गंगोत्री देवी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय और नर्सिंग कॉलेज की ऐतिहासिक पहल,
`”सर्वाइकल कैंसर मुक्त भारत” के संकल्प के साथ भव्य जागरूकता अभियान एवं पोषण स्तर मापन कार्यक्रम का आयोजन`
गोरखपुर |
गोरखपुर की प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थाएँ *गंगोत्री देवी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय* और *गंगोत्री देवी स्कूल ऑफ नर्सिंग* ने *”सर्वाइकल कैंसर जागरूकता अभियान एवं पोषण स्तर मापन कार्यक्रम”* का भव्य आयोजन कर महिलाओं के स्वास्थ्य की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया।
इस कार्यक्रम में *सैकड़ों छात्राओं, शिक्षकों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और समाजसेवियों* ने भाग लिया। इसका उद्देश्य था *महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) के प्रति जागरूक करना, उसके लक्षणों और रोकथाम के तरीकों को समझाना, और उचित पोषण के महत्व को उजागर करना।*
*महाविद्यालय और नर्सिंग कॉलेज ने निभाई अग्रणी भूमिका*
गंगोत्री देवी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय और गंगोत्री देवी स्कूल ऑफ नर्सिंग न केवल *शैक्षिक उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध हैं, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।*
महाविद्यालय के व्यवस्थापक *आशुतोष मिश्रा,* प्राचार्य *डॉ. पूनम शुक्ला* और नर्सिंग कॉलेज की पूर्व प्राचार्य *लोरिटा याकूब* ने इस आयोजन का नेतृत्व किया। उन्होंने छात्राओं को *जागरूकता, स्वास्थ्य जांच, सही पोषण और टीकाकरण के महत्व* पर बल दिया।
*भव्य शुभारंभ: दीप प्रज्वलन और प्रेरणादायक उद्घाटन भाषण*
कार्यक्रम की शुरुआत *इंजी. आशुतोष मिश्र, डॉ. पूनम शुक्ला और लोरिटा याकूब द्वारा दीप प्रज्वलन और माँ सरस्वती वंदना* के साथ हुई।
*महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. पूनम शुक्ला ने कहा—*
`”गंगोत्री देवी महिला महाविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा का एक मजबूत स्तंभ भी है। हमारा उद्देश्य हर छात्रा को सशक्त बनाना है, ताकि वह अपने परिवार और समाज में स्वास्थ्य को लेकर एक बदलाव ला सके।”`
*नर्सिंग की पूर्व प्राचार्य श्रीमती लोरिटा याकूब ने कहा—*
`”नर्सिंग छात्राएँ न केवल मरीजों की देखभाल करती हैं, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह कार्यक्रम उनकी जिम्मेदारी को और मजबूत करता है।”`
*डॉ. दीप्ति चतुर्वेदी, डॉ. बबीता शुक्ला और डॉ. शर्मिला पोद्दार का मार्गदर्शन*
कार्यक्रम के दौरान *वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. दीप्ति चतुर्वेदी, डॉ. बबीता शुक्ला और डॉ. शर्मिला पोद्दार ने सर्वाइकल कैंसर के कारण, लक्षण, बचाव और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों* पर विस्तार से जानकारी दी।
*वरिष्ठ चिकित्सिका डॉ. दीप्ति चतुर्वेदी ने बताया—*
✅ *”सर्वाइकल कैंसर मुख्य रूप से ‘ह्यूमन पैपिलोमा वायरस’ (HPV) के संक्रमण के कारण होता है। यह एकमात्र ऐसा कैंसर है, जिसे पूरी तरह से रोका जा सकता है।”*
✅ *”अगर समय पर HPV वैक्सीन और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए, तो इसे 100% रोका जा सकता है।”*
✅ *”हमारा लक्ष्य 2030 तक भारत को सर्वाइकल कैंसर मुक्त बनाना है।”*
*वरिष्ठ चिकित्सिका डॉ. बबीता शुक्ला ने कहा—*
वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. बबीता शुक्ला ने सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि इस बीमारी का समय पर पता चल जाए, तो इसे पूरी तरह से रोका और ठीक किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि भारत में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले कैंसर का दूसरा सबसे बड़ा कारण है, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण कई महिलाएँ समय पर इसका निदान और उपचार नहीं करवा पातीं।
*”90-70-90 मॉडल अपनाकर हम भारत को सर्वाइकल कैंसर मुक्त बना सकते हैं”*
डॉ. बबीता शुक्ला ने बताया कि भारत में सर्वाइकल कैंसर को समाप्त करने के लिए “90-70-90” मॉडल को अपनाना जरूरी है—
✅ 90% महिलाओं को HPV वैक्सीन देना।
✅ 70% महिलाओं की समय-समय पर स्क्रीनिंग सुनिश्चित करना।
✅ 90% मरीजों को उचित इलाज उपलब्ध कराना।
*डॉ. शर्मिला पोद्दार ने कहा—*
“कैंसर से बचाव की शुरुआत जागरूकता से होती है। यदि महिलाओं को सही समय पर इसकी पहचान और रोकथाम के उपायों की जानकारी हो, तो इस बीमारी को पूरी तरह से समाप्त किया जा सकता है।”
उन्होंने बताया कि यदि किसी महिला को—
✅ अनियमित मासिक धर्म
✅ योनि से असामान्य रक्तस्राव
✅ कमर दर्द या कमजोरी
जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
*HPV वैक्सीन: “हर लड़की के लिए सुरक्षा कवच”*
विशेषज्ञों ने HPV वैक्सीन की महत्ता पर जोर देते हुए बताया कि—
*9 से 14 वर्ष की उम्र में* – 2 डोज़ (पहली डोज़ 0 महीने पर, दूसरी 6 महीने पर)
*15 से 26 वर्ष की उम्र में* – 3 डोज़ (पहली 0 महीने पर, दूसरी 2 महीने पर, तीसरी 6 महीने पर)
*30 वर्ष के बाद* – हर 3 साल में एक बार *गर्भाशय ग्रीवा की जांच* ( *पैप स्मीयर टेस्ट*) करानी चाहिए।
भविष्य में भी जारी रहेंगे ऐसे स्वास्थ्य जागरूकता अभियान,
महाविद्यालय प्रशासक श्री आशुतोष मिश्रा ने घोषणा की कि—
“गंगोत्री देवी महिला महाविद्यालय और नर्सिंग कॉलेज महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे। भविष्य में भी ऐसे जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।”
“स्वस्थ नारी, सशक्त नारी” – महाविद्यालय और नर्सिंग कॉलेज का संकल्प,
यह कार्यक्रम महिलाओं में *स्वास्थ्य जागरूकता को नया आयाम देने वाला साबित हुआ।* यह संदेश दिया कि *”जहाँ शिक्षा, वहाँ स्वास्थ्य, और जहाँ स्वास्थ्य, वहाँ उज्जवल भविष्य!”*
`गंगोत्री देवी महिला महाविद्यालय और नर्सिंग कॉलेज ने फिर किया साबित – “स्वास्थ्य और शिक्षा से ही बनेगा सशक्त समाज!”`