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  • एम्स गोरखपुर में हिप जॉइंट सर्जरी पर उन्नत वैज्ञानिक कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन

    एम्स गोरखपुर में हिप जॉइंट सर्जरी पर उन्नत वैज्ञानिक कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन

    गोरखपुर। एम्स गोरखपुर के अस्थि रोग विभाग (Department of Orthopaedics) द्वारा, शरीर रचना विभाग (Department of Anatomy) के सहयोग से, हिप जॉइंट सर्जरी एवं पुनर्निर्माण पर एक दिवसीय उन्नत वैज्ञानिक कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों—एम्स रायबरेली, एम्स रायपुर, केजीएमसी लखनऊ, जीएसवीएम कानपुर एवं बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर—से आए विशेषज्ञों, संकाय सदस्यों, वरिष्ठ रेजिडेंट्स एवं पीजी छात्रों ने सक्रिय भागीदारी की।
    कार्यक्रम का आयोजन मेजर जनरल (डॉ.) विभा दत्ता, एसएम (सेवानिवृत्त), कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, एम्स गोरखपुर के संरक्षण में किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट सर्जिकल परिणामों के लिए सटीकता, स्पष्ट निर्णय क्षमता और मजबूत बुनियादी ज्ञान अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रमों को चिकित्सा शिक्षा एवं मरीजों की देखभाल की गुणवत्ता सुधारने के लिए महत्वपूर्ण बताया।

    कार्यक्रम की सह-अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) महिमा मित्तल, डीन (अकादमिक्स), एम्स गोरखपुर द्वारा की गई।
    कार्यक्रम के आयोजन का नेतृत्व प्रो. (डॉ.) अजय भारती, आयोजन अध्यक्ष एवं कोर्स निदेशक, तथा प्रो. (डॉ.) विवेक मिश्रा, सह-आयोजन अध्यक्ष द्वारा किया गया। आयोजन में डॉ. नितीश कुमार (आयोजन सचिव), डॉ. विवेक कुमार (सह-आयोजन सचिव), डॉ. राजनंद कुमार (कोर्स समन्वयक), डॉ. सुधीर श्याम कुशवाहा एवं डॉ. राजेंद्र कुमार पिप्पल का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
    वैज्ञानिक सत्रों में हिप जॉइंट की एप्लाइड एनाटॉमी, मरीजों का चयन, प्री-ऑपरेटिव प्लानिंग, इम्प्लांट चयन तथा विभिन्न सर्जिकल अप्रोच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) ए.सी. अग्रवाल, प्रो. (डॉ.) अजय भारती, प्रो. (डॉ.) पवन प्रधान, प्रो. (डॉ.) विनीत मल्होत्रा, प्रो. (डॉ.) संजय कुमार, प्रो. (डॉ.) नरेंद्र कुशवाहा, डॉ. सूर्यकांत सेठ, डॉ. शुभांकर शेखर एवं डॉ. गौरव उपाध्याय ने अपने अनुभव एवं विशेषज्ञता साझा की।
    कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता कैडेवरिक एवं सॉ बोन हैंड्स-ऑन वर्कशॉप रही, जिसमें प्रतिभागियों को विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में विभिन्न सर्जिकल तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इन इंटरैक्टिव सत्रों को प्रतिभागियों द्वारा अत्यंत सराहा गया।
    कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों से आए पीजी छात्र, सीनियर रेजिडेंट्स एवं अस्थि रोग विशेषज्ञों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
    कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं प्रमाण-पत्र वितरण के साथ हुआ। आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की, जिससे क्षेत्र में सर्जिकल प्रशिक्षण एवं मरीजों की देखभाल के स्तर को और बेहतर बनाया जा सके।

  • AIIMS गोरखपुर ने उन्नत स्पाइन सर्जरी में रचा इतिहास

    AIIMS गोरखपुर ने उन्नत स्पाइन सर्जरी में रचा इतिहास

    • हेल्थ डेस्क गोरखपुर: निष्पक्ष टुडे 

    • गोरखपुर, 19 दिसंबर 2025 — अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), गोरखपुर ने रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) के उन्नत उपचार के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

    • संस्थान के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने पहली बार मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी के माध्यम से बलिया, उत्तर प्रदेश की एक 51 वर्षीय महिला रोगी का सफल ऑपरेशन किया। रोगी को कमर की दूसरी कशेरुका (L2) में गंभीर फ्रैक्चर होने के साथ मल और मूत्र पर नियंत्रण खोने जैसी जटिल न्यूरोलॉजिकल समस्या थी।

    • एम्स गोरखपुर के डॉक्टरों ने इस जटिल स्थिति में मिनिमली इनवेसिव पोस्टीरियर लॉन्ग-सेगमेंट पेडिकल स्क्रू फिक्सेशन, इंडेक्स लेवल स्क्रू ऑगमेंटेशन तथा पोस्टीरियर डिकम्प्रेशन (हेमीलैमिनेक्टॉमी) तकनीक का उपयोग किया। इस आधुनिक तकनीक से रीढ़ की हड्डी को स्थिर किया जाता है, जिसमें बहुत छोटे चीरे लगाए जाते हैं, जिससे ऑपरेशन में कम रक्तस्राव होता है, दर्द कम रहता है और रोगी जल्दी स्वस्थ होता है।यह जटिल सर्जरी प्रो. अजय भारती, विभागाध्यक्ष, आर्थोपेडिक्स विभाग, AIIMS गोरखपुर के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।इस सर्जरी की सफलता में एनेस्थीसिया टीम का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिसका नेतृत्व डॉ. प्रियंका द्विवेदी (एसोसिएट प्रोफेसर) एवं उनकी टीम ने कियाऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और रोगी की स्थिति में सुधार होना शुरू हो गया है। इलाज के बाद उनका न्यूरोलॉजिकल नियंत्रण भी धीरे-धीरे वापस आ रहा है। यह सफलता एम्स गोरखपुर के लिए गर्व का क्षण है।प्रो. अजय भारती का वक्तव्य:

    • मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी जटिल फ्रैक्चर के मामलों में अत्यंत प्रभावी है और मरीज की रिकवरी को तेज़ बनाती है।” मेजर जनरल (Retd.) डॉ. विभा दत्ता का वक्तव्य

    • “AIIMS गोरखपुर की टीम ने जो उत्कृष्ट कार्य किया है, वह संस्थान की क्षमता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस तरह की उन्नत सर्जरी पूर्वांचल के मरीजों को बड़े शहरों पर निर्भर होने से बचाती है और विश्वस्तरीय इलाज यहीं उपलब्ध कराती है। मैं प्रो. अजय भारती और पूरी टीम को उनकी समर्पण भावना और उत्कृष्ट प्रयास के लिए हार्दिक बधाई देती हूँ।”

    • संस्थान की सर्जरी टीम ने बताया कि इस तरह की जटिल सर्जरी पहले केवल बड़े महानगरों के उन्नत अस्पतालों में ही संभव थी। अब एम्स गोरखपुर ने यह साबित कर दिया है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी अत्याधुनिक स्पाइनल सर्जरी सुविधाएं उपलब्ध हैं।यह उपलब्धि एम्स गोरखपुर की बढ़ती चिकित्सा क्षमता और गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।