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यूपी में अब नई बाइक और कार खरीदना होगा महंगा
कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
सब्सिडी की छूट 1000 करोड़ रुपये से अधिक है
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सूर्यगढ़ की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में विकसित होंगे तीन हेरिटेज होटल
*रोशन-उद-दौला, छतर मंजिल और चुनार फोर्ट के विकास के लिए हुआ एग्रीमेंट*
*पर्यटन विभाग ने गोल्डन ट्रायंगल फोर्ट एंड पैलेस प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन पर किया हस्ताक्षर*
*सीएम योगी के नेतृत्व में निरंतर उन्नति पथ पर अग्रसर है उत्तर प्रदेश का पर्यटन*
लखनऊ, 12 मार्च। राज्य की विरासत संपत्तियों को नया स्वरूप देने के साथ ही उसके पुराने वैभव को लौटाने और आय स्रोत को मजबूत करने का योगी सरकार का प्रयास आकार लेने लगा है। लखनऊ में स्थित रोशन-उद-दौला, छतर मंजिल और मीरजापुर जिले में चुनार फोर्ट के विकास के लिए बुधवार को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुआ। यह एग्रीमेंट पर्यटन विभाग और गोल्डन ट्रायंगल फोर्ट एंड पैलेस प्राइवेट लिमिटेड के साथ हुआ है। तीनों विरासत संपत्तियों को सूर्यगढ़ जैसलमेर की तर्ज पर हेरिटेज होटल की रूप में विकसित किया जाएगा। गौरतलब है कि सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का पर्यटन निरंतर उन्नति पथ पर अग्रसर है।
योगी सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उक्त तीनों प्रापर्टी को गोल्डेन ट्रायंगल, राजस्थान को पीपीपी मोड पर विकसित करने के लिए दिया गया है। गोल्डन ट्रायंगल फोर्ट एंड पैलेस की आतिथ्य इकाई ब्रांड सूर्यागढ़ कलेक्शन, जो जैसलमेर में सूर्यागढ़, बीकानेर में नरेंद्र भवन और बिनसर में मैरी बुडेन एस्टेट का संचालन करती है, अब इन विरासत स्थलों की रूपरेखा तैयार करने, विकसित करने और प्रबंधन का कार्य करेगी। विशेष बात यह कि प्रापर्टी को उसके पुराने स्वरूप में रखते हुए विकास किया जाएगा। पुनरुद्धार का तरीका इतिहास और लोककथाओं की रिसर्च से निकलेगा, जिस पर कल्पना की परत जोड़ी जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में उन सामग्रियों का इस्तेमाल किया जाएगा, जो मूल निर्माण के वक्त इस्तेमाल हुई थीं, लेकिन उन्हें आज के इनोवेशन के साथ अपनाया जाएगा।
विभाग की इस पहल से उत्तर प्रदेश में विरासत पर्यटन के साथ-साथ डेस्टिनेशन वेडिंग बढ़ेंगे। प्रापर्टी के विकास और संचालन में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाएगा। इसके साथ ही ओडीओपी प्रोडक्ट को प्रमोट किया जाएगा। स्थानीय परंपराओं, पाक-कला, उत्सवों और शिल्प को बढ़ावा देने वाले अनुभव विकसित किए जाएंगे। विरासत संपत्तियों के नजदीक स्थित एक-एक गांव को गोद लेकर वहां का विकास किया जाएगा।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में किले, राजमहल और कोठियां हैं। विभाग का प्रयास इन्हें उपयोगी बनाकर पर्यटकों को आकर्षित करना है। पर्यटन विभाग ‘विकास भी, विरासत भी’ के मूलमंत्र को आगे बढ़ा रहा है। अब हेरिटेज टूरिज्म विकसित करने का हमारा प्रयास है। पीपीपी मॉडल के तहत आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश के हेरिटेज प्लेसेज, किले, हवेलियां, हॉन्टेड प्लेसेज, कोठी आदि धरोहरों को विकसित करने के लिए यूपी टूरिज्म की सुविधाजनक नीतियां हैं, जो विकास का आधार बनेगी। विभाग का लक्ष्य इन्हें उपयोगी बनाकर पर्यटकों को आकर्षित करना है।
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योगी सरकार की पहल, यूपी को फार्मा हब बनाने के लिए चंडीगढ़ में किया गया रोडशो
*सीआईआई के सहयोग से प्रदेश में फार्मा निवेश को बढ़ावा देने को यूपीसीडा ने चंडीगढ़ में किया रोड शो*
*ललितपुर में 1,472.33 एकड़ में बन रहा बल्क ड्रग फार्मा पार्क, उत्तर प्रदेश को फार्मा हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम*
*रोडशो में यूपीसीडा ने प्रस्तुत किए निवेश के अवसर, सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं पर दिया जोर*
*प्रमुख फार्मा कंपनियों के प्रतिनिधियों संग बैठक, निवेश और उद्योग की आवश्यकताओं पर की गई गहन चर्चा*
लखनऊ/चंडीगढ़, 12 मार्च। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) के संयुक्त तत्वावधान में चंडीगढ़ में “उत्तर प्रदेश के फार्मास्युटिकल परिदृश्य में निवेश के अवसर” थीम पर एक विशेष रोड शो आयोजित किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य फार्मास्युटिकल उद्योग के निवेशकों को उत्तर प्रदेश में व्यापार और निवेश के अनुकूल अवसरों से अवगत कराना था।
मालूम हो कि योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के तहत, ललितपुर जिले में 1,472.33 एकड़ में बल्क ड्रग फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना भारत को फार्मास्युटिकल क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और “दुनिया की फार्मेसी” के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
*यूपीसीडा ने किया निवेशकों को आमंत्रित*
यूपीसीडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मयूर माहेश्वरी ने उत्तर प्रदेश को एक प्रमुख औद्योगिक गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा, “उत्तर प्रदेश निवेशकों के लिए एक आकर्षक स्थान बन चुका है। सरकार उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।” उन्होंने आगे कहा कि राज्य में निवेशकों के लिए अनुकूल नीतियां, मजबूत औद्योगिक बुनियादी ढांचा और उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह रोडशो फार्मास्युटिकल उद्योग में निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
*प्रमुख फार्मा कंपनियों के प्रतिनिधियों संग बैठक*
इस कार्यक्रम में फार्मास्युटिकल उद्योग के प्रमुख निवेशकों और नीति निर्माताओं ने भाग लिया। वन-टू-वन बैठक में मैनकाइंड फार्मास्युटिकल्स, मोरपेन लैबोरेट्रीज, एलायंस फॉर्मुलेशन्स, हनुकेम लैबोरेट्रीज, प्राइमस फार्मास्युटिकल्स और पार्क फार्मास्युटिकल्स जैसी बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने निवेश और उद्योग की आवश्यकताओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार डॉ. जी.एन. सिंह भी इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए और उन्होंने सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों पर प्रकाश डाला।
*यूपी को फार्मा हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम*
यह रोडशो उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी फार्मास्युटिकल हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ठोस प्रयास है। उद्योग जगत के विशेषज्ञों और निवेशकों ने भी राज्य में फार्मा क्षेत्र में अपार संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब फार्मा निवेश के लिए एक पसंदीदा राज्य बनता जा रहा है और आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।

