भक्तों की मुरादें पूर्ण करती हैं माँ कोटही देवी

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“बंजारों के आराधना पर प्रकट हुई थीं माँ सुबह के तीन बजे से माता के मंदिर पर भक्तों का लगा रहा तांता”

ब्यूरो प्रभारी: संतोष कुमार त्रिपाठी खजनी गोरखपुर

खजनी गाेरखपुर के खजनी क्षेत्र के रुद्रपुर में है प्राचीन मंदिर
चैत्र रामनवमी संवत्सर, विक्रम संवत्-२०८२ पर जगत् जननी माँ जगदम्बा की आराधना-उपासना के पर्व पर रविवार को रुद्रपुर स्थित मां कोटही मन्दिर में भक्तों का ताँता लगा रहा। मां के दर्शन व पूजन के लिए आस-पास के ही नहीं बल्कि दूर-दराज से भी श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। ऐसी मान्यता है कि मां को याद कर जो भी मन्नतें मांगता है। उसकी मुरादें मां अवश्य पूर्ण करती है।

गोरखपुर शहर के दक्षिणांचल में बीस किमी के दूरी पर स्थित रुद्रपुर गांव से सटे पश्चिम व उत्तर दिशा के कोने पर मां कोटही का प्राचीन मन्दिर है। लोग बताते हैं कि यहां कभी बहुत बड़ा जंगल हुआ करता था। रात तो दूर दिन में भी भय के चलते लोगों का कभी इधर से आना-जाना नहीं होता था। इस जंगल में जानवरों एवं पंछियों के बीच केवल बंजारे ही रहते थे। उन्होंने ही अपने आराधना से मां कोटही को खुश किया और स्थापित मूर्ति के जगह ही मां ने प्रकट होकर उन्हें दर्शन दिया। बंजारे ही यहां मां कोटही की पिंडी स्थापित किए। उनके जाने के बाद जब धीरे-धीरे जंगल का कटान शुरू हुआ तो लोगों को एक पेड़ के नीचे पिंडी दिखाई दी। जहाँ बंजारों के होने के कई पहचान छूटे थे। इस पिंडी को शक्ति के रूप में पहचाना गया। उसी समय से लोगों ने पूजन-अर्चन शुरू कर दिया। बदलते समय के अनुसार रुद्रपुर के ही कुछ लोगों पिंडी के जगह मन्दिर का निर्माण करवाकर मूर्ति की स्थापना करवा दी।

मंदिर की महिमा अपरमपार है। इस मंदिर पर पूजा अर्चना करने से कोई मुख्यमंत्री बना तो कोई राज्यपाल बना, कोई मंत्री बना , कोई विधायक बना तो कोई पहलवान बना। यही नहीं इस मंदिर पर पूजा अर्चना करने से इस क्षेत्र के आधा दर्जन लोग IAS PCS बन करके इस क्षेत्र के नाम को रोशन करने का काम किया है। सबसे बड़ी बात है कि वर्तमान के मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ ने भी इस मंदिर पर माथा टेका और आज उत्तर प्रदेश की कमान संभाले कोटही मंदिर पर बहुत दूर-दूर से लोग आते हैं मां की पूजा अर्चना करते हैं और अपनी मुरादे को मां के सामने रखते हैं।

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला इसी गांव के रहने वाले हैं और इसी मंदिर की पूजा अर्चन करके कई बार मंत्री बने और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल हैं। जब भी नवरात्र आता है, प्रथम दिन वह माताजी का दर्शन अवश्य करते हैं और आशीर्वाद लेते हैं। आज दिनांक 30 मार्च को भी महामहिम माता कोटही देवी का दर्शन करके आशीर्वाद लिए। इस मंदिर की महिमा अपरमपार है।

मां कोटही के दरबार में हर रोज सैकड़ों हाथ मन्नतों के लिए पसारे जाते हैं। भक्तगण कपूर, नारियल, अगरबत्ती लेकर पूजन-अर्चन करते हैं। चैत्र रामनवमी और दशहरा में यहाँ भव्य मेले का भी आयोजन रहता है।

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