तिवारी में आयोजित रामलीला के शुभारंभ अवसर पर भी बड़ी संख्या में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने सामूहिक सहभागिता का परिचय दिया। ग्रामीणों ने धार्मिक आयोजन में शामिल होकर अपनी आस्था प्रकट की। इस तरह के कार्यक्रम गांव की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

     

    रामलीला का मंचन लोगों को यह संदेश भी देता है कि समाज में सत्य, न्याय, सद्भाव और मर्यादा का पालन आवश्यक है। भगवान श्रीराम का जीवन इस बात की प्रेरणा देता है कि कठिन परिस्थितियों में भी व्यक्ति को अपने कर्तव्यों और सिद्धांतों से पीछे नहीं हटना चाहिए। उनके आदर्श आज भी समाज के लिए प्रासंगिक हैं।

     

    देर रात तक चलता रहा रामलीला मंचन, श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह

     

    शुक्रवार को रामलीला के शुभारंभ के बाद मंचन देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव और उत्साह के साथ प्रस्तुतियों का आनंद लिया। भगवान की आरती, गणेश वंदना और रामलीला के मंचन ने पूरे वातावरण को धार्मिक रंग में रंग दिया। देर रात तक लोग आयोजन स्थल पर मौजूद रहे और कलाकारों की प्रस्तुतियों को देखते रहे।

     

    बच्चों में रामलीला के पात्रों और मंचन को लेकर विशेष उत्सुकता रही। वहीं बुजुर्गों और महिलाओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। गांव के लोगों के लिए यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ पारिवारिक और सामाजिक मिलन का अवसर भी बना।

     

    रामलीला के दौरान दर्शकों की सक्रिय सहभागिता ने कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। ग्रामीणों की उपस्थिति और समर्थन से आयोजन का माहौल और अधिक आकर्षक बन गया। लोगों ने धार्मिक कार्यक्रम की सराहना करते हुए इस प्रकार के आयोजनों को निरंतर जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

     

    भारतीय संस्कृति की विरासत को जीवित रखने का प्रयास

     

    भारतीय संस्कृति में रामायण और भगवान श्रीराम का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। रामकथा सदियों से समाज को जीवन के आदर्शों और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देती आ रही है। देश के विभिन्न हिस्सों में रामलीला का आयोजन अलग-अलग शैलियों और परंपराओं के अनुसार किया जाता है। कहीं पारंपरिक संवाद शैली में मंचन होता है तो कहीं संगीत और नृत्य के माध्यम से रामकथा प्रस्तुत की जाती है। लेकिन इन सभी आयोजनों का मूल उद्देश्य भगवान श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना है।

     

    ग्रामीण क्षेत्रों में रामलीला का आयोजन विशेष महत्व रखता है। यहां यह केवल धार्मिक गतिविधि नहीं, बल्कि सामुदायिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा भी होती है। गांव के लोग मिलकर इसकी तैयारियां करते हैं और पूरे उत्साह के साथ आयोजन में शामिल होते हैं। इससे स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षण मिलता है।

     

    सरया तिवारी गांव में रामलीला का शुभारंभ भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाने वाला आयोजन रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गजेंद्र त्रिपाठी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और भगवान श्रीराम की आरती के साथ मंचन की शुरुआत की गई। गणेश वंदना की आकर्षक प्रस्तुति ने कार्यक्रम को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद शुरू हुए रामलीला मंचन को देखने के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं की मौजूदगी बनी रही।

     

    कुल मिलाकर सरया तिवारी गांव में आयोजित भव्य रामलीला का शुभारंभ धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक सहभागिता का सुंदर उदाहरण बना। मुख्य अतिथि गजेंद्र त्रिपाठी की उपस्थिति, दीप प्रज्ज्वलन, भगवान श्रीराम की आरती और कलाकारों की गणेश वंदना ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। ग्राम प्रधान, आयोजन समिति के पदाधिकारियों, गणमान्य नागरिकों और ग्रामीणों की सहभागिता से आयोजन में उत्साह देखने को मिला।

     

    रामलीला का यह आयोजन न केवल श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक आनंद का अवसर बना, बल्कि गांव की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने और नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हुआ। देर रात तक चले कार्यक्रम में लोगों की उपस्थिति ने यह दर्शाया कि आधुनिक दौर में भी ग्रामीण समाज के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के प्रति गहरी आस्था और उत्साह कायम है।

  • एमपी इंटर कॉलेज से भाजपा ने निकाली ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा, दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में उमड़ा कार्यकर्ताओं का जनसैलाब

    एमपी इंटर कॉलेज से भाजपा ने निकाली ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा, दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में उमड़ा कार्यकर्ताओं का जनसैलाब

    एमपी इंटर कॉलेज से भाजपा ने निकाली ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा, दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में उमड़ा कार्यकर्ताओं का जनसैलाब

    राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने जनसभा में की शिरकत, जनसभा के बाद निकाली गई पदयात्रा में बड़ी संख्या में शामिल हुए पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता

    गोरखपर। भारतीय जनता पार्टी की ओर से गोरखपुर के ऐतिहासिक एमपी इंटर कॉलेज परिसर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ भव्य जनसभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी सहित पार्टी के अनेक वरिष्ठ नेताओं ने सहभागिता की। शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में आयोजित इस जनसभा में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे। कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही कार्यकर्ताओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। जैसे-जैसे नेताओं के आगमन का समय नजदीक आता गया, वैसे-वैसे एमपी इंटर कॉलेज परिसर में कार्यकर्ताओं की भीड़ बढ़ती गई। पार्टी के झंडों, नारों और कार्यकर्ताओं के उत्साह से पूरा परिसर राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन गया।

    जनसभा के समापन के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की अगुवाई में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकाली गई। इस पदयात्रा में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए। उनके साथ सांसदों, विधायकों, मंत्रियों, पार्टी पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भी कदम से कदम मिलाकर भागीदारी की। जनसभा और पदयात्रा के माध्यम से भाजपा ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, राजनीतिक जागरूकता और अराजकता के विरोध का संदेश देने का प्रयास किया। कार्यक्रम में शीर्ष नेतृत्व से लेकर बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने संगठन की व्यापक भागीदारी को प्रदर्शित किया।

    शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी ने बढ़ाई कार्यक्रम की गरिमा

    एमपी इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित इस जनसभा की सबसे बड़ी विशेषता भाजपा के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के प्रमुख नेताओं की उपस्थिति रही। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक साथ कार्यक्रम में शामिल होने से आयोजन का राजनीतिक महत्व बढ़ गया। दोनों नेताओं के आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ विभिन्न जनप्रतिनिधियों और संगठन के पदाधिकारियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप प्रदान किया।

    जनसभा में प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने भी भाग लिया। उनके साथ केंद्रीय राज्यमंत्री कमलेश पासवान, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद, सूर्य प्रताप शाही, विजय लक्ष्मी गौतम और दानिश आजाद अंसारी सहित कई वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त राज्यसभा सांसद राधा मोहन अग्रवाल, सांसद रवि किशन और सांसद संगीता यादव समेत अन्य सांसदों एवं विधायकों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

    पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी से यह स्पष्ट दिखाई दिया कि आयोजन को संगठन के स्तर पर विशेष महत्व दिया गया था। जनसभा में अलग-अलग क्षेत्रों से आए नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक मंच पर सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान पार्टी के विभिन्न संगठनों और मोर्चों से जुड़े पदाधिकारियों की भी उपस्थिति रही। स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूती देने वाले कार्यकर्ताओं से लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के नेताओं तक की भागीदारी ने आयोजन को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बना दिया।

    कार्यकर्ताओं के उत्साह से गुलजार रहा एमपी इंटर कॉलेज परिसर

    कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। महानगर के विभिन्न मंडलों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एमपी इंटर कॉलेज पहुंचे। पार्टी के अलग-अलग मोर्चों, प्रकोष्ठों और संगठनों से जुड़े पदाधिकारी भी जनसभा में शामिल हुए। मंडल अध्यक्षों, बूथ अध्यक्षों और अन्य संगठनात्मक पदाधिकारियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम में संगठन के निचले स्तर तक की भागीदारी को दर्शायाl

    कार्यकर्ताओं में अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को देखने तथा उनके कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर उत्साह दिखाई दिया। नेताओं के आगमन पर कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर पार्टी के झंडे और बैनर नजर आए। कार्यकर्ता समूहों में पहुंचकर एक-दूसरे से मिलते रहे और कार्यक्रम में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते दिखाई दिए।

    जनसभा के दौरान पार्टी समर्थकों में उत्साह का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम स्थल पर भाजपा के समर्थन में नारे लगाए गए। कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या और उनकी सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को व्यापक जनसभा का रूप दिया। महानगर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की मौजूदगी ने यह भी दिखाया कि पार्टी ने इस आयोजन को केवल महानगर तक सीमित नहीं रखा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के संगठनात्मक कार्यकर्ताओं को भी इसमें शामिल किया।

    विभिन्न मंडलों के कार्यकर्ताओं ने अपनी-अपनी टोली के साथ कार्यक्रम में भागीदारी की। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के बीच भी सक्रियता देखने को मिली। जनसभा में मौजूद लोगों के बीच कार्यक्रम को लेकर चर्चा होती रही। पूरे परिसर में राजनीतिक गतिविधियों और संगठनात्मक उत्साह का माहौल बना रहा।‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ निकली पदयात्रा

    जनसभा के बाद कार्यक्रम का दूसरा प्रमुख चरण पदयात्रा के रूप में सामने आया। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की अगुवाई में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ पदयात्रा निकाली गई। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। उनके साथ केंद्रीय मंत्री, प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक और संगठन के पदाधिकारी भी पदयात्रा में शामिल हुए।

    पदयात्रा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कार्यकर्ता पार्टी के झंडों और नारों के साथ आगे बढ़ते दिखाई दिए। अलग-अलग मंडलों और क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर पदयात्रा में भागीदारी की। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। जनसभा के बाद निकली इस पदयात्रा ने कार्यक्रम को जनसंपर्क और संगठनात्मक भागीदारी का एक और महत्वपूर्ण आयाम प्रदान किया।

    पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य लोकतंत्र की रक्षा और अराजकता के विरोध का संदेश जनमानस तक पहुंचाना बताया गया। भाजपा ने इस आयोजन को राजनीतिक जागरूकता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करने के माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया। पदयात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं ने नारे लगाते हुए अपनी सहभागिता दर्ज कराई। शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं के उत्साह को और बढ़ाया।

    जनसभा और पदयात्रा दोनों कार्यक्रमों में नेताओं तथा कार्यकर्ताओं की सामूहिक भागीदारी देखने को मिली। पदयात्रा के माध्यम से पार्टी ने अपने अभियान को केवल मंचीय कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए उसे सार्वजनिक भागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया।

    लोकतांत्रिक मूल्यों और संगठनात्मक एकजुटता पर रहा जोर

    ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ कार्यक्रम का केंद्रीय संदेश लोकतांत्रिक व्यवस्था के महत्व और अराजकता के विरोध से जुड़ा रहा। भाजपा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से लोकतंत्र की रक्षा को लेकर अपनी राजनीतिक और वैचारिक प्रतिबद्धता सामने रखने का प्रयास किया गया। जनसभा में पार्टी के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी और उसके बाद निकाली गई पदयात्रा ने इस संदेश को संगठनात्मक स्तर पर व्यापक रूप देने का काम किया।

     

    1. लोकतंत्र किसी भी देश की शासन व्यवस्था का आधार होता है। इसमें नागरिकों की भागीदारी, संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान, कानून का शासन और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण तत्व शामिल होते हैं। भाजपा ने अपने कार्यक्रम के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण और अराजकता के विरोध को प्रमुखता दी। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इस अभियान में भाग लेकर संगठन की ओर से दिए गए संदेश को आगे बढ़ाने में सहभागिता की।

    इस आयोजन में विभिन्न स्तरों के नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। राष्ट्रीय नेतृत्व, प्रदेश नेतृत्व, केंद्रीय मंत्रियों, राज्य सरकार के मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और स्थानीय पदाधिकारियों की एक साथ उपस्थिति ने संगठनात्मक एकजुटता का प्रदर्शन किया। पार्टी के लिए इस प्रकार के आयोजन कार्यकर्ताओं के बीच संवाद और संगठनात्मक संपर्क को मजबूत करने का माध्यम भी बनते हैं।

    कार्यक्रम में महानगर और ग्रामीण क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं की भागीदारी ने संगठन के व्यापक आधार को प्रदर्शित किया। बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से लेकर वरिष्ठ पदाधिकारियों तक की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि पार्टी अपने अभियानों में संगठन के प्रत्येक स्तर की भागीदारी को महत्व दे रही है।

    गोरखपुर में राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना आयोजन स्थल

    गोरखपुर में एमपी इंटर कॉलेज का परिसर इस आयोजन के दौरान भाजपा की प्रमुख राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बना रहा। राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ नेताओं के एक मंच पर पहुंचने से कार्यक्रम को विशेष महत्व मिला। स्थानीय कार्यकर्ताओं के लिए यह आयोजन शीर्ष नेतृत्व के साथ संगठनात्मक सहभागिता का अवसर भी बना।

    गोरखपुर पूर्वी उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ऐसे में यहां आयोजित बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों को संगठनात्मक दृष्टि से भी अहम माना जाता है। इस जनसभा में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी ने स्थानीय संगठन को सक्रियता दिखाने का अवसर दिया। महानगर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप प्रदान किया।

    कार्यक्रम में शामिल जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति के माध्यम से संगठन के प्रति सहभागिता दिखाई। विभिन्न मोर्चों और मंडलों के कार्यकर्ताओं ने भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए आयोजन में भाग लिया। इससे पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में स्थानीय इकाइयों की भूमिका सामने आई।

    कार्यक्रम स्थल पर कार्यकर्ताओं का उत्साह और पदयात्रा में उनकी भागीदारी आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रही। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति ने कार्यकर्ताओं के बीच राजनीतिक गतिविधियों को लेकर सक्रियता बढ़ाई। जनसभा और पदयात्रा के संयुक्त आयोजन से पार्टी ने एक ओर अपने राजनीतिक संदेश को मंच से प्रस्तुत किया, वहीं दूसरी ओर कार्यकर्ताओं की सामूहिक भागीदारी के माध्यम से उसे जनसंपर्क का रूप देने का प्रयास किया।

    राष्ट्रीय से स्थानीय नेतृत्व तक दिखी सहभागिता

    इस आयोजन की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि इसमें राष्ट्रीय स्तर से लेकर स्थानीय स्तर तक के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी ने कार्यक्रम को राष्ट्रीय नेतृत्व से जोड़ा, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सहभागिता ने इसे प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण बनाया। प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी की उपस्थिति ने संगठन और सरकार के प्रतिनिधित्व को भी सामने रखा।

    केंद्रीय राज्यमंत्री कमलेश पासवान तथा प्रदेश सरकार के मंत्रियों संजय निषाद, सूर्य प्रताप शाही, विजय लक्ष्मी गौतम और दानिश आजाद अंसारी की मौजूदगी से कार्यक्रम में प्रदेश और केंद्र सरकार से जुड़े प्रतिनिधियों की सहभागिता रही। राज्यसभा सांसद राधा मोहन अग्रवाल, सांसद रवि किशन और सांसद संगीता यादव सहित अन्य सांसदों एवं विधायकों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

    वरिष्ठ नेताओं के साथ पार्टी के महानगर और ग्रामीण क्षेत्रों के पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। संगठन के विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष और बूथ स्तर के कार्यकर्ता इस आयोजन में शामिल हुए। इस प्रकार कार्यक्रम में संगठन की विभिन्न इकाइयों का प्रतिनिधित्व देखने को मिला।

     

    राजनीतिक संगठनों के लिए ऐसे आयोजन कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय और संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक ही मंच पर अलग-अलग स्तरों के नेताओं की मौजूदगी से कार्यकर्ताओं को संगठन की व्यापक संरचना का अनुभव होता है। गोरखपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में भी यही संगठनात्मक स्वरूप देखने को मिला।

    पदयात्रा ने दिया जनभागीदारी का संदेश

    जनसभा के बाद निकाली गई पदयात्रा कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही। मंचीय कार्यक्रम के बाद नेताओं और कार्यकर्ताओं का एक साथ पदयात्रा में शामिल होना संगठनात्मक गतिविधियों को सार्वजनिक स्वरूप देने का प्रयास था। इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता रही। कार्यकर्ताओं ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

    पदयात्रा में शामिल राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के साथ अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं के उत्साह को बढ़ाया। सांसदों, विधायकों और विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों ने भी इसमें हिस्सा लिया। पार्टी कार्यकर्ता एकजुट होकर आगे बढ़ते नजर आए।

    पदयात्रा का स्वरूप इस बात को दर्शाता है कि पार्टी अपने राजनीतिक अभियानों में कार्यकर्ताओं की प्रत्यक्ष भागीदारी को महत्वपूर्ण मानती है। इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से संगठन अपने विचारों और संदेशों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करता है। जनसभा में दिए गए संदेश को पदयात्रा के जरिए सार्वजनिक भागीदारी से जोड़ना भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा सकता है।

    कार्यक्रम के संचालन की जिम्मेदारी प्रदेश मंत्री दिलीप पटेल ने संभाली

    एमपी इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन भाजपा के प्रदेश मंत्री दिलीप पटेल ने किया। उन्होंने कार्यक्रम की संचालन संबंधी जिम्मेदारी निभाई। राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्रियों, प्रदेश सरकार के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में संगठन के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

    कार्यक्रम के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह और सक्रियता देखने को मिली। जनसभा के बाद निकाली गई पदयात्रा में भी कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी रही। कार्यक्रम के दोनों चरणों में संगठन की सामूहिक उपस्थिति प्रमुख रूप से सामने आई।

    सगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा आयोजन

    गोरखपुर में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ जनसभा और पदयात्रा को भाजपा के राजनीतिक एवं संगठनात्मक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री समेत पार्टी के कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी ने इसे व्यापक राजनीतिक स्वरूप दिया। वहीं स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी ने संगठनात्मक सक्रियता को प्रदर्शित किया।

    इस आयोजन के माध्यम से भाजपा ने लोकतंत्र की रक्षा और अराजकता के विरोध का संदेश देने का प्रयास किया। जनसभा में शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी और उसके बाद निकाली गई पदयात्रा ने पार्टी के अभियान को दो अलग-अलग स्वरूपों में सामने रखा। एक ओर मंच से संगठन का संदेश प्रस्तुत किया गया, तो दूसरी ओर पदयात्रा के जरिए कार्यकर्ताओं की सामूहिक भागीदारी प्रदर्शित की गई।

    कार्यक्रम में महानगर और ग्रामीण क्षेत्रों के पदाधिकारियों, मोर्चों के प्रतिनिधियों, मंडल अध्यक्षों और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही। इससे यह स्पष्ट हुआ कि आयोजन में संगठन के विभिन्न स्तरों को शामिल किया गया था। वरिष्ठ नेताओं से लेकर जमीनी कार्यकर्ताओं तक की सहभागिता ने कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप प्रदान किया।

    कुल मिलाकर, एमपी इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित यह जनसभा और पदयात्रा गोरखपुर में भाजपा की एक बड़ी राजनीतिक गतिविधि के रूप में सामने आई। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी समेत अनेक वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी और कार्यकर्ताओं के बड़े हुजूम ने आयोजन को खास बना दिया। ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ निकाली गई पदयात्रा के जरिए पार्टी ने लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण और संगठनात्मक एकजुटता का संदेश देने का प्रयास किया। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश मंत्री दिलीप पटेल ने किया।

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  • वाराणसी में आयोजित सेस्टोबॉल प्रतियोगिता में यूपी का शानदार प्रदर्शन, गोरखपुर के खिलाड़ियों ने बढ़ाया जिले का मान

    वाराणसी में आयोजित सेस्टोबॉल प्रतियोगिता में यूपी का शानदार प्रदर्शन, गोरखपुर के खिलाड़ियों ने बढ़ाया जिले का मान

    वाराणसी में आयोजित सेस्टोबॉल प्रतियोगिता में यूपी का शानदार प्रदर्शन, गोरखपुर के खिलाड़ियों ने बढ़ाया जिले का मान

    जूनियर वर्ग में उत्तर प्रदेश ने हासिल किया तीसरा स्थान, सीनियर वर्ग में पंजाब को हराकर दर्ज की शानदार जीत; आदित्य यादव, अतुल शर्मा और शुभ्रांशु राय के प्रदर्शन की खेल प्रेमियों ने की सराहना

    गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से निकलकर खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। इसी कड़ी में वाराणसी (बनारस) में आयोजित सेस्टोबॉल जूनियर नेशनल एवं सीनियर फेडरेशन कप प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश की टीम ने शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों ने अपने बेहतरीन खेल, मजबूत रणनीति, अनुशासन और टीम भावना का परिचय देते हुए उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। इस प्रतियोगिता में गोरखपुर के खिलाड़ियों का योगदान विशेष रूप से सराहनीय रहा। उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर न केवल उत्तर प्रदेश की टीम को मजबूती प्रदान की, बल्कि जिले का नाम भी रोशन किया।

    वाराणसी में आयोजित इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंची टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। जूनियर और सीनियर दोनों वर्गों में खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान हर टीम ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल करने का प्रयास किया। ऐसे प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में उत्तर प्रदेश की टीम ने जिस तरह से अपना खेल दिखाया, वह खिलाड़ियों की मेहनत, नियमित अभ्यास और बेहतर तैयारी का परिणाम माना जा रहा है।

     

    जूनियर वर्ग में यूपी ने हासिल किया तीसरा स्थान

    प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में उत्तर प्रदेश की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान यानी तृतीय स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि टीम के खिलाड़ियों के लिए बेहद उत्साहजनक रही। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों की टीमों के बीच मुकाबला करना अपने आप में बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में उत्तर प्रदेश की जूनियर टीम ने अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का परिचय देते हुए प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल किया

    जूनियर वर्ग में गोरखपुर के आदित्य यादव और अतुल शर्मा ने अपने खेल से सभी का ध्यान आकर्षित किया। दोनों खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह, आत्मविश्वास और समर्पण के साथ मैदान पर प्रदर्शन किया। उनके खेल में अनुशासन, तालमेल और जीत के प्रति दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाई दी। प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने टीम के साथ बेहतर तालमेल बनाते हुए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

    आदित्य यादव और अतुल शर्मा के प्रदर्शन ने यह साबित किया कि गोरखपुर में भी खेलों के प्रति रुचि रखने वाले युवाओं में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने की पूरी क्षमता है। दोनों खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और लगन के माध्यम से यह संदेश दिया कि यदि खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास और उचित अवसर मिले तो वे बड़ी प्रतियोगिताओं में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

    जूनियर वर्ग में तीसरा स्थान हासिल करना उत्तर प्रदेश की टीम के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे प्रदेश के युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और आने वाली प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी।

    सीनियर वर्ग में पंजाब को हराकर यूपी ने दर्ज की शानदार जीत

    प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में भी उत्तर प्रदेश की टीम ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। टीम ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए पंजाब को पराजित किया और शानदार जीत हासिल की। इस मुकाबले में खिलाड़ियों ने अपनी खेल क्षमता, धैर्य, रणनीति और आपसी तालमेल का परिचय दियाl

    सीनियर वर्ग में मुकाबले के दौरान खिलाड़ियों के सामने कड़ी चुनौती थी। ऐसे में उत्तर प्रदेश की टीम ने एकजुट होकर खेलते हुए अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों ने मैदान पर अनुशासन बनाए रखा और टीम के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। पंजाब जैसी मजबूत टीम के खिलाफ जीत हासिल करना उत्तर प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।

    इस जीत में गोरखपुर के खिलाड़ी शुभ्रांशु राय की भूमिका भी विशेष रूप से सराहनीय रही। उन्होंने अपने उत्कृष्ट खेल और शानदार प्रदर्शन से टीम को मजबूती प्रदान की। मैदान पर उनका आत्मविश्वास और खेल के प्रति समर्पण देखने लायक रहा। उन्होंने टीम की रणनीति के अनुरूप खेलते हुए जीत में अहम भूमिका निभाई।

    शुभ्रांशु राय के इस प्रदर्शन से गोरखपुर के खेल प्रेमियों में खुशी का माहौल है। सीनियर वर्ग में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के दौरान अपनी प्रतिभा दिखाना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि होती है। शुभ्रांशु ने अपने खेल के माध्यम से यह साबित किया कि मेहनत, निरंतर अभ्यास और अनुशासन के सहारे बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना किया जा सकता है।

    गोरखपुर के खिलाड़ियों ने बढ़ाया जिले का गौरव

    वाराणसी में आयोजित इस प्रतियोगिता में गोरखपुर के खिलाड़ियों का प्रदर्शन जिले के लिए गर्व की बात है। जूनियर वर्ग में आदित्य यादव और अतुल शर्मा तथा सीनियर वर्ग में शुभ्रांशु राय ने जिस तरह से उत्तर प्रदेश की टीम के लिए योगदान दिया, उससे जिले की खेल प्रतिभाओं को नई पहचान मिली है।

    गोरखपुर में क्रिकेट, फुटबॉल, कबड्डी, हॉकी और अन्य खेलों के साथ-साथ सेस्टोबॉल जैसे खेलों के प्रति भी युवाओं की रुचि बढ़ रही है। विभिन्न प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों की भागीदारी यह दर्शाती है कि जिले में खेल संस्कृति को लेकर सकारात्मक माहौल बन रहा है। ऐसे में गोरखपुर के खिलाड़ियों का राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करना अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है।

    खेल केवल पदक या ट्रॉफी जीतने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य, नेतृत्व क्षमता और सामूहिक जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण गुणों का विकास भी करता है। सेस्टोबॉल प्रतियोगिता में गोरखपुर के खिलाड़ियों ने इन्हीं गुणों का परिचय देते हुए अपनी टीम के लिए योगदान दिया।

    इन खिलाड़ियों की सफलता से यह उम्मीद भी बढ़ी है कि आने वाले समय में गोरखपुर से और भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे।

     

    कोच सोराब अहमद के मार्गदर्शन में मिली सफलता

     

    किसी भी खेल प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के पीछे उनके नियमित अभ्यास और मेहनत के साथ-साथ प्रशिक्षक का मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वाराणसी में आयोजित सेस्टोबॉल प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश की टीम की इस सफलता में कोच सोराब अहमद का योगदान भी सराहनीय रहा।

    कोच सोराब अहमद के कुशल मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के दौरान अनुशासन और टीम भावना के साथ खेल का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों को बेहतर तरीके से तैयार करना, उनमें आत्मविश्वास बनाए रखना और मुकाबले के दौरान सही दिशा में प्रयास करने के लिए प्रेरित करना किसी भी प्रशिक्षक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।

    खिलाड़ियों की मेहनत को सही दिशा देने में कोच की भूमिका अहम होती है। प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग में तीसरा स्थान और सीनियर वर्ग में पंजाब के खिलाफ जीत इस बात का प्रमाण है कि टीम ने मिलकर अच्छा प्रदर्शन किया

     

    कोच सोराब अहमद के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने जिस तरह से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, उससे यह स्पष्ट होता है कि खेलों में सफलता के लिए व्यक्तिगत प्रतिभा के साथ सामूहिक प्रयास भी जरूरी है। खिलाड़ियों और प्रशिक्षक के बीच बेहतर तालमेल ही किसी टीम को मजबूत बनाता है।

     

    मेहनत, अनुशासन और टीम भावना बनी सफलता का आधार

    खेल के मैदान में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल प्रतिभा होना पर्याप्त नहीं होता। इसके लिए लगातार अभ्यास, कठिन परिश्रम, अनुशासन, धैर्य और सकारात्मक सोच की भी आवश्यकता होती है। उत्तर प्रदेश की टीम ने वाराणसी में आयोजित इस प्रतियोगिता में इन सभी गुणों का परिचय दिया।

     

    जूनियर और सीनियर दोनों वर्गों में खिलाड़ियों ने अपनी क्षमता के अनुसार बेहतर प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में अलग-अलग टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा के बावजूद उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों ने अपना आत्मविश्वास बनाए रखा। उन्होंने टीम के हित को प्राथमिकता देते हुए एक-दूसरे का सहयोग किया और मैदान पर बेहतर तालमेल दिखाया।

     

    गोरखपुर के खिलाड़ियों ने भी इसी भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लिया। आदित्य यादव, अतुल शर्मा और शुभ्रांशु राय ने अपनी मेहनत और खेल कौशल से यह साबित किया कि सफलता किसी एक खिलाड़ी का नहीं, बल्कि पूरी टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम होती है।

    खेलों में हार और जीत दोनों का महत्व होता है। जीत जहां खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाती है, वहीं चुनौतियां उन्हें अपनी कमियों को समझकर आगे बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर देती हैं। उत्तर प्रदेश की टीम के लिए यह प्रतियोगिता अनुभव और उपलब्धि दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण रही।

    युवा खिलाड़ियों के लिए बनी प्रेरणा

    गोरखपुर के खिलाड़ियों की यह उपलब्धि जिले के अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। आज के समय में शिक्षा के साथ खेलों का महत्व भी लगातार बढ़ रहा है। खेलों के माध्यम से युवा अपनी प्रतिभा को निखार सकते हैं और विभिन्न स्तरों पर अपने जिले, प्रदेश तथा देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

    आदित्य यादव, अतुल शर्मा और शुभ्रांशु राय की उपलब्धि यह संदेश देती है कि किसी भी खेल में आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रयास और समर्पण जरूरी है। खिलाड़ियों को चाहिए कि वे नियमित अभ्यास करें, अपने प्रशिक्षकों के निर्देशों का पालन करें और हर प्रतियोगिता को सीखने का अवसर मानें

    सेस्टोबॉल जैसे खेलों को भी अधिक से अधिक प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है। जब स्कूलों, खेल संस्थानों और स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों को अभ्यास एवं प्रतियोगिताओं के अवसर मिलते हैं, तब उनकी प्रतिभा को सही मंच प्राप्त होता है। इससे खेलों का दायरा बढ़ता है और नए खिलाड़ियों को आगे आने का मौका मिलता है।

    जिले में खुशी और गर्व का माहौल

    वाराणसी में आयोजित सेस्टोबॉल जूनियर नेशनल एवं सीनियर फेडरेशन कप प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश की उपलब्धि के बाद गोरखपुर में खुशी का माहौल है। जिले के खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की है। विशेष रूप से आदित्य यादव, अतुल शर्मा और शुभ्रांशु राय की उपलब्धि को जिले के लिए गौरवपूर्ण बताया जा रहा है।

    खेल प्रेमियों का मानना है कि गोरखपुर के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा के दम पर जिले को पहचान दिलाई है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करना खिलाड़ियों की मेहनत और उनके समर्पण को दर्शाता है। ऐसी उपलब्धियां न केवल खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाती हैं, बल्कि जिले में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने में भी मदद करती हैं।

    लोगों ने खिलाड़ियों और उनके कोच सोराब अहमद को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी ये खिलाड़ी इसी तरह शानदार प्रदर्शन करते रहेंगे। साथ ही उनसे भविष्य की प्रतियोगिताओं में और बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की अपेक्षा जताई गई है।

    आगे भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद

    वाराणसी में आयोजित प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश की टीम का प्रदर्शन आने वाले समय के लिए सकारात्मक संकेत है। जूनियर वर्ग में तीसरा स्थान हासिल करना और सीनियर वर्ग में पंजाब को हराना टीम की क्षमता को दर्शाता है। इस उपलब्धि से खिलाड़ियों को आगे और बेहतर तैयारी करने की प्रेरणा मिलेगी।

    गोरखपुर के खिलाड़ियों के लिए भी यह प्रतियोगिता एक महत्वपूर्ण अनुभव साबित हुई है। राष्ट्रीय स्तर पर खेलने से खिलाड़ियों को विभिन्न टीमों की खेल शैली, प्रतिस्पर्धा के स्तर और अपनी क्षमताओं को समझने का अवसर मिलता है। ऐसे अनुभव भविष्य में उनके प्रदर्शन को और बेहतर बनाने में सहायक हो सकते हैं।

    खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि आदित्य यादव, अतुल शर्मा और शुभ्रांशु राय आने वाली प्रतियोगिताओं में भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करेंगे और गोरखपुर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।

    कुल मिलाकर, वाराणसी में आयोजित सेस्टोबॉल जूनियर नेशनल एवं सीनियर फेडरेशन कप प्रतियोगिता उत्तर प्रदेश की टीम के लिए उपलब्धियों से भरी रही। जूनियर वर्ग में तीसरा स्थान और सीनियर वर्ग में पंजाब के खिलाफ जीत प्रदेश के खिलाड़ियों की मेहनत और सामूहिक प्रयास का परिणाम है। इस सफलता में गोरखपुर के आदित्य यादव, अतुल शर्मा और शुभ्रांशु राय का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा 

    इन खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि मेहनत, लगन, अनुशासन और खेल भावना के दम पर किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। गोरखपुर के इन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की उपलब्धि निश्चित रूप से जिले के युवाओं को खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। जिलेवासियों और खेल प्रेमियों ने सभी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

    नोट: यह मूल समाचार के आधार पर विस्तारित फीचर रिपोर्ट है। इसमें कोई नया मैच स्कोर, तारीख, आयोजनकर्ता या अतिरिक्त खिलाड़ी का नाम नहीं जो

    ड़ा गया है। समाचार को प्रकाशन से पहले प्रतियोगिता के आधिकारि विवरण से सत्यापित कर लें।

  • श्री बालाजी मंदिर में नौ दिवसीय अखंड संकीर्तन का भक्तिमय माहौल, सातवें दिन आनंदनगर और देवरिया की टीम ने दी प्रस्तुति

    श्री बालाजी मंदिर में नौ दिवसीय अखंड संकीर्तन का भक्तिमय माहौल, सातवें दिन आनंदनगर और देवरिया की टीम ने दी प्रस्तुति

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    बालाजी सरकार के दरबार में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, 5 नवंबर को होगा विशाल भंडारे का आयोजन


    गोरखपुर। श्री बालाजी मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय अखंड संकीर्तन के सातवें दिन भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर आनंदनगर और देवरिया से आई संकीर्तन टीमों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से भक्तों को भावविभोर कर दिया। पूरे मंदिर परिसर में भजनों और जयकारों से भक्तिमय वातावरण बना रहा।

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर बालाजी सरकार के दरबार में हाजिरी लगाई और संकीर्तन का आनंद लिया।

    इस अवसर पर बालाजी सेवा समिति ट्रस्ट के अध्यक्ष जितेंद्र मणि तिवारी ने सभी कलाकारों को अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित एवं स्वागत किया।

    महत्वपूर्ण हाइलाइट्स :-

    —नौ दिवसीय अखंड संकीर्तन में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।

    –आनंदनगर और देवरिया की टीमों ने दी भजन-कीर्तन की प्रस्तुति।

    —अध्यक्ष जितेंद्र मणि तिवारी ने कलाकारों को अंगवस्त्र पहनाकर किया सम्मानित।

    —उपाध्यक्ष अमितेश्वर कुमार दुबे ‘बबलू’ ने दी विशाल भंडारे की जानकारी।

    –5 नवंबर 2026 को होगा भव्य भंडारा।

    समिति के उपाध्यक्ष अमितेश्वर कुमार दुबे ‘बबलू’ ने जानकारी देते हुए बताया कि नौ दिवसीय अखंड संकीर्तन के समापन अवसर पर 5 नवंबर 2026 को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की व्यवस्था रहेगी।

    कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति :-

    इस अवसर पर सुशील सिंह, कामाख्या नारायण सिंह, जयप्रकाश ओझा, अजय तिवारी, कन्हैया तिवारी, बद्री नारायण उपाध्याय, सुयश दुबे एवं सक्षम दुबे सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

    नौ दिवसीय अखंड संकीर्तन के माध्यम से मंदिर परिसर लगातार भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर है।

    जय श्री बालाजी सरकार!

  • लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा में उमड़ेगा जनसैलाब, 30 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना

    लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा में उमड़ेगा जनसैलाब, 30 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना

    लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा में उमड़ेगा जनसैलाब, 30 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज लोकतंत्र के सम्मान और अराजकता के विरोध में एक ऐतिहासिक जनसैलाब उमड़ने जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा “लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ”अभियान के अंतर्गत आज 3 नवंबर को राजधानी में विशाल पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

    यह पदयात्रा आज दोपहर लोकभवन से प्रारंभ होकर परिवर्तन चौक स्थित स्टेडियम मेट्रो स्टेशन, हजरतगंज*

    तक जाएगी। इस पदयात्रा को लेकर भाजपा संगठन में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और प्रशासन ने भी व्यापक तैयारियां की हैं।

    उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने दी जानकारी

    प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि यह पदयात्रा केवल लखनऊ तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में 6 प्रमुख स्थानों पर इस अभियान के तहत पदयात्राएं निकाली जा रही हैं। लखनऊ की यह पदयात्रा इनमें सबसे बड़ी और प्रमुख होगी।

    उन्होंने कहा, “यह पदयात्रा लोकतंत्र की रक्षा और विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही अराजकता के खिलाफ जन-जागरण अभियान है। हमें उम्मीद है कि लखनऊ में 30 हजार से अधिक लोग इसमें शामिल होंगे। कार्यकर्ताओं में इसको लेकर विशेष उत्साह है। आम जनता भी बड़ी संख्या में इसमें भागीदारी कर रही है।

    पदयात्रा का रूट और तैयारी

    भाजपा लखनऊ महानगर की र से मिली जानकारी के अनुसार, पदयात्रा लोकभवन परिसर से शुरू होगी। वहां से यह विधानसभा मार्ग होते हुए हजरतगंज के मुख्य मार्ग से गुजरते हुए परिवर्तन चौक स्थित स्टेडियम मेट्रो स्टेशन पर समाप्त होगी।

    इस दौरान पूरे मार्ग को भगवा झंडों, बैनरों और “लोकतंत्र बचाओ” के नारों से सजाया गया है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस ने भी वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की है ताकि आम लोगों को असुविधा न हो।

    महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता पिछले तीन दिनों से इस आयोजन की तैयारी में जुटे हैं। हर मंडल, हर वार्ड से कार्यकर्ताओं को लाने की जिम्मेदारी तय की गई है।

    कौन-कौन रहेगा मौजूद? दिग्गज नेताओं का जमावड़ा

    इस पदयात्रा को और भी महत्वपूर्ण बनाता है इसमें शामिल होने वाले शीर्ष नेताओं की सूची। पदयात्रा में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहानशामिल होंगे। उनके साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी*, प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश महामंत्री एवं क्षेत्रीय प्रभारी दिलीप पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. नीरज सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष अवध क्षेत्र अवधेश द्विवेदी, भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदीसहित प्रदेश भर के वरिष्ठ कार्यकर्ता, सांसद, विधायक और पार्षद मौजूद रहेंगे।

    भाजपा सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान इस पदयात्रा के समापन पर हजरतगंज में एक बड़ी जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जिसमें वह विपक्ष पर लोकतांत्रिक संस्थाओं का अपमान करने और अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए हमला बोलेंगे।

    क्या है “लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ” अभियान का मकसद?

    भाजपा नेताओं के अनुसार, यह अभियान विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी द्वारा संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने, संसद और विधानसभा में हंगामा करने और जनता को गुमराह करने के खिलाफ है।

    पार्टी का कहना है कि जब से केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है, तब से विपक्ष लगातार झूठ और अराजकता की राजनीति कर रहा है। कभी CAA के नाम पर, कभी किसान आंदोलन के नाम पर और अब संवैधानिक पदों का अपमान करके देश के लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

    भाजपा इस पदयात्रा के माध्यम से जनता के बीच यह संदेश देना चाहती है कि लोकतंत्र सुरक्षित हाथों में है और अराजकता फैलाने वालों को जनता ही जवाब देगी।

    लखनऊ में क्यों है खास उत्साह?

    लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजनीतिक राजधानी है। यहां से दिया गया संदेश पूरे प्रदेश में जाता है। महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने बताया कि लखनऊ के सभी 8 विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक पदयात्रा में शामिल होंगे। महिला मोर्चा, युवा मोर्चा, किसान मोर्चा, अनुसूचित मोर्चा सहित सभी मोर्चों को अलग-अलग लक्ष्य दिया गया है। (more…)

  • उत्तर प्रदेश ब्रेकिंग: सीएम योगी आज रात 9 बजे करेंगे बड़ी समीक्षा, कानून-व्यवस्था और त्योहारों को लेकर मंडलायुक्त, DM, SSP को सख्त निर्देश

    उत्तर प्रदेश ब्रेकिंग: सीएम योगी आज रात 9 बजे करेंगे बड़ी समीक्षा, कानून-व्यवस्था और त्योहारों को लेकर मंडलायुक्त, DM, SSP को सख्त निर्देश

    प्रदेश


    • ब्रेकिंग: सीएम योगी आज रात 9 बजे करेंगे बड़ी समीक्षा, कानून-व्यवस्था और त्योहारों को लेकर मंडलायुक्त, DM, SSP को सख्त निर्देश

    लखनऊ।उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद करने और आने वाले त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज रात 9 बजे प्रदेश के सभी मंडलायुक्त, पुलिस कमिश्नर, जिलाधिकारी, SSP/SP सहित सभी उच्च अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक करेंगे।

    मुख्यमंत्री कार्यालय, लोक भवन, लखनऊ से 2 नवंबर 2026 को जारी पत्र संख्या 745/सी.एम.(आर)/2026 के अनुसार यह महत्वपूर्ण बैठक 03 नवंबर 2026, मंगलवार को सायं 09:00 बजे* आयोजित की जाएगी। यह पत्र मुख्यमंत्री के निजी सचिव जय शंकर सिंह द्वारा जारी किया गया है।

    पत्र में किसे-किसे किया गया है शामिल?

    इस हाईलेवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रदेश के पूरे प्रशासनिक और पुलिस अमले को शामिल किया गया है।

    पत्र के अनुसार इसमें – मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश, अध्यक्ष राजस्व परिषद, कृषि उत्पादन आयुक्त, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, पुलिस महानिदेशक, अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव – गृह, सूचना एवं जनसंपर्क, राजस्व, ऊर्जा, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आयुष, चिकित्सा शिक्षा, लोक निर्माण, कृषि, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग, नगर विकास, औद्योगिक विकास, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम, पशुधन, आबकारी, आवास एवं शहरी नियोजन, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, परिवहन, ग्रामीण अभियंत्रण, सिंचाई, लघु सिंचाई, नमामि गंगे, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, खाद्य रसद एवं नागरिक आपूर्ति, बेसिक/माध्यमिक/उच्च शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यम शीलता, समाज कल्याण/वन एवं पर्यावरण, पर्यटन, संस्कृति, धर्मार्थ कार्य, सहकारिता, श्रम एवं सेवायोजन, अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक उ0प्र0 पॉवर कॉर्पोरेशन लि0, प्रबंध निदेशक, जल निगम, महानिदेशक, पीएसी, अपर पुलिस महानिदेशक, कानून व्यवस्था/अग्निशमन/112 आपातकालीन सेवा/महिला हेल्पलाइन/यातायात, राहत आयुक्त, आवास आयुक्त, सीईओ नोएडा/ग्रेटर नोएडा, यीडा, बीडा, यूपीडा शामिल होंगे।

    इसके अलावा जिला स्तर पर सभी मंडलायुक्त, अपर पुलिस महानिदेशक (क्षेत्र), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक/उप महानिरीक्षक (परिक्षेत्र), जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण, नगर आयुक्त, नगर निकाय के अधिशासी अधिकारी तथा उपरोक्त समस्त विभागों के मंडल/जिला स्तरीय उच्च अधिकारी भी इस वीसी में जुड़ेंगे।क्या होगा बैठक का मुख्य एजेंडा?

    सूत्रों के अनुसार इस बैठक का मुख्य एजेंडा तीन बिंदुओं पर केंद्रित रहेगा।

    1. कानून-व्यवस्था की समीक्षा: मुख्यमंत्री योगी की सबसे बड़ी प्राथमिकता प्रदेश में कानून का राज स्थापित करना है। इस बैठक में महिला सुरक्षा, मिशन शक्ति, थानों पर लंबित शिकायतों, भू-माफिया, माफिया के खिलाफ चल रहे अभियान, गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट की कार्रवाई की समीक्षा होगी। सीएम अधिकारियों को जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करने का सख्त निर्देश दे सकते हैं।

    2. आगामी त्योहारों की तैयारी: आने वाले दिनों में कई बड़े त्योहार हैं। ऐसे में जुलूस, शोभायात्रा, मेले और भीड़ प्रबंधन को लेकर व्यापक तैयारी जरूरी है। मुख्यमंत्री इस बात पर जोर दे सकते हैं कि सभी त्योहार शांति और सौहार्द के साथ मनाए जाएं, इसके लिए धर्मगुरुओं और शांति समितियों के साथ पहले से ही संवाद स्थापित किया जाए। डीजे, लाउडस्पीकर और भड़काऊ भाषणों पर पूरी तरह से रोक लगाने के निर्देश भी दिए जा सकते हैं।

    3. विकास कार्यों की प्रगति: इसके अलावा प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों, अमृत योजना, स्मार्ट सिटी, सड़क निर्माण, बिजली-पानी की आपूर्ति और किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा हो सकती है।

    15 मिनट पहले उपस्थिति के निर्देश

    पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि “कृपया तदनुसार सभी सम्बन्धित अधिकारियों को अपने स्तर से संसूचित करते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पूर्ण तैयारी के साथ प्रतिभाग किये जाने की अपेक्षा की गयी है। प्रतिभागी अधिकारीगण बैठक प्रारम्भ होने से 15 मिनट पूर्व अपना स्थान ग्रहण करने का कष्ट करें।”

    इसका साफ मतलब है कि मुख्यमंत्री ने समय की पाबंदी को लेकर कोई ढील न देने का मन बना लिया है।

    इस पत्र के जारी होते ही पूरे प्रदेश के प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई है। सभी जिलाधिकारी और एसएसपी अपने-अपने जिलों का डेटा इकट्ठा करने में लग गए हैं। आज रात 9 बजे होने वाली यह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की दिशा तय करेगी।

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  • जिला परिषद रोड के दुकानदारों ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार

    जिला परिषद रोड के दुकानदारों ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार

    गोरखपुर ब्यूरो /अनुराग त्रिपाठी /निष्पक्ष टुडे :-

    दुकान तोड़ने से पहले पुनर्स्थापित करने की मांग, आवंटियों ने सौंपा प्रार्थना पत्र; मुख्यमंत्री ने दिया व्यवस्था बनाने का आश्वासन

    गोरखपुर। जिला परिषद रोड पर नगर निगम द्वारा आवंटित दुकानों को तोड़े जाने की आशंका के बीच दुकानदारों ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी रोजी-रोटी बचाने की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में हुई मुलाकात के दौरान दुकानदारों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए प्रार्थना पत्र सौंपा और दुकानें तोड़ने से पहले उनके पुनर्वास की मांग की।

    500 परिवारों की आजीविका पर संकट का हवाला :-

    दुकानदारों ने मुख्यमंत्री से कहा कि उनकी दुकानें ही परिवारों की आजीविका का एकमात्र साधन हैं। यदि दुकानें तोड़ दी जाती हैं तो उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। इससे करीब 500 परिवार के सदस्यों की पढ़ाई, दवाई और अन्य जरूरी जरूरतें प्रभावित होंगी। दुकानदारों ने आशंका जताई कि दुकानें समाप्त होने से उनके परिवार भुखमरी की स्थिति में पहुंच सकते हैं।

    सड़क चौड़ीकरण का भी दिया विकल्प :-

    आवंटियों ने सड़क चौड़ीकरण को लेकर अपना सुझाव भी मुख्यमंत्री के सामने रखा। उन्होंने कहा कि यदि सड़क चौड़ी करनी है तो दुकानों के शटर तक का हिस्सा लेकर सड़क का विस्तार किया जा सकता है, जिससे सड़क चौड़ीकरण के साथ दुकानों को भी बचाया जा सकेगा।

    महत्वपूर्ण हाइलाइट्स :-

    स्थान: जिला परिषद रोड, गोरखपुर।
    तारीख: 2 नवंबर 2026।

    :-मांग: दुकान तोड़ने से पहले वैकल्पिक दुकान देकर पुनर्स्थापित किया जाए।
    :-प्रभाव: लगभग 500 परिवारों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका।
    :-विकल्प: दुकानों के शटर तक का हिस्सा लेकर सड़क चौड़ीकरण किया जाए।
    :-मुख्यमंत्री का आश्वासन: समस्या के समाधान के लिए व्यवस्था बनाई जाएगी|

    वहीं, यदि दुकानों को तोड़ना अपरिहार्य है तो पहले आसपास ही वैकल्पिक दुकानें उपलब्ध कराकर सभी दुकानदारों को पुनर्स्थापित किया जाए, ताकि उनकी आजीविका प्रभावित न हो।

    मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन :-

    दुकानदारों की समस्याओं और मांगों को सुनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संबंध में व्यवस्था बनाने का आश्वासन दिया। इससे दुकानदारों को अपनी रोजी-रोटी सुरक्षित रहने की उम्मीद जगी है।

    प्रार्थना पत्र सौंपने वालों में शामिल रहे :-

    राजाराम मौर्य, मुन्नी लाल, मनोज कुमार, अनिल कुमार सिंह, जितेन्द्र नाथ तिवारी, नीलाम शर्मा, शांति देवी, सत्येन्द्र सिंह, हृदय नारायण सिंह, शिवेंद्र सिंह, पवन कुमार, अजय कुमार गुप्ता, बैजनाथ गुप्ता, जयराम, विरेन्द्र सिंह, शिवदास, मुन्ना सहित अन्य दुकानदार मौजूद रहे।

    अब दुकानदारों की निगाहें प्रशासनिक निर्णय पर टिकी हैं। उनकी मांग है कि विकास और सड़क चौड़ीकरण के साथ उन परिवारों की आजीविका का भी ध्यान रखा जाए, जिनकी पूरी जिंदगी इन दुकानों पर निर्भर है।

  • विधायक घेरों अभियान चलाते हुए

    विधायक घेरों अभियान चलाते हुए

    *गोरखपुर में गोंड धुरिया समाज का हल्ला बोल, चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी के आवास का घेराव*

    *गोरखपुर, चिल्लूपार -* चिल्लूपार विधानसभा में सोमवार को गोंड धुरिया समाज ने विधायक घेरो अभियान के तहत स्थानीय विधायक राजेश त्रिपाठी के आवास पर जोरदार घेराव किया। समाज के सैकड़ों लोग हाथों में तख्ती और ज्ञापन लेकर पहुंचे और जाति प्रमाण पत्र निर्गत कराने व मूलभूत सुविधाएं दिलाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश देखने को मिला।

     

    समाज के लोगों का आरोप है कि सैकड़ों बार तहसील प्रशासन को आवेदन देने के बाद भी तहसीलदार और लेखपाल द्वारा जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाता है। बल्कि आवेदकों को बार-बार तहसील के चक्कर लगवाए जाते हैं, दौड़ाया जाता है। इससे समाज के बच्चों की पढ़ाई, नौकरी और आरक्षण का लाभ पूरी तरह से बाधित हो रहा है।

    *शासनादेश के बाद भी प्रमाण पत्र जारी न करना अन्याय है – शिव शंकर गोंड*

    इस मौके पर मूलनिवासी आदिवासी आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव शंकर गोंड ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के तमाम शासनादेश स्पष्ट हैं कि गोंड धुरिया समाज अनुसूचित जनजाति के अंतर्गत आता है। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद स्थानीय प्रशासन जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं कर रहा है। यह सीधे-सीधे अन्याय है।

     

    उन्होंने कहा, “गोंड समाज अब चुप नहीं बैठेगा। हमारे वोट से विधायक बने हुए लोग अब हिसाब दें कि गोंड भाई-बहनों को आरक्षण का लाभ कब मिलेगा। जब चुनाव आता है तो सभी नेता गोंड समाज के घर आते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई सुध नहीं लेता। वर्षों से हमारे समाज के साथ धोखा हो रहा है।”

     

    शिव शंकर गोंड ने आगे कहा कि शासन के आदेशों की अवहेलना कर तहसील स्तर के कर्मचारी समाज को परेशान कर रहे हैं। अगर जल्द ही इस पर रोक नहीं लगी तो पूरे प्रदेश में आंदोलन तेज किया जाएगा।

     

    *हजारों की आबादी, फिर भी सुविधाओं से वंचित*

     

    कार्यक्रम का संचालन कर रहे जिला अध्यक्ष सूरज कुमार गोंड ने कहा कि चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में ही हजारों-हजार की संख्या में गोंड बिरादरी निवास करती है। लेकिन दुर्भाग्य है कि आज भी यह समाज मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।

     

    उन्होंने कहा, “हमारे समाज के लोगों के पास न तो सही से आवास है, न शिक्षा की पूरी व्यवस्था है और न ही रोजगार। सबसे बड़ी समस्या जाति प्रमाण पत्र की है। प्रमाण पत्र नहीं होने से हमारे बच्चे छात्रवृत्ति से वंचित रह जाते हैं, स्कूल-कॉलेज में एडमिशन में दिक्कत आती है, नौकरियों में आरक्षण नहीं मिल पाता। यह हमारे आरक्षण को खत्म करने की सोची-समझी साजिश रची जा रही है।”

     

    सूरज कुमार गोंड ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द जाति प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किए गए तो इससे भी बड़ा आंदोलन विधायक और प्रशासन के खिलाफ किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

     

    *वर्षों से हो रहा अन्याय अब बर्दाश्त नहीं – गोपाल गोंड*

     

    वरिष्ठ नेता गोपाल जी गोंड ने कहा कि वर्षों से गोंड समाज के साथ अन्याय हो रहा है, जो अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि गोंड समाज इस देश का मूलनिवासी आदिवासी समाज है, जिसने देश की आजादी से लेकर आज तक अपना योगदान दिया है, लेकिन आज उसे ही अपने हक के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।

     

    उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, वादे करती हैं, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं होता। अब समाज जाग चुका है और अपने हक की लड़ाई खुद लड़ेगा।

     

    *सभासदों ने किया नेतृत्व*

     

    इस पूरे घेराव कार्यक्रम का नेतृत्व दीपक गोंड सभासद और राज गोंड ने किया। दोनों नेताओं ने कहा कि नगर पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों में गोंड समाज की स्थिति बहुत दयनीय है। नालियों, सड़कों, पानी और बिजली जैसी बुनियादी समस्याओं से भी समाज जूझ रहा है। विधायक जी को इन समस्याओं को विधानसभा में उठाना चाहिए।

     

    इस दौरान विधायक राजेश त्रिपाठी को सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से 4 मांगें रखी गईं –

     

    1. गोंड धुरिया समाज के सभी पात्र लोगों को तत्काल प्रभाव से जाति प्रमाण पत्र निर्गत किया जाए।

    2. तहसील स्तर पर आवेदकों को परेशान करने वाले लेखपालों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए।

    3. समाज के बच्चों को छात्रवृत्ति, छात्रावास और शिक्षा की विशेष सुविधा दी जाए।

    4. समाज के गरीब परिवारों को आवास, शौचालय और पेंशन योजना का लाभ दिया जाए।

     

    विधायक राजेश त्रिपाठी ने ज्ञापन लेते हुए समाज के लोगों को आश्वासन दिया कि वह उनकी मांगों को जिला प्रशासन और विधानसभा में प्रमुखता से उठाएंगे और जल्द से जल्द समाधान कराने का प्रयास करेंगे।

     

    *सैकड़ों लोग रहे मौजूद*

     

    इस घेराव अभियान में प्रमुख रूप से बबलू गोंड, राज गोंड, दिलीप गोंड, चंदा बाबू गोंड, संदीप गोंड, प्रमोद गोंड, राहुल गोंड, सुरेन्द्र, विनोद, मनीष गोंड, राघव धुर्वे गोंड, अवनीश गोंड, प्रेम गोंड, त्रिभुवन गोंड, जीउत गोंड, अखिल गोंड, अखिलेश्वर गोंड, नीतीश गोंड, मदन गोंड, उदय प्रताप गोंड, सोनू गोंड, अनिल गोंड, मिथलेश, विशाल गोंड सहित बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।

     

    महिलाओं में लक्ष्मी देवी, किरण, प्रीति, कीर्ति, बिंदु देवी, सुमन, सीमा, रीना, ममता देवी आदि सैकड़ों की संख्या में गोंड धुरिया समाज की महिलाओं ने भी इस घेराव में अपनी ताकत दिखाई और कहा कि अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।

     

    समाज के लोगों ने कहा कि अगर 15 दिनों के अंदर जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं हुए तो चिल्लूपार तहसील का घेराव और जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।