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वाराणसी में 24 गैर-मान्यता प्राप्त स्कूल बंद, बच्चों को अन्य स्कूलों में समायोजित करने की तैयारी
वाराणसी। शिक्षा विभाग ने कड़ा कदम उठाते हुए 24 निजी स्कूलों को बंद कर दिया है, जो बिना मान्यता के वर्षों से संचालित हो रहे थे। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) भोलेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में हुई जांच के बाद इन स्कूलों पर ताला लगा दिया गया। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने बच्चों का दाखिला मान्यता प्राप्त स्कूलों में कराएं, ताकि उनकी पढ़ाई पर कोई असर न पड़े।
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द्वापर युग की तस्वीर, कलयुग में फिर से जीवित हुई
यह कोई कंस की जेल में जन्मा देवकी-नंदन नहीं है…
यह प्रयागराज की गलियों में जन्मा एक आम शिशु है, जिसे उसके माता-पिता जलमग्न सड़कों से हाथों में उठाकर बचा रहे हैं।बाढ़ की तबाही के बीच यह दृश्य किसी काल्पनिक कथा-सा नहीं, बल्कि हकीकत है। प्रयागराज की सड़कों पर पानी इस कदर भर चुका है कि घर, मंदिर, बाजार सब पानी में डूबे हैं।
और इस सबके बीच, एक मजबूर माँ-बाप अपनी संतान को यूँ उठाए ले जा रहे हैं जैसे यमुना पार कराते वासुदेव — लेकिन ये नंदन किसी शाही वंश का नहीं, बल्कि आम इंसान की गोद में पल रहा है।गंगा मैया का उफान मानो चेतावनी दे रहा हो “स्मार्ट सिटी के दावों से ऊपर, प्रकृति की शक्ति अब भी सर्वोच्च है।”
यह प्रयागराज है , वो धरती जो कभी संगम, साधना और संस्कृति की प्रतीक थी, आज जल-प्रलय का मैदान बन गई है। और द्वारका की तरह… यहाँ की ‘स्मार्ट सिटी’ योजनाएं, जल के नीचे कहीं खोती-सी महसूस हो रही हैं।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुजफ्फरनगर के डीएम, एसएसपी को 7 जुलाई को तलब किया
बिग ब्रेकिंग प्रयागराज: गैंगस्टर एक्ट के दुरूपयोग से नाराज हाईकोर्ट , मुज़्ज़फ़्फ़रनगर SSP, DM व्यक्तिगत तलब,
“थाना प्रभारी खालापार भी व्यक्तिगत तलब, SHO खालापार से भी नाराज हाईकोर्ट, 7 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से होना होगा हाजिर, डीएम व एसएसपी होंगे हाजिर”
इलाहाबाद हाईकोर्ट की तल्ख़ टिप्पणी; “यह कृत्य पुलिस स्टेशन खालापार, जिला मुजफ्फरनगर के एसएचओ की मनमानी को दर्शाता है, बल्कि एसएसपी, मुजफ्फरनगर के साथ-साथ जिला मजिस्ट्रेट, मुजफ्फरनगर की ओर से भी घोर लापरवाही दर्शाता है, जिन्हें यू.पी. गैंगस्टर्स और असामाजिक क्रियाकलाप (रोकथाम) नियम, 2021 के नियम 5(3)(ए) के तहत संयुक्त बैठक आयोजित करने के समय अपने दिमाग का प्रयोग करने की आवश्यकता होती है।”
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कैश कांड में घिरे जस्टिस यशवंत वर्मा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में शपथ ली, दिल्ली हाईकोर्ट से हुआ था तबादला
प्रयागराज। कैश कांड में घिरे जस्टिस यशवंत वर्मा ने आज शनिवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में शपथ ली।पिछले हफ्ते ही केंद्र सरकार ने जस्टिस यशवंत वर्मा का दिल्ली हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट तबादला किया था।इलाहाबाद हाईकोर्ट की ऑफिसियल वेबसाइट पर भी जस्टिस यशवंत वर्मा का नाम सातवें नम्बर पर अपलोड किया गया। इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में एक जनहित याचिका दायर कर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को जस्टिस यशवंत वर्मा को शपथ दिलाने से रोकने का निर्देश देने की अपील की गई थी।
*नोटों के बंडल में आग*
दिल्ली हाईकोर्ट में तैनाती के दौरान 14 मार्च को लगभग 11.35 बजे जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास में आग लगने की घटना हुई थी।आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने पहुंची।आरोपों के मुताबिक उनके आवास में नोटों से भरी अधजली बोरियां पाई गईं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में जांच के लिए एक आंतरिक समिति का गठन किया था। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना के निर्देश के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने जस्टिस यशवंत वर्मा को सौंपे गए सभी न्यायिक कार्य वापस ले लिए।
*आंतरिक जांच*
चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने 22 मार्च को जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ आरोपों की आंतरिक जांच करने के लिए तीन-सदस्यीय समिति गठित की और इस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय की जांच रिपोर्ट वेबसाइट पर अपलोड करने का फैसला किया। इसमें कथित तौर पर भारी मात्रा में नकदी मिलने की तस्वीरें और वीडियो शामिल थे। जस्टिस वर्मा ने नकदी के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उनके या उनके परिवार के किसी भी सदस्य द्वारा स्टोररूम में कभी भी नकदी नहीं रखी गई। सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय समिति समिति में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शील नागू,हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और कर्नाटक उच्च न्यायालय की न्यायाधीश अनु शिवरामन शामिल हैं।सूत्रों के मुताबिक समिति के तीनों सदस्य जस्टिस यशवंत वर्मा के 30 तुगलक क्रीसेंट स्थित आधिकारिक आवास पहुंचे थे। तीनों न्यायाधीश लगभग 30-35 मिनट तक जस्टिस वर्मा के आधिकारिक आवास के अंदर रहे और निरीक्षण किया।
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महाकुम्भ के बाद अब संगम की रेती उगलेगी सोना, पांच लाख प्रतिमाह कमाई का अवसर
*मेले के बाद स्थानीय किसानों ने बड़े पैमाने पर शुरू की तरबूज, ककड़ी, खीरे और खरबूजे की खेती*
*सीएम योगी के निर्देश पर इस बार छोड़ा गया है रिकॉर्ड पानी, नहीं होने पाएगी सिंचाई की समस्या*
*वैज्ञानिक बोले- बलुई मिट्टी इस फसल के लिए सबसे मुफीद, जायद फसलों से हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार*
*बुवाई का काम शुरू, किसानों पर मेहरबान गंगा मैया भरेंगी झोली, वैज्ञानिक सिखा रहे अधिक उत्पादन की तकनीक*
*गंगा पार, यमुना पार, झूंसी, फाफामऊ और जसरा क्षेत्र में रोजगार अपार*
*महाकुम्भ में अर्थव्यवस्था को मिली मजबूती के बाद नए क्षेत्र में खुल रहे संभावनाओं के द्वार*
*खेती के साथ पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट और मार्केटिंग के भी नए अवसर खुल रहे हैं*
लखनऊ / प्रयागराज, 12 मार्च : प्रयागराज में महाकुम्भ के भव्य आयोजन के बाद अब संगम की रेती में नई संभावनाएं जन्म ले रही हैं। जहां करोड़ों श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई, वहीं अब यहां के किसान तरबूज, ककड़ी, खीरे और खरबूजे की फसल से अपनी तकदीर बदलने की तैयारी में हैं। बलुई मिट्टी और गंगा-यमुना के शुद्ध जल से इस क्षेत्र में जायद फसलों की बंपर पैदावार होने की उम्मीद है। खास बात यह है कि इस खेती से हजारों स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। सीएम योगी के निर्देश पर इस बार रिकॉर्ड पानी छोड़ा गया है। जिसकी वजह से सिंचाई की कोई समस्या नहीं होने पाएगी। वैज्ञानिकों के अनुसार बलुई मिट्टी इस फसल के लिए सबसे मुफीद है। महाकुम्भ में अर्थव्यवस्था को मिली मजबूती के बाद अब नए क्षेत्र में संभावनाओं के द्वार खुल गए हैं। बुवाई का काम अब शुरू हो चुका है और किसानों पर मेहरबान गंगा मैया उनकी झोली भरने के लिए तैयार हैं। प्रयागराज के वैज्ञानिक इन किसानों को अधिक उत्पादन की तकनीकें भी सीखा रहे हैं।
*गंगा-यमुना का वरदान : अब रेतीली मिट्टी उगलेगी सोना*
महाकुम्भ के बाद प्रयागराज के संगम तटों पर स्थानीय किसानों ने बड़े पैमाने पर खेती शुरू कर दी है। गंगा पार, यमुना पार, झूंसी, फाफामऊ और जसरा क्षेत्र में किसानों ने तरबूज, ककड़ी, खीरे और खरबूजे की बुवाई शुरू कर दी है। प्रयागराज के वैज्ञानिक ( उद्यान ) डॉक्टर हिमांशु सिंह के अनुसार यहां की बलुई मिट्टी इस तरह की फसलों के लिए सबसे उपयुक्त होती है। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस बार गंगा, यमुना में रिकॉर्ड मात्रा में पानी छोड़ा गया है। जिससे किसानों को सिंचाई की कोई समस्या नहीं होने पाएगी।
*हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार, लाखों की कमाई का अवसर*
जायद फसलों की खेती से न केवल किसानों को फायदा होगा, बल्कि हजारों स्थानीय युवाओं को भी रोजगार मिलेगा। इस फसल से किसान एक महीने में पांच लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं। डॉक्टर हिमांशु के अनुसार खेती के साथ-साथ पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट और मार्केटिंग के भी नए अवसर खुल रहे हैं। जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
*महाकुम्भ के बाद कृषि क्षेत्र में नए द्वार, संगम की रेती से समृद्धि की बनेगी नई कहानी*
महाकुम्भ ने प्रयागराज ही नहीं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। अब इस भूमि से कृषि की एक नई कहानी लिखी जा रही है। संगम तट पर हजारों किसानों ने उम्मीदों की फसल बोई है। जो आने वाले महीनों में उनकी झोली खुशियों से भरने वाली है। इस खेती के लिए बाकायदा किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र प्रयागराज द्वितीय के वैज्ञानिक डॉक्टर अनुराग सिंह विशेष रूप से प्रशिक्षण भी दे रहे हैं।
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प्रयागराज महाकुंभ मेला क्षेत्र में लगी भीषण आग
प्रयागराज महाकुंभ मेला क्षेत्र में आग लगने की खबर सामने आई है, यह आग इतनी भीषण है कि दूर से ही आग का गुबार दिखाई दे रहा था. वहीं आग बुझाने के लिए दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं और आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं. वहीं इस आग की वजह से कुंभ आस-पास के टेंट भी चपेट में आ गए हैं और टेंटों में रखे सिलेंडरों में धमाके भी हुए हैं. महाकुंभ क्षेत्र में लगी यह आग इतनी भीषण है कि इसमें 20 से 25 टेंट जल गए हैं. यह आग अखाड़े से आगे वाली सड़क पर लोहे के ब्रिज के नीचे लग गई है।






