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  • स्वास्थ्य शिविर में मरीज़ों को निःशुल्क परामर्श एवं दवाएँ

    स्वास्थ्य शिविर में मरीज़ों को निःशुल्क परामर्श एवं दवाएँ

     

    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

    बड़हलगंज /गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे) बड़हलगंज स्पर्श हास्पिटल के तत्वावधान में ग्राम मदरिया में सिद्ध पीठ मदरिया मंदिर पर रविवार को निशुल्क स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इसमें चार सौ मरीजों के सेहत की जांच निःशुल्क की गई। मरीजों को आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयां भी बांटी गईं।

    बड़हलगंज कस्बे के पटना चौराहे पर स्थित स्पर्श हास्पिटल के डायरेक्टर व प्रसिद्ध सर्जन डॉ राम जायसवाल निर्देश पर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में डॉ राम जायसवाल, डॉ रूपाली नायक व डॉ अभिषेक मिश्र ने लगभग चार सौ मरीजों के सेहत की जांच व आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयां भी बांटी। डॉ राम ने आए हुए मरीज़ों व उनके परिजनों को संदेश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की बीमारी में लापरवाही नुक़सानदायक है इसलिए हर मरीज़ को हर मर्ज़ को गम्भीरता से लेना चाहिए और समुचित उपचार कराना चाहिए वहीं पीठाधीश्वर श्रीश दास जी महाराज ने कहा कि आज भागदौड़ भरे जीवन में हर व्यक्ति किसी न किसी रोग से पीड़ित है। ग्रामीण क्षेत्रों में अनेकों कमजोर परिवार भी हैं, जो पैसे के अभाव में न तो अपने मर्ज की जांच करा पाते हैं और न ही चिकित्सकों से सही सलाह लेने का साहस ही जुटा पाते हैं। ऐसे में इस तरह के निशुल्क स्वास्थ्य शिविरों की अपरिहार्य आवश्यकता है।

    इस दौरान अजय जायसवाल, धर्मराज सोनकर, मनोज यादव, सुमन यादव, रोहित जायसवाल, बब्लू यादव, राशिद अंसारी, विनय यादव, अमित मद्धेशिया व प्रधान महेन्द्र शर्मा सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

  • एमजीयूजी में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के लिए भारत सरकार से मिला अनुदान

    एमजीयूजी में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के लिए भारत सरकार से मिला अनुदान

    एमजीयूजी में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के लिए भारत सरकार से मिला अनुदान,

    आयुर्वेद और बॉयोमेडिकल विज्ञान में जैव प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग विषय पर 30 मार्च से होगी संगोष्ठी,

    गोरखपुर, 6 फरवरी। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमजीयूजी) के संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान संकाय में सोसाइटी फॉर बायोटेक्नोलॉजिस्ट इंडिया (एसबीटीआई) के सहयोग से होने वाली अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के लिए भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने 4 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया है। यह तीन दिवसीय संगोष्ठी 30 मार्च से 1 अप्रैल तक आयोजित होगी।

    एमजीयूजी में संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. सुनील कुमार सिंह ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के जरिये प्राचीन आयुर्वेद के सिद्धांतों को जैव प्रौद्योगिकी के माध्यम से आधुनिक चिकित्सा क्षेत्र में बहुउपयोगी बनाने का प्रयास किया जाएगा। संगोष्ठी आयोजक समिति के सचिव डॉ. अमित दुबे और डॉ. अनुपमा ओझा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के लिए इजरायल, नेपाल, श्रीलंका, कोरिया, अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी से भी विषय विशेषज्ञ प्रतिभाग कर रहे हैं। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरिंदर सिंह और कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव ने बधाई देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के लिए मिलने वाले अनुदान से विश्वविद्यालय गौरवान्वित हुआ है।

  • कार्यकारी निदेशक ने आपातकालीन विभाग का किया औचक निरीक्षण

    कार्यकारी निदेशक ने आपातकालीन विभाग का किया औचक निरीक्षण

    गोरखपुर, 14 जनवरी 2025: एम्स गोरखपुर के कार्यकारी निदेशक डॉ. अजय सिंह ने आज आपातकालीन विभाग का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि विभाग में कोई वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद नहीं थे, जिसे उन्होंने एक गंभीर मुद्दा बताया।

    डॉ. सिंह ने उपस्थित स्टाफ से बातचीत की और आपातकालीन विभाग की स्थिति का व्यक्तिगत रूप से जायजा लिया। उन्होंने वरिष्ठ डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए यह कहा कि आपातकालीन सेवाओं में उच्च स्तर की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ डॉक्टरों की उपस्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    इस समस्या के समाधान के लिए, डॉ. सिंह ने घोषणा की कि जल्द ही एक आधिकारिक परामर्श जारी किया जाएगा, जिसमें यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त दिशानिर्देश होंगे कि आपातकालीन विभाग में हर समय वरिष्ठ चिकित्सक उपलब्ध रहें।

    एम्स गोरखपुर उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के प्रति समर्पित है और मरीजों की देखभाल के मानकों को बनाए रखने और सुधारने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।

  • हरनहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध है एंटी रेबीज वैक्सीन

    हरनहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध है एंटी रेबीज वैक्सीन

    हरनहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध है एंटी रेबीज वैक्सीन,

    हरनही सामुदायिक स्वास्थ्यकेंद्र पर शाम चार बजे तक चलती है ओपीडी,

    मरीज का लगा रहता है ताता, रोजाना लगती है लगभग 50 से अधिक एंटी रेबीज वैक्सीन,

    संवाददाता :शक्ति ओम सिंह,
    खजनी, गोरखपुर

    सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में अब ओपीडी सुबह 10 से शाम बजे बजे तक खुलेगी। मार्च 2025 तक नए समय के अनुसार ही सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी, चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी ओपीडी में बैठेंगे। इसका सीधा फायदा रोगियों को मिलेगा।

    प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक हर नहीं विवेक प्रताप सिंह। ने बताया कि शीतकालीन सत्र अवधि एक अक्टूबर से 31 मार्च तक सरकारी चिकित्सालयों में ओपीडी का समय सुबह 10 से शाम चार बजे तक शासन से निर्धारित है। अन्य दिनों में सरकारी स्वास्थ्य केंद्र सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक ही ओपीडी की जाती है। जबकि चौबीस घंटे इमरजेंसी सुविधा प्रदान की जाती है। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, एवं गैर जनपद से यहां पर लोग आते हैं पिछले वर्षलगभग 50 हजार से अधिक ओपीडी की गई है और देखा जाए तो पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
    वहीं गैर जनपद के लोग भी यहां पर एंटी रेबीज लगवाने आते हैं और एंटी रेबीज की सुविधा हमारे यहां उपलब्ध है
    और हफ्ते के सातों दिन यहां पर लगाते हैं

    स्वास्थ्य विभाग की तरफ से हर नहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध करवाई गई है जिस जानवर के काटने पर जल्द उपचार हो सकेंगे और लोगों को सहुलियत मिलेगी ।

    इस मौके पर डॉ नित्या सिंह, डॉ लोकेश पाण्डेय, डा विवेक कुमार चौधरी,फार्मासिस्ट संतोष सिंह,
    चीफ फार्मासिस्ट अनिल कुमार सिंह, फार्मासिस्ट शरद श्रीवास्तव,फार्मासिस्ट अनिल कुमार वर्मा, लैब टेक्नीशियन विमला , वार्ड बॉय सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

  • ललित नारायण मिश्र रेलवे चिकित्सालय पर गंभीर मरीजों को भर्ती करने का आरोप, रेलवे कर्मी की पत्नी ने की शिकायत

    ललित नारायण मिश्र रेलवे चिकित्सालय पर गंभीर मरीजों को भर्ती करने का आरोप, रेलवे कर्मी की पत्नी ने की शिकायत,

    गोरखपुर। ललित नारायण मिश्र रेलवे चिकित्सालय पर गंभीर मरीजों को रेफर करने की बजाय भर्ती कर इलाज करने का आरोप लगाया गया है। इस मुद्दे को लेकर रेलवे कर्मी की पत्नी शशि सिंह ने सांसद रवि किशन, केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान और पूर्वोत्तर रेलवे के जीएम से शिकायत की है।

    शशि सिंह ने बताया कि उनके पति अजय कुमार सिंह, जो रेल दावा अधिकरण गोरखपुर में कोर्ट मास्टर के पद पर कार्यरत हैं, करीब 13 माह से मुख कैंसर से पीड़ित हैं। इलाज गाजियाबाद के एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जहां चार कीमोथेरेपी और 33 रेडियोथेरेपी की जा चुकी हैं। रेलवे अस्पताल ने ही उनके पति को इलाज के लिए गाजियाबाद रेफर किया था।

    शशि सिंह ने आरोप लगाया कि अब ललित नारायण मिश्र अस्पताल के चिकित्सक गंभीर मरीजों को रेफर करने की बजाय उन्हें भर्ती कर इलाज करने का दबाव बना रहे हैं, जो मरीज के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस मामले में जांच की मांग की है।