गोरखपुर। नागरिक सुरक्षा कोर गोरखनाथ प्रखंड स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित कर गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय ब्लड बैंक जिला चिकित्सालय ब्लड बैंक बीआरडी मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक के संयुक्त तत्वाधान में 251 यूनिट रक्तदान महादान कराकर रिकॉर्ड बनाने का प्रयास करेगी। आज सिविल डिफेंस कार्यालय (नागरिक सुरक्षा कोर) पुराना कलेक्ट्रेट पर उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा सत्य प्रकाश सिंह चीफ वार्डन नागरिक सुरक्षा डॉ संजीव गुलाटी ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर बताया कि सिविल डिफेंस के गोरखनाथ प्रखंड द्वारा 29 सितंबर 2024 दिन रविवार को प्रातः 9:00 बजे से 4:00 बजे तक श्री गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय ब्लड बैंक द्वारा गोरखनाथ मंदिर प्रांगण में जिला चिकित्सालय ब्लड बैंक द्वारा मधुसूदन दास डिग्री कॉलेज असुरन पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक की टीमों द्वारा दिव्यमन हॉस्पिटल स्पोर्ट्स कॉलेज के सामने राप्ती नगर में स्वैच्छिक रक्तदान में पहुंच कर रक्तदान करें आप द्वारा दिए गए रक्तदान महादान से बल्ड से मरने वालों की जान बचाई जा सके रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं होता तीनों स्थानों पर 251 यूनिट रक्तदान इकट्ठा करने के उद्देश्य से ब्लड बैंक टीमें स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में आए हुए बल्ड डोनरो से बल्ड प्राप्त करेगी। रक्तदान शिविर में सिविल लाइंस प्रखंड व कोतवाली प्रखंड अपने अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन करते हुए सहयोग करेंगे।
विकास अधिकारी ने जिला क्षय रोग केंद्र का किया दौरा, वाटर कूलर का किया शुभारंभ
गोरखपुर: मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार मीणा ने जिला क्षय रोग केंद्र का गुरूवार को दौरा किया । वहां कार्पोरेट सोशल रिस्पांसबिलीटी (सीएसआर) के तहत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से टीबी मरीजों व उनके परिजनों और अन्य आगन्तुकों के लिए लगाए गये वाटर कूलर का उन्होंने शुभारंभ किया। इसके बाद राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा की गयी। इस दौरान जिला क्षय रोग केंद्र के अधिकारियों और पूरी टीम को उन्होंने निर्देश दिया कि टीबी मरीजों को परामर्श औऱ इलाज के साथ साथ गुणवत्तापूर्ण सेवा देना सुनिश्चित करें।
सीडीओ ने निर्देश दिया कि प्रत्येक टीबी मरीज को यह महसूस होना चाहिए कि स्वास्थ्य तंत्र उसके साथ खड़ा है। मरीज और उनके परिजनों के साथ अच्छा व्यवहार होना चाहिए। उन्हें दवा के साथ पोषण की महत्ता के बारे में विशेष तौर पर जानकारी दी जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने जिला क्षय रोग केंद्र में वाटर कूलर की सुविधा में सहयोग के लिए भारतीय स्टेट बैंक के उप महाप्रबंधक श्री कुमार आनंद, क्षेत्रीय प्रबंधक जीतेन्द्र कुमार, मुख्य प्रबंधक मुकुल श्रीवास्तव और ड्रिस्ट्रक्ट लीड बैंक के जिला प्रबंधक मनोज श्रीवास्तव प्रति आभार जताया। उन्होंने उम्मीद जतायी कि नये वाटर कूलर से टीबी मरीजों और उनके परिजनों को स्वच्छ व ठंडा जल मिल सकेगा और उनके स्वस्थ होने की राह सुगम होगी।
जिला क्षय रोग उन्मूलन अधिकारी डॉ गणेश यादव ने जिले में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की स्थिति के बारे में सीडीओ को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मरीजों की सुविधा के लिए गर्मी में टीनशेड भी डलवाया गया है और केंद्र में इंफेक्शन कंट्रोल संबंधी कार्यों पर विशेष जोर है। जिले में इस समय ड्रग रेसिस्टेंट टीबी के 307 मरीज, जबकि ड्रग सेंसिटिव टीबी के 8076 मरीज उपचाराधीन हैं। इन मरीजों को जांच और इलाज के अलावा पांच सौ रुपये प्रति माह की दर से पोषण के लिए धनराशि भी इनके खाते में दी जाती है। केंद्र पर अत्याधुनिक सीबीनॉट मशीन से टीबी जांच की सुविधा उपलब्ध है, जिसके जरिये गुणवत्तापूर्ण जांच और इलाज संभव हो पा रहा है।
इस मौके पर उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ विराट स्वरूप श्रीवास्तव, डीपीसी धर्मवीर प्रताप सिंह, पीपीएम समन्वयक अभय नारायण मिश्रा, मिर्जा आफताब बेग, जिला कुष्ठ परामर्शदाता डॉ भोला, फिजियोथेरेपिस्ट आसिफ, एनएमए महेंद्र, टीबी डिपार्टमेंट से राजेश, केके शुक्ला,जेके यादव, शक्ति पांडेय, इंद्रनील, मयंक समेत केंद्र के अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण मौजूद रहे।
टीबी मरीजों के लिए परामर्श, इलाज के साथ गुणवत्तापूर्ण सेवा देना अनिवार्य’
मुख्य विकास अधिकारी ने जिला क्षय रोग केंद्र का किया दौरा, वाटर कूलर का किया शुभारंभ
मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार मीणा ने जिला क्षय रोग केंद्र का गुरूवार को दौरा किया । वहां कार्पोरेट सोशल रिस्पांसबिलीटी (सीएसआर) के तहत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से टीबी मरीजों व उनके परिजनों और अन्य आगन्तुकों के लिए लगाए गये वाटर कूलर का उन्होंने शुभारंभ किया। इसके बाद राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा की गयी। इस दौरान जिला क्षय रोग केंद्र के अधिकारियों और पूरी टीम को उन्होंने निर्देश दिया कि टीबी मरीजों को परामर्श औऱ इलाज के साथ साथ गुणवत्तापूर्ण सेवा देना सुनिश्चित करें।
सीडीओ ने निर्देश दिया कि प्रत्येक टीबी मरीज को यह महसूस होना चाहिए कि स्वास्थ्य तंत्र उसके साथ खड़ा है। मरीज और उनके परिजनों के साथ अच्छा व्यवहार होना चाहिए। उन्हें दवा के साथ पोषण की महत्ता के बारे में विशेष तौर पर जानकारी दी जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने जिला क्षय रोग केंद्र में वाटर कूलर की सुविधा में सहयोग के लिए भारतीय स्टेट बैंक के उप महाप्रबंधक श्री कुमार आनंद, क्षेत्रीय प्रबंधक जीतेन्द्र कुमार, मुख्य प्रबंधक मुकुल श्रीवास्तव और ड्रिस्ट्रक्ट लीड बैंक के जिला प्रबंधक मनोज श्रीवास्तव प्रति आभार जताया। उन्होंने उम्मीद जतायी कि नये वाटर कूलर से टीबी मरीजों और उनके परिजनों को स्वच्छ व ठंडा जल मिल सकेगा और उनके स्वस्थ होने की राह सुगम होगी।
जिला क्षय रोग उन्मूलन अधिकारी डॉ गणेश यादव ने जिले में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की स्थिति के बारे में सीडीओ को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मरीजों की सुविधा के लिए गर्मी में टीनशेड भी डलवाया गया है और केंद्र में इंफेक्शन कंट्रोल संबंधी कार्यों पर विशेष जोर है। जिले में इस समय ड्रग रेसिस्टेंट टीबी के 307 मरीज, जबकि ड्रग सेंसिटिव टीबी के 8076 मरीज उपचाराधीन हैं। इन मरीजों को जांच और इलाज के अलावा पांच सौ रुपये प्रति माह की दर से पोषण के लिए धनराशि भी इनके खाते में दी जाती है। केंद्र पर अत्याधुनिक सीबीनॉट मशीन से टीबी जांच की सुविधा उपलब्ध है, जिसके जरिये गुणवत्तापूर्ण जांच और इलाज संभव हो पा रहा है।
इस मौके पर उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ विराट स्वरूप श्रीवास्तव, डीपीसी धर्मवीर प्रताप सिंह, पीपीएम समन्वयक अभय नारायण मिश्रा, मिर्जा आफताब बेग, जिला कुष्ठ परामर्शदाता डॉ भोला, फिजियोथेरेपिस्ट आसिफ, एनएमए महेंद्र, टीबी डिपार्टमेंट से राजेश, केके शुक्ला,जेके यादव, शक्ति पांडेय, इंद्रनील, मयंक समेत केंद्र के अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण मौजूद रहे।