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  • सिद्धेश्वर धाम में भगदड़, अब तक सात लोगों की मौत, कई घायल

    सिद्धेश्वर धाम में भगदड़, अब तक सात लोगों की मौत, कई घायल

    सिद्धेश्वर धाम में भगदड़, अब तक सात लोगों की मौत, कई घायल।
    बिहार।
    बिहार के जहानाबाद जिले से सावन की चौथी सोमवारी पर बड़े और दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। श्रद्धालुओं के बीच मची भगदड़ में सात लोगों की मौत हो गई है। घटना वाणावार सिद्धेश्वर धाम के भक्तों की भीड़ के बीच हुई। बताया जा रहा है कि चौथी सोमवारी को जलाभिषेक करने के लिए भारी भीड़ उमड़ी थी। वाणावार पहाड़ पर पतालगंगा से जो सीढी जाती है उसपर दर्जनों श्रद्धालु चढ़ और उतर रहे थे। मंदिर के पास सीढ़ी पर कांवरियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हो गई। मंदिर के पास मौजूद पुलिसकर्मियों ने हालात काबू पाने की कोशिश की लेकिन अचानक भगदड़ मच गई। भगदड़ होते ही इधर-उधर लोग भागने लगे। अंधेरे में लोग एक-दूसरे को कुचलते हुए इधर-उधर भागने लगे। इधर, पुलिस जब तक हालात को नियंत्रित करती तब तक छह महिला समेत सात श्रद्धालुओं ने दम तोड़ दिया। सोमवार को सूर्योदय से पहले ही यह हादसा हुआ। हादसे में 10 से ज्यादा लोगों के घायल होने की बात सामने आ रही है। मंदिर क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों और स्वयंसेवकों की मदद से राहत और बचाव का कार्य चल रहा है। घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।

  • बिहार: 10 दिन के अंदर गिरा चौथा पुल, किशनगंज में 70 मीटर लंबे ब्रिज का पिलर ढहा

    बिहार: 10 दिन के अंदर गिरा चौथा पुल, किशनगंज में 70 मीटर लंबे ब्रिज का पिलर ढहा

    बिहार में पुलों के गिरने का सिलसिला नहीं थम रहा है. किशनगंज जिले में भी एक पुल गिरने का मामला सामने आया है. बीते 10 दिनों में पुल गिरने की यह चौथी घटना है. इससे पहले अररिया, सिवान और मोतिहारी में भी पुल ढहा था. ऐसे में अब पुल निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लग गए हैं.

    बिहार में एक और पुल गिरने का मामला सामने आया है. बीते 10 दिनों के अंदर पुल गिरने की यह चौथी घटना है. ताजा मामला किशनगंज जिले से सामने आया है.यहां गुरुवार को कनकई और महानंदा नदी को जोड़ने वाली एक छोटी सहायक नदी पर बना पुल ढह गया. 


     किशनगंज के डीएम तुषार सिंगला ने बताया कि जिले के बहादुरगंज ब्लॉक स्थित 70 मीटर लंबा और 12 मीटर चौड़ा एक पुल गिर गया है. यह पुल 2011 में मडिया नामक छोटी सहायक नदी पर बनाया गया था. मडिया नदी कनकई को महानंदा नदी से जोड़ती है.