13 एवं 14 फरवरी, 2026 सरस्वती शिशु मंदिर (10+2)पक्की बाग गोरखपुर में प्रांतीय समीक्षा एवं कार्य योजना बैठक संपन्न हुई।
मुख्य मार्गदर्शक श्रीमान राम सिंह जी प्रदेश निरीक्षक शिशु शिक्षा समिति गोरक्ष प्रांत, प्रांतीय वैदिक गणित प्रमुख हरिकिशुन गिरी जी रहे।
निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई:
विगत कार्यों की समीक्षा: पिछले सत्र में निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति और क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का विश्लेषण।
आगामी महीनों के लिए संगठनात्मक गतिविधियों और कार्यक्रमों का कैलेंडर तैयार करना।
शिक्षा/प्रशासनिक कार्यों में गुणात्मक वृद्धि हेतु नए मापदंड तय करना।
प्रांतीय स्तर पर आ रही चुनौतियों पर चर्चा और उनके प्रभावी समाधान हेतु रणनीति।
कार्ययोजना केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका प्रत्येक अंश धरातल पर क्रियान्वित होना चाहिए। अनुशासन और समर्पण ही किसी भी प्रांत की प्रगति का मुख्य आधार है।
अपने संबोधन में उन्होंने विशेष रूप से समयबद्धता, पारदर्शिता और कार्यकर्ताओं के कौशल विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 13 और 14 फरवरी की यह बैठक हमारे भविष्य के लक्ष्यों की आधारशिला रखेगी।
इस अवसर पर गोरक्ष प्रांत के सभी गणित प्रमुख शिक्षक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विद्यालय की उपप्रधानाचार्य श्रीमती रुक्मिणी उपाध्याय,शिशु वाटिका प्रमुख श्रीमती मीनाक्षी सिंह, अभिभावक गण, भैया- बहन व समस्त आचार्य परिवार उपस्थित रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत शिव-पार्वती पूजन से हुई।
इसके उपरांत आचार्या बहन अंकिता सिंह ने भैया बहनों को महाशिवरात्रि की कथा सुनते हुए इस दिन का महत्व बताया। आचार्या बहन भानुप्रिया जी ने भजन प्रस्तुत किया। आचार्य राणा प्रताप जी ने मातृ – पितृ पूजन दिवस का महत्व बच्चों को बताते हुए सदैव उनका सम्मान करने व उनके प्रति सेवा भाव रखने का आग्रह किया। नन्हें मुन्हें भैया बहनों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। इसके बाद भैया – बहनों ने अपने माता-पिता का पूजन किया । अंत में श्रीमती मीनाक्षी सिंह जी ने सभी का आभार ज्ञापित किया।
इस शुभ अवसर पर प्रधानाचार्य डॉक्टर राजेश सिंह सहित समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।
गोरखपुर, दिनांक: 4 फरवरी 2026 सरस्वती शिशु मंदिर (10+2) पक्कीबाग, गोरखपुर में बोर्ड परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य एवं सफलता की कामना हेतु
‘आशीर्वाद समारोह’ का भव्य एवं प्रेरणादायक आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, मनोविज्ञान विभाग की प्रोफेसर डॉ. अनुभूति दुबे एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC), तारापुर (महाराष्ट्र) के वैज्ञानिक एवं विद्यालय के पुरातन छात्र श्री ओमकार नाथ साहू की उपस्थिति रही।
प्रोफेसर अनुभूति दुबे ने छात्रों से भारतीय शिक्षा दर्शन की ‘पंचकोश अवधारणा’ (अन्नमय, प्राणमय, मनोमय, विज्ञानमय एवं आनंदमय कोश) पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के लिए इन पाँचों कोशों पर संतुलित कार्य आवश्यक है। आगामी बोर्ड परीक्षाओं में तनाव मुक्त रहकर सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिए मनोवैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग करें। धैर्य, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच ही सफलता की कुंजी हैं।”
विशिष्ट अतिथि श्री ओमकार नाथ साहू ने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा, “सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। विद्यालय के संस्कारों, शिक्षकों के मार्गदर्शन और निरंतर अनुशासित प्रयासों ने मुझे वैज्ञानिक के प्रतिष्ठित पद तक पहुँचाया। मेहनत और लगन कभी व्यर्थ नहीं जाती।” एक पूर्व छात्र को अपने बीच पाकर विद्यार्थियों का उत्साह दोगुना हो गया। विद्यार्थियों ने अतिथिगण से अपनी जिज्ञासाओं पर प्रश्न भी पूछे, जिनका समाधान अतिथियों के द्वारा हुआ।
विद्यालय के सीबीएसई परीक्षा प्रमुख आचार्य श्री गिरीश चन्द्र पाण्डेय जी ने परीक्षा से संबंधित भारतीयों पर प्रकाश डाला उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को धैर्यपूर्वक परीक्षा में सम्मिलित होने की शुभकामनाएँ दीं।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की वंदना एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। अतिथि परिचय प्रधानाचार्य डॉ. राजेश सिंह ने कराया। आभार ज्ञापन प्रथम सहायक श्रीमती रुक्मिणी उपाध्याय ने किया संचालन आचार्य एस. एन. कुशवाहा ने किया।
इस अवसर पर विद्यालय के गृह परीक्षा प्रमुख श्री अविनाश श्रीवास्तव, विद्यालय के इण्टर के प्रभारी श्री रामकेवल शर्मा जी बोर्ड परीक्षा देने वाले समस्त छात्र एवं विद्यालय परिवार उपस्थित रहा। कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक एवं स्मरणीय रहा।
गोरखपुर ;सरस्वती शिशु मंदिर,(10+2) पक्कीबाग, गोरखपुर के प्रांगण में आयोजित दो दिवसीय ‘अखिल भारतीय विज्ञान मेला 2026’ पाठ्यक्रम निर्माण कार्यशाला का आज भव्य समापन हुआ।
इस कार्यशाला में देशभर के शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने आगामी 27,28,29 नवंबर 2026 को सरस्वती शिशु मंदिर (10+2) पक्कीबाग गोरखपुर में संपन्न होने वाले विज्ञान मेले की रूपरेखा और नवाचारी पाठ्यक्रम पर गहन मंथन किया।
कार्यक्रम के समापन सत्र को संबोधित करते हुए विद्या भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री, माननीय गोविंद चंद्र महंत जी ने कहा कि विज्ञान मेला केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और स्वदेशी तकनीक के प्रति गौरव जगाने का माध्यम है।
उन्होंने जोर दिया कि हमारा पाठ्यक्रम ऐसा होना चाहिए जो आधुनिक विज्ञान और प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा का संगम हो।
विद्या भारती के अध्यक्ष, डॉ. रविंद्र कान्हेरे जी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा, 2026 का विज्ञान मेला नई शिक्षा नीति (NEP) के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। हम छात्रों को रटने के बजाय ‘करके सीखने’ (Learning by Doing) के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
कार्यशाला के मुख्य बिंदु:
आगामी विज्ञान मेले के लिए नए प्रयोगों और मॉडलों के मानकों का निर्धारण।
पाठ्यक्रम में एआई (AI) और रोबोटिक्स जैसे आधुनिक विषयों को शामिल करने पर चर्चा।
देशभर के विभिन्न प्रांतों से आए प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव साझा किए।
समापन अवसर पर अखिल भारतीय विज्ञान संयोजक नगेंद्र पाण्डेय, प्रांतीय संयोजक बांके बिहारी जी, प्रदेश निरीक्षक रामसिंह,जियालाल जी, संभाग निरीक्षक कन्हैया चौबे,स्थानीय विज्ञान क्षेत्र के विशेषज्ञ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र के साथ गरिमामय वातावरण में हुआ।
अतिथि परिचय प्रधानाचार्य डॉक्टर राजेश सिंह द्वारा हुआ
पत्रकार विवेक अस्थाना के बच्चों को बड़ी राहत, कक्षा 8 तक पूरी फीस माफ
गोरखपुर। वरिष्ठ पत्रकार विवेक अस्थाना के असामयिक निधन के बाद उनके परिवार को सहारा देने की दिशा में सरस्वती विद्या मंदिर, आर्यनगर (उत्तरी) गोरखपुर ने एक अत्यंत संवेदनशील और सराहनीय निर्णय लिया है। विद्यालय प्रबंधन ने पत्रकार विवेक अस्थाना के दोनों बच्चों की कक्षा आठवीं तक संपूर्ण शिक्षा निःशुल्क करने की घोषणा की है। इस मानवीय पहल से शोकाकुल परिवार को बड़ी राहत मिली है।
उल्लेखनीय है कि पत्रकार विवेक अस्थाना का निधन 5 जनवरी 2026 को हृदय गति रुकने से हो गया था। उनके आकस्मिक निधन से न केवल परिवार बल्कि पत्रकारिता जगत और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी। विवेक अस्थाना एक सरल, विनम्र, मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ पत्रकार के रूप में जाने जाते थे। वे विचार चक्र चैनल के प्रबंधक भी रहे और सामाजिक सरोकारों से गहराई से जुड़े रहे।
सरस्वती विद्या मंदिर प्रबंधन ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बताया कि विद्यालय में अध्ययनरत उनके दोनों बच्चों को पहले से ही 45 प्रतिशत शुल्क में छूट दी जा रही थी, किंतु पिता के आकस्मिक निधन के बाद विद्यालय ने यह निर्णय लिया कि दोनों बच्चों की कक्षा आठवीं तक की संपूर्ण फीस पूर्णतः माफ की जाएगी, जिससे उनकी शिक्षा बिना किसी बाधा के जारी रह सके।
विद्यालय परिवार ने इस दुखद घड़ी में न केवल आर्थिक सहयोग का निर्णय लिया, बल्कि दिवंगत पत्रकार को भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की। विद्यालय परिसर में एक शोक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें संस्था प्रमुख शिवजी सिंह, सभी खंडों के प्रधानाचार्य, आचार्य-आचार्याएं, कर्मचारीगण तथा भैया-बहन उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को संबल प्रदान करने की कामना की।
संस्थान प्रमुख शिवजी सिंह ने कहा कि सरस्वती विद्या मंदिर परिवार शिक्षा को सेवा और संस्कार का माध्यम मानता है। पत्रकार विवेक अस्थाना जैसे समाजसेवी व्यक्ति के बच्चों की शिक्षा का दायित्व उठाना हमारा नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालय परिवार भविष्य में भी हर संभव सहयोग के लिए तत्पर रहेगा।
इस निर्णय की सर्वत्र सराहना हो रही है। पत्रकारिता जगत, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने विद्यालय प्रबंधन के इस मानवीय कदम की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है। कठिन समय में शिक्षा का संबल देना वास्तव में समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
विद्यालय प्रबंधन को कोटि-कोटि धन्यवाद
पत्रकार विवेक अस्थाना के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ सरस्वती विद्या मंदिर विद्यालय प्रबंधन को इस संवेदनशील, मानवीय और प्रेरणादायी निर्णय के लिए कोटि-कोटि धन्यवाद। यह कदम समाज में शिक्षा के साथ-साथ संवेदना और जिम्मेदारी की मिसाल प्रस्तुत करता है।
आपको बताते चले स्वर्गीय अस्थाना के परिवार को पत्रकारों के अनुरोध पर माननीय मुख्यमंत्री योगी जी द्वारा 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।