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  • अलमारी का ताला खोलकर सोने के जेवरों और नगदी की चोरी करने वाले चार अभियुक्तों को एम्स पुलिस ने किया गिरफ्तार

    अलमारी का ताला खोलकर सोने के जेवरों और नगदी की चोरी करने वाले चार अभियुक्तों को एम्स पुलिस ने किया गिरफ्तार

    संवाददाता: सूर्य प्रकाश ओझा

    गोरखपुर। एम्स थाना क्षेत्र में विगत 3 मई को 3 बाइक पर सवार अज्ञात व्यक्तियों द्वारा घर में घुसकर अलमारी का ताला तोड़कर उसमें रखे आभूषण के साथ ही लाखो रुपये नगदी चोरी करने की घटना को अंजाम दिया गया था।पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर अभियुक्त अनुराग राय,राज राय,विश्व बंधु और दीपक कुमार वर्मा को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर चोरी किए हुए हैं सोने के सामानों के साथ लाखो रुपये नगदी और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद किया है सोमवार दोपहर 1:00 बजे पुलिस लाइन के व्हाइट हाउस में प्रेस वार्ता कर एसपी सिटी ने मामले को लेकर जानकारी दी।

  • भारतीय जनता पार्टी के चर्चित कार्यकर्ता दीपक राय ने चौकी इंचार्ज के उत्पीड़न की वजह से दिया इस्तीफा भाजपा खेमे में मलिक मची खलबली

    भारतीय जनता पार्टी के चर्चित कार्यकर्ता दीपक राय ने चौकी इंचार्ज के उत्पीड़न की वजह से दिया इस्तीफा भाजपा खेमे में मलिक मची खलबली

    आईये दिखाते हैं दीपक राय ने अपने प्रार्थना पत्र में भारतीय जनता पार्टी को क्या लिखा है,

    श्रीमान् प्रदेश अध्यक्ष महोदय, भाजपा, उ०प्र० ।

    विषयः चौकी इन्चार्ज के दुर्व्यवहार से आहत होकर भाजपा से इस्तीफा देने के सम्बन्ध मे।

    महोदय,

    निवेदन है कि मैं दिपक राय पुत्र कृष्ण मुरारी राय व अन्य सैकड़ो कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा के सभी जिम्मेदारियों से लिखित इस्तीफा देकर अवमुक्त होना चाहता हूँ। साथ ही साथ आपकी इस सन्दर्भ में आपत्ति से अवगत करना चाहता हूँ। एक छोटे से मामले को लेकर मुझे एवं गेरे लोगों को चौकी इन्चार्ज कौड़ी राम के द्वारा व्यक्तिगत प्रताड़ित किया गया। जो कि मेरे पिता जी भाजपा को पैतिस सालों से निष्ठावन सक्रिय कार्यकर्ता के रूप मे भाजपा को मजबूत करने का काम किया। मैं भी पन्द्रह साल के उम्र से ही भाजपा को मजबूत करने का कार्य किया है।

    अतः आप श्रीमान् जी से निवेदन है कि मेरे इस्तीफा को स्वीकार करने की कृपा करें।
    इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के जिला कमेटी में खलबली सी मच गई है और इस पर आगे क्या कार्रवाई होती है अब लोगों की नजर बनी रहेगी।

  • गोरखपुर की बेटी निहारिका को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का स्नेहिल आशीर्वाद

    गोरखपुर की बेटी निहारिका को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का स्नेहिल आशीर्वाद

    “गोरखपुर की बेटी निहारिका को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का स्नेहिल आशीर्वाद – प्रतिभा, परिश्रम और प्रेरणा की अद्वितीय मिसाल”,

    गोरखपुर। भारत के गौरवशाली भविष्य की आधारशिला रखने वाले इंडिया इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर ( आईआईएसी ) के भव्य कोलोकियम में एक ऐतिहासिक क्षण तब साकार हुआ जब देश के उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने गोरखपुर की प्रतिभाशाली बेटी निहारिका से हाथ मिलाया और उनकी उपलब्धियों की सराहना की। यह केवल एक साधारण भेंट नहीं थी, बल्कि यह भारत के युवा प्रतिभाओं के सम्मान और स्वीकृति का एक गौरवशाली प्रतीक था। इस महत्वपूर्ण अवसर पर आईआईएसी के चेयरमैन, सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश हेमंत गुप्ता भी मंच पर उपस्थित थे, जिन्होंने देश में आर्बिट्रेशन और वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली को नई दिशा देने पर विचार साझा किए।

    “निहारिका: संकल्प, साधना और सफलता की त्रिवेणी”

    गोरखपुर की पावन धरा, जो साहित्य, शिक्षा, संस्कृति और अध्यात्म की अमूल्य धरोहर रही है, ने निहारिका जैसी मेधावी संतान को जन्म दिया, जिसने अपनी लगन, परिश्रम और ज्ञान के बल पर न केवल अपने परिवार और नगर बल्कि संपूर्ण देश का नाम रोशन किया है।

    गोरखपुर के प्रतिष्ठित कार्मल गर्ल्स इंटर कॉलेज से अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के उपरांत, निहारिका ने अपनी अद्भुत मेधा और प्रखर बुद्धि के बल पर बीटेक (सिविल) की उपाधि जेएसएस नोएडा से प्राप्त की। सिविल इंजीनियरिंग, जो किसी भी राष्ट्र की अधोसंरचना और प्रगति की नींव होती है, उसमें उत्कृष्टता हासिल करना यह सिद्ध करता है कि निहारिका न केवल तकनीकी दक्षता में निपुण हैं, बल्कि उनके भीतर राष्ट्र निर्माण की भावना भी समाहित है। उनकी सोच, उनके विचार और उनके कार्य, समाज के विकास और प्रगति के प्रति उनकी गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

    “माता-पिता: निहारिका की सफलता के प्रेरणा स्तंभ”

    किसी भी व्यक्ति की सफलता के पीछे उसकी पारिवारिक पृष्ठभूमि और उसके अभिभावकों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। निहारिका अपनी इस उपलब्धि का संपूर्ण श्रेय अपने माता-पिता को देती हैं। उनके पिता, वरिष्ठ पत्रकार श्री पीपीएन उपाध्याय जी और माता श्रीमती सीमा उपाध्याय जी, उनके लिए केवल माता-पिता नहीं, बल्कि जीवन के मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत भी हैं।

    श्री पीपीएन उपाध्याय जी, जिन्होंने पत्रकारिता जगत में निष्पक्षता, सत्यनिष्ठा और निर्भीकता के नए प्रतिमान स्थापित किए, उनके विचारों और सिद्धांतों ने निहारिका को न्याय और कर्तव्यपरायणता का पाठ पढ़ाया। वहीं, उनकी माता श्रीमती सीमा उपाध्याय जी ने उन्हें संस्कार, आत्मविश्वास और धैर्य का पाठ पढ़ाकर एक सशक्त और आत्मनिर्भर व्यक्तित्व प्रदान किया। माता-पिता के आशीर्वाद और शिक्षाओं का ही परिणाम है कि निहारिका आज देश के शीर्ष मंचों पर अपनी पहचान बना रही हैं।

    “गोरखपुर: एक ऐतिहासिक नगर, जो मेधा और मेधा-सृजन का केंद्र है”

    गोरखपुर केवल एक नगर नहीं, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, साहित्य, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण की संजीवनी भूमि है। यह वही भूमि है जिसने महात्मा बुद्ध को ज्ञान दिया, गोरखनाथ को तपस्या का स्थान दिया, फिराक गोरखपुरी को साहित्य में विशिष्ट पहचान दी और अनगिनत शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, समाजसेवियों और पत्रकारों को जन्म दिया।

    इस पुण्यभूमि की माटी में जन्मी निहारिका ने यह सिद्ध कर दिया कि अगर संकल्प अडिग हो और मार्गदर्शन सही हो, तो भारत के छोटे शहरों के युवा भी विश्व मंच पर अपनी चमक बिखेर सकते हैं। उपराष्ट्रपति द्वारा निहारिका से की गई भेंट इस बात का प्रमाण है कि देश की युवा शक्ति अब केवल परिधि में सीमित नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहरा रही है।

    “गौरवमयी क्षण: जब उपराष्ट्रपति ने निहारिका को सराहा”

    यह क्षण केवल निहारिका के लिए ही नहीं, बल्कि गोरखपुर और संपूर्ण उत्तर प्रदेश के लिए गौरवशाली था, जब देश के उपराष्ट्रपति ने उनके कार्यों को मान्यता दी। इस भेंट ने यह सिद्ध कर दिया कि प्रतिभा किसी क्षेत्र, परिवार, वर्ग या परिस्थिति की मोहताज नहीं होती। जिनमें आत्मविश्वास, मेहनत और ईमानदारी होती है, वे अपनी पहचान स्वयं बना लेते हैं।

    “निहारिका का भविष्य: संभावनाओं का असीम विस्तार”

    यह उपलब्धि निहारिका के लिए मात्र एक पड़ाव नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत है। उनके ज्ञान, दृष्टिकोण और नवोन्मेषी सोच ने यह सिद्ध कर दिया कि वे आने वाले समय में राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूर्ण रूप से सक्षम हैं। तकनीकी दक्षता के साथ-साथ उनकी नेतृत्व क्षमता और विचारशीलता उन्हें वैश्विक स्तर पर भी प्रतिष्ठा दिलाएगी।

    “युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत”

    निहारिका की यह सफलता संपूर्ण गोरखपुर के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। यह संदेश देती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मार्गदर्शन सही मिले, तो कोई भी कठिनाई सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती। उनकी यह उपलब्धि यह दर्शाती है कि सच्ची लगन और आत्मविश्वास के साथ कोई भी व्यक्ति असाधारण ऊँचाइयों तक पहुँच सकता है।

    “निहारिका को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ”

    निहारिका की यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि एक संकेत है भारत की नारी शक्ति के उत्थान का, एक प्रतीक है भारतीय युवाओं की सृजनात्मक क्षमता का और एक प्रेरणा है उन सभी के लिए, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए तत्पर हैं।

    “शिक्षा, संकल्प और श्रम के समन्वय से आगे बढ़ती निहारिका सफलता के नित नए शिखरों को स्पर्श करें – यही मंगलकामनाएँ !”

  • बिजली विभाग की दीवार गिरने से बड़ा हादसा, 5 घायल, एक की हालत गंभीर

    बिजली विभाग की दीवार गिरने से बड़ा हादसा, 5 घायल, एक की हालत गंभीर

    बिजली विभाग की दीवार गिरने से बड़ा हादसा, 5 घायल, एक की हालत गंभीर,

    गोरखपुर के नॉर्मल इलाके में शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। बिजली विभाग की दीवार गिरने से वहां काम कर रहे 5 लोग घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    नाली खुदाई के दौरान हुआ हादसा,
    जानकारी के अनुसार, नाली निर्माण के लिए मजदूर खुदाई का काम कर रहे थे। इस दौरान बिजली विभाग की पुरानी और जर्जर दीवार अचानक गिर गई। दीवार के मलबे में कई मजदूर दब गए।

    पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया,
    सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला। सभी घायलों को तत्काल सादर अस्पताल भेजा गया, जहां एक की हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।

    जांच जारी,
    पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मौके का निरीक्षण किया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दीवार बेहद कमजोर थी और समय पर मरम्मत न होने के कारण यह हादसा हुआ।

    इस घटना ने इलाके में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने घटनास्थल पर सुरक्षा के उपाय बढ़ाने और हादसे की पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश दिए हैं।

  • जिला अस्पताल में हादसे की खौफनाक कहानी, पत्नी का दर्द और ट्रैजेडी

    जिला अस्पताल में हादसे की खौफनाक कहानी, पत्नी का दर्द और ट्रैजेडी

     

    जिला अस्पताल की इमरजेंसी में इलाज के दौरान होश में आते ही निकिता ने अपने पति विक्रांत और बच्चों के बारे में पूछा। दर्द से कराहती निकिता को झूठ बोलकर दिलासा दिया गया। उसके बगल में पति की लाश स्ट्रेचर पर पड़ी थी, लेकिन निकिता को यह नहीं बताया गया कि वह विक्रांत है।

    विक्रांत के पिता ने बताया कि घर पहुंचने से थोड़ी देर पहले ही उनकी बात हुई थी, जिसमें विक्रांत ने कहा कि वह घर के करीब है और मोबाइल पर बात नहीं कर सकेगा। किसी को नहीं पता था कि अगले ही पल मौत उसका इंतजार कर रही थी।
    निकिता को इस हादसे के बाद बेहोशी का सामना करना पड़ा। यह उसकी और विक्रांत की आखिरी रात थी, जिसमें दोनों ने मायके के कार्यक्रम में डांस किया था। निकिता के लिए यह खबर एक बड़ा झटका साबित हुई।

  • भीषण सड़क हादसे में 5 की मौत, 3 गंभीर घायल

    भीषण सड़क हादसे में 5 की मौत, 3 गंभीर घायल

     

    गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र में मोहद्दीपुर नहर पुल के पास मंगलवार रात भीषण सड़क हादसे में 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। तीन बाइकों की आपस में हुई जोरदार टक्कर में 3 पुरुष और 2 बच्चों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि 3 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हादसा उस समय हुआ जब मृतक एक मांगलिक कार्यक्रम से वापस लौट रहे थे। घायलों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

    प्रारंभिक जांच में बताया गया कि तीनों बाइक सवार तेज रफ्तार में थे, जिसके कारण यह हादसा हुआ। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। वहीं, मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है।