जीडीए क्षेत्र के 390 गांवों में जमीन की रजिस्ट्री सबसे महंगी, खरीददारों पर बढ़ा बोझ

गोरखपुर। अगर आप गोरखपुर में जमीन या मकान खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम हो सकती है। जिले की आठों तहसीलों में शुक्रवार से जमीन और मकान की रजिस्ट्री महंगी हो गई है। जिला प्रशासन द्वारा सामान्य निर्देशों में किए गए संशोधन के बाद अब संपत्ति खरीदने वालों को अधिक स्टॉम्प शुल्क चुकाना होगा। इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) क्षेत्र में आने वाले 390 गांवों पर पड़ेगा, जहां पहले से ही दो प्रतिशत विकास शुल्क लागू है।

“दोहरी मार: विकास शुल्क और नया स्टॉम्प शुल्क”

तहसील सदर क्षेत्र में 8 फरवरी 2024 से जीडीए में शामिल गांवों की जमीन की रजिस्ट्री पर दो प्रतिशत विकास शुल्क लगाया गया था। इससे इन गांवों में जमीनों की कीमतें बढ़ गई थीं। अब, प्रशासन द्वारा सामान्य निर्देशों में बदलाव कर अधिकतम स्टॉम्प शुल्क लागू करने से यहां रजिस्ट्री और महंगी हो गई है।

इसका असर यह होगा कि इन 390 गांवों में जमीन और मकान खरीदना अब अन्य इलाकों की तुलना में अधिक महंगा पड़ेगा। शहरी सीमा से सटे इन विकासशील गांवों में पहले ही जमीन के दाम बढ़ रहे थे, अब नए शुल्क के कारण यह बोझ और बढ़ जाएगा।

“बिना सर्किल रेट बढ़े ही महंगी हुई जमीन”

गौरतलब है कि इस बार सर्किल रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन विकास शुल्क और अधिकतम स्टॉम्प शुल्क लागू होने के कारण रजिस्ट्री महंगी हो गई। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा, खासकर उन लोगों पर जो यहां घर बनाने के लिए जमीन खरीदने की योजना बना रहे थे।

“रियल एस्टेट सेक्टर पर असर, निवेशकों में चिंता”

रजिस्ट्री महंगी होने का असर केवल आम लोगों पर ही नहीं, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर पर भी पड़ेगा। प्रॉपर्टी कारोबारियों और निवेशकों का मानना है कि इस वृद्धि से क्षेत्र में जमीन की बिक्री प्रभावित हो सकती है। कई लोगों ने पहले ही जीडीए के बढ़ते नियमों और शुल्कों को लेकर चिंता जताई थी, अब इस नए बदलाव से निवेशकों की रुचि कम हो सकती है।

“क्या कहते हैं विशेषज्ञ ?”

प्रॉपर्टी एक्सपर्ट्स का मानना है कि जीडीए क्षेत्र के गांवों में जमीन की कीमतें पहले से ही अधिक थीं, और अब बढ़ा हुआ शुल्क इसे और महंगा बना देगा। इससे आम लोगों के लिए घर बनाना कठिन हो सकता है। वहीं, कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि इस बदलाव से सरकारी राजस्व में वृद्धि होगी, लेकिन जमीन बाजार पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।

“क्या होगा आगे ?”

अब देखना यह होगा कि इस बढ़ोतरी के बाद लोगों की जमीन खरीदने में कितनी दिलचस्पी रहती है। क्या सरकार इस शुल्क में कोई राहत देगी या फिर लोगों को महंगी रजिस्ट्री के साथ ही जमीन खरीदनी पड़ेगी? यह सवाल अब गोरखपुर के प्रॉपर्टी बाजार में चर्चा का विषय बन गया है।

अगर आप भी इन गांवों में जमीन खरीदने की सोच रहे हैं, तो पहले नए शुल्कों की जानकारी जरूर लें, ताकि बाद में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

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