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  • तीन उद्यमियों-समाजसेवियों को सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि

    तीन उद्यमियों-समाजसेवियों को सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि

    “ओमप्रकाश जालान, बालकृष्ण सराफ और दर्शन देवी के चित्रों पर मुख्यमंत्री ने अर्पित किए संवेदना के पुष्प”

    “गोरक्षपीठ के प्रति अगाध आस्थावान थे तीनों दिवंगतजन, परिजनों को सीएम ने बढ़ाया ढांढस”

    गोरखपुर, 10 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गोरखपुर के तीन उद्यमियों-समाजसेवियों ओमप्रकाश जालान, बालकृष्ण सराफ और दर्शन देवी के घर जाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने गोरक्षपीठ के प्रति अगाध आस्था रखने वाले तीनों दिवंगतजन की उद्यमिता, कारोबार, समाजसेवा और सांस्कृतिक जागरण में योगदान को याद किया और शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया।

    मुख्यमंत्री सबसे पहले जंगल नकहा नंबर दो स्थित ओमप्रकाश जालान के आवास पर जाकर पहुंचे। पूर्वांचल के प्रतिष्ठित उद्योगपति और समाजसेवी रहे ओमप्रकाश जालान का 8 जुलाई को निधन हो गया था। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय जालान के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और शिवावतार महायोगी गोरखनाथ जी से उनकी आत्मा को चिर शांति प्रदान करने की प्रार्थना की। उन्होंने स्वर्गीय जालान की पत्नी पूनम जालान, पुत्रों अनुज जालान, तनुज जालान व अन्य परिजनों से भी मुलाकात की। आत्मीयता से बातचीत कर उन्हें ढांढस बंधाया।

    इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोलघर के गांधी गली स्थित बालकृष्ण सराफ के घर आए। कारोबारी, समाजसेवी और राम मंदिर आंदोलन के समर्पित कार्यकर्ता रहे बालकृष्ण सराफ का 4 जुलाई को निधन हो गया था। सीएम योगी ने स्वर्गीय सराफ के चित्र पर पुष्प चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने स्मृतिशेष सराफ के पुत्रों अतुल सराफ, अनूप सराफ और अन्य परिजनों से आत्मीयतापूर्ण संवाद किया और उन्हें ढांढस बंधाया।

    शोक संवेदना व्यक्त करने के क्रम में सीएम योगी गीता प्रेस के ट्रस्टी देवीदयाल अग्रवाल के हरिओम नगर स्थित आवास पर भी गए। उन्होंने 8 जुलाई को गोलोकवासी हुईं देवीदयाल की माता दर्शन देवी पत्नी स्वर्गीय बैजनाथ अग्रवाल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय दर्शन देवी के पुत्रों दीनदयाल अग्रवाल, देवीदयाल अग्रवाल, माधव प्रसाद अग्रवाल, राधेश्याम अग्रवाल, हरि अग्रवाल और अन्य परिजनों से बातचीत कर अपनी संवेदना व्यक्त की तथा उन्हें ढांढस बंधाया।

  • वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग को लेकर गोरखपुर में निकली गई पदयात्रा

    वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग को लेकर गोरखपुर में निकली गई पदयात्रा

    गोरखपुर। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग को लेकर विश्व हिंदू रक्षा परिषद के बैनर तले एक विशाल पदयात्रा निकाली गई। इस पदयात्रा का नेतृत्व संगठन के जिला अध्यक्ष अभिषेक राय ने किया। यह यात्रा गोरखपुर विश्वविद्यालय के सामने स्थित पंत पार्क से शुरू होकर छात्रसंघ चौराहे तक गई, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

    अभिषेक राय ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “वीर सावरकर ने हिंदू राष्ट्र की संकल्पना वर्षों पहले प्रस्तुत की थी। अब पूरे देश में इस विचारधारा को मजबूती मिल रही है और वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग तेज हो रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र की मोदी सरकार सावरकर को पूरा सम्मान दे रही है और जल्द ही उन्हें भारत रत्न दिए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।

    इस पदयात्रा में सूरज जायसवाल (जिला उपाध्यक्ष), सतीश कुमार (जिला सचिव), अमित कुमार, शिवम कुमार (जिला अध्यक्ष, युवा मोर्चा), सियाराम सैनी (जिला महासचिव), नीलम देवी (जिला अध्यक्ष, महिला मोर्चा) समेत बड़ी संख्या में संगठन के पुरुष और महिला कार्यकर्ता शामिल रहे।

    इस यात्रा में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने वीर सावरकर के सम्मान में नारे लगाए और सरकार से जल्द से जल्द उन्हें भारत रत्न देने की मांग की। पूरे कार्यक्रम के दौरान हिंदू राष्ट्र की विचारधारा को लेकर भी जोरदार चर्चा हुई।

    यह पदयात्रा क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही और इसे लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब देखना यह होगा कि केंद्र सरकार इस मांग पर क्या प्रतिक्रिया देती है।

     

  • महाशिवरात्रि पर गोरखपुर से सीएम ने की मॉनीटरिंग, तड़के 4 बजे से ही कंट्रोल रूम में डटे

    महाशिवरात्रि पर गोरखपुर से सीएम ने की मॉनीटरिंग, तड़के 4 बजे से ही कंट्रोल रूम में डटे

    महाशिवरात्रि पर गोरखपुर से सीएम ने की मॉनीटरिंग, तड़के   4 बजे से ही कंट्रोल रूम में डटे,

    महाकुम्भ के अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर भी सीएम योगी सुबह से रहे एक्टिव,

    गोरखनाथ मंदिर स्थित कंट्रोल रूम से प्रयागराज में चल रहे पुण्य स्नान की मॉनीटरिंग,

    भारी संख्या में संगम तटों पर पहुंच रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था पर रहा विशेष ध्यान,

    सीएम ने टीवी पर लाइव देखीं व्यवस्थाएं, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश,

    महाकुम्भ नगर/गोरखपुर, 26 फरवरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाकुम्भ के अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भी सुबह से ही एक्टिव नजर आए। बीते सभी अमृत स्नान और स्नान पर्व की तरह मुख्यमंत्री जी सुबह तड़के 4 बजे से ही व्यवस्थाओं को देखने के लिए कंट्रोल रूम पहुंच गए। गोरखपुर प्रवास के चलते उनके लिए गोरखनाथ मंदिर में ही कंट्रोल रूम स्थापित किया गया, जहां वह स्नान पर्व पर पल-पल की मॉनीटरिंग करते नजर आए। टीवी पर उन्होंने श्रद्धालुओं के स्नान की एक-एक फीड को लाइव देखा और कंट्रोल रूम से ही आला अधिकारियों को निर्देशित किया। सीएम योगी के निर्देश पर समस्त आला अधिकारी भी मुस्तैद नजर आए और सुबह से ही उन्होंने भी मोर्चा संभाल लिया। इससे पूर्व सीएम योगी ने बसंत पंचमी और माघ पूर्णिमा अमृत स्नान के अवसर पर भी प्रातः से वॉर रूम में अधिकारियों के साथ बैठक की थी और मॉनिटरिंग करते रहे थे।

    कंट्रोल रूम में मुख्यमंत्री की सक्रिय निगरानी

    महाशिवरात्रि अमृत स्नान के साथ ही बुधवार को महाकुम्भ 2025 का समापन होना है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने महाशिवरात्रि स्नान पर्व के इस महत्वपूर्ण आयोजन की सुरक्षा और व्यवस्था के संदर्भ में पूरी स्थिति का जायजा लिया। गोरखपुर में वह सुबह से ही गोरखनाथ मंदिर स्थित कंट्रोल रूम में पहुंच गए और टीवी पर स्नान पर्व की लाइव फीड पर मॉनीटरिंग करते रहे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि स्नान के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कोई भी असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं। वह टीवी पर महाकुम्भ नगर समेत समस्त प्रयागराज में श्रद्धालुओं की भीड़, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और सुविधाओं की लाइव फीड देखते रहे।

    अधिकारियों को दिए निर्देश

    योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे समस्त घाटों पर पूरी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें और श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक इंतजाम करें। साथ ही, उन्होंने आस्था के इस महान पर्व पर प्रशासन की तत्परता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित किया, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं को बिना किसी समस्या के त्रिवेणी संगम में स्नान का लाभ मिल सके।