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  • धनतेरस-दीपावली पर सुरक्षा को लेकर सड़कों पर उतरे एसपी उत्तरी, पिपराइच के प्रमुख बाजारों में किया पैदल गश्त; व्यापारियों और आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए पुलिसकर्मियों को दिए सख्त निर्देश

    धनतेरस-दीपावली पर सुरक्षा को लेकर सड़कों पर उतरे एसपी उत्तरी, पिपराइच के प्रमुख बाजारों में किया पैदल गश्त; व्यापारियों और आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए पुलिसकर्मियों को दिए सख्त निर्देश

    धनतेरस-दीपावली पर सुरक्षा को लेकर सड़कों पर उतरे एसपी उत्तरी, पिपराइच के प्रमुख बाजारों में किया पैदल गश्त; व्यापारियों और आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए पुलिसकर्मियों को दिए सख्त निर्देश

    गोरखपुर। धनतेरस एवं दीपावली पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए गोरखपुर पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। त्योहारों के मद्देनजर जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ ही प्रमुख बाजारों, चौराहों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। इसी क्रम में शनिवार को पुलिस अधीक्षक उत्तरी राजेश धुनावत स्वयं सड़क पर उतरे और पिपराइच थाना क्षेत्र के प्रमुख बाजारों एवं भीड़भाड़ वाले इलाकों में पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने बाजारों में पहुंचकर पुलिस की सक्रियता परखी तथा स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों से संवाद कर उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।

    एसपी उत्तरी के इस पैदल गश्त अभियान का मुख्य उद्देश्य धनतेरस और दीपावली के दौरान बाजारों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाना था। त्योहारों के अवसर पर लोग बड़ी संख्या में खरीदारी करने के लिए घरों से निकलते हैं। धनतेरस पर सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक सामान, वाहन और अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुओं की खरीदारी को लेकर बाजारों में विशेष चहल-पहल रहती है। वहीं दीपावली के नजदीक आते ही मिठाई, सजावटी सामान, पूजा सामग्री, कपड़े, मिट्टी के दीपक, झालर और अन्य घरेलू वस्तुओं की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में बाजारों में सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बन जाती है।

    इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक उत्तरी राजेश धुनावत ने पिपराइच क्षेत्र में पैदल भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था की जमीनी स्थिति को समझा। उन्होंने प्रमुख बाजारों में पहुंचकर दुकानों के आसपास की गतिविधियों, भीड़ की स्थिति और पुलिस की तैनाती का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और प्रत्येक पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी गंभीरता एवं सतर्कता के साथ करे।

    बाजारों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी पर जोर

    पैदल गश्त के दौरान एसपी उत्तरी ने विशेष रूप से बाजारों में पुलिस की नियमित मौजूदगी बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय बाजारों में आम दिनों की अपेक्षा अधिक भीड़ रहती है। इस दौरान चोरी, छिनैती, जेबकतरी और अन्य आपराधिक घटनाओं की आशंका को देखते हुए पुलिसकर्मियों को लगातार सतर्क रहना चाहिए। बाजारों में आने-जाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

    उन्होंने निर्देश दिया कि प्रमुख बाजारों में पुलिसकर्मी केवल औपचारिक ड्यूटी तक सीमित न रहें, बल्कि सक्रिय रूप से भ्रमण करते हुए आसपास की गतिविधियों पर नजर रखें। भीड़ के बीच किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या असामान्य गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल जांच की जाए। किसी भी सूचना को हल्के में न लिया जाए और जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों को तुरंत अवगत कराया जाए।

    एसपी उत्तरी ने यह भी स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि आम नागरिक बिना किसी भय और परेशानी के अपने परिवार के साथ खरीदारी कर सकें। व्यापारियों को भी अपनी दुकानों पर सुरक्षित माहौल मिले और बाजारों में आने वाले ग्राहकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

    संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर रहेगी पैनी नजर

    त्योहारों के दौरान बाजारों में लोगों की आवाजाही बढ़ने के कारण सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी बढ़ जाती हैं। भीड़ का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व किसी घटना को अंजाम देने का प्रयास कर सकते हैं। इसको ध्यान में रखते हुए एसपी उत्तरी ने पुलिसकर्मियों को संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि बाजारों में लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में तुरंत आवश्यक कार्रवाई की जाए। पुलिसकर्मी अपने आसपास के क्षेत्र से पूरी तरह परिचित रहें, ताकि किसी घटना या सूचना की स्थिति में तत्काल मौके पर पहुंचा जा सके। गश्त के दौरान दुकानदारों, स्थानीय नागरिकों और बाजार में मौजूद लोगों से संवाद बनाए रखना भी जरूरी है।

    उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि किसी भी व्यक्ति के साथ अनावश्यक कठोरता न दिखाई जाए, लेकिन सुरक्षा से जुड़े मामलों में पूरी गंभीरता बरती जाए। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता और संवेदनशीलता दोनों आवश्यक हैं। पुलिस की मौजूदगी का उद्देश्य केवल अपराध पर नियंत्रण रखना ही नहीं, बल्कि आम लोगों के मन में सुरक्षा का विश्वास पैदा करना भी है।

    यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के दिए निर्देश

    धनतेरस और दीपावली के अवसर पर बाजारों में खरीदारी करने वालों की संख्या बढ़ने से यातायात व्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है। प्रमुख बाजारों और चौराहों पर वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है। कई बार दुकानों के सामने बेतरतीब ढंग से खड़े वाहन, सड़क किनारे अतिक्रमण और अनियोजित पार्किंग के कारण जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इससे आम नागरिकों के साथ-साथ बाजार के व्यापारियों को भी परेशानी होती है।

    इस समस्या को ध्यान में रखते हुए एसपी उत्तरी राजेश धुनावत ने पुलिसकर्मियों को यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रमुख चौराहों, बाजारों के प्रवेश मार्गों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर यातायात पुलिस एवं स्थानीय पुलिस समन्वय बनाकर कार्य करें। वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित रखा जाए और अनावश्यक जाम की स्थिति पैदा न होने दी जाए।

    उन्होंने निर्देश दिया कि बाजारों में आने वाले लोगों को आवागमन में परेशानी न हो, इसके लिए पुलिसकर्मी सक्रिय भूमिका निभाएं। जहां आवश्यकता हो, वहां यातायात को नियंत्रित किया जाए। सड़क पर अव्यवस्थित ढंग से खड़े वाहनों को व्यवस्थित कराने के साथ ही लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जाए।

    एसपी उत्तरी ने यह भी कहा कि त्योहारों के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखना केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नागरिकों के सहयोग से ही इसे बेहतर बनाया जा सकता है। इसलिए दुकानदारों और वाहन चालकों से भी अपील की जाए कि वे सड़क पर अनावश्यक रूप से वाहन खड़ा न करें और आवागमन के रास्तों को बाधित न होने दें।

    महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता

    पैदल गश्त के दौरान एसपी उत्तरी ने महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। त्योहारों में परिवार के साथ खरीदारी करने के लिए महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में बाजारों में पहुंचते हैं। भीड़भाड़ के बीच उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पुलिसकर्मियों को संवेदनशीलता के साथ ड्यूटी करने को कहा गया।

    उन्होंने निर्देश दिया कि बाजारों में महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित किसी भी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जाए। महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाए और जरूरत पड़ने पर महिला पुलिसकर्मियों की सहायता ली जाए। बुजुर्गों और बच्चों को भीड़ के बीच किसी प्रकार की असुविधा होने पर पुलिसकर्मी उनकी सहायता के लिए तत्पर रहें।

    उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी है। त्योहारों के दौरान बाजारों में पुलिसकर्मियों का व्यवहार सहयोगात्मक और संवेदनशील होना चाहिए, जिससे आम नागरिक बिना किसी संकोच के अपनी समस्या पुलिस तक पहुंचा सकें।

    व्यापारियों से संवाद कर सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

    पैदल गश्त के दौरान पुलिस अधीक्षक उत्तरी ने स्थानीय व्यापारियों से भी संवाद किया। उन्होंने बाजारों की स्थिति और त्योहारों के दौरान आने वाली संभावित समस्याओं के बारे में जानकारी ली। व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि पुलिस प्रशासन उनकी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है और किसी भी आपात स्थिति में पुलिस तत्काल सहायता के लिए उपलब्ध रहेगी।

    व्यापारियों से कहा गया कि वे भी सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस का सहयोग करें। अपनी दुकानों के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगने दें और किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। बाजार में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए दुकानदारों तथा स्थानीय नागरिकों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है।

    उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बाजार क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या विवाद की स्थिति उत्पन्न होने पर पुलिसकर्मी तत्काल मौके पर पहुंचें और मामले का समाधान कराएं। त्योहारों के समय छोटी-छोटी घटनाएं भी कभी-कभी बड़ी समस्या का रूप ले सकती हैं। इसलिए प्रत्येक सूचना को गंभीरता से लेते हुए समय रहते आवश्यक कदम उठाना जरूरी है।

    संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी

    एसपी उत्तरी ने पिपराइच थाना क्षेत्र के संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर अधिक भीड़ एकत्रित होती है, वहां पुलिस की निगरानी लगातार बनी रहनी चाहिए। प्रमुख बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिसकर्मी नियमित रूप से गश्त करें।

    त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह, विवाद या असामाजिक गतिविधि से कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए पुलिसकर्मियों को पूरी तरह सतर्क रहने को कहा गया। किसी भी सूचना की पुष्टि किए बिना उस पर प्रतिक्रिया न देने और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर भी जोर दिया गया।

    उन्होंने निर्देश दिया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर सूचनाओं का आदान-प्रदान बेहतर रखा जाए। पुलिसकर्मी अपने क्षेत्र के प्रमुख व्यापारियों और जिम्मेदार नागरिकों के संपर्क में रहें, ताकि किसी भी समस्या की जानकारी समय रहते मिल सके।

    त्योहारों में पुलिस की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है

    धनतेरस और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार सामाजिक मेलजोल, खुशियों और उत्साह के प्रतीक हैं। इन अवसरों पर बाजारों में रौनक बढ़ जाती है और लोग अपने परिवार के साथ खरीदारी एवं अन्य तैयारियों में व्यस्त रहते हैं। ऐसे समय में पुलिस की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। एक ओर जहां पुलिस को अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखनी होती है, वहीं दूसरी ओर आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी जरूरी होता है।

    एसपी उत्तरी राजेश धुनावत ने पुलिसकर्मियों को इसी जिम्मेदारी का एहसास कराते हुए कहा कि त्योहारों के दौरान ड्यूटी में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक पुलिसकर्मी निर्धारित जिम्मेदारी के अनुसार कार्य करे और अपने क्षेत्र में सतर्कता बनाए रखे। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि पुलिस की सक्रियता ऐसी होनी चाहिए कि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।

    पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने ड्यूटी प्वाइंट पर समय से उपस्थित रहें और गश्त के दौरान अपने आसपास की गतिविधियों पर लगातार नजर रखें। किसी भी आपात स्थिति में संबंधित अधिकारियों से तत्काल संपर्क स्थापित करें और आवश्यक कार्रवाई करें।

    पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय पर जोर

    पैदल गश्त के दौरान एसपी उत्तरी ने पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने में आम नागरिकों और व्यापारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। पुलिस को जनता के साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को समझना चाहिए।

    त्योहारों के दौरान बाजारों में आने वाले लोगों को पुलिस की मौजूदगी से सुरक्षा का एहसास होना चाहिए। इसके लिए पुलिसकर्मी जनता के साथ अच्छा व्यवहार रखें और शिकायत मिलने पर तत्काल सुनवाई करें। किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता प्राथमिकता के आधार पर की जाए।

    उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत होने से अपराध नियंत्रण में भी सहायता मिलती है। यदि कोई व्यक्ति अपने आसपास संदिग्ध गतिविधि देखता है और बिना किसी डर के पुलिस को सूचना देता है, तो समय रहते संभावित समस्या को रोका जा सकता है।

    पिपराइच पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश

    एसपी उत्तरी के पैदल गश्त अभियान के दौरान पिपराइच थाना क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। उन्होंने स्थानीय पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि त्योहारों के दौरान क्षेत्र में नियमित गश्त जारी रखें। बाजारों में पुलिस की पर्याप्त मौजूदगी सुनिश्चित की जाए और किसी भी प्रकार की सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाए।

    उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था केवल एक दिन की गतिविधि नहीं होनी चाहिए, बल्कि पूरे पर्व के दौरान लगातार निगरानी और सतर्कता बनाए रखना आवश्यक है। पुलिसकर्मी अपने क्षेत्र में शांति व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखें और किसी भी समस्या की जानकारी उच्चाधिकारियों तक पहुंचाएं।

    उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बाजारों में ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मी आम नागरिकों की सहायता के लिए हमेशा तैयार रहें। यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के साथ ही बाजारों में सुरक्षा का माहौल बनाए रखना सुनिश्चित करें।

    पैदल गश्त से लोगों में सुरक्षा का भरोसा

    पुलिस अधीक्षक उत्तरी द्वारा स्वयं बाजारों में पहुंचकर पैदल गश्त किए जाने से पुलिस की सक्रियता का संदेश गया। इस तरह के अभियान का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को केवल कागजों तक सीमित न रखते हुए जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाना है। वरिष्ठ अधिकारियों के बाजारों में पहुंचने से स्थानीय पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी भी बढ़ती है और सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन करने में सहायता मिलती है।

    त्योहारों के दौरान पुलिस की नियमित गश्त और निगरानी से असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण रखने में मदद मिलती है। साथ ही आम नागरिकों और व्यापारियों में यह विश्वास मजबूत होता है कि उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

    पिपराइच क्षेत्र में किए गए इस पैदल गश्त अभियान के माध्यम से पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि धनतेरस और दीपावली के अवसर पर शांति व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, आपराधिक गतिविधि या सुरक्षा में लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।

    सुरक्षित और शांतिपूर्ण दीपावली संपन्न कराने का लक्ष्य

    गोरखपुर पुलिस का प्रयास है कि धनतेरस और दीपावली का पर्व पूरे जिले में शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो। इसके लिए पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने, बाजारों में नियमित गश्त करने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    पुलिस अधीक्षक उत्तरी राजेश धुनावत ने स्पष्ट किया कि आम जनता और व्यापारियों की सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। त्योहारों की खुशियों के बीच किसी भी नागरिक को असुरक्षा या परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए पुलिस पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी ड्यूटी निभाए।

    पैदल गश्त के दौरान थानाध्यक्ष पिपराइच सहित थाने के अन्य अधिकारी एवं पुलिसकर्मी मौजूद रहे। सभी को त्योहारों के दौरान सतर्कता, अनुशासन और बेहतर जनसहयोग के साथ सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

    कुल मिलाकर, धनतेरस और दीपावली को लेकर पिपराइच क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ाई जा रही है। एसपी उत्तरी के नेतृत्व में किए गए इस पैदल गश्त अभियान ने यह संदेश दिया कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह गंभीर है और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। पुलिस की प्राथमिकता है कि लोग निर्भय होकर त्योहार मनाएं, बाजारों में खरीदारी करें और खुशियों के इस पर्व को शांति एवं सौहार्द के साथ संपन्न कर सकें।