गोरखपुर ब्यूरो /अनुराग त्रिपाठी /निष्पक्ष टुडे :-
दुकान तोड़ने से पहले पुनर्स्थापित करने की मांग, आवंटियों ने सौंपा प्रार्थना पत्र; मुख्यमंत्री ने दिया व्यवस्था बनाने का आश्वासन
गोरखपुर। जिला परिषद रोड पर नगर निगम द्वारा आवंटित दुकानों को तोड़े जाने की आशंका के बीच दुकानदारों ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी रोजी-रोटी बचाने की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में हुई मुलाकात के दौरान दुकानदारों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए प्रार्थना पत्र सौंपा और दुकानें तोड़ने से पहले उनके पुनर्वास की मांग की।

500 परिवारों की आजीविका पर संकट का हवाला :-
दुकानदारों ने मुख्यमंत्री से कहा कि उनकी दुकानें ही परिवारों की आजीविका का एकमात्र साधन हैं। यदि दुकानें तोड़ दी जाती हैं तो उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। इससे करीब 500 परिवार के सदस्यों की पढ़ाई, दवाई और अन्य जरूरी जरूरतें प्रभावित होंगी। दुकानदारों ने आशंका जताई कि दुकानें समाप्त होने से उनके परिवार भुखमरी की स्थिति में पहुंच सकते हैं।
सड़क चौड़ीकरण का भी दिया विकल्प :-
आवंटियों ने सड़क चौड़ीकरण को लेकर अपना सुझाव भी मुख्यमंत्री के सामने रखा। उन्होंने कहा कि यदि सड़क चौड़ी करनी है तो दुकानों के शटर तक का हिस्सा लेकर सड़क का विस्तार किया जा सकता है, जिससे सड़क चौड़ीकरण के साथ दुकानों को भी बचाया जा सकेगा।
महत्वपूर्ण हाइलाइट्स :-
स्थान: जिला परिषद रोड, गोरखपुर।
तारीख: 2 नवंबर 2026।
:-मांग: दुकान तोड़ने से पहले वैकल्पिक दुकान देकर पुनर्स्थापित किया जाए।
:-प्रभाव: लगभग 500 परिवारों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका।
:-विकल्प: दुकानों के शटर तक का हिस्सा लेकर सड़क चौड़ीकरण किया जाए।
:-मुख्यमंत्री का आश्वासन: समस्या के समाधान के लिए व्यवस्था बनाई जाएगी|

वहीं, यदि दुकानों को तोड़ना अपरिहार्य है तो पहले आसपास ही वैकल्पिक दुकानें उपलब्ध कराकर सभी दुकानदारों को पुनर्स्थापित किया जाए, ताकि उनकी आजीविका प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन :-
दुकानदारों की समस्याओं और मांगों को सुनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संबंध में व्यवस्था बनाने का आश्वासन दिया। इससे दुकानदारों को अपनी रोजी-रोटी सुरक्षित रहने की उम्मीद जगी है।
प्रार्थना पत्र सौंपने वालों में शामिल रहे :-
राजाराम मौर्य, मुन्नी लाल, मनोज कुमार, अनिल कुमार सिंह, जितेन्द्र नाथ तिवारी, नीलाम शर्मा, शांति देवी, सत्येन्द्र सिंह, हृदय नारायण सिंह, शिवेंद्र सिंह, पवन कुमार, अजय कुमार गुप्ता, बैजनाथ गुप्ता, जयराम, विरेन्द्र सिंह, शिवदास, मुन्ना सहित अन्य दुकानदार मौजूद रहे।
अब दुकानदारों की निगाहें प्रशासनिक निर्णय पर टिकी हैं। उनकी मांग है कि विकास और सड़क चौड़ीकरण के साथ उन परिवारों की आजीविका का भी ध्यान रखा जाए, जिनकी पूरी जिंदगी इन दुकानों पर निर्भर है।

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