Tag: #Art#culture#breking#news#gorakhpur#followers#highlights#
-

अखिल भारतीय विज्ञान मेला 2026 हेतु दो दिवसीय पाठ्यक्रम निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ
गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-
गोरखपुर, 29 जनवरी 2026: विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के तत्वावधान में ‘अखिल भारतीय विज्ञान मेला 2026’ की पूर्व तैयारी हेतु दो दिवसीय ‘पाठ्यक्रम निर्माण कार्यशाला’ का भव्य शुभारंभ आज सरस्वती शिशु मंदिर,(10+2) पक्कीबाग के परिसर में हुआ।

कार्यशाला के प्रथम दिन मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित विद्या भारती के अखिल भारतीय विज्ञान संयोजक श्री नगेंद्र पाण्डेय ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान मेला केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार (Innovation) विकसित करने का एक सशक्त माध्यम है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 2026 के विज्ञान मेले का पाठ्यक्रम वर्तमान वैश्विक तकनीकी परिवर्तनों और ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’ के अनुरूप होना चाहिए।
शिशु शिक्षा समिति, गोरक्ष प्रांत के प्रांतीय मंत्री डॉ. शैलेश सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल शिक्षकों की क्षमता का विकास होता है, बल्कि यह भविष्य के वैज्ञानिकों को तैयार करने की आधारशिला भी रखता है। उन्होंने गोरक्ष प्रांत में विज्ञान शिक्षा के सुदृढ़ीकरण हेतु निरंतर प्रयास करने की बात दोहराई।

आगामी अखिल भारतीय विज्ञान मेले के लिए मानक पाठ्यक्रम, नियमावली और नए प्रयोगों का चयन करने पर विचार विमर्श किया गया।
इस कार्यशाला में पूरे देश के 11 क्षेत्र के विज्ञान संयोजक एवं सहसंयोजक एवं गोरक्ष प्रांत के विज्ञान विशेषज्ञ और अनुभवी आचार्य प्रतिभाग कर रहे हैं।

कल, 30 जनवरी को कार्यशाला के समापन सत्र में आगामी कार्ययोजना की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की जाएगी।
इस अवसर पर क्षेत्रीय संयोजक बांके बिहारी जी, प्रदेश शिक्षक राम सिंह, जियालाल जी, संभाग निरीक्षक कन्हैया चौबे सहित देश के कोने-कोने से आए हुए विषय विशेषज्ञों ने प्रतिभा किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चनसे हुआ ।अतिथि परिचय एवं सम्मान प्रधानाचार्य डॉक्टर राजेश सिंह जी द्वारा हुआ । -

सोना-चांदी की चमक से बाजार में हलचल, रिकॉर्ड दामों पर पहुंची कीमती धातुएं
ब्रजेन्द्र कुमार सिंह (लखनऊ) निष्पक्ष टुडे :-
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई के दबाव और सुरक्षित निवेश की तलाश के बीच सोना और चांदी ने एक बार फिर बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। वर्ष 2026 की शुरुआत से ही दोनों कीमती धातुओं के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं, जिससे सर्राफा बाजार से लेकर निवेश जगत तक उत्साह और चर्चा तेज हो गई है।
बाजार सूत्रों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी का असर घरेलू सर्राफा बाजारों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सोना लगातार नए उच्च स्तर बना रहा है, जबकि चांदी में आई तेज उछाल ने निवेशकों को चौंका दिया है।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और यूरोप की अर्थव्यवस्थाओं में सुस्ती के संकेत, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को जोखिम भरे विकल्पों से दूर कर दिया है। ऐसे माहौल में सोना पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है।
इसके साथ ही केंद्रीय बैंकों की बढ़ती सोना खरीदारी ने भी कीमतों को मजबूती दी है।चांदी की बढ़ती मांग
चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे औद्योगिक मांग की अहम भूमिका मानी जा रही है। सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योग में चांदी की खपत लगातार बढ़ रही है। वैश्विक स्तर पर सीमित आपूर्ति के कारण चांदी के दामों में और तेजी देखने को मिल रही है।
घरेलू निवेशकों में बढ़ा भरोसा
भारत में सोना सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि पारंपरिक निवेश का मजबूत साधन रहा है। शादी-विवाह के मौसम और बचत की प्रवृत्ति ने सोने की मांग को और बल दिया है। वहीं चांदी में भी छोटे निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है।
निवेशकों के लिए सलाह
बाजार जानकारों का कहना है कि मौजूदा तेजी को देखते हुए निवेशकों को जल्दबाजी से बचना चाहिए। सोना और चांदी दोनों में चरणबद्ध निवेश करना बेहतर रणनीति मानी जा रही है। साथ ही फिजिकल खरीद के साथ-साथ ETF और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे विकल्पों पर भी विचार करने की सलाह दी जा रही है,सोना और चांदी मौजूदा दौर में निवेशकों के लिए भरोसे का दूसरा नाम बनते जा रहे हैं। जहां सोना स्थिरता का प्रतीक है, वहीं चांदी तेज रिटर्न की संभावना पेश कर रही है। ऐसे में संतुलित और सोच-समझकर किया गया निवेश ही भविष्य में बेहतर लाभ दिला सकता है।
-

विश्व स्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी जाना जाएगा गोरखपुर
लखनऊ ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :.
सीएम योगी की घोषणा के अनुरूप बन रहा 30 हजार दर्शकों की क्षमता का इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम

392.94 करोड़ रुपये आएगी लागत, निर्माण से पूर्व मिट्टी भराई व लेवलिंग का काम शुरू
पहली किश्त के रूप में शासन से 63.39 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त
खिलाड़ियों के लिए होगी 7 प्लेइंग पिच और 4 प्रैक्टिस पिच
गोरखपुर, । विकास के नए प्रतिमान गढ़ रहा गोरखपुर आने वाले समय में विश्व स्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और खेल के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए भी जाना जाएगा। इसका जरिया बनेगा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के अनुरूप ताल नदोर में बन रहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम। 392.94 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के लिए मुख्य निर्माण कार्य से पूर्व मिट्टी भराई व लेवलिंग का काम शुरू हो गया है। पहली किश्त के रूप में शासन की तरफ से 63.39 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त कर दी गई है।

गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में शामिल है। मुख्यमंत्री ने जब इसकी मंशा जताई तो सबसे पहली आवश्यकता अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप पर्याप्त भूमि की पड़ी। इसके लिए जिला प्रशासन ने गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग पर स्थित ताल नदोर में भूमि चिन्हित की। जिलाधिकारी दीपक मीणा का कहना है कि ताल नदोर में ही पशु चिकित्सा, महाविद्यालय और वृहद कान्हा गोशाला का भी निर्माण हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बन जाने से यह पूरा क्षेत्र विकास की नई आभा से निखर उठेगा। फिलहाल सारी कार्ययोजना तय करने के बाद स्टेडियम निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग की तरफ से दिसंबर के आखिरी सप्ताह से मिट्टी भराई और समतलीकरण का काम प्रारंभ करा दिया गया है।
स्टेडियम का निर्माण 23 दिसंबर 2027 तक पूर्ण किया जाना लक्षित किया गया है।
गोरखपुर में बन रहा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम 46 एकड़ क्षेत्रफल में आकार लेगा। कुल 30 हजार दर्शक क्षमता का यह स्टेडियम ‘ग्राउंड प्लस टू फ्लोर’ के हिसाब से बनेगा। इसके ग्राउंड पर खिलाड़ियों के लिए 7 प्लेइंग पिच और 4 प्रैक्टिस पिच होगी। स्टेडियम के पूर्वी और पश्चिमी स्टैंड में प्रत्येक में 14,490 दर्शक बैठ सकेंगे। नार्थ पैवेलियन मीडिया और साउथ पैवेलियन विशिष्टजन के लिए होगा। रात्रिकालीन मैच भी हो सकें, इसके लिए मेन स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय मानक के चार हाई मास्ट लाइट की व्यवस्था रहेगी। यहां क्रिकेट के अलावा अन्य बड़े आयोजन भी होंगे।

ताल नदोर में बन रहा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहतरीन जगह पर है। गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग फोरलेन से जुड़ा यह स्थान, गोरखपुर एयरपोर्ट से करीब 24 किमी की दूरी पर है और रेलवे स्टेशन से करीब 20 किमी है। ऐसे में खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए यहां पहुंचना काफी सुगम होगा।
-

संभल CO अनुज चौधरी और पुलिस कर्मियों पर Fir मामले पर बड़ी खबर
लखनऊ ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-
संभल हिंसा मामले में CO अनुज चौधरी सहित कई पुलिसकर्मियों पर FIR करने का आदेश देने वाले जज (CJM) विभांशु सुधीर हटाए गए।
उनका तबादला सुल्तानपुर के लिए हुआ।
CJM से हटाकर सिविल जज (सीनियर डिविजन) यानि डिमोशन वाला पद दिया गया।












