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  • नया साल 2025 छलावा व खोटी उम्मीद वाला न हो-मायावती

    नया साल 2025 छलावा व खोटी उम्मीद वाला न हो-मायावती

    बसपा सुप्रीमो मायावती ने नए साल 2025 को लेकर एक प्रेस नोट जारी किया है. जिसमें उन्होंने कहा कि देश व दुनिया भर में अपनी लगन और मेहनत से देश निर्माण में लगे सभी भारतीय लोगों को नए साल सन 2025 की हार्दिक बधाई एवं ढेरों शुभकामनायें.मायावती ने कहा कि जितनी बड़ी जनसंख्या वाला प्रदेश उसकी जनहित व जनकल्याण निभाने की उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी. उसी के हिसाब से आचरण भी जरूरी. महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी आदि की व्यथाओं को लेकर बीता वर्ष जैसा भी गुजरा हो अब नया साल 2025 छलावा व खोटी उम्मीद वाला न हो तो बेहतर. व्यापक जन व देशहित में यूपी व देश में कानून का बेहतर राज जरूरी.

  • लोकसभा में संविधान पर चर्चा के अंत में प्रधानमंत्री का अभिभाषण

    लोकसभा में संविधान पर चर्चा के अंत में प्रधानमंत्री का अभिभाषण

    लोकसभा में संविधान पर चर्चा के अंत में प्रधानमंत्री के अभिभाषण में मोदी जी बोले,

    दुनिया में जब भी लोकतंत्र की बात होगी, कांग्रेस के माथे पर लगा इमरजेंसी का कलंक भुलाया नहीं जाएगा।

    यह संविधान का सामर्थ्य था कि मेरे जैसा आम आदमी देश के इस सर्वोच्च जिम्मेदारी के पद तक पहुँच सका। क्योंकि मैं किसी बड़े घराने में पैदा नहीं हुआ।

    नेहरू जी ने देश के मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखकर कहा था, अगर संविधान हमारे रास्ते के बीच आ जाए तो हर हाल में संविधान में संशोधन किया जाए।

    कांग्रेस को संविधान संशोधन का खून मुंह में लग गया तो फिर कांग्रेस लगातार संविधान का शिकार करती रही। 6 दशक में 75 बार कांग्रेस ने संविधान में संशोधन किया।

    इंदिरा गाँधी ने 1971 में न्याय पालिका को नियंत्रित किया। अदालतों का सारा अधिकार छीन लिया। 1975 में तो अपनी कुर्सी बचाने के लिए संविधान का दुरूपयोग करते हुए देश में इमरजेन्सी थोप दी।

    संविधान बदलने की यह परंपरा जो नेहरू जी ने शुरू की, इंदिरा जी ने आगे बढ़ाया, उसे राजीव गाँधी ने खाद पानी दिया और एक गरीब महिला को गुजारा भत्ता देने के अदालती आदेश को संविधान संशोधन के जरिए पलट दिया।

    नेहरू गाँधी परिवार की आगे की पीढ़ी भी यही कर रही है। कैबिनेट के फैसले को अपने अहंकार से भरे लोगों ने पत्रकारों के सामने फाड़ दिया और कैबिनेट ने उसे वापस ले लिया। यह कौन सी व्यवस्था है।

    कांग्रेस ने निरंतर संविधान की अवमानना की। हर मौके पर संविधान की मूल भावना को चोट पहुंचाई। संविधान से खिलवाड़ कांग्रेस की रगों में है। कांग्रेस की रगों में सत्तावाद और परिवारवाद है।

    कांग्रेस के मुंह से तो संविधान शब्द ही ठीक नहीं लगता, जो अपनी पार्टी के ही संविधान को नहीं मानते, वो कैसे देश के संविधान को स्वीकार कर सकते हैं। कांग्रेस अपनी पार्टी का संविधान मानती तो नेहरू की जगह सरदार पटेल प्रधानमंत्री होते।

    हमारे लिए संविधान उसकी पवित्रता, उसकी शुचिता सर्वोपरि है। जब जब हमें संविधान की कसौटी पर कसा गया हम खरे उतरे हैं। अटल जी ने 13 दिन सरकार चला कर इस्तीफा दे दिया, सौदेबाजी नहीं की।अटल जी ने संविधान का रास्ता चुना। कांग्रेस के जमाने में वोट फॉर कैश कांड से वोट खरीदा गया।

  • अतुल सुभाष का वीडियो दिल दहला देने वाला है

    अतुल सुभाष का वीडियो दिल दहला देने वाला है

    अतुल सुभाष का वीडियो दिल दहला देने वाला है,पूरा देश सदमे में है,

    लेकिन एक गलत महिला का उदाहरण लेकर बाकी उत्पीड़न को सही नहीं कह सकते

    हालांकि, 99% गलतियां पुरुषों की होती हैं. इसलिए ऐसी गलतियां हो जाती हैं

    – BJP सांसद कंगना रनौत

  • ‘सिंधिया लेडी किलर…’, कल्याण बनर्जी और ज्योतिरादित्य में तू-तू, मैं-मैं,

    ‘सिंधिया लेडी किलर…’, कल्याण बनर्जी और ज्योतिरादित्य में तू-तू, मैं-मैं,

    ‘सिंधिया लेडी किलर…’, कल्याण बनर्जी और ज्योतिरादित्य में तू-तू, मैं-मैं, TMC सांसद बोले- महाराजा हैं तो कुछ भी करेंगे,

    _तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। लोकसभा में ज्योतिरादित्य सिंधिया पर व्यक्तिगत टिप्पणी के बाद भाजपा की महिला सांसदों ने संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजू से मुलाकात की है। उन्होंने बनर्जी को सत्र से निलंबित करने की मांग की है। आपको बता दें कि कल्याण बनर्जी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेडी किलर कह दिया था जिस पर हंगामा हो गया था।_

  • प्रियंका गांधी ने की गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात

    प्रियंका गांधी ने की गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात

     

    प्रियंका गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह से की मुलाकात, वायनाड के लिए 221 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की मांग की

  • EVM, वोटिंग प्रतिशत चुनाव में कांग्रेस ने उठाए थे सवाल, EC ने चर्चा के लिए 3 दिबंसर को बुलाया

    EVM, वोटिंग प्रतिशत चुनाव में कांग्रेस ने उठाए थे सवाल, EC ने चर्चा के लिए 3 दिबंसर को बुलाया

    EVM, वोटिंग प्रतिशत चुनाव में कांग्रेस ने उठाए थे सवाल, EC ने चर्चा के लिए 3 दिबंसर को बुलाया,

    चुनाव आयोग (ECI) ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा उठाए गए मुद्दों पर चर्चा के लिए कांग्रेस को 3 दिसंबर को बैठक के लिए आमंत्रित किया है. कांग्रेस ने हाल ही में महाराष्ट्र चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया था. पार्टी ने चुनावों के दौरान हुई कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता के सवाल पर अपनी आपत्तियां दर्ज की थीं. कांग्रेस का कहना है कि इन मुद्दों का समाधान लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जरूरी है.

  • महाराष्ट्र: विरोध के चलते प्रस्ताव लिया गया वापस

    महाराष्ट्र: विरोध के चलते प्रस्ताव लिया गया वापस

    महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड को मजबूत करने के लिए 10 करोड़ रुपये का फंड ट्रांसफर करने संबंधी एक सरकारी प्रस्ताव जारी होते ही बीजेपी (BJP) के विरोध के चलते वापस ले लिया गया. विधानसभा चुनाव में लैंड स्लाइड विक्ट्री यानी महाविजय हासिल करने वाली बीजेपी ने सरकारी प्रस्ताव का ये कहते हुए विरोध किया कि निर्णय प्रशासनिक स्तर पर लिया गया था और संविधान में वक्फ बोर्ड का कोई उल्लेख नहीं है.

    अफसर बिना सरकार से पूछे बांटने चले थे 20 करोड़ रुपये,
    रद्द प्रपोजल में 20 करोड़ की मंजूरी का जिक्र था. ये भारी भरकम रकम महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड को मजबूत करने के लिए 2024-25 के लिए बांटनी थी. इसमें से दो करोड़ रुपए काटकर एकमुश्त बोर्ड के खाते में जा चुके हैं. अनुमान है कि वो दो करोड़ बंटकर खर्च हो गए होंगे. इसके साथ-साथ वक्फ बोर्ड के प्रमुख को निर्धारित नियमों के तहत पैसा पानी की तरह बहाने के बजाए सावधानी से खर्च करने की सलाह दी गई है. भाजपा की महाराष्ट्र इकाई ने ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा कि ‘फर्जी खबरें’ फैलाई

  • विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार चौंकाने वाला और आश्चर्यजनक घटनाक्रम होने की उम्मीद है

    विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार चौंकाने वाला और आश्चर्यजनक घटनाक्रम होने की उम्मीद है

    विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, चौंकाने वाला और आश्चर्यजनक घटनाक्रम होने की उम्मीद है,

    अस्पष्ट, बहुत कम ज्ञात मुरलीधर मोहोल पुणे से सांसद महाराष्ट्र के सर्वसम्मति से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हो सकते हैं।

    मुरलीधर मोहोल, एक मराठा, एक अति देशभक्त, राष्ट्रवादी, आरएसएस कार्यकर्ता, मूल भाजपा और पुणे के पूर्व मेयर हैं। वे वर्तमान में मोदी सरकार में नागरिक उड्डयन और सहकारिता मंत्रालय के राज्य मंत्री हैं।

    देवेंद्र फडणवीस को नड्डा की जगह भाजपा के अगले अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जाएगी।

    भाजपा में कोई भी पार्टी से ऊपर नहीं है।
    कृपया याद रखें, उन्होंने हाल ही में राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात में ऐसे बदलाव किए हैं।
    भाजपा में पार्टी की समावेशी प्रगति और विकास के लिए अप्रत्याशित चीजें होती हैं

    प्रदीप आनंद श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ

  • महाराष्ट्र: कौन बनेगा मुख्यमंत्री

    महाराष्ट्र: कौन बनेगा मुख्यमंत्री

    महाराष्ट्र में चुनाव का रिजल्ट आए पूरा एक हफ्ता बीतने वाला है, लेकिन कौन बनेगा मुख्यमंत्री की खींचतान अभी तक चलती आ रही थी. लेकिन अचानक घटक दलों की गृहमंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात ने सारे दावों को खोखला साबित कर दिया.जी हां सभी कयासों पर विराम लगाते हुए बीजेपी ने उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के नाम पर ही मुहर लगा दी है. हालांकि एकनाथ शिंदे ने अमित शाह से बड़ी मांग की है. शिवसेना के लिए गृह मंत्रालय, शहरी विकास समेत कई अहम विभाग मांगे हैं. हालांकि अमित शाह एकनाथ शिंदे की मांग पर लगभघ सहमती जता दी है. कुछ ही देर में मुख्यमंत्री का औपचारिक ऐलान भी कर दिया जाएगा.बीती रात दिल्ली में एकनाथ शिंदे ने ग्रह मंत्री अमित शाह से मुलाकात थी. हालांकि शिंदे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पहले ही सभी कयासों पर विराम लगा दिया था. उन्होने कहा था कि उन्हें मुख्यमंत्री पद चाहिए ही नहीं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जो काम देंगे वे खुशी-खुशी उसे मान लेंगे. अमित शाह से हुई मुलाकात में बताया जा रहा है कि शिंदे ने शिव सेना के लिए गृह मंत्रालय, शहरी विकास समेत कई अहम विभाग मांग की है. बताया जा रहा है कि इक्का-दुक्का को छोड़कर बीजेपी हाईकमान ने उनकी मांगें मान भी ली हैं. बताया जा रहा है कि आज शाम तक ही महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री का आधिकारिक रूप से भी ऐलान हो जाएगा. कई दिनों से चल रही बैठकों के दौर से ये साफ हो गया है कि मुख्यमंत्री बीजेपी से ही बनाना तय माना जा रहा है. साथ ही उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के नाम पर आलाकमान ने लगभग मुहर भी लगा दी है. इससे स्थिति साफ होने से टाइम जरूर लग रहा है. आज शाम तक आधिकारिक रूप से भी घोषणा हो ही जाएगी. बताया जा रहा है कि एकनाथ शिंदे ने भी देवेन्द्र के नाम पर अपनी सहमती जता दी है. गुरुवार रात हुई बैठक के दौरान महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री पद को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ. हालांकि, ऐसा माना जा रहा है कि बीजेपी ने उपमुख्यमंत्री पद के लिए एकनाथ शिंदे को मना लिया है. क्योंकि, एकनाथ शिंदे ने अमित शाह पर भरोसा जताते हुए कहा है कि शिवसेना महायुति के साथ ही है. साथ ही अजीत पवार की भूमिका क्या रहने वाली है अभी तक साफ नहीं हुआ है. इसके लिए आधिकारिक रूप से घोषणा का इंतजार करना होगा.

  • एक है तो सेफ है’ के नारे से गूंजा संसद

    एक है तो सेफ है’ के नारे से गूंजा संसद

    एक है तो सेफ है’ के नारे से गूंजा संसद, लोकसभा में ऐसे हुआ PM मोदी का जोरदार स्वागत,

    संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन जब प्रधानमंत्री मोदी संसद के निचले सदन में हाथ जोड़कर पहुंचे और अपनी सीट पर बैठे, तो सत्ता पक्ष के सांसदों ने उनका स्वागत “मोदी, मोदी” और “एक है तो सेफ है” के नारों के साथ किया। नारे के बीच तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा संसद गूंज उठा।