Tag: #Foreign#policy#america#india

  • अमेरिकी स्टाइल में बाहर करो; रोहिंग्या और अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ भी उठी आवाज

    अमेरिकी स्टाइल में बाहर करो; रोहिंग्या और अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ भी उठी आवाज

    अमेरिका में अवैध प्रवासियों को लेकर जिस कड़ी नीति का पालन किया जा रहा है। उसका असर अब भारत पर भी दिखने लगा है। अवैध रूप से भारत में आए बंग्लादेशी और रोहिंग्याओं को लेकर लोगों के बीच में अब गुस्सा बढ़ने लगा है। शुक्रवार को शिवसेना उद्धव गुट ने प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार से मांग की कि जैसे अमेरिका अपने देश में घुसे अवैध प्रवासियों को बाहर निकाल रहा है, ठीक वैसे भी हमारी सरकार को भी अवैध प्रवासियों को यहां से निकाल देना चाहिए।

    शिवसेना यूबीटी की जम्मू इकाई ने इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन भी किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने एक ऐसी प्रक्रिया को शुरू करने की मांग की, जिससे भारत में घुसे अवैध प्रवासियों को देश से बाहर निकाला जा सके। कार्यकर्ताओं की मुख्य मांग जम्मू-कश्मीर में बढ़ती रोहिंग्या जनसंख्या को लेकर थी। उन्होंने कहा कि देश में काफी संख्या में अवैध नागरिक बढ़ते जा रहे हैं। सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।

    शेख हसीना को भी निर्वासित करो

    एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी नेताओं ने बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को भी देश से निष्कासित करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों के हाथों में शेख हसीना को बाहर करो, सीमा हैदर को वापस भेजो, बंग्लादेशियों को निर्वासित करो, रोहिंग्याओं को बाहर निकालों’ जैसे नारे लिखी तख्तियां थीं। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इस दौरान जमकर नारेबाजी की।

    पार्टी के नेता मनीष साहनी ने कहा कि भारत सरकार को डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से सीख लेनी चाहिए। एक पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर अपने चार बच्चों के साथ हिन्दुस्तान में आ गई और अब उसको पाँचवाँ बच्चा होने वाला है। यह कहां की नागरिकता है। शेख हसीना यहां आ गईं, जबकि वहां बांग्लादेश हिन्दुओं का कत्लेआम हो रहा है। ऐसे लोगों को तुरंत ही देश से बाहर कर देना चाहिए।

  • शपथ लेते ही ट्रंप ने लिए 10 प्रमुख फैसले

    शपथ लेते ही ट्रंप ने लिए 10 प्रमुख फैसले

    शपथ लेने के बाद के ट्रम्प के 10 प्रमुख फैसले और उनके संभावित प्रभाव,

    1. WHO से अलगाव
    राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से अलग कर लिया है. इस फैसले के बाद WHO को अमेरिका से मिलने वाली फंडिंग बंद हो जाएगी, जिससे WHO की वैश्विक योजनाओं पर असर पड़ेगा. ट्रंप ने साथ ही जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते से भी अमेरिका को अलग कर दिया है, इसे अनुचित और एकतरफा करार दिया.

    2. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
    ट्रंप ने कार्यभार संभालते ही अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समर्थन किया. उन्होंने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें सरकारी एजेंसियों को अमेरिकी नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन न करने का निर्देश दिया गया. यह आदेश फेडरल सरकार द्वारा सेंसरशिप को समाप्त करने के उद्देश्य से लाया गया है.

    3. BRICS को चेतावनी
    ट्रंप ने BRICS देशों को चेतावनी दी कि यदि वे अमेरिका विरोधी नीतियां अपनाते हैं, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. यह चेतावनी BRICS देशों के साथ अमेरिका के रिश्तों में तनाव पैदा कर सकती है, जिसमें भारत, रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं.

    4. टिकटॉक को मोहलत
    चीन के साथ संबंध सुधारने की पहल करते हुए, ट्रंप ने टिकटॉक को 75 दिनों का समय दिया है ताकि वह अमेरिकी नियमों का पालन कर सके. इस दौरान टिकटॉक पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, जिससे प्लेटफॉर्म को बंद होने से बचाया जा सके.

    5. रूस-यूक्रेन संघर्ष
    रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बारे में ट्रंप ने कहा कि वह इसे जल्द से जल्द हल करने की कोशिश करेंगे. उन्होंने दावा किया कि अगर वह पहले राष्ट्रपति होते, तो यह युद्ध कभी शुरू ही नहीं होता.

    6. ग्रीनलैंड पर कब्जे की योजना
    ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका के लिए एक रणनीतिक आवश्यकता बताया. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड जरूरी है और उन्हें यकीन है कि डेनमार्क भी इस विचार को समर्थन देगा. हालांकि, यह कदम यूरोप और अमेरिका के बीच तनाव को बढ़ा सकता है.

    7. कनाडा और मेक्सिको पर टैरिफ
    ट्रंप ने कनाडा और मेक्सिको से आयातित वस्तुओं पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की. इस कदम से अमेरिका और उसके पड़ोसियों के बीच व्यापारिक युद्ध छिड़ सकता है, जिससे दोनों देशों के साथ अमेरिका के संबंधों में तनाव आ सकता है.

    8. थर्ड जेंडर की मान्यता समाप्त
    ट्रंप ने अमेरिका में थर्ड जेंडर की मान्यता समाप्त करने का फैसला लिया है. उन्होंने घोषणा की कि अब अमेरिका में केवल दो जेंडर – स्त्री और पुरुष – ही मान्य होंगे, जिससे थर्ड जेंडर को मिलने वाली सुविधाएं खत्म हो जाएंगी.

    9. छह जनवरी के दोषियों को माफी
    ट्रंप ने 6 जनवरी 2021 को कैपिटल हिल पर हुए दंगे के दोषियों को माफी दे दी है. उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के 1500 समर्थकों के खिलाफ चल रहे मुकदमों को समाप्त कर दिया, जिन्होंने कैपिटल हिल पर चढ़ाई की थी.

    10. मेक्सिको सीमा पर आपातकाल
    ट्रंप ने मेक्सिको सीमा पर नेशनल इमरजेंसी की घोषणा की है. इस कदम का उद्देश्य अवैध प्रवासियों की घुसपैठ को रोकना है, जिसके लिए सीमा पर सेना की तैनाती की गई है. इस फैसले से अमेरिका में अवैध प्रवासियों के प्रवेश पर लगाम लगेगी.

    ट्रंप के ये फैसले अमेरिका की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नीतियों पर गहरा असर डाल सकते हैं, जिससे देश और दुनिया में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

  • भारत पर रेसिप्रोकल टैक्स लगाने की धमकी

    भारत पर रेसिप्रोकल टैक्स लगाने की धमकी

    अमेरिका के होने वाले अगले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रेसिप्रोकल टैक्स लगाने की धमकी दी है. मतलब कि अगर भारत अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर जितना टैक्स लगाएगा, उतना ही टैक्स अब ट्रंप भारतीय प्रोडक्ट्स पर भी लगाने की बात कर रहे हैं. उन्होंने भारत द्वारा कुछ अमेरिकी प्रोडक्ट्स के आयात पर लगाए गए “हाई टैरिफ” के जवाब में रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने के अपने इरादे को दोहराया है.

    डोनाल्ड ट्रंप मीडिया से बात कर रहे थे, जब उन्होंने कहा, “रेसिप्रोकल. अगर वे हम पर टैक्स लगाते हैं, तो हम भी उन पर उतना ही टैक्स लगाएंगे. वे हम पर टैक्स लगाते हैं. हम उन पर टैक्स लगाएंगे.” उन्होंने कहा, “वे हम पर टैक्स लगाते हैं, लगभग सभी मामलों में, वे हम पर टैक्स लगा रहे हैं, और हम उन पर टैक्स नहीं लगा रहे हैं।