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  • एम्स के चिकित्सकों ने हासिल की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि

    एम्स के चिकित्सकों ने हासिल की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि

    गोरखपुर: एम्स गोरखपुर के चिकित्सकों ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए सर्वाइकल वर्टिब्रा से उत्पन्न एंटीरियर सर्वाइकल ऑस्टियोफाइट का ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया। ऐसे मामलों की घटनाएं लगभग 1% पाई जाती हैं। सामान्यतः यह हड्डी का उभार छोटा होता है और अधिकांश मामलों में कोई लक्षण उत्पन्न नहीं करता, लेकिन कुछ मामलों में यह बढ़कर गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है।

    यह 68 वर्षीय मरीज़ को लगभग 1 वर्ष से खाने में दिक्कत थी
    जो धीरे-धीरे बढ़ती गयी। हाल के समय में मरीज को सांस लेने में भी परेशानी होने लगी। स्थिति गंभीर होने पर मरीज की सांस की नली में ट्यूब डालकर ट्रेकियोस्टॉमी की गई, ताकि श्वसन मार्ग सुरक्षित रखा जा सके।

    ऑपरेशन के दौरान विशेषज्ञों ने गर्दन के सामने के हिस्से से पहुंच बनाकर बढ़ी हुई हड्डी को सुरक्षित रूप से हटाया। यह जटिल ऑपरेशन ईएनटी और न्यूरोसर्जरी विभाग की संयुक्त टीम द्वारा सफलतापूर्वक किया गया।

    इस सर्जरी का नेतृत्व ईएनटी विभाग की डॉ. रुचिका अग्रवाल (एसोसिएट प्रोफेसर), डॉ. पंखुरी मित्तल (असिस्टेंट प्रोफेसर) तथा डॉ. अश्वनी चौधरी (एसोसिएट प्रोफेसर) और न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉ. निनाद आनंद सावंत (एसोसिएट प्रोफेसर) तथा डॉ. सार्थक मेहता (असिस्टेंट प्रोफेसर) ने किया।

    सर्जरी में ईएनटी विभाग की टीम के साथ सहायक के रूप में डॉ. नैंसी गुप्ता, डॉ.श्वेता सिंह और डॉ. नंधिनी एस. प्रिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    संस्थान प्रशासन ने इस सर्जरी को उन्नत बहु-विभागीय चिकित्सा सहयोग (मल्टी-डिसिप्लिनरी अप्रोच) का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बताया और कहा कि इस तरह की जटिल सर्जरी मरीजों को उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

  • खबर का असर स्वास्थ्य विभाग ने प्राइवेट अस्पतालों का किया जांच

    खबर का असर स्वास्थ्य विभाग ने प्राइवेट अस्पतालों का किया जांच

    गोरखपुर ब्रेकिंग। खोराबार में प्राइवेट अस्पतालों पर कई डॉक्टरों के नाम चस्पा के बावजूद डॉक्टर नहीं रहते थे मौजूद।

    अस्पताल मानक के विपरीत संचालित होने की चली थी खबर।

    जग उठा स्वास्थ्य विभाग प्राइवेट अस्पतालों को दिया अल्टीमेटम।

    प्राइवेट अस्पतालों का मामला संज्ञान में आया था जांच की गई है जो कमी मिली है उसके लिए अस्पताल संचालकों को स्वास्थ्य विभाग ने अल्टीमेटम दिया है।

  • टिटेनस, डिप्थीरिया से बचाव के लिए लगवाएं टीका:डा अमरेंद्र

    टिटेनस, डिप्थीरिया से बचाव के लिए लगवाएं टीका:डा अमरेंद्र

    गोला। टिटेनस एवं डिप्थीरिया एक जानलेवा एवं संक्रमित बीमारी है, इसके बचाव के लिए पांच साल,10 साल एवं 16 साल की उम्र के बच्चों को टीडी का टीका लगाया जाना है। इसके लिए मंगलवार से टीकाकरण अभियान शुरू किया जा रहा है, जो 31 अगस्त तक चलेगा।

    अभियान का शुभारंभ अधीक्षक डा अमरेंद्र ठाकुर ने किया।उन्होने बताया कि सीएससी गोला में पिछली बार के टीडी वैक्सीन से छूटे बच्चो को प्रतिरक्षित करने के लिए क्षेत्र के विद्यालयों पर सत्र का आयोजन कर कक्षा 05 व 10 के बच्चो को प्रतिरक्षित किया गया।जो किशोर-किशोरियो में होने वाली बीमारी टिटनेस,गलाघोंटू की रोकथाम करता है।

    इस अवसर पर वैक्सीनेशन टीम की सदस्य बबिता राय,निशा राय, एफएम राकेश यादव,बीसीपीएम पूनम मौर्या,मनोज श्रीवास्तव आदि ने बच्चों को टीका लगाया।

  • विश्व स्तनपान दिवस: निकाली गई जागरूकता रैली,मां के दूध को बताया अमृत

    विश्व स्तनपान दिवस: निकाली गई जागरूकता रैली,मां के दूध को बताया अमृत

    गोला। विश्व स्तनपान दिवस पर माताओं को स्तनपान कराने के प्रति प्रेरित करने के लिए मंगलवार को गोला ब्लाक सब सेंटर गोपालपुर में एक जागरूकता रैली निकाली गयी।

    रैली में बीपीएम अविनेश दूबे(प्रोगेसिव फाउंडेशन एसआर सीएन एआईआईएमएस गोरखपुर) ने सबको शपथ दिलाई और नवप्रसूता को स्तनपान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि छ: माह तक केवल अपना दूध ही बच्चे को पिलाये तथा साथ ही उनको ये भी अवगत कराया गया कि शिशु के जन्म के 1 घंटे के अंदर मां का पीला गाढ़ा दूध शिशु के लिए वरदान होता है।उन्होने कहा 6 माह तक बच्चों को केवल सतत् स्तनपान जरूरी है। मां को सही पोजीशन,जुड़ाव के लिए जरूर जागरूक करे। हर 2 घंटे के अंतराल पर स्तनपान जरूरी है।
    इस दौरान सीएचओ नीलम यादव,एएनएम किरन देवी,आशा संगनी ममता गुप्ता और आशा कार्यकत्री तथा आंगनबाड़ी उपस्थिति रही।