500 बेड की होगी क्षमता, 47.38 करोड़ रुपये आएगी लागत
मार्च माह में सीएम योगी के हाथों हो सकता है शिलान्यास
मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत नगर निगम पहले से बनवा रहा 75 बेड की क्षमता का वर्किंग वुमेन हॉस्टल
गोरखपुर, 25 फरवरी। महिला सशक्तिकरण की दिशा में सतत अग्रसर प्रदेश की योगी सरकार ने कामकाजी महिलाओं को बड़ा उपहार दिया है। सरकार गोरखपुर में एक और कामकाजी महिला छात्रावास (वर्किंग वुमेन हॉस्टल) बनवाने जा रही है। 75 बेड की क्षमता का एक हॉस्टल का निर्माण नगर निगम की तरफ से मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत बनवाया जा रहा है। दूसरा वर्किंग वुमेन हॉस्टल मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के तहत बनेगा। 500 बेड की क्षमता के इस हॉस्टल के निर्माण पर 47.38 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
जिलाधिकारी दीपक मीणा बताते हैं कि महिला एवं बाल कल्याण विभाग की तरफ से बनने वाले 500 बेडेड वर्किंग वुमेन हॉस्टल के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था के रूप में उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड, गोरखपुर इकाई को नामित किया गया है। इसकी निविदा 28 जनवरी को प्रकाशित की गई है, तकनीकी बिड 6 मार्च को खोली जाएगी। टेंडर प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद इसका शिलान्यास मार्च माह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों कराने की भी तैयारी की जा रही है। इस हॉस्टल का निर्माण चरगांवा ब्लॉक परिसर से सटे 6,640 वर्ग मीटर जमीन पर किया जाएगा। महिला कल्याण अनुभाग-3 की तरफ से स्वीकृत धनराशि 47 करोड़ 38 लाख 47 हजार रुपये में से प्रथम किस्त के रूप में 16 करोड़ 58 लाख 46 हजार रुपये अवमुक्त कर दिए गए हैं।
राजकीय निर्माण निगम द्वारा बनाई गई कार्ययोजना के अनुसार वर्किंग वुमेन हॉस्टल की बिल्डिंग में स्टिल्ट पार्किंग रहेगी। उसके ऊपर आठ मंजिला भवन बनाया जाएगा। इस भवन में सिंगल बेड, डबल बेल और ट्रिपल बेड क्षमता के 250 कक्ष बनाए जाएंगे। यहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा होगी और परिसर में हॉर्टिकल्चर कार्य भी कराए जाएंगे। छात्रावास में आधुनिक सुविधाएं होंगी। इनमें सीसीटीवी कैमरे, फायर सेफ्टी सिस्टम और शिशु सदन शामिल हैं। साथ ही जिम सेंटर, ऑडिटोरियम, लॉन्ड्री, वाहन पार्किंग, कैंटीन और डिपार्टमेंटल स्टोर भी होंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नगर निगम की तरफ से एक वर्किंग वुमेन हॉस्टल पहले से निर्माणाधीन है। सहारा इस्टेट के समीप बन रहे 75 बेडेड इस हॉस्टल के निर्माण पर 18.08 करोड़ रुपये की लागत आएगी। मुख्यमंत्री इस हॉस्टल का नामकरण लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की स्मृति में करने की घोषणा कर चुके हैं। इसका करीब 40 फीसद निर्माण हो चुका है और जून 2027 तक इसके बनकर तैयार हो जाने की उम्मीद है।
13 एवं 14 फरवरी, 2026 सरस्वती शिशु मंदिर (10+2)पक्की बाग गोरखपुर में प्रांतीय समीक्षा एवं कार्य योजना बैठक संपन्न हुई।
मुख्य मार्गदर्शक श्रीमान राम सिंह जी प्रदेश निरीक्षक शिशु शिक्षा समिति गोरक्ष प्रांत, प्रांतीय वैदिक गणित प्रमुख हरिकिशुन गिरी जी रहे।
निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई:
विगत कार्यों की समीक्षा: पिछले सत्र में निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति और क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का विश्लेषण।
आगामी महीनों के लिए संगठनात्मक गतिविधियों और कार्यक्रमों का कैलेंडर तैयार करना।
शिक्षा/प्रशासनिक कार्यों में गुणात्मक वृद्धि हेतु नए मापदंड तय करना।
प्रांतीय स्तर पर आ रही चुनौतियों पर चर्चा और उनके प्रभावी समाधान हेतु रणनीति।
कार्ययोजना केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका प्रत्येक अंश धरातल पर क्रियान्वित होना चाहिए। अनुशासन और समर्पण ही किसी भी प्रांत की प्रगति का मुख्य आधार है।
अपने संबोधन में उन्होंने विशेष रूप से समयबद्धता, पारदर्शिता और कार्यकर्ताओं के कौशल विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 13 और 14 फरवरी की यह बैठक हमारे भविष्य के लक्ष्यों की आधारशिला रखेगी।
इस अवसर पर गोरक्ष प्रांत के सभी गणित प्रमुख शिक्षक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विद्यालय की उपप्रधानाचार्य श्रीमती रुक्मिणी उपाध्याय,शिशु वाटिका प्रमुख श्रीमती मीनाक्षी सिंह, अभिभावक गण, भैया- बहन व समस्त आचार्य परिवार उपस्थित रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत शिव-पार्वती पूजन से हुई।
इसके उपरांत आचार्या बहन अंकिता सिंह ने भैया बहनों को महाशिवरात्रि की कथा सुनते हुए इस दिन का महत्व बताया। आचार्या बहन भानुप्रिया जी ने भजन प्रस्तुत किया। आचार्य राणा प्रताप जी ने मातृ – पितृ पूजन दिवस का महत्व बच्चों को बताते हुए सदैव उनका सम्मान करने व उनके प्रति सेवा भाव रखने का आग्रह किया। नन्हें मुन्हें भैया बहनों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। इसके बाद भैया – बहनों ने अपने माता-पिता का पूजन किया । अंत में श्रीमती मीनाक्षी सिंह जी ने सभी का आभार ज्ञापित किया।
इस शुभ अवसर पर प्रधानाचार्य डॉक्टर राजेश सिंह सहित समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।
गोरखपुर, दिनांक: 4 फरवरी 2026 सरस्वती शिशु मंदिर (10+2) पक्कीबाग, गोरखपुर में बोर्ड परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य एवं सफलता की कामना हेतु
‘आशीर्वाद समारोह’ का भव्य एवं प्रेरणादायक आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, मनोविज्ञान विभाग की प्रोफेसर डॉ. अनुभूति दुबे एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC), तारापुर (महाराष्ट्र) के वैज्ञानिक एवं विद्यालय के पुरातन छात्र श्री ओमकार नाथ साहू की उपस्थिति रही।
प्रोफेसर अनुभूति दुबे ने छात्रों से भारतीय शिक्षा दर्शन की ‘पंचकोश अवधारणा’ (अन्नमय, प्राणमय, मनोमय, विज्ञानमय एवं आनंदमय कोश) पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के लिए इन पाँचों कोशों पर संतुलित कार्य आवश्यक है। आगामी बोर्ड परीक्षाओं में तनाव मुक्त रहकर सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिए मनोवैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग करें। धैर्य, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच ही सफलता की कुंजी हैं।”
विशिष्ट अतिथि श्री ओमकार नाथ साहू ने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा, “सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। विद्यालय के संस्कारों, शिक्षकों के मार्गदर्शन और निरंतर अनुशासित प्रयासों ने मुझे वैज्ञानिक के प्रतिष्ठित पद तक पहुँचाया। मेहनत और लगन कभी व्यर्थ नहीं जाती।” एक पूर्व छात्र को अपने बीच पाकर विद्यार्थियों का उत्साह दोगुना हो गया। विद्यार्थियों ने अतिथिगण से अपनी जिज्ञासाओं पर प्रश्न भी पूछे, जिनका समाधान अतिथियों के द्वारा हुआ।
विद्यालय के सीबीएसई परीक्षा प्रमुख आचार्य श्री गिरीश चन्द्र पाण्डेय जी ने परीक्षा से संबंधित भारतीयों पर प्रकाश डाला उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को धैर्यपूर्वक परीक्षा में सम्मिलित होने की शुभकामनाएँ दीं।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की वंदना एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। अतिथि परिचय प्रधानाचार्य डॉ. राजेश सिंह ने कराया। आभार ज्ञापन प्रथम सहायक श्रीमती रुक्मिणी उपाध्याय ने किया संचालन आचार्य एस. एन. कुशवाहा ने किया।
इस अवसर पर विद्यालय के गृह परीक्षा प्रमुख श्री अविनाश श्रीवास्तव, विद्यालय के इण्टर के प्रभारी श्री रामकेवल शर्मा जी बोर्ड परीक्षा देने वाले समस्त छात्र एवं विद्यालय परिवार उपस्थित रहा। कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक एवं स्मरणीय रहा।
गोरखपुर ;सरस्वती शिशु मंदिर,(10+2) पक्कीबाग, गोरखपुर के प्रांगण में आयोजित दो दिवसीय ‘अखिल भारतीय विज्ञान मेला 2026’ पाठ्यक्रम निर्माण कार्यशाला का आज भव्य समापन हुआ।
इस कार्यशाला में देशभर के शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने आगामी 27,28,29 नवंबर 2026 को सरस्वती शिशु मंदिर (10+2) पक्कीबाग गोरखपुर में संपन्न होने वाले विज्ञान मेले की रूपरेखा और नवाचारी पाठ्यक्रम पर गहन मंथन किया।
कार्यक्रम के समापन सत्र को संबोधित करते हुए विद्या भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री, माननीय गोविंद चंद्र महंत जी ने कहा कि विज्ञान मेला केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और स्वदेशी तकनीक के प्रति गौरव जगाने का माध्यम है।
उन्होंने जोर दिया कि हमारा पाठ्यक्रम ऐसा होना चाहिए जो आधुनिक विज्ञान और प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा का संगम हो।
विद्या भारती के अध्यक्ष, डॉ. रविंद्र कान्हेरे जी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा, 2026 का विज्ञान मेला नई शिक्षा नीति (NEP) के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। हम छात्रों को रटने के बजाय ‘करके सीखने’ (Learning by Doing) के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
कार्यशाला के मुख्य बिंदु:
आगामी विज्ञान मेले के लिए नए प्रयोगों और मॉडलों के मानकों का निर्धारण।
पाठ्यक्रम में एआई (AI) और रोबोटिक्स जैसे आधुनिक विषयों को शामिल करने पर चर्चा।
देशभर के विभिन्न प्रांतों से आए प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव साझा किए।
समापन अवसर पर अखिल भारतीय विज्ञान संयोजक नगेंद्र पाण्डेय, प्रांतीय संयोजक बांके बिहारी जी, प्रदेश निरीक्षक रामसिंह,जियालाल जी, संभाग निरीक्षक कन्हैया चौबे,स्थानीय विज्ञान क्षेत्र के विशेषज्ञ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र के साथ गरिमामय वातावरण में हुआ।
अतिथि परिचय प्रधानाचार्य डॉक्टर राजेश सिंह द्वारा हुआ