लॉ एंड ऑर्डर छोड़ फंड जुटाने में व्यस्त पुलिस! मुख्यमंत्री के गृह जनपद में उठे बड़े सवाल

ऊपर तक पहुंचता है फंड”, विभाग में दबी जुबान से चर्चाएं
मुख्यमंत्री के गृह जनपद में पुलिसिंग पर उठे सवाल
चंदा वसूली थानेदार बड़हलगंज के प्रभाव से जिले के जिम्मेदार अधिकारियों में खौफ
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में पुलिस प्रशासन की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बड़हलगंज क्षेत्र में तैनात थानेदार पर सत्ता के संरक्षण में बड़े पैमाने पर चंदा वसूली किए जाने के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि थानेदार कथित रूप से प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में रहकर विभिन्न माध्यमों से धन संग्रह कर रहा है, जबकि आम जनता कानून व्यवस्था को लेकर परेशान दिखाई दे रही है।
सूत्रों के अनुसार थाना क्षेत्र में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां पीड़ित न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंचते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान की बजाय कथित रूप से आर्थिक लेन-देन और दबाव की चर्चा अधिक सुनाई देती है। आरोप यह भी है कि इस पूरे प्रकरण में सत्ता से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त होने के कारण जिम्मेदार अधिकारी भी खुलकर कार्रवाई करने से बच रहे हैं।
स्थानीय चर्चाओं और सूत्रों की मानें तो कथित चंदा वसूली से जुटाई गई रकम का हिस्सा उच्च स्तर तक पहुंचने की बातें भी विभागीय गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार उठ रहे सवालों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि थाना परिसर में फरियादियों की समस्याओं के समाधान से अधिक “प्रबंधन” पर ध्यान दिया जा रहा है। कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और जनता की सुरक्षा जैसे मूल दायित्व पीछे छूटते नजर आ रहे हैं। यही कारण है कि आम नागरिकों का भरोसा पुलिस व्यवस्था से धीरे-धीरे कमजोर होता दिखाई दे रहा है।
प्रदेश सरकार लगातार “जीरो टॉलरेंस” नीति की बात करती रही है, लेकिन मुख्यमंत्री के गृह जनपद में ही यदि पुलिसकर्मियों पर इस तरह के आरोप लग रहे हैं, तो यह शासन की छवि पर भी असर डाल सकता है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग उठाई है।
लोगों का कहना है कि यदि आरोप निराधार हैं तो प्रशासन को स्पष्ट रूप से स्थिति सामने रखनी चाहिए, और यदि आरोपों में सच्चाई है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई अब तक क्यों नहीं…?
फिलहाल बड़हलगंज क्षेत्र में यह मामला चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है और लोग जिम्मेदार अधिकारियों की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।

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