गोरखपुर।पर्यटन, संस्कृति एवं इको टूरिज्म के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जनवरी माह में आयोजित होने वाले गोरखपुर महोत्सव एवं खिचड़ी मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में 11 से 17 जनवरी 2026 तक चम्पा देवी पार्क में प्रस्तावित गोरखपुर महोत्सव तथा खिचड़ी मेले की तैयारियों की समीक्षा हेतु आयुक्त सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता अपर पुलिस महानिदेशक अशोक मुथा जैन एवं मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा ने की। बैठक में अब तक की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई और विभिन्न विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
अपर पुलिस महानिदेशक अशोक मुथा जैन ने बैठक में स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि गोरखपुर महोत्सव और खिचड़ी मेले के दौरान सुरक्षा के व्यापक और पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि भीड़ प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस, पीएसी एवं अन्य सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क रखा जाए।
एडीजी ने विशेष रूप से फायर सेफ्टी और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी पर ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्थायी पंडालों, स्टॉलों एवं मंचों पर अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम हों और विद्युत व्यवस्था मानकों के अनुरूप सुरक्षित ढंग से की जाए।
इसके साथ ही एडीजी ने खिचड़ी मेले में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के निर्देश दिए ताकि पूरे मेले की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सके। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी से न केवल सुरक्षा मजबूत होगी बल्कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। साथ ही उन्होंने आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया।
मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा ने कहा कि गोरखपुर महोत्सव शहर की सांस्कृतिक पहचान है, ऐसे में इसकी स्वच्छता और सुंदरता विशेष रूप से दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि महोत्सव स्थल पर साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था रहे तथा जगह-जगह अधिक से अधिक डस्टबिन रखे जाएं, जिससे लोग कूड़ा इधर-उधर न फेंकें।
उन्होंने कहा कि नगर निगम एवं संबंधित विभाग नियमित रूप से सफाई अभियान चलाएं और मेले के दौरान स्वच्छ वातावरण बनाए रखें।
मण्डलायुक्त ने यह भी कहा कि गोरखपुर महोत्सव में गोरखपुर एवं आसपास के स्थानीय कलाकारों और प्रतिभाओं को अधिक से अधिक मंच प्रदान किया जाए, ताकि क्षेत्रीय कला, संस्कृति और लोक परंपराओं को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यक्रमों की रूपरेखा इस प्रकार तैयार की जाए, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं की सहभागिता सुनिश्चित हो।
बैठक में डीआईजी एस. चन्नप्पा, जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजकरन नैयर, उपाध्यक्ष गोरखपुर विकास प्राधिकरण आनंद वर्धन, मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित तैयारियों की जानकारी दी और समयबद्ध रूप से कार्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया।
अधिकारियों ने कहा कि गोरखपुर महोत्सव एवं खिचड़ी मेला न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पर्यटन को बढ़ावा देने का भी एक बड़ा माध्यम है। प्रशासन का प्रयास है कि यह आयोजन सुरक्षित, स्वच्छ, सुव्यवस्थित और यादगार बने, जिससे स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर अनुभव प्राप्त हो।
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