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  • आज का पंचांग और राशिफल 22/12/2025 सोमवार

    आज का पंचांग और राशिफल 22/12/2025 सोमवार

    नेशनल डेस्क निष्पक्ष टुडे-:

    .*पं0 अंकित शुक्ल ( गर्गाचार्य )*
    *☎️7800602074☎️9044212874*

    दिनाँक:-22/12/2025,सोमवार*
    _पौष , शुक्ल पक्ष, द्वितीया,_

    तिथि — द्वितीया09:40am तक+तृतीया
    पक्ष: ——————- शुक्ल
    नक्षत्र ——- उत्तराषाढ़ा 28:40:22
    योग —————- ध्रुव 16:42:38
    करण ———– कौलव 10:51:11
    करण ————- तैतिल 23:34:22
    वार ——————— सोमवार
    माह ——————— पौष
    चन्द्र राशि ——- धनु 10:05:57
    चन्द्र राशि —————— मकर
    सूर्य राशि ——————- धनु
    ऋतु ——————— शिशिर
    आयन —————– उत्तरायण
    संवत्सर —————- कालयुक्त
    विक्रम संवत् ————— 2082
    कलि संवत् ————— 5126

    काशी
    सूर्योदय—————- 06:47:21
    सूर्यास्त—————– 17:13:33
    दिन काल————– 10:21:14
    रात्री काल————– 13:39:14
    चंद्रोदय—————- 08:56:43
    चंद्रास्त—————– 19:28:30

    लग्न—- धनु 6°14′ , 246°14′

    सूर्य नक्षत्र——————— मूल
    चन्द्र नक्षत्र—————उत्तराषाढा
    नक्षत्र पाया——————- रजत

    *🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

    भे—- उत्तराषाढा 10:05:57

    भो—- उत्तराषाढा 16:35:40

    जा—- उत्तराषाढा 23:04:10

    जी—- उत्तराषाढा 29:31:25

    *💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

    ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
    ============================
    सूर्य= धनु 06°49 , मूल 2 यो
    चन्द्र= धनु 28°30 , उoषाo 1 भे
    बुध = वृश्चिक 19°52 ‘ ज्येष्ठा 1 नो
    शु क्र= धनु 02°05, मूल , 1 ये
    मंगल= धनु 10°30 ‘ मूल. 4 भी
    गुरु= कर्क 28°50 पुनर्वसु, 3 हा
    शनि=मीन 01°13 ‘ पूo भा o , 4 दी
    राहू=(व) कुम्भ 18°32 शतभिषा, 4 सू
    केतु= (व) सिंह 18°32 पूoफाo 2 टा
    ============================

    *🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

    राहू काल 08:25 – 09:43 अशुभ
    यम घंटा 11:00 – 12:18 अशुभ
    गुली काल 13:36 – 14:53 अशुभ
    अभिजित 11:57 – 12:39 शुभ
    दूर मुहूर्त 12:39 – 13:20 अशुभ
    दूर मुहूर्त 14:43 – 15:24 अशुभ
    वर्ज्यम 12:16 – 13:59 अशुभ
    प्रदोष 17:29 – 20:15 शुभ

    💮चोघडिया, दिन

    अमृत 07:07 – 08:25 शुभ
    काल 08:25 09:43 अशुभ
    शुभ 09:43 – 11:00 शुभ
    रोग 11:00 – 12:18 अशुभ
    उद्वेग 12:18 – 13:36 अशुभ
    चर 13:36 14:53 शुभ
    लाभ 14:53 16:11 शुभ
    अमृत 16:11 17:29 शुभ

    🚩चोघडिया, रात

    चर 17:29 19:11 शुभ
    रोग 19:11 – 20:53 अशुभ
    काल 20:53 22:36 अशुभ
    लाभ 22:36 24:18* शुभ
    उद्वेग 24:18* – 26:01* अशुभ
    शुभ 26:01* – 27:43* शुभ
    अमृत 27:43* – 29:25* शुभ
    चर 29:25* – 31:08* शुभ

    💮होरा, दिन

    चन्द्र 07:07- 07:59
    शनि 07:59- 08:51
    बृहस्पति 08:51- 09:43
    मंगल 09:43- 10:34
    सूर्य 10:34 -11:26
    शुक्र 11:26- 12:18
    बुध 12:18 -13:10
    चन्द्र 13:10- 14:01
    शनि 14:01 -14:53
    बृहस्पति 14:53- 15:45
    मंगल 15:45- 16:37
    सूर्य 16:37 -17:29

    🚩होरा, रात

    शुक्र 17:29 -18:37
    बुध 18:37 -19:45
    चन्द्र 19:45- 20:53
    शनि 20:53- 22:02
    बृहस्पति 22:02- 23:10
    मंगल 23:10- 24:18
    सूर्य 24:18-25:26
    शुक्र 25:26 -26:35
    बुध 26:35-27:43
    चन्द्र 27:43-28:51
    शनि 28:51-29:59
    बृहस्पति 29:59-31:08

    *🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

    धनु > 06:44 से 08:46 तक
    मकर > 08:46 से 10:26 तक
    कुम्भ > 10:26 से 12:06 तक
    मीन > 12:06 से 13:30 तक
    मेष > 13:30 से 15:06 तक
    वृषभ > 15:06 से 17:00 तक
    मिथुन > 17:00 से 19:30 तक
    कर्क > 19:30 से 21:40 तक
    सिंह > 21:40 से 11:46 तक
    कन्या > 11:46 से 02:16 तक
    तुला > 02:16 से 04:18 तक
    वृश्चिक > 04:18 से 06:42 तक
    =======================

    *🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

    (लगभग-वास्तविक समय के समीप)
    दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
    जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
    कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
    लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
    कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

    *नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
    प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
    चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
    शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
    रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
    अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
    अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
    उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
    शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
    लाभ में व्यापार करें ।
    रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
    काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
    अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

    *💮दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व*
    परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
    इस मंत्र का उच्चारण करें-:
    *शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
    *भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

    *🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
    *यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
    *चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
    *दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
    *नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
    *नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

    2 + 2 + 1 = 5 ÷ 4 = 1 शेष
    पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

    *🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

    सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

    सूर्य ग्रह मुखहुति

    *💮 शिव वास एवं फल -:*

    2 + 2 + 5 = 9 ÷ 7 = 2 शेष

    गौरी सान्निधौ = शुभ कारक

    *🚩भद्रा वास एवं फल -:*

    *स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
    *मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

    *💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

    *खिचड़ी उत्सव प्रारंभ

    *सर्वार्थ सिद्धि योग 29:31

    *💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

    पत्रं नैव यदा करीरविटपे दोषो वसन्तस्य किं
    नोलूकोऽप्यवलोकते यदि दिवा सूर्यस्य किं दूषणं ।
    वर्षा नैव पतन्ति चातकमुखे मेघस्य किं दूषणं ।
    यत्पूर्व विधिना ललाटलिखितं तन्मार्जितुं कः क्षमः ।।
    ।।चाo नीo।।

    बसंत ऋतू क्या करेगी यदि बास पर पत्ते नहीं आते. सूर्य का क्या दोष यदि उल्लू दिन में देख नहीं सकता. बादलो का क्या दोष यदि बारिश की बूंदे चातक पक्षी की चोच में नहीं गिरती. उसे कोई कैसे बदल सकता है जो किसी के मूल में है.

    *🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

    गीता -: कर्मयोग अo-3

    ये मे मतमिदं नित्यमनुतिष्ठन्ति मानवाः।
    श्रद्धावन्तोऽनसूयन्तो मुच्यन्ते तेऽति कर्मभिः॥

    जो कोई मनुष्य दोषदृष्टि से रहित और श्रद्धायुक्त होकर मेरे इस मत का सदा अनुसरण करते हैं, वे भी सम्पूर्ण कर्मों से छूट जाते हैं
    ॥31॥

    *💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*

    देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
    नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
    विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
    जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

    🐏मेष
    आय में वृद्धि होगी। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। पुराने मित्र व संबंधी मिलेंगे। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। विरोध की संभावना, धनहानि, गृहस्‍थी में कलह, रोग से घिरने की संभावना, कुछ कार्यसिद्धि की संभावना। चिंताएं जन्म लेंगी। स्त्री पीड़ा, कुछ लाभ की आशा करें।

    🐂वृष
    स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। भागदौड़ रहेगी। भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। धनागम सुस्त रहेगा। कार्य के प्रति अनमनापन रहेगा। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। कुछ लाभ की संभावना। चिंताएं कुछ कम होंगी।

    👫मिथुन
    लेनदारी वसूल होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। शत्रु भय रहेगा। व्यापार-व्यवसाय में ग्राहकी अच्छी रहेगी। नौकरी में कार्य व्यवहार, ईमानदारी की प्रशंसा होगी। मशक्कत करने से लाभ होगा। चिंता होगी। शत्रु पराजित होंगे।

    🦀कर्क
    पार्टनर से मतभेद समाप्त होगा। नौकरी में अधिकारी का सहयोग तथा विश्वास मिलेगा। पारिवारिक व्यस्तता रहेगी। आकस्मिक व्यय से तनाव रहेगा। अपेक्षाकृत कार्यों में विलंब होगा। विवेक से कार्य करें। स्थानीय धर्मस्थल की परिवार के साथ यात्रा होगी।

    🐅सिंह
    लेन-देन में सावधानी रखें। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। शत्रु पर विजय, हर्ष के समाचार मिलने की संभावना। कुसंग से हानि। धनागम सुखद रहेगा। प्रेमिका मिलेगी। कुछ आय होगी। माता को कष्ट रहेगा।

    🙎‍♀️कन्या
    कारोबारी नए अनुबंध होंगे। नई योजना बनेगी। मान-सम्मान मिलेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। स्त्री कष्ट संभव। कलह से बचें। कार्य में सफलता, शत्रु पराजित होंगे। विवेक से कार्य बनेंगे। पेट रोग से पीड़ित होने की संभावना। वस्त्राभूषण की प्राप्ति के योग।

    ⚖️तुला
    भय, पीड़ा व भ्रम की स्थिति बन सकती है। व्यर्थ भागदौड़ होगी। भय-पीड़ा, मानसिक कष्ट की संभावना। लाभ तथा पराक्रम ठीक रहेगा। दु:समाचार प्राप्त होंगे। हानि तथा भय की संभावना, पराक्रम से सफलता, कलहकारी वातावरण बनेगा। भयकारक दिन रहेगा।

    🦂वृश्चिक
    यात्रा सफल रहेगी। विवाद न करें। लेन-देन में सावधानी रखें। कानूनी बाधा दूर होगी। देव दर्शन होंगे। राज्य से लाभ होने की संभावना। मातृपक्ष की चिंता। वाहन-मशीनरी का प्रयोग सावधानी से करें। धनागम की संभावना। मित्र मिलेंगे। विवाद न करें।

    🏹धनु
    बेचैनी रहेगी। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। राजकीय बाधा दूर होगी। नेत्र पीड़ा की संभावना। धनलाभ एवं बुद्धि लाभ होगा। शत्रु से परेशान होंगे। अपमान होने की संभावना। कष्ट की संभावना। धनहानि। कष्ट-पीड़ा। शारीरिक पीड़ा होगी।

    🐊मकर
    प्रेम-प्रसंग में जोखिम न लें। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। झंझटों में न पड़ें। आगे बढ़ने के मार्ग मिलने की संभावना। शत्रु पराजित होंगे। लाभ होगा। स्वास्थ्य ठीक होगा। अनजाना भय सताएगा। राज्य से लाभ। शत्रु शांत होंगे।

    🍯कुंभ
    रोजगार में वृद्धि होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। परिवार की चिंता रहेगी। लाभ होगा। अस्वस्थता का अनुभव करेंगे। चिंता से मुक्ति नहीं मिलेगी। शत्रु दबे रहेंगे। कलह-अपमान से बचें। संभावित यात्रा होगी। सावधानी बरतना होगी।

    🐟मीन
    जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। घर-बाहर अशांति रह सकती है। प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा के योग बनेंगे। कुछ कष्ट होने की संभावना। लाभ के योग बनेंगे। स्त्री वर्ग को कष्ट। कुसंग से कष्ट। कलहकारक दिन रहेगा। अपनी तरफ से बात को बढ़ावा न दें।

    🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
    *पं0 अंकित शुक्ल ( गर्गाचार्य )*
    *☎️7800602074☎️9044212874*
    *‼️हर हर महादेव ‼️

  • हर परिस्थिति में सनातन धर्म के प्रति समर्पण का भाव श्रीमद्भागवत कथा का वास्तविक मर्म : सीएम योगी

    हर परिस्थिति में सनातन धर्म के प्रति समर्पण का भाव श्रीमद्भागवत कथा का वास्तविक मर्म : सीएम योगी

    युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की पुण्य स्मृति के उपलक्ष्य में श्रीमद्भागवत कथा के विराम पर बोले मुख्यमंत्री

    ज्ञानदायिनी, भक्ति से जोड़ने वाली और मुक्ति का मार्ग दिखाने वाली कथा है श्रीमद्भागवत : सीएम योगी

    गोरखपुर, 10 सितंबर। मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर परिस्थिति में सनातन धर्म के प्रति समर्पण का भाव बना रहे, यही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का वास्तविक मर्म है। श्रीमद्भागवत कथा जीवन के ज्ञान का भान कराने वाली, भक्ति से जोड़ने वाली और मुक्ति का मार्ग दिखाने वाली कथा है।

    सीएम योगी गोरखनाथ मंदिर में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 56वीं एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 11वीं पुण्यतिथि समारोह के उपलक्ष्य में बुधवार शाम श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञानयज्ञ के विराम सत्र पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मंदिर के दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में कथा श्रवण करने तथा व्यासपीठ के समक्ष श्रद्धावनत होने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा पांच हजार वर्ष पहले पहली बार स्वामी शुकदेव जी ने महाराजा परीक्षित को मृत्यु के भय से अभय करने के लिए सुनाई थी। तबसे यह कथा कोटि-कोटि सनातन धर्मावलंबियों की मुक्ति का माध्यम बन रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की ऋषि परंपरा उद्घोष करती है कि भारत में जन्म लेना दुर्लभ है। उसमें भी मनुष्य रूप में जन्म लेना और भी दुर्लभ है। सनातन भारत ने ही ज्ञान, भक्ति और मुक्ति की दाता, जीवन के रहस्यों का उद्घाटन करने वाली श्रीमद्भागवत कथा का उपहार दिया है। उन्होंने कहा कि कथा का वास्तविक मर्म यह है कि हम हरहाल में अपने धर्म और देश के प्रति अडिग रहें। किसी भी परिस्थिति में बिना झुके, बिना रुके, बिना डिगे सनातन और भारत के प्रति समर्पण का भाव बनाए रखें।

    व्यासपीठ पर विराजमान कथा व्यास, परिधान पीठ गोपाल मंदिर श्रीअयोध्याधाम से पधारे जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी महाराज की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए सीएम योगी ने कहा कि स्वामी रामदिनेशाचार्य जी ने अत्यंत सरलता और सहजता से श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कराया। इसका आनंद यहां आए श्रद्धालुओं के साथ मीडिया के जरिये लाखों लोगों ने प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी रामदिनेशाचार्य जी रामानंदाचार्य परंपरा से आते हैं। अगले वर्ष उनके श्रीमुख से यहां श्रीराम कथा का भी श्रवण कराया जाएगा।

    कथा के विराम पर मुख्यमंत्री, संतजन व यजमानगण ने श्रीमद्भागवत महापुराण और व्यासपीठ की आरती उतारी। इस अवसर पर मस्तनाथ पीठ रोहतक हरियाणा के महंत राजस्थान विधानसभा के विधायक बालकनाथ, जूनागढ़ गुजरात से आए महंत शेरनाथ, गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, काशी से आए जगद्गुरु संतोषाचार्य सतुआ बाबा, नैमिषारण्य से आए स्वामी विद्या चैतन्य, हनुमानगढ़ी अयोध्या से आए महंत राजूदास, यज्ञमान पूर्व विधायक अतुल सिंह, अजय सिंह, महेश पोद्दार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।

  • ईद मिलादुन्नबी : या नबी सलाम अलैका की गूंज के साथ उमड़ा जनसैलाब

    ईद मिलादुन्नबी : या नबी सलाम अलैका की गूंज के साथ उमड़ा जनसैलाब

    “मुहब्बत के साथ निकाला गया जुलूस-ए-मुहम्मदी”

    गोरखपुर। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के जन्मदिवस की खुशी ईद मिलादुन्नबी के रूप में शुक्रवार को मुहब्बत, अकीदत, अदब व एहतराम के साथ मनाई गई। पैगंबर-ए-इस्लाम के जन्मदिवस के 1500 साल पूरे होने की खुशी हर तरफ नजर आई। जुमा की तकरीर में पैगंबर-ए-इस्लाम की शान बयान की गई।

    ईद मिलादुन्नबी के मौके पर घर, मस्जिद, मदरसा व दरगाहों में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी की महफिल सजी। कुरआन-ए-पाक की तिलावत हुई। दरूदो-सलाम का नजराना पेश किया गया। फातिहा ख्वानी व दुआ ख्वानी हुई। मुसलमानों के सिरों पर इस्लामी टोपियां व अमामा शरीफ सजा नजर आया। हाथों में इस्लामी झंडा दिखा।

    सुबह मस्जिदों पर परचम कुशाई (झंडारोहण) की रस्म परंपरा के मुताबिक अदा की गई। विभिन्न मुहल्लों से जुलूस-ए-मुहम्मदी निकाला गया। हर जुबां व सोशल मीडिया पर ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद थी। इस खुशी के मौके पर मुल्क में अमन, शांति व कौम की तरक्की के लिए खास दुआ की गई। घरों में लजीज पकवान बने। जुलूस निकलने का सिलसिला सुबह जो शुरू हुआ तो देर रात चलता रहा। सभी ने सरकार की आमद मरहबा, या नबी सलाम अलैका, या रसूल सलाम अलैका, या हबीब सलाम अलैका, मुस्तफा जाने रहमत पे लाखों सलाम, लब्बैक या रसूलल्लाह आदि सलाम पैगंबर-ए-इस्लाम की बारगाह में पेश किया। नारा-ए-तकबीर अल्लाहु अकबर, नारा-ए-रिसालत या रसूलल्लाह, हिन्दुस्तान जिंदाबाद का नारा भी खूब लगा। कई जगह जुलूसों का स्वागत भी किया गया। इस्लामी पैगाम से सजे बोर्ड, तख्तियां व बैनर पैगंबर-ए-इस्लाम की शिक्षाओं रोशनी डाल रहे थे। जुलूसों में तिरंगा झंडा भी लहरा रहा था। छोटे काजीपुर व बड़े काजीपुर में पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पवित्र बाल मुबारक (मूए मुबारक) की जियारत सलातो सलाम के बीच करवाई गई।

    रवायत के मुताबिक हुई मस्जिदों में परचम कुशाई

    जाफरा बाजार में सब्जपोश हाउस मस्जिद के इमाम हाफिज रहमत अली निजामी के नेतृत्व में दरूदो सलाम की महफिल सजी। जिसमें पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बारगाह में संयुक्त रूप से दरूदो सलाम का नजराना पेश किया गया। इसके बाद तमाम घरों पर जाकर ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद पेश कर किताब, मिठाई, बिस्कुट, शरबत, नमकीन बांटी गई। राहगीरों को भी मुबारकबाद के साथ मिठाई पेश की गई। वरिष्ठ शिक्षक मुजफ्फर हसनैन रूमी ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अपने किरदार व व्यवहार, मुहब्बत, भाईचारगी, अमन, शांति, अमानतदारी, वादा-वफा की वजह से सबका दिल जीत लिया। सारा जहां पैगंबर-ए-इस्लाम के जन्मदिवस की खुशियां मना रहा है। पैगंबर-ए-इस्लाम ने फरमाया है कि पड़ोसियों के साथ मुहब्बत से रहो। उनके खुशी गम में बराबर के शरीक रहो। छोटों से मुहब्बत करो। आपस में मुहब्बत से रहो। लड़ाई झगड़े से दूर रहो। जुबान से गंदी बातें न निकालो, गाली न दो। वादा खिलाफी न करो। हमेशा सच बोलो। झूट से दूर रहो। नमाज कायम करो। इस मौके कारी मुहम्मद अनस रजवी, नेहाल अहमद, आसिफ महमूद, युसूफ, मुहम्मद जैद, अली अहमद, तारिक सामानी, इरफान, शहनवाज आलम, मुख्तार अहमद, हाजी रफीउल्लाह, तनवीर, अलीशान, रूशान सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

    मुहल्ला बड़गो में मिलाद शरीफ की महफिल हुई। कारी मुहम्मद अनस रजवी ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम की शिक्षा से ही दुनिया में अमन शांति संभव है। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम केवल मुसलमानों में ही नहीं बल्कि हर मजहब में कद्र की ऊंची मंजिल पर विराजमान हैं। मकतब इस्लामियात चिंगी शहीद इमाम चौक तुर्कमानपुर में महिलाओं की दरूदो सलाम की महफिल हुई। महिलाओं ने मिलकर दरूदो सलाम पढ़ा। महफिल में पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शान बयान की गई। छोटे काजीपुर स्थित गौसिया जामा मस्जिद में परचम कुशाई मौलाना मुहम्मद अहमद निजामी व कारी शमसुद्दीन, मस्जिद जामे नूर बहादुर शाह जफर कालोनी बहरामपुर में मुख्तार अहमद, सुन्नी जामा मस्जिद सौदागर मुहल्ला में कारी मोहसिन रजा, सुब्हानिया जामा मस्जिद तकिया कवलदह में मौलाना जहांगीर अहमद अजीजी, सुन्नी बहादुरिया जामा मस्जिद रहमतनगर में मौलाना अली अहमद आदि ने परचम कुशाई की। इसके अलावा शहर की तकरीबन सभी मस्जिदों में परचम कुशाई की गई।

    जुलूस-ए-मुहम्मदी ने दिया अमन व मुहब्बत का पैगाम

    खूनीपुर, तुर्कमानपुर, गाजी रौजा, रहमतनगर, पहाड़पुर , जाफरा बाजार, अहमदनगर चक्शा हुसैन, बक्शीपुर, घासी कटरा, धम्माल, तिवारीपुर, रसूलपुर, गोरखनाथ, खूनीपुर, घोसीपुरवा, सूर्य विहार कालोनी, जमुनहिया बाग, शाहिदाबाद सहित सभी मुहल्लों से जुलूस निकाला गया। जगह-जगह जुलूस का स्वागत हुआ। जुलूस का मुख्य केंद्र नखास चौराहा रहा। जुलूस के मार्गों पर कई जगह स्वागत द्वारा बने थे। जिसे गुब्बारों व झालरों से सजाया गया था। जगह-जगह जुलूसों का स्वागत कर मीठा चावल, बिस्किट, केक, इमरती आदि बांटी गई। लंगर भी बांटा गया। जुलूस में लोग लोग सेल्फी लेते भी दिखे। कई जुलूसों में मस्जिद व दरगाहों के मॉडल आकर्षण का केंद्र रहे। जुलूस में घोड़ा, बग्घी आदि शामिल रहे।

  • महायज्ञ की तैयारी पूरी, भव्य कलश यात्रा कल

    महायज्ञ की तैयारी पूरी, भव्य कलश यात्रा कल

    ब्यूरों प्रभारी —-विनय तिवारी

    बड़हलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे): बड़हलगंज स्थानीय विकास खण्ड की ग्राम पंचायत संसारपार के बसावन पुर गांव में आयोजित हो रहे नव चण्डी महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ की तैयारी पूरी कर ली गई है।सोमवार को भव्य कलश शोभा यात्रा के साथ महायज्ञ का आरंभ हो जाएगा। उक्त जानकारी आयोजनकर्ता ज्ञानवेंद्र मिश्र कल्लू बाबा ने दी।

    ज्ञानवेंद्र मिश्र कल्लू बाबा ने बताया कि सोमवार की सुबह यज्ञाचार्य श्री सुनीलदास जी महाराज श्रीधाम अयोध्या व कथा व्यास श्री सत्यनारायणाचार्य श्री संजय दास जी महाराज श्रीधाम अयोध्या के नेतृत्व में यज्ञ मण्डप से भव्य कलश शोभायात्रा शुरू होगी जो पुण्य सलिला सरयू नदी का पवित्र जल भर आसपास के गांव का भ्रमण करते हुए यज्ञ मंडप तक पहुंचेगी। इसके लिए व्यापक तैयारी करते हुए बाजे-गाजे, ढोल-नगाड़े आदि की व्यवस्था की गई है। कलश यात्रा में ग्राम पंचायत संसारपार सहित आसपास के भी गांव के लोग हिस्सा लेंगे।मुख्य यजमान चन्द्रभान मिश्र ने बताया कि यज्ञ में जहां विद्वान पंडितों द्वारा विधि-विधान पूर्वक वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ नव चण्डी महायज्ञ किया जाएगा वहीं सत्यनारायणाचार्य श्री संजय दास जी महाराज श्रीधाम अयोध्या द्वारा श्रीमद्भागवत कथा सुनाई जाएगी। साथ ही प्रतिदिन शिव रुद्राभिषेक भी होगा। उन्होंने सभी भक्तों से यज्ञ में शामिल होने के साथ कथा श्रवण कर पुण्य का भागी बनने की अपील की है।