अयोध्या के सुजागंज क्षेत्र में रविवार को फिल्म “कारसेवक” की शूटिंग का शुभारंभ हुआ। यह फिल्म 1990 में अयोध्या में हुए गोलीकांड की ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित है, जिसने भारत के सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक परिदृश्य के साथ – साथ आम भारतीय जनमानस की विचारधारा को भी गहराई के साथ प्रभावित किया था। फिल्म का निर्माण राधे मोहन फिल्म्स के बैनर तले किया जा रहा है।
फिल्म का निर्देशन अखिलेश कुमार उपाध्याय कर रहे हैं, जबकि इस फिल्म से अशोक कसौधन (पूर्व चेयरमैन) फिल्म के कार्यकारी निर्माता (Executive Producer) के रूप में जुड़े हैं।
फ़िल्म के निर्माण व रचनात्मक कार्यों को सशक्त और प्रभावशाली बनाने के लिए भूषण दुबे को प्रोडक्शन का क्रियेटिव हेड नियुक्त किया गया है
शूटिंग के पहले दिन स्वर्गीय शहीद रामलाल गुप्ता के पुत्र संजय गुप्ता, संतोष दुबे, रविशंकर पांडे सहित बहुत से स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सभी ने शहीद कारसेवकों को पुष्पांजलि अर्पित कर फिल्म टीम की टीम की सफलता की कामना की।
निर्देशक अखिलेश उपाध्याय ने कहा “‘कारसेवक’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि 1990 के उस दौर की सच्चाई और संघर्ष का जीवंत चित्रण है, जिसने इतिहास को बदल दिया। हमारा उद्देश्य है कि दर्शक उस समय के भावनात्मक और मानवीय संघर्ष को गहराई से महसूस कर सकें।”
फ़िल्म के निर्माता आदित्य नागर ने कहा: ‘कारसेवक’ केवल एक फ़िल्म नहीं, बल्कि उन वीरों की स्मृति और सत्य का दस्तावेज़ है, जिन्होंने राष्ट्र और आस्था की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।”
फिल्म 1990 के अयोध्या आंदोलन के दौरान हुई गोलीबारी, धार्मिक चेतना, जन-आन्दोलन और शहीद कारसेवकों के बलिदान को केन्द्रित करती है।
फिल्म निर्माताओं के अनुसार यह फिल्म उन शहीदों और उनके परिवारों को समर्पित है, जिन्होंने अपने विश्वास के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
इस फिल्म के नवंबर 2026 में रिलीज होने की संभावना है।