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  • राष्ट्रीय मंच पर प्रतिभा दिखाने को तैयार पूर्वांचल के विद्यार्थी

    राष्ट्रीय मंच पर प्रतिभा दिखाने को तैयार पूर्वांचल के विद्यार्थी

    “छठवीं भारतीय टेक्नो फेस्टिवल 2026 में डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन के प्रयासों को मिली सफलता।”

    “गोरखपुर से गुजरात तक विज्ञान की उड़ान; गोरखपुर एवं बस्ती मंडल के विद्यार्थियों को मिला है,राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर।”

    गोरखपुर। कहते हैं न कि “जहाँ चाह वहाँ राह” एक बहुत प्रसिद्ध हिंदी लोकोक्ति (कहावत) है, जिसका अर्थ है “जहाँ किसी काम को करने की तीव्र इच्छा या संकल्प होता है, वहाँ रास्ता अपने आप मिल जाता है।” इसी कहावत को सटीक साबित कर दिखा रही हैं पूर्वांचल की प्रतिभाएं।
    पूर्वांचल की प्रतिभाओं को पहचान दिलाने और उन्हें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की दिशा में डे *एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन (DANSF), गोरखपुर* के प्रयासों को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। गुजरात के अंकलेश्वर में 24 एवं 25 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले छठवें भारतीय साइंस टेक्नो फेस्टिवल -2026 में प्रतिभाग करने के लिए पूर्वांचल के विभिन्न विद्यालयों के 26 मेधावी विद्यार्थियों का चयन हुआ है। यह आयोजन विद्यार्थियों को अपनी वैज्ञानिक सोच, नवाचार और रचनात्मक क्षमता को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करेगा।

    इस टेक्नो फेस्टिवल का आयोजन रमन साइंस एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन, ए.पी.जे. अब्दुल कलाम नेशनल काउंसिल ऑफ यंग साइंटिस्ट, नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स साइंटिस्ट, संकल्प दीप ट्रस्ट एवं अन्य सहयोगी संस्थाओं के सहयोग से किया जा रहा है। इस वर्ष के आयोजन में उत्तर प्रदेश की टीमों को भी प्रतिभाग करने का अवसर मिला है। इसी क्रम में डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन के निरंतर प्रयासों, शैक्षणिक मार्गदर्शन और विभिन्न संस्थानों के सहयोग से गोरखपुर एवं बस्ती मंडल के कुछ विद्यालयों के विद्यार्थियों का चयन इस प्रतिष्ठित आयोजन के लिए हुआ है। चयनित विद्यार्थियों में आर. पी. आई. सी., महाराजगंज सहित पूर्वांचल के अन्य शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थी शामिल हैं।

    डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन की टीम का मानना है कि पूर्वांचल में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता है तो बस उन्हें समय पर पहचानने, उचित मार्गदर्शन देने और अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए सही मंच उपलब्ध कराने की। संसाधनों और अवसरों की सीमाओं के बावजूद यहाँ के विद्यार्थी विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान, गणित और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय संभावनाएँ रखते हैं। यदि इन विद्यार्थियों को निरंतर प्रोत्साहन और सही दिशा मिले, तो वे न केवल प्रदेश, बल्कि देश का नाम भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकते हैं।

    इसी उद्देश्य के साथ डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन विद्यार्थियों की वैज्ञानिक अभिरुचि को विकसित करने, नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करने और उन्हें विभिन्न वैज्ञानिक आयोजनों से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। संस्था का प्रयास केवल विद्यार्थियों को प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कराना ही नहीं, बल्कि उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक क्षमता, रचनात्मकता, आत्मविश्वास और समस्याओं के समाधान की समझ विकसित करने के साथ ही सर्वांगीण विकास करना भी है। इस यात्रा में संस्था के मार्गदर्शकों, सलाहकारों, मेंटर्स, शिक्षकों तथा सहयोगी संस्थानों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है, जिनके सामूहिक प्रयासों से विद्यार्थियों को आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिल रहा है।

    इस उपलब्धि में विभिन्न शैक्षणिक, वैज्ञानिक और नवाचार से जुड़ी संस्थाओं का सहयोग भी उल्लेखनीय है। इस सामूहिक प्रयास से जुड़ी संस्थाओं में डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन, गोरखपुर; डे एंड नाइट स्पेस इनोवेशन लैब्स प्राइवेट लिमिटेड, गोरखपुर; कुरत्रिम स्पेस टेक एलएलपी हैदराबाद; भारत विज्ञान यात्रा,आर.पी.आई.सी., महाराजगंज; कासिम इंटर कॉलेज, सिद्धार्थनगर; स्मार्ट स्टडी क्लासेज, कुशीनगर; प्रैक्सिस विद्यापीठ, बस्ती; क्रिस्तुराजा पब्लिक जू .हा . स्कूल, गोरखपुर; एस.आर. एल.अकादमी, सिद्धार्थनगर; लैब सॉल्यूशन, हरियाणा; स्पेस टू स्पेस, कलाग्रह,मध्य प्रदेश तथा इंडोप्लैनेटएक्स स्पेस वॉल्ट एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड रुड़की, उत्तराखंड, ए.डब्लू. इंटरप्राइजेज, तमिलनाडु व के. पी. टेक्नो लाइफ,अमरावती, महाराष्ट्र आदि शामिल हैं। इन संस्थाओं के सहयोग और सामूहिक प्रयासों ने पूर्वांचल के विद्यार्थियों को व्यापक अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन की फाउंडर प्रिया यादव एवं को०फाउंडर सरोज, के साथ ही उनकी पूरी टीम का कहना है कि विज्ञान में भारत को अग्रणी बनाने की शुरुआत विद्यार्थियों में जिज्ञासा जगाने, उनकी प्रतिभा को पहचानने और उन्हें प्रयोग तथा नवाचार के अवसर देने से होती है। पूर्वांचल के विद्यार्थियों का राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन तक पहुँचना इसी दिशा में एक उत्साहजनक कदम है। उम्मीद है कि गुजरात में होने वाला यह टेक्नो फेस्टिवल चयनित विद्यार्थियों के लिए सीखने,अनुभव प्राप्त करने और अपनी क्षमताओं को नई पहचान देने का महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा।

    डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन की टीम ने इसरो, डी०आर० डी०ओ०,विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी ब अन्य तमाम संस्थाओं के वर्तमान और भूतपूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिकों की विशेष टीमों ने चयनित विद्यार्थियों,उनके शिक्षकों, अभिभावकों और संबंधित विद्यालयों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। संस्था से जुड़े सहयोगियों ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं। इनसे विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने, नए विचारों को समझने, दूसरे प्रतिभागियों से सीखने और भविष्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के साथ ही अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने की भी सकारात्मक प्रेरणा मिलती है।डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन की टीम के साथ ही डॉ० चंद्रमौली जोशी, डॉ० जे०जे० रावल, डॉ० दिलीप भट्ट,डॉ० ऐ०सी० माथुर, डॉ० आलोक माथुर, डॉ० एस०पी० व्यास, इंजी० जयंत पी०जोशी, प्रो० हरी ओम वत्स, प्रो० चंद्रमौली सोलंकी, प्रो० मुकेश कुमार, चित्रा सिंह, परिधि व्यास, कावेरी यादव, इरितिका यूसुफ़, अज़हर यूसुफ, इंजी०वी०यन० राव रेड्डी,डॉ०राजेश ठाकुर,डॉ, पर्वथालु कालाकोंडा, डॉ०प्रदीप कुमार,प्रो०आर०आर० एलांगेवन ,डॉ० अमित, डॉ० चक्रपाणी पटनायक, संजीव कुमार लैब्सलूशन,अरविंद सिंह पटेल, हरिकेश यादव, डॉ० राहुल व्यास, हरि शंकर, विजय कुमार,राम कृपाल,मुस्तन शेरूल्लाह, अमरेश कुमार, गड्डालेय श्रुति हर्षिणी,अनुराधा, भारती एस० राज,डॉ ० अंकित कुमार, कार्तिक परिधि, सतीश रमेश, बृजेश यादव, नवीन कुमार, सत्यराम, देवेंद्र कुमार,एस० टी०अली, राम सिंह,रोहित कुमार,दिशांक श्रीवास्तब, प्रदीप यादव, डॉ देवेंद्र शुक्ला, डॉ० के० एझिलन, गजेंद्र त्रिपाठी, मारुत पांडे,अनुराग श्रीवास्त, शोभित श्रीवास्तव, महेंद्र यादव,अभिनाश, आलोक कुमार,निगमानंद अग्रहरि,दीपक,राकेश कुमार श्रवण,प्रसून शुक्ला एवं खगोलविद अमर पाल सिंह के साथ ही अनेकों लोगों ने सभी चयनित विद्यार्थियों को ख़ास शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए विश्वास भी जताया है कि डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन एवं सभी विद्यार्थियों की बड़ी उपलब्धियाँ ख़ासकर ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही प्रदेश के अन्य विद्यार्थियों को भी विज्ञान,तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी।

    द्वारा -टीम डे एंड नाइट स्पेस फाउन्डेशन।

  • विशेष उपलब्धि: डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन भारत, की मेधा इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल 2025 में चमकी

    विशेष उपलब्धि: डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन भारत, की मेधा इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल 2025 में चमकी

    “डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन द्वारा इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल 2025 में किया कमाल”

    गोरखपुर। डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन की समस्त टीम द्वारा इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल 2025 में प्रतिभाग करके अपनी प्रतिभा से सभी को आश्चर्य चकित कर दिया और इस दौरान समस्त प्रतिभागियों ने तमाम क्षेत्रों से जुड़े वैज्ञानिकों एवं इसरो के वर्तमान अध्यक्ष श्री वी ० नारायणन से भी मुलाकात करके अपने द्वारा किए गए कार्यों को बताया। इस पर श्री वी ० नारायणन द्वारा हर्ष व्यक्त किया गया और समस्त टीम डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन गोरखपुर की सराहना की, इसी दौरान डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन गोरखपुर की टीम द्वारा अपनी स्टॉल्स पर उपस्थित प्रतिभागियों ने रॉकेट्स मॉडल्स के माध्यम से आने वाले आगंतुकों को विस्तार पूर्वक जानकारियों से अवगत कराया एवं चांद, तारों एवं मंदाकिनी को पहचानने की साधारण तरकीबों से भी रूबरू करवाते हुए नक्षत्रों एवं तारामंडलों के बारे में भी बनाए गए मानचित्रों से परिचय प्राप्त करवाया एवं साथ ही एक विशेष प्रकार का 180 अंश का ऑटोमेटीक रॉकेट लॉन्चर जो आने वाले भविष्य में बॉर्डर सुरक्षा में एक अति महत्वपूर्ण योगदान देगा उसका भी प्रदर्शन किया गया, जिससे दर्शकों ने जाना कि कैसे एक विशेष ए ०आई० आधारित रॉकेट लॉन्चर को प्रयोग करके नो मेन लैंड बॉर्डर एरिया में युद्ध या अन्य अवांछित गतिविधियों के घटित होने पर छड़ भर में सामने आने वाले किसी भी टार्गेट को पिन पॉइंटेड वार किया जाता है। साथ ही हाइड्रा रॉकेट्स लॉन्चर के माध्यम से दिखाया की पानी की सहायता से रॉकेट्स में थ्रस्ट कैसे उत्पन्न किया जाता है।

    अन्य मॉडल्स में एस० एस० एल० वी ० रॉकेट एवं अन्य रॉकेट्स मॉडल्स से यह भी प्रदर्शित किया की विभिन्न प्रकार के रॉकेट्स की कार्य प्रणालियां कैसे कार्य करती हैं और किसी भी सैटेलाइट्स एवं पेलोड्स को कैसे अपनी इच्छित कक्षाओं में प्रक्षेपित किया जाता है।

    उसी दौरान स्टॉल पर आए इसरो के पूर्व अध्यक्ष श्री एस० सोमनाथ जी ने स्टॉल पर आकर के मौजूद डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन की टीम के प्रतिभागियों से रॉकेट्स मोटर्स और किसी अंतरिक्ष यात्री को चन्द्रमा एवं आई० एस ० एस० पर मौजूद लगभग ज़ीरो ग्रैविटी में अंतरिक्ष में कैसे पहुंचाया जाता है जैसे आदि प्रश्नोत्तरों के माध्यम से विशेष हौसला अफजाई करते हुए भविष्य के वैज्ञानिकों को बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन जैसी और भी संस्थाओं की देश को बहुत जरूरत है जिस से भविष्य के आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त ,वराहमिहिर, सुश्रुत, चरक, विक्रम अंबालाल साराभाई एवम् डॉ०ए० पी० जे० अब्दुल कलाम साहब, सतीश धवन जैसे दूरदर्शी वैज्ञानियों की सकारात्मक एवं उच्च सोच से ओत प्रोत महान वैज्ञानिकों के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए नवीन क्षितिजों के साथ अग्रिम भविष्य में नई वैज्ञानिक पीढ़ी तैयार की जा सके,जो भारत को संपूर्ण समर्पित हो और देश को वैज्ञानिक शिक्षा एवं तकनीकी नवाचारों को सतत बढ़ाने में पूर्ववर्ती वैज्ञानिकों की तरह ही देश में अग्रिम सहयोग करें। इस दौरान डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन की फाउंडर श्री प्रिया यादव ने कहा कि हम डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन के माध्यम से प्रतिभाओं को तलाश कर तराशने के लिए दिन, रात लगे हुए हैं जिस से हमारा देश विज्ञान में नए नए अंतरिक्षिय योगदानों के साथ ही वैज्ञानिक अनुसंधानों की अग्रिम पंक्ति में रहे और प्रायोगिक ज्ञान का दीप अनवरत जलता रहे। एवं डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन की को० फाउंडर श्रीमती सरोज ने कहा कि विज्ञान से ही अशिक्षा का अंधियारा मिटाया जा सकता है और नए ज्ञान का सूरज चमकाया जा सकता है जिसकी आज हमारे देश को महती आवश्यकता है, साथ ही डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन के सी०ई० ओ० श्री राहुल व्यास ने कहा कि छोटे छोटे वैज्ञानिक आधारित मॉडल्स से शिक्षा में सुधार एवं नवाचार को प्रेरित करके समाज में अंतरिक्ष विज्ञान को जन जन की भाषा में पहुंचाया जा सकता है जो भविष्य में भारत देश को वैज्ञानिकता के निश्चित परिणाम दे सकते हैं। एवं इसी दौरान डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन के मेंटर खगोलविद, श्री अमर पाल सिंह ने कहा कि, सही ज्ञान,सभी समस्याओं का समाधान और यही है विज्ञान और इस दिशा में डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन निश्चित तौर पर लगातार प्रयासरत एवं कार्यरत भी है, जो सामाजिक ताने बाने के लिये अति आवश्यक तत्वों में से एक महत्वपूर्ण पहलू है। एवं डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन के अलग अलग विषयों के विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमौली, डॉ दिलीप भट्ट (इसरो), डॉ.जयंत जोशी(इसरो), प्रोफेसर मोहर लाल सोलंकी,डॉ. राजेश ठाकुर, डॉ अनूप कुमार सिंह, प्रोफेसर बृजेश दीक्षित आदि ने कहा कि डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन गोरखपुर, एक ऐसा अनूठा फाउंडेशन है जो छोटे छोटे सतत प्रयासों से सभी को जोड़कर के समस्त विधार्थियों एवं आम जनमानस को नित नए अवसर देकर समाज में बड़े- बड़े बदलाब लेकर आ रहा है, इसीलिए इस से जुड़कर कोई भी व्यक्ति वैज्ञानिक दृष्टिकोण को धरातल पर पहुंचा सकता है जो निकट एवं दूर भविष्य की जरूरत है। इस बार के इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल 2025 जो पंचकूला में आयोजित किया गया इस दौरान डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन के प्रयासों से 35 से अधिकत विबिन्न विधार्थियों एवं अन्य प्रतिभागियों ने प्रतिभाग करके विज्ञान के प्रति गोरखपुर के साथ ही पूरे पूर्वांचल क्षेत्र में एक नई अलख जगाने के साथ ही विज्ञान के क्षेत्र में नए द्वार खोले हैं इस कार्यक्रम के दौरान डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन के सिद्धार्थनगर जिला समन्वयक श्री राज नारायण, आदर्श मणि त्रिपाठी, , तनु उपाध्याय, अंजली व गोरखपुर से अवनीश पाठक आदित्य, अंशिका, आदि द्वारा प्रतिभाग किया गया।

    News Courtesy : प्रिया यादव। फाउंडर डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत।

  • आईटीएम गीडा के इनोवेशन सेल की टीम ने विकसित किया अत्याधुनिक ऑनलाइन उपकरण

    आईटीएम गीडा के इनोवेशन सेल की टीम ने विकसित किया अत्याधुनिक ऑनलाइन उपकरण

    “शिवलिंग पर वर्चुअल जल अर्पण की तकनीक विकसित, आस्था और तकनीक का समन्वय।”

    संवाददाता– एस.पी. सिंह
    सहजनवा, (गोरखपुर)।

    आईटीएम गीडा के बीसीए तृतीय वर्ष के पांच छात्र खुशी, अंचल यादव, आयुषी कुमारी, गोपाल शर्मा और विवेक शर्मा – ने कॉलेज के इनॉवेशन सेल टीम के साथ मिलकर एक अत्याधुनिक ऑनलाइन उपकरण विकसित किया है, जो आध्यात्मिक आस्था और आधुनिक तकनीक का अनूठा समन्वय प्रस्तुत करता है।
    इस उपकरण की विशेषता यह है कि सिर्फ एक मैसेज कमांड भेजकर शिवलिंग पर चारों धाम बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री का पवित्र जल आभासी रूप में अर्पित किया जा सकता है।
    संस्थान के निदेशक डॉ. एन. के. सिंह ने बताया, “जिस प्रकार हम मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों के लाइव दर्शन करते हैं, उसी प्रकार अब सोशल मीडिया के माध्यम से कहीं से भी भगवान शिव की मूर्ति पर लाइव जुड़कर जल अर्पित किया जा सकेगा।”
    छात्र विवेक शर्मा और गोपाल शर्मा ने बताया कि इस पूरे उपकरण को बनाने में छह दिन का समय लगा और इसमें लगभग 25 से 30 हजार रुपये का खर्च आया। इसे बनाने में एंड्रॉइड मोबाइल, गियर मोटर, कैमरा, डीसी वॉटर पंप आदि तकनीकों का उपयोग किया गया है।
    संस्थान की यह पहल तकनीकी शिक्षा को नवाचार से जोड़ने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास माना जा रहा है।

  • ड्रोन कार्यशाला और प्रतियोगिता में छात्रों ने दिखाया अद्भुत हुनर

    ड्रोन कार्यशाला और प्रतियोगिता में छात्रों ने दिखाया अद्भुत हुनर

    गोरखपुर। TYNXROBO द्वारा लिटिल फ्लावर स्कूल, राप्तीनगर में 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए 7-दिवसीय मिनी ड्रोन कार्यशाला का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को ड्रोन तकनीक की बुनियादी जानकारी देना और उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था।

    इस कार्यशाला में छात्रों ने ड्रोन की बनावट, उड़ान के सिद्धांत, सेफ़्टी प्रोटोकॉल, और असेंबलिंग से लेकर उड़ान तक के हर पहलू को सीखा। अंतिम दिन एक रोमांचक ड्रोन फ्लाइंग चैलेंज और क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने अपनी सीखी हुई जानकारी और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया।

     क्विज प्रतियोगिता विजेता :
    आर्या गुप्ता
    तेजस
    शंतनु

     ड्रोन फ्लाइंग चैलेंज विजेता :
    मोहम्मद उमैर अली
    आदित्य मिश्रा
    अलीशा सिद्दीकी

    कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए और विजेताओं को ट्रॉफी व मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। इस आयोजन के दौरान विद्यार्थियों में टेक्नोलॉजी के प्रति रुचि, टीमवर्क और नवाचार की भावना का विकास हुआ।

    TYNXROBO और Day & Night Space Foundation द्वारा आयोजित यह कार्यशाला एक सराहनीय पहल रही, जो छात्रों को भविष्य की तकनीकों से रूबरू कराने की दिशा में एक अहम कदम है।

     

  • प्रौद्योगिकी के विकास से किसानों की उपज का विकास सम्भव हुआ है – प्रो आर.पी. ओझा

    प्रौद्योगिकी के विकास से किसानों की उपज का विकास सम्भव हुआ है – प्रो आर.पी. ओझा

    प्रौद्योगिकी के विकास से किसानों की उपज का विकास सम्भव हुआ है – प्रो आर.पी. ओझा,

    किसान दिवस के अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केन्द्र वीरबहादुर सिंह नक्षत्रशाला गोरखपुर के द्वारा आज 23 दिसम्बर 2024 को नेहरू इण्टर कालेज अमहिया में वृहद्ध विज्ञान जनजागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में मुख्य अतिथी प्रो.आर.पी. ओझा पूर्व विभागाध्यक्ष भौतिक विज्ञान विभाग गोरखपुर विश्वविद्यालय में ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विज्ञान की जनचेतना और प्रौद्योगिकी के विषय में आमजनमानस को जोड़ना ही किसान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की सार्थकता होगी क्योंकि प्रौद्योगिकी के विकास से ही किसानों की उन्नति सम्भव हुई है। इस अवसर पर प्रधानाचार्य डा० गिरिजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि विज्ञान जागरुकता कार्यक्रम जैसे आयोजन होने से प्रतिभाओ की खोज एवं मानसिक सोच में परिवर्तन से सामाजिक विकास सम्भव हुआ।

    केन्द्र के वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पाण्डेय ने कहा कि विज्ञान को गाँव तक पहुंचाने के लिए हमें ग्रामीण विज्ञान क्लब का गठन करना होगा जिसमें छात्र-छात्राएँ, अन्य पुरुष एवं महिलाएँ भी शामिल हो। उक्त अवसर पर लगभग 700 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया तथा विभिन्न गतिविधियों की प्रतियोगिताओं में वाद-विवाद व भाषण प्रतियोगिता में प्रथमस्थान श्रुति विश्वकर्मा कक्षा 10th, द्वितीय स्थान ,ज्योति मद्देशिया तृतीय स्थान खुशी व प्रिया कन्नौजिया नेहा व बृजकिशोरी को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। साथ ही साथ विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में सिनियर वर्ग में निखिल विश्वकर्मा प्रथम ,करीना द्वितीय, पंकज पासवान तृतीय एवं कृतिका जायसवाल व प्रिया चौहान को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं पर जुनियर वर्ग के अंशिका निषाद को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। कार्यक्रम के अवसर पर विद्यालय के अध्यापक यह गण
    जितेन्द्र सिंह, श्री रामानन्द उपाध्याय, शरदेन्द्र राय, प्रियेश श्रीषम प्रसाद, जयप्रकाश, निलय जय कुमार आदि लोग उपस्थित थे।

  • बी.आई.टी. दो दिवसीय मण्डलस्तरीय टेकजेनेसिस का हुआ समापन

    बी.आई.टी. दो दिवसीय मण्डलस्तरीय टेकजेनेसिस का हुआ समापन

    बी.आई.टी. दो दिवसीय मण्डलस्तरीय टेकजेनेसिस का हुआ समापन,

    संवाददाता– एस. पी. सिंह
    गोरखपुर/सहजनवां ।

    बुद्धा इन्स्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलाॅजी, गीडा मे दो दिवसीय मण्डलस्तरीय टेक-जेनिसिस 9.0 का समापन हुआ । इस टेक-जेनिसिस महोत्सव में गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, बस्ती, खलीलाबाद जनपद के सैकड़ों विद्यालयों के हजारों छात्र एवं छात्राओं ने प्रतिभाग किया । इस महोत्सव में तकनीकी, बे्रनविटा व नवाचार से संम्बंधित दर्जनों प्रतियोगिताएँ एवं विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन हुआ । प्रतियोगिता के द्वितीय दिवस का शुभारम्भ मुख्य अतिथि व गोरखपुर जिला विद्यालय निरीक्षक अमरकान्त सिंह द्वारा किया गया । समापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहजनवा के लोकप्रिय विधायक प्रदीप शुक्ला एवं अघ्यक्षता संस्थान के सचिव डा रजत अग्रवाल द्वारा किया गया । कार्यक्रम को संम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज का समय तकनीकी एवं नवाचार का है । यदि आप सभी इस डिजिटल क्रान्ति के युग में तकनीकी का इस्तेमाल कर अपने नवाचार को इस मंच के माध्यम से आम जनमानस तक पहुचाते हैं तो निश्चित ही यह क्षेत्र विकास के पथ पर अग्रसर हो राष्ट्रहित में अपना योगदान सुनिश्चित करेगा ।
    कार्यक्रम में विजयी छात्रों को पुरस्कृत करते हुए सहजनवां के लोकप्रिय विधायक प्रदीप शुक्ल ने कहा ऐसे कार्यक्रम हमारे ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को निखारने और अपने कौशल को नवाचार के माध्यम से प्रदर्शित करने का अच्छा मौका है । संस्थान के सचिव डा रजत अग्रवाल जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा और मेंहनत का कोई विकल्प नही है अगर आज आप लगन एवं ईमानदारी से अध्ययनरत रहेंगे तो आपका भविष्य उज्जवल होगा ।
    इसके साथ ही क्षेत्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केन्द्र गोरखपुर के तत्वधान में जनपद स्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन किया गया जिसमे इण्टर कालेज के छात्र-छात्राओं द्वारा अनेको प्रकार के माॅडल प्रद्रर्शित की गई । जिला विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केन्द्र के प्रभारी वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पाडे ने प्रतिभागी छात्रो को पुरस्कृत किया । टेक जेनेसिस 9.0 के 9 वे संस्करण के दो दिवसीय कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं के लिए अनेको प्रतियोगिताये, क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, शतरंज, कैरम, सहित अन्य खेल प्रतियोगिताएं, नृत्य गायन लेखन नाटक मिमिक्री रंगमंच की प्रतियोगिता सहित विविध ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताओं के मैच आयोजित हुए ।
    कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में राजीव जायसवाल जी चेयरमैन जी डी गोयनका, विवेक श्रीवास्तव चेयरमैन रैम्पस स्कूल, अजय शाही चेयरमैन आर पी एम स्कूल ग्रुप सहित मण्डल के अनेको कालेज के प्रधानाचार्य, शिक्षक व हजारो की संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे । कार्यक्रम में कालेज के निदेशक बी.आई.टी. डा० अरविन्द पाण्डेय, निदेशक फार्मेसी डा० आशीष सिंह, तथा संस्थान के प्रशासन सहित कालेज के सभी शिक्षक, कर्मचारी तथा मीडियाकर्मी व छात्र-छात्राए उपस्थित थे ।

  • बुद्ध इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी ने आयोजित किया विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी

    बुद्ध इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी ने आयोजित किया विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी

    ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तकनीकी मॉडल को देखकर आश्चर्य चकित रह गए माननीय विधायक प्रदीप शुक्ला सहजनवा गोरखपुर क्षेत्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र वीर बहादुर सिंह छत्रसाल गोरखपुर द्वारा जनपद स्तरीय विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता का आयोजन आज बुद्ध इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी गीडा गोरखपुर में किया गया इस अवसर पर इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि माननीय विधायक श्री प्रदीप शुक्ला सहजनवा ने बच्चों द्वारा लगाए गए सभी स्टालों एवं पर जाकर विज्ञान मॉडल का अवलोकन किया उन्होंने कहा कि बड़ी मेहनत और दिमाग से विज्ञान मॉडल बच्चों ने बनाया है माननीय विधायक जी ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों के विज्ञान का तकनीकी मॉडल को देखकर स्वयं को अगर आज आप संघर्ष कठिन परिश्रम एक लग्न एवं ईमानदारी से अध्ययन रत्न रहेंगे तो आपका भविष्य सुनहरा रहेगा अगर आज के समय को अपने व्यर्थ कवाया तो आपका भविष्य आधार अंधकार में रहेगा दुनिया जीतने वाले को याद रखती है हारने वाले को नहीं इसलिए प्रतियोगिता में आप सबको यह सदैव प्रयास रहे की सर्वोत्तम प्रदर्शन पर आपको जीत हासिल करनी है कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि डॉक्टर अश्वनी कुमार मिश्रा क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने अपने संबोधन में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का इस प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी संस्थाएं ऐसे पूर्वांचल के प्रतिभाओं का पलायन रुकेगा प्रोफेसर आरपी ओझा पूर्व विभाग अध्यक्ष भौतिक विभाग डीडीयू गोरखपुर ने अपने विशेष व्याख्यान में कहा कि जनपद स्तरीय विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी के आयोजन के से बच्चों में विज्ञान के प्रति अभिरुचि बढ़ती है और नए-नए मॉडल बनाने बनाते हैं खासकर उन्होंने विज्ञान शिक्षक का आभार प्रकट करते हुए कहा कि विज्ञान शिक्षक बच्चों की मॉडल को एक नया आयाम प्रदान करने की सहायक होते हैं कार्यक्रम में वैज्ञानिक अधिकारी श्री महादेव पांडे विभागीय जानकारी प्रदान करते हुए अपने संबोधन में कहा हमारा प्रयास है कि इस प्रकार के कार्यक्रम में ग्रामीण अंचल के बच्चों को अधिक से अधिक सहभागिता 19 सुनिश्चित करनी होनी होती है जिसमें ग्रामीण अंचल के बच्चे भी इस प्रकार के कार्यक्रम में प्रतिभा कर सके प्रदर्शनी में डॉक्टर अमरकांत सिंह जिला विद्यालय निरीक्षक डॉक्टर विश्व प्रकाश प्रधानाचार्य जुबली इंटर कॉलेज मेजर साकेत प्रधानाचार्य मुरारी इंटर कॉलेज एवं फादर जेसन मैन्युअल प्रधानाचार्य लिटिल फ्लावर स्कूल तथा दीपक अग्रवाल निदेशक प्रशासनिक विपीड़ा ने भी कार्यक्रम के बच्चों के को संबोधित किया उक्त अवसर पर देवेंद्र कुमार दुबे वेद प्रकाश पांडे अशोक मिश्रा सही राशन यार सहित जिले के अनेकों कॉलेज के प्रधानाचार्य व शिक्षक एवं हजारों की संख्या में छात्राएं उपस्थित रहे ।

  • बी.आई.टी. में मण्डलस्तरीय टेक जेनेसिस का हुआ शुभारम्भ

    बी.आई.टी. में मण्डलस्तरीय टेक जेनेसिस का हुआ शुभारम्भ

    संवाददाता– एस. पी. सिंह

    गोरखपुर/सहजनवा ।

    बुद्धा इन्स्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलाॅजी, गीडा मे दो दिवसीय मण्डलस्तरीय टेक-जेनिसिस 9.0 का शुभारम्भ हुआ ।
    इस टेक-जेनिसिस महोत्सव में गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, बस्ती, खलीलाबाद जनपद के सैकड़ों विद्यालयों के हजारों छात्र एवं छात्राओं ने प्रतिभाग किया । इस महोत्सव में तकनीकी से संम्बंधित दर्जनों प्रतियोगिताएँ एवं विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन हुआ । इस कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि गोरखपुर परिक्षेत्र के बिशप फादर मैथ्यु एंव डा. अश्वनी मिश्रा, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी द्वारा किया गया । क्रार्यक्रम को संम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि शिक्षा और मेंहनत का कोई विकल्प नही है अगर आज आप संधर्ष, कठिन परिश्रम, लगन एवं ईमानदारी से अध्ययनरत रहेंगे तो आपका भविष्य सुनहरा रहेगा । इसके साथ ही क्षेत्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केन्द्र गोरखपुर के तत्वधान में जनपद स्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन किया गया । जिसमे इण्टर कालेज के छात्र-छात्राओं द्वारा अनेको प्रकार के माॅडल प्रद्रर्शित की गई । जिला विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केन्द्र के प्रभारी वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पाडे ने प्रतिभागी छात्रो को पुरस्कृत किया । टेक–जेनेसिस 9.0 के 9 वे संस्करण के दो दिवसीय कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं के लिए अनेको प्रतियोगिताये, क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, शतरंज, कैरम, सहित अन्य खेल प्रतियोगिताएं, नृत्य गायन लेखन नाटक मिमिक्री रंगमंच की प्रतियोगिता सहित विविध ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताओं के लीग मैच आयोजित हुआ । फाइनल 1 दिसम्बर 2024 को होगा । कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में सृजन मिश्रा चेयरमैन सेन्ट्रल एकेडमी, मेजर साकेत प्रधानाचार्य मुरारी इण्टर कालेज, डा. विश्व प्रकाश प्रधानाचार्य जुुबली इंण्टर कालेज, फादर जेशन मैनुअल प्रधानाचार्य लिटिल फ्लावर स्कूल सहित मण्डल के अनेको कालेज के प्रधानाचार्य, शिक्षक व हजारो की संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे । संस्थान के सचिव डॉ. रजत अग्रवाल ने अतिथियों प्रधानाचार्य, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं का बी.आई.टी. संस्थान के आगमन पर स्वागत किया एवं विभिन्न विद्यालयों से आये प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों को सम्मानित भी किया । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बी.आई.टी. संस्थान के अध्यक्ष डॉ. आर.ए. अग्रवाल ने कहा कि बच्चों में प्रतिस्पर्धा जागृत करने के लिए इस तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन हर वर्ष संस्थान करता रहा है ताकि उन्हें अपनी प्रतिभा उभारने के लिए एक बड़ा मंच मिल सके । दो दिवसीय कार्यक्रम में अग्रणी भूमिका निभाने वालो में निदेशक प्रशासन दीपक अग्रवाल सहित अन्य लोग रहे । उपर्युक्त कार्यक्रम में कालेज के निदेशक बी.आई.टी. डा. अरविन्द पाण्डेय, निदेशक फार्मेसी डा. आशीष सिंह, निदेशक डिग्री काजेल डा. लतेन्द्र श्रीवास्तव, कार्यक्रम में संस्थान के प्रशासन सहित कालेज के सभी शिक्षक, कर्मचारी तथा मीडियाकर्मी व छात्र-छात्राएं उपस्थित थे ।

  • विज्ञान एवं प्रौद्योेगिकी केन्द्र, गोरखपुर के द्वारा वैज्ञानिक व्याख्या का आयोजन किया

    विज्ञान एवं प्रौद्योेगिकी केन्द्र, गोरखपुर के द्वारा वैज्ञानिक व्याख्या का आयोजन किया

     

    जिला विज्ञान क्लब/क्षेत्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योेगिकी केन्द्र, तारामण्डल, गोरखपुर के द्वारा आज द नार्थ इंडिया स्कूल, खजुरी, गोरखपुर में विज्ञान लोकप्रियकरण एवं संचार कार्यक्रम के अन्तर्गत अंधविश्वासों के विरूद्ध वैज्ञानिक चमत्कारों की वैज्ञानिक व्याख्या का आयोजन किया गया। जिसमें ग्रामीण अंचल के विभिन्न विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में साइंस क्वीज,विज्ञान माॅडल आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की गयीं। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त बच्चों को पुरस्कृत किया गया तथा प्रतिभागी समस्त बच्चों को सम्मान प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रो0 आर0पी0ओझा, पूर्व विभागाध्यक्ष,भौतिकी विभाग,डीडीयू, गोरखपुर ने अन्धविश्वास साधुओं,मौलवियों आदि द्वारा लोगों के शोषण को बढ़ावा देता है, जिससे सामाजिक विकास बाधित होता है। मानसिक रोगियों को बुरी आत्माओं के प्रभाव में बताया जाता है, जिससे वे समुचित उपचार से वंचित रह जाते हैं, उन्होने कहा कि अल्पावधि सुधारों के लिए हमे ऐसे कानूनों की आवश्यकता है जो इन कुरीतियों/अन्धविश्वास को खत्म करने में सहायक हो। वैज्ञानिक अधिकारी, श्री महादेव पाण्डेय ने विभागीय जानकारी देते हुए कहा कि ज्यादातर ग्रामीण अंचल के लोग शिक्षा के अभाव में किसी भी घटना के घटित होने के वैज्ञानिक कारणों से अज्ञान होते हैं। अन्धविश्वास को ईश्वर के साथ जोड़ दिया जाता है, जिससे लोग इसकी आलोचना से डरने लगते हैं, लोग मानते हैं कि कुरीतियाॅं प्राचीन काल से चली आ रही हैं इसलिए उन्हें पालन करना चाहिए, जब लोग अपने आर्थिक उत्थान के लिए आवश्यक उपाय नहीं कर पाते तो वै इस उम्मीद में अन्धविश्वासों को अपना लेते हैं कि इससे उनकी हालत सुधर सकती है। विशेषज्ञ के रूप में श्री यशराज जायसवाल व जितेन्द्र सिंह ने वैज्ञानिक चमत्कारों के माध्यम से प्रायोगिक तौर से कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं को छुपे हुए रहस्यों से रूबरू कराया। कार्यकम में श्री अजय यादव, डायरेक्टर, द नार्थ इंडिया स्कूल, नन्दानगर, गोरखपुर एवं श्री विजय यादव, नार्थ इण्डिया स्कूल, खजुरी, व स0 अध्यापक, गिरजेश राय, खगोल विद श्री अमर पाल सिंह, द्वारा टेलीस्कोपों के माध्यम से सूर्य दर्शन/खगोल विज्ञान के विषय में जानकारी प्रदान की गयी। श्री वेद प्रकाश पाण्डेय, अशोक कुमार मिश्रा, इजहार, सहीर हसन,रामघिसियावन आदि कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग प्रदान किया।