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  • स्वदेशी जागरण मंच का कर्यक्रम 1 जनवरी को सम्पन्न हुआ था

    स्वदेशी जागरण मंच का कर्यक्रम 1 जनवरी को सम्पन्न हुआ था

    विजय कुमार श्रीवास्तव

    भारत को ‘नौकरों’ का नहीं, ‘मालिकों’ का देश बनाना ही स्वदेशी का मूल लक्ष्य: धीरज राय”

    स्वदेशी जागरण मंच की नई कार्यकारिणी ने ली शपथ, पलायन रोकने और उद्यमिता बढ़ाने पर जोर

    स्वदेशी जागरण मंच एवं स्वावलंबी भारत अभियान, गोरखपुर द्वारा नवनियुक्त कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न

     इतिहास में विश्व व्यापार में ३३% हिस्सेदारी रखने वाला भारत पुनः आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर

    स्वदेशी जागरण मंच एवं स्वावलंबी भारत अभियान, गोरखपुर के तत्वावधान में आज असुरन स्थित शिव सूत्र मैरेज गार्डन में नवनियुक्त जिला कार्यकारिणी का ‘सम्मान समारोह, शपथ ग्रहण एवं परिचय वर्ग’ अत्यंत उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत संयोजक धीरज राय ने की। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. मुकेश शुक्ल एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में सुजीत गुप्ता उपस्थित रहे। मंच संचालन सह-प्रांत संयोजक योगेश पाण्डेय द्वारा किया गया।

    स्वदेशी: एक सांस्कृतिक और आर्थिक जीवन पद्धति

    अध्यक्षीय उद्बोधन में धीरज राय ने कौटिल्य के सूत्र ‘उद्योगेनास्तिदारिद्रयं’ का उल्लेख करते हुए कहा कि उद्यम करने वाला कभी दरिद्र नहीं हो सकता। उन्होंने ऐतिहासिक तथ्यों को रखते हुए बताया कि ३००० साल पहले रोम के इतिहासकार प्लिनी और स्ट्रेबो ने स्वीकार किया था कि रोम की स्वर्ण मुद्राएं भारत के उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों (मलमल, इत्र, तलवारें, औषधि) के कारण भारत जा रही हैं। उन्होंने कहा, “भारत केवल आध्यात्मिक या कृषि प्रधान देश नहीं, बल्कि विश्व व्यापार में ३३% हिस्सेदारी रखने वाला औद्योगिक केंद्र था। आज हमें उसी गौरव को वापस लाना है।”

    पलायन बनाम स्वावलंबन का मॉडल

    डॉ मुकेश शुक्ला ने पंजाब और भिखारी ठाकुर के ‘विदेशिया’ का उदाहरण देते हुए कहा कि केवल १५,००० की नौकरी के लिए दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों के स्लम में रहना व्यक्ति का सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक पलायन है। स्वावलंबी भारत अभियान का उद्देश्य युवा को job Seekar ‘याचक’ के बजाय ‘दाता’ (Job Provider) बनाना है। उन्होंने अभियान का पंच-सूत्र दिया: खेती प्राकृतिक, पशुधन देसी, बागवानी औषधीय, बाजार स्वदेशी और घर भारतीय।

    कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण

    कार्यक्रम के अंत में नवनियुक्त पदाधिकारियों ने राष्ट्र निर्माण और स्वदेशी के प्रसार की शपथ ली। जेआरडी टाटा, वारेन बुफेट और बाबा रामदेव जैसे सफल उद्यमियों का उदाहरण देते हुए कार्यकर्ताओं का आह्वान किया गया कि वे हर ब्लॉक में ५० नए उद्यमी तैयार करें।

    घोषित कार्यकारिणी की सूची:
    स्वदेशी जागरण मंच, गोरखपुर:

    जिला संयोजक: डॉ. मुकेश शुक्ला;
    विभाग संयोजक, गोरखपुर विभाग: श्री देवेश सिंह;
    सह-जिला संयोजक: डॉ. अमित मणि त्रिपाठी, श्री अजीत पाल; जिला विचार विभाग प्रमुख: ई. हरिश चन्द्र जायसवाल; जिला संपर्क प्रमुख: श्री गोस्वामी आलोक भारती; जिला प्रचार प्रमुख: डॉ. देवेज्य श्रीवास्तव; जिला महिला प्रमुख: श्रीमती अनिता शर्मा; जिला संघर्ष वाहिनी प्रमुख: श्री सोम नाथ गुप्ता; जिला युवा प्रमुख: श्री हिमांशु तिवारी; जिला सोशल मीडिया प्रमुख: श्री रवि श्रीवास्तव; जिला पर्यावरण प्रमुख: श्री परमात्मा धर दुबे।

    जिला समन्वयक: श्री राणा प्रताप सिंह; सह-जिला समन्वयक: श्री शक्ति, श्री आदित्य प्रताप, श्री अमन; जिला विचार विभाग प्रमुख: श्री वेद प्रकाश, सह-प्रमुख: श्री समरेंद्र; जिला संपर्क प्रमुख: श्री ऋतुराज राजा, सह-प्रमुख: श्री रितिक गुप्ता; जिला प्रचार प्रमुख: श्री आदर्श दुबे, सह-प्रमुख: श्री सनी सिंह; जिला संघर्ष वाहिनी प्रमुख: श्री किशोर, सह-प्रमुख: श्री राजकुमार दुबे; जिला युवा प्रमुख: श्री अर्जुन मिश्रा, सह-प्रमुख: श्री श्रेयांश; जिला सोशल मीडिया प्रमुख: श्री रौनक यादव; जिला प्राकृतिक एवं देशी गौ संवर्धन प्रमुख: श्री सरवन शुक्ला; जिला पर्यावरण प्रमुख: श्री तारकेश्वर।

    इस अवसर पर अंशुमान मिश्रा, राजेश सिंह, निर्भय वर्मा, अमरेंद्र राय, राहुल राय, अभिषेक मिश्रा, दीपक सिंह, उपेंद्रशुक्ला, महेंद्र नाथ मिश्रा, मनोज राय, मणिनाथ गुप्ता, अनिमेष सिंह, आनंद पांडे अमरेश शुक्ला सहित अन्य गणमान्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

  • दो दिवसीय पाठ्यक्रम निर्माण कार्यशाला एवं अखिल भारतीय विज्ञान मेला 2026 की तैयारी बैठक का समापन

    दो दिवसीय पाठ्यक्रम निर्माण कार्यशाला एवं अखिल भारतीय विज्ञान मेला 2026 की तैयारी बैठक का समापन

    विजय कुमार श्रीवास्तव

    गोरखपुर ;सरस्वती शिशु मंदिर,(10+2) पक्कीबाग, गोरखपुर के प्रांगण में आयोजित दो दिवसीय ‘अखिल भारतीय विज्ञान मेला 2026’ पाठ्यक्रम निर्माण कार्यशाला का आज भव्य समापन हुआ।

    इस कार्यशाला में देशभर के शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने आगामी 27,28,29 नवंबर 2026 को सरस्वती शिशु मंदिर (10+2) पक्कीबाग गोरखपुर में संपन्न होने वाले विज्ञान मेले की रूपरेखा और नवाचारी पाठ्यक्रम पर गहन मंथन किया।

    कार्यक्रम के समापन सत्र को संबोधित करते हुए विद्या भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री, माननीय गोविंद चंद्र महंत जी ने कहा कि विज्ञान मेला केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और स्वदेशी तकनीक के प्रति गौरव जगाने का माध्यम है।

    उन्होंने जोर दिया कि हमारा पाठ्यक्रम ऐसा होना चाहिए जो आधुनिक विज्ञान और प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा का संगम हो।


    विद्या भारती के अध्यक्ष, डॉ. रविंद्र कान्हेरे जी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा, 2026 का विज्ञान मेला नई शिक्षा नीति (NEP) के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। हम छात्रों को रटने के बजाय ‘करके सीखने’ (Learning by Doing) के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

    कार्यशाला के मुख्य बिंदु:

    आगामी विज्ञान मेले के लिए नए प्रयोगों और मॉडलों के मानकों का निर्धारण।
    पाठ्यक्रम में एआई (AI) और रोबोटिक्स जैसे आधुनिक विषयों को शामिल करने पर चर्चा।
    देशभर के विभिन्न प्रांतों से आए प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव साझा किए।

    समापन अवसर पर अखिल भारतीय विज्ञान संयोजक नगेंद्र पाण्डेय, प्रांतीय संयोजक बांके बिहारी जी, प्रदेश निरीक्षक रामसिंह,जियालाल जी, संभाग निरीक्षक कन्हैया चौबे,स्थानीय विज्ञान क्षेत्र के विशेषज्ञ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र के साथ गरिमामय वातावरण में हुआ।
    अतिथि परिचय प्रधानाचार्य डॉक्टर राजेश सिंह द्वारा हुआ

  • सरस्वती शिशु मंदिर, पक्कीबाग में विद्यारंभ संस्कार एवं बसंत पंचमी उत्सव हर्षोल्लास के साथ संपन्न

    सरस्वती शिशु मंदिर, पक्कीबाग में विद्यारंभ संस्कार एवं बसंत पंचमी उत्सव हर्षोल्लास के साथ संपन्न

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती के पावन पर्व बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर आज सरस्वती शिशु मंदिर, (10+2)पक्कीबाग गोरखपुर के प्रांगण में ‘विद्यारंभ संस्कार’ समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने भैया-बहनों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अपने शैक्षिक जीवन की औपचारिक शुरुआत की।

    समारोह के मुख्य अतिथि गोरखपुर के महापौर डा. मंगलेश श्रीवास्तव रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में महापौर जी ने कहा:

    “विद्यारंभ संस्कार हमारी गौरवशाली भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। यह बालक के बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास की नींव रखता है। सरस्वती शिशु मंदिर जैसे संस्थान न केवल शिक्षा, बल्कि संस्कारों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं।”

    पुरोहितों के सानिध्य में वैदिक रीति-रिवाज से सरस्वती पूजन और हवन संपन्न हुआ, जिसमें अभिभावकों ने अपने बच्चों के साथ आहुति दी।

     

    नन्हे छात्रों को ‘ॐ’ और ‘श्री’ लिखवाकर उनके शिक्षा सत्र का श्रीगणेश कराया गया।
    विद्यालय के भैया-बहनों द्वारा माँ सरस्वती की वंदना और बसंत गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी गई।


    इससे पूर्व विद्यालय के नन्हे मुन्ने भैया बहनों द्वारा कलश यात्रा निकाली गई।


    साथ ही स्वतंत्रता संग्राम के महानायक सुभाष चंद्र बोस की जयंती एवं वीर हकीकत राय का बलिदान दिवस मनाया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ राजेश सिंह द्वारा अतिथि परिचय एवं सम्मान हुआ।

    इस शुभ अवसर पर प्रदेश निरीक्षक राम सिंह, कोषाध्यक्ष महेश गर्ग,डॉक्टर सूर्यकांत त्रिपाठी,प्रथम सहायक रुक्मिणी उपाध्याय, शिशु वाटिका प्रमुख मीनाक्षी राजपूत सहित प्रबंध समिति के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन आरती व प्रसाद वितरण के साथ हुआ।