खजनी। गोरखपुर में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीम ने छापा मारा है। एक साथ शहर के रामगढ़ताल, खजनी और सहजनवां इलाके में टीम ने छापा मारा है।मनी लॉंड्रिग को लेकर ये छापा बताया जा रहा है।
गोरखपुर, 31 मई 2025: गोरखपुर जनपद के खजनी थाना क्षेत्र के रावतडाड़ी गांव में आज तड़के 4 बजे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पन्नेलाल यादव, पुत्र स्वर्गीय विश्वनाथ यादव, के घर पर जोरदार छापेमारी की। करीब 6 घंटे तक चली इस कार्रवाई में NIA की टीम ने गांव के हर ठिकाने और पन्नेलाल के घर के हर कोने की गहन तलाशी ली। इस दौरान पन्नेलाल के बड़े भाई मुन्नीलाल यादव को हिरासत में लिया गया।
थाईलैंड कारोबार पर नजर
NIA की टीम ने मुन्नीलाल यादव की निशानदेही पर गोरखपुर के आजाद नगर पूर्वी स्थित जीडीए कॉम्प्लेक्स के पास मकान पर भी गहन जांच की। पन्नेलाल यादव का परिवार पिछले 30 वर्षों से थाईलैंड में कारोबार से जुड़ा है, और सूत्रों के मुताबिक, इस छापेमारी का संबंध उनके विदेशी कारोबारी लेनदेन से हो सकता है। हालांकि, NIA ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है और यह स्पष्ट नहीं हो सका कि छापेमारी में क्या सुराग मिले है ।
परिवार पर बल प्रयोग का आरोप
पन्नेलाल यादव के भतीजे दीपक यादव ने मीडिया को बताया कि NIA की कार्रवाई के दौरान उनके नाबालिग बेटी शिवली यादव पर बल प्रयोग किया गया।
दीपक ने दावा किया कि 6 घंटे की कड़ी पूछताछ के बावजूद NIA को कोई ठोस सबूत नहीं मिला।थाईलैंड कारोबारी पन्नेलाल के बड़े बेटे अमन यादव ने भी परिवार पर हुए कथित उत्पीड़न की शिकायत की।
लखनऊ से आई NIA की विशेष टीम
छापेमारी का नेतृत्व लखनऊ से आई NIA की विशेष टीम ने किया, जिसके प्रमुख राजेश कुमार पांडेय थे। उनके साथ मनीष कुमार, वकील खान और खजनी के एसडीएम राजेश प्रताप सिंह सहित स्थानीय पुलिस मौजूद थी। सुबह 4 बजे शुरू हुई यह कार्रवाई सुबह 10:30 बजे तक जारी रही।
मामला क्या है, रहस्य बरकरार
NIA की इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। स्थानीय लोग और मीडिया इस बात को लेकर उत्सुक हैं कि आखिर यह कार्रवाई किस मामले से जुड़ी है। क्या यह थाईलैंड के कारोबार से संबंधित कोई वित्तीय अनियमितता है या फिर कोई बड़ा आपराधिक कनेक्शन? NIA की चुप्पी ने रहस्य को और गहरा कर दिया है।
राजस्व टीम और पुलिस प्रशासन का मौन
खजनी पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने इस मामले में कोई बयान देने से इनकार कर दिया है। NIA की टीम ने भी मीडिया से दूरी बनाए रखी और कोई जानकारी साझा नहीं की। इस बीच, गांव में तनाव का माहौल है और लोग इस छापेमारी के पीछे के कारणों को जानने के लिए बेचैन हैं।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी,
उम्मीद है कि NIA जल्द ही इस छापेमारी के उद्देश्य और परिणामों पर प्रकाश डालेगी। तब तक, यह कार्रवाई रहस्य और सनसनी का केंद्र बनी हुई है।
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