गोला, गोरखपुर। गोला विद्युत उपकेंद्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उपकेंद्र पर स्थापित 5 एमवीए क्षमता के दो ट्रांसफार्मरों में से एक पिछले दो माह से अधिक समय से खराब पड़ा हुआ है, लेकिन अब तक उसकी न तो विधिवत मरम्मत कराई गई और न ही उच्चाधिकारियों को इसकी आधिकारिक सूचना दिए जाने की बात सामने आई है। इसको लेकर क्षेत्र में विभागीय लापरवाही को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जानकारी के अनुसार गोला विद्युत उपकेंद्र पर 33 हजार लाइन को 11 हजार वोल्ट सप्लाई में परिवर्तित कर क्षेत्र में सुचारू विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के उद्देश्य से दो बड़े ट्रांसफार्मर लगाए गए थे। आरोप है कि इनमें से एक ट्रांसफार्मर काफी समय पहले जल गया, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने मामले को दबाए रखा। स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब ट्रांसफार्मर को बदलने या उच्च स्तर पर रिपोर्ट भेजने के बजाय चोरी-छिपे उसकी मरम्मत कराने की कोशिश की जाती रही।
क्षेत्रीय उपभोक्ताओं का आरोप है कि इस पूरे मामले में विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण गोला तहसील क्षेत्र में लगातार लो-वोल्टेज और फ्लक्चुएशन की समस्या बनी हुई है। घरों में पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण सही ढंग से नहीं चल पा रहे हैं, वहीं कई उपभोक्ताओं के उपकरण खराब होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर जताई जा रही है कि वर्तमान समय में पूरा भार एक ही ट्रांसफार्मर पर चल रहा है। यदि किसी कारणवश दूसरा ट्रांसफार्मर भी खराब हो गया, तो पूरे गोला तहसील क्षेत्र में हजारों घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो सकती है और व्यापक अंधेरा छा सकता है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि आखिर दो माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी खराब ट्रांसफार्मर को क्यों नहीं बदला गया। साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त कराया जाए, ताकि संभावित बड़े संकट से बचा जा सके।
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