जामा मस्जिद की सर्वे रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में गुरुवार को अदालत में पेश की गई

उत्तर प्रदेश के संभल जिले की जामा मस्जिद की सर्वे रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में गुरुवार को अदालत में पेश की गई. एएसआई ने कई दिनों तक मस्जिद के विभिन्न परिसरों का अध्ययन कर यह रिपोर्ट तैयार की थी. हालांकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है. लेकिन सूत्रों से ऐसी जानकारी मिल रही है कि रिपोर्ट में ऐसे साक्ष्य पेश किए गए हैं कि जिनसे यह संकेत मिलता है कि मस्जिद की जगह पहले मंदिर था. जैसा कि हिन्दू संगठन दावा कर रहे हैं कि जामा मस्जिद की जगह पर सैकड़ों साल पहले हरिहर मंदिर था.

सूत्रों के मुताबिक 50 से जायदा फूल के निशान पाए गए हैं. गुम्मद के हिस्से को प्लेन करवाया गया है. पुराने ढांचे को बदलने के भी सबूत मिले हैं. नए कंस्ट्रशन के सबूत भी मिले हैं. मंदिर के शेप पर प्लास्टर लगाने और उस पर पेंट चढ़ाने का भी खुलासा किया गया है. मस्जिद के भीतर बड़ा गुम्बद पर झुमूर को तार से बांधा गया है और एक चेन से लटका दिया गया है. खुलासे चैन का इस्तेमाल अक्सर मंदिर के घंटों के लिए किया जाता है.

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश था कि रिपोर्ट को सील बंद लिफाफे में जमा करवाया जाए. बताया जा रहा है कि 40 पन्नों में सर्वे रिपोर्ट सौंपी गई. याद दिला 19 नवंबर को दाखिल याचिका में उसी दिन मस्जिद का सर्वे कोर्ट के आदेश पर किया गया था. दूसरी बार 24 नवंबर को टीम सर्वे के काम के लिए मस्जिद पहुंची तो बवाल मच गया. पुलिस और उपद्रवियों में संघर्ष शुरू हो गया और जमकर पथराव और गोलीबारी हुई. इस दौरान चार युवकों की जान चली गई.

 

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More posts