संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान भड़की हिंसा के बाद जिला प्रशासन एक्टिव है। हिंसा वाले इलाके में बड़े पैमाने पर छापेमारी कर गैरकानूनी कार्यों पर नकेल कसी जा रही है। इसी क्रम में शनिवार को यहां एक हजार साल पुराने मंदिर को चार दशक बाद खोला गया। अब जिला प्रशासन बड़े एक्शन की तैयारी कर रहा है। उसके निशाने पर अब यहां के कूप, पुरवे, सराय और तीर्थ हैं। डीएम ने हिंसा वाले इलाके में चल रही कार्रवाई और प्लान का समझाया। इसके साथ ही कल खोले गए मंदिर में रविवार को खुद डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी बिश्नोई ने पूजा पाठ की। दशकों बाद खुले शिव मंदिर में श्रद्धालुओं ने मथुरा से लाए लड्डू प्रसाद के रूप में चढ़ाए।
डीएम ने कहा कि यहां पर चार तरह की कार्रवाईकी जा रही है। पहला यह है कि जो शुरुआत में ही बताया गया कि संभल में 19 कूप, 36 पुरवे, 52 सराय और 68 तीर्थ हैं। इनकी खोज करने में पूरी टीम लगी हुई है। दूसरा जो अस्थायी अतिक्रमण नालियों आदि पर किया गया है, उन्हें हटाया जा रहा है। स्थायी अतिक्रमण को नोटिस देने के बाद पूरी प्रक्रिया के तहत हटाया जाएगा। तीसरा बिजली चोरी के खिलाफ एक्शन है। बिजली चोरी में अभी तक पांच करोड़ का एसेसमेंट बनाया गया है। बिजली चोरी रोकने केलिए आर्मड केबल लगाया जा रहा है। चौथा प्लान गैरकानूनी गतिविधियों पर एक्शन की तैयारी है।
वहीं, कल मिले मंदिर को लेकर डीएम ने बताया कि वहां पर सीसीटीवी लगा दिए गए हैं। पुलिस टीम भी सुरक्षा में लगा दी गई है। अतिक्रमण को लेक डीएम ने कहा कि कोई भी तालाब सार्वजनिक संपत्ति होती है। सुप्रीम कोर्ट भी कहता है कि इनकी सुरक्षा बहुत जरूरी है। जिसने भी तालाब पर अतिक्रमण किया है उन्हें नोटिस देकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
Leave a Reply