अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियों पर प्रशासन का फुल एक्शन! डीएम-एसएसपी ने परखी सुरक्षा की हर कड़ी, एयरपोर्ट से रामजन्मभूमि और राम की पैड़ी तक अधिकारियों को अलर्ट रहने का सख्त फरमान
07 नवंबर को होगा दीपोत्सव-2026 का भव्य आयोजन, वीवीआईपी आगमन से लेकर 30 लाख दीपों के प्रज्ज्वलन तक हर व्यवस्था पर प्रशासन की पैनी नजर, चप्पे-चप्पे पर रहेगी सुरक्षा व्यवस्था
अयोध्या।मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन जन्मभूमि अयोध्या एक बार फिर ऐतिहासिक दीपोत्सव की साक्षी बनने जा रही है। दीपों की जगमगाहट, भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, संत-महात्माओं की उपस्थिति, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और देश-विदेश से आने वाले विशिष्ट अतिथियों के स्वागत के लिए रामनगरी में तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। 07 नवंबर को आयोजित होने वाले दीपोत्सव-2026 को ऐतिहासिक, भव्य और दिव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाले इस महापर्व को सफल बनाने के लिए प्रशासनिक और पुलिस मशीनरी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। आयोजन से जुड़े प्रत्येक विभाग को उसकी जिम्मेदारी सौंप दी गई है और अधिकारियों को लगातार स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
क्रम में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम के साथ अयोध्या के प्रमुख आयोजन स्थलों, वीवीआईपी आगमन मार्गों, पार्किंग स्थलों और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण स्थानों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि दीपोत्सव जैसे अंतरराष्ट्रीय महत्व के आयोजन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागों को निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी तैयारियां पूरी करने और आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है कि दीपोत्सव में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं, पर्यटकों, संत-महात्माओं, विशिष्ट अतिथियों और स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, विद्युत व्यवस्था, अग्निशमन, चिकित्सा सुविधा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संचालन पूरी तरह व्यवस्थित रहे।
यरपोर्ट से शुरू हुआ निरीक्षण अभियान, वीवीआईपी स्वागत की तैयारियां परखी गईं
जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने निरीक्षण अभियान की शुरुआत महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से की। दीपोत्सव में मुख्य अतिथि, राज्यपाल, विशिष्ट महानुभावों और अन्य आमंत्रित अतिथियों के आगमन को देखते हुए एयरपोर्ट पर सुरक्षा, स्वागत, यातायात और प्रोटोकॉल से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
अधिकारियों ने एयरपोर्ट परिसर में अतिथियों के आगमन, उनके स्वागत, वाहनों की उपलब्धता और निर्धारित कार्यक्रम स्थलों तक पहुंचने के मार्गों की जानकारी ली। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अतिथियों के आगमन से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। किसी भी परिस्थिति में अतिथियों को अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े और उनका आवागमन निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार सुचारु रूप से संपन्न हो।
एयरपोर्ट के बाद निरीक्षण दल महोबरा बाईपास होते हुए श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचा। यहां 07 नवंबर को होने वाले मुख्य आयोजन के दौरान अतिथियों के आगमन, दर्शन-पूजन, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की तैयारियों का बारीकी से परीक्षण किया गया।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए यहां विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा और विशिष्ट अतिथियों के प्रोटोकॉल के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। मंदिर परिसर और आसपास के मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ भीड़ के व्यवस्थित आवागमन की योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता
दीपोत्सव के अवसर पर अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि होने की संभावना रहती है। देश के विभिन्न हिस्सों से रामभक्त रामलला के दर्शन करने और दीपोत्सव की भव्यता देखने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के आसपास सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मंदिर तक पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों, प्रवेश और निकास व्यवस्था तथा सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि श्रद्धालुओं की आवाजाही में अनावश्यक बाधा उत्पन्न न हो और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन कराया जाए।
प्रशासन की ओर से यह भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि वीवीआईपी आवागमन के दौरान आम श्रद्धालुओं को कम से कम परेशानी हो। इसके लिए यातायात और सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ काम करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी का पूरी गंभीरता स निर्वहन करना होगा। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों को तत्काल दूर किया जाए, ताकि आयोजन के दिन किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो रामकथा पार्क में मुख्य मंच से मीडिया गैलरी तक व्यवस्थाओं की समीक्षा
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी और एसएसपी रामकथा पार्क पहुंचे। दीपोत्सव के मुख्य कार्यक्रमों में रामकथा पार्क की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। यहां मुख्य मंच, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विशिष्ट अतिथियों का स्वागत और विभिन्न औपचारिक आयोजन संपन्न होते हैं।
अधिकारियों ने मुख्य मंच की तैयारियों, वीवीआईपी जोन, संत समाज के लिए निर्धारित दीर्घा, आमंत्रित अतिथियों की बैठक व्यवस्था और मीडिया गैलरी का निरीक्षण किया। इसके साथ ही प्रवेश एवं निकास द्वारों की व्यवस्था का भी जायजा लिया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में देश की विविध लोककलाओं और भारतीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत की जाएगी। इसके मद्देनजर कलाकारों की प्रस्तुति, मंच संचालन, कार्यक्रमों के क्रम और अतिथियों के आवागमन से जुड़ी तैयारियों की जानकारी संबंधित अधिकारियों से प्राप्त की गई।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मुख्य मंच और पंडाल से संबंधित सभी तैयारियां निर्धारित समय से पहले पूरी कर ली जाएं। मंच की मजबूती, विद्युत कनेक्शन, प्रकाश व्यवस्था और अन्य तकनीकी इंतजामों की जांच भी सुनिश्चित की जाए।
मीडिया कर्मियों के लिए निर्धारित स्थान पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा कार्यक्रम के दौरान कवरेज में अनावश्यक बाधा न आने देने पर भी ध्यान देने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। सभी विभाग एक-दूसरे के साथ निरंतर संपर्क में रहें। यदि किसी स्तर पर कोई समस्या सामने आती है तो उसका तत्काल समाधान किया जाए।
राम की पैड़ी पर 30 लाख दीपों के प्रज्ज्वलन की तैयारियां तेज
दीपोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण राम की पैड़ी पर होने वाला दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम है। लाखों दीपों की रोशनी से जगमगाती राम की पैड़ी अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को एक अद्भुत स्वरूप प्रदान करती है। इस बार भी 30 लाख दीपों के प्रज्ज्वलन के लक्ष्य को लेकर तैयारियां की जा रही हैं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने राम की पैड़ी पर दीप प्रज्ज्वलन के लिए निर्धारित स्थलों, घाटों, दर्शक दीर्घाओं, बैरिकेडिंग और श्रद्धालुओं के आवागमन से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि दीप प्रज्ज्वलन के दौरान निर्धारित स्थानों पर स्वयंसेवकों और संबंधित कर्मचारियों की पर्याप्त तैनाती रहे। दीपों की व्यवस्था, उनके प्रज्ज्वलन की प्रक्रिया और कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन कराने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
राम की पैड़ी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रवेश और निकास मार्गों को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए। बैरिकेडिंग इस प्रकार सुनिश्चित करने को कहा गया कि लोगों की आवाजाही सुचारु रहे और किसी स्थान पर अनावश्यक भीड़ एकत्र न हो।
प्रशासन का प्रयास है कि दीपोत्सव के दौरान श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में दीपों की अलौकिक छटा का आनंद ले सकें। इसके लिए पुलिस, प्रशासन, नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों को समन्वित तरीके से कार्य करने को कहा गया है।
सरयू आरती स्थल और लक्ष्मण किला घाट पर भी विशेष तैयारी
राम की पैड़ी के साथ-साथ सरयू आरती स्थल और लक्ष्मण किला घाट पर होने वाले आयोजनों की तैयारियों का भी निरीक्षण किया गया। सरयू नदी के तट पर आयोजित होने वाली आरती दीपोत्सव के धार्मिक और आध्यात्मिक आकर्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अधिकारियों ने सरयू आरती स्थल पर श्रद्धालुओं के बैठने, आवागमन, सुरक्षा और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। नदी तट पर भीड़ प्रबंधन को विशेष महत्व देते हुए संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।
लक्ष्मण किला घाट पर होने वाले कार्यक्रमों के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। घाटों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षित आवागमन और निर्धारित स्थानों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नदी तट और घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए निर्धारित व्यवस्थाओं का प्रभावी पालन कराया जाए और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित टीमें तैयार रहें।
ड्यूटी में चूक नहीं, हर अधिकारी की जवाबदेही होगी तय
निरीक्षण अभियान के दौरान जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने ड्यूटी प्वाइंटवार तैनात मजिस्ट्रेटों और विभागीय अधिकारियों से उनकी जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि दीपोत्सव के दौरान प्रत्येक अधिकारी की भूमिका महत्वपूर्ण है और किसी भी अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटने की अनुमति नहीं होगी।
रामकथा पार्क, राम की पैड़ी, सरयू आरती स्थल, हेलीपैड, लक्ष्मण किला घाट, साकेत महाविद्यालय से रामकथा पार्क तक प्रस्तावित शोभायात्रा मार्ग और विभिन्न पार्किंग स्थलों पर अधिकारियों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी अधिकारी अपने निर्धारित ड्यूटी प्वाइंट पर समय से पहुंचें। उन्हें अपने क्षेत्र की व्यवस्थाओं की पूरी जानकारी होनी चाहिए और कार्यक्रम समाप्त होने तक लगातार निगरानी करनी होगी।
उन्होंने कहा कि आयोजन के दौरान किसी भी समस्या को लेकर अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने के बजाय तत्काल समाधान की दिशा में काम करें। विभागों के बीच बेहतर तालमेल ही आयोजन की सफलता का आधार होगा।
वीवीआईपी कार्यक्रम से लेकर हेलीपैड तक अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
दीपोत्सव में मुख्य अतिथि, राज्यपाल और अन्य विशिष्ट अतिथियों के आगमन को लेकर प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। उनके कार्यक्रम, फ्लीट, हेलीपैड, पुष्पवर्षा मंच, सेफ हाउस, खान-पान और प्रोटोकॉल से जुड़ी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अतिथियों के आगमन से पहले सभी व्यवस्थाओं का परीक्षण कर लिया जाए। हेलीपैड से कार्यक्रम स्थल तक आवागमन के दौरान सुरक्षा और यातायात प्रबंधन में किसी प्रकार की कमी न रहे।
पुष्पवर्षा मंच और अन्य निर्धारित स्थलों पर भी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। अतिथियों के खान-पान की व्यवस्था में गुणवत्ता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की ओर से सभी संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन कराएं और किसी भी महत्वपूर्ण सूचना को तत्काल उच्चाधिकारियों तक पहुंचाएं।
शोभायात्रा मार्ग और पार्किंग व्यवस्था पर विशेष ध्यान
दीपोत्सव के अवसर पर निकलने वाली शोभायात्रा भी आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। साकेत महाविद्यालय से रामकथा पार्क तक निर्धारित शोभायात्रा मार्ग का निरीक्षण कर अधिकारियों ने आवागमन और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
शोभायात्रा के दौरान कलाकारों, प्रतिभागियों, अतिथियों और दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मार्ग प्रबंधन की योजना तैयार की गई है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि निर्धारित मार्ग पर किसी प्रकार की अनावश्यक बाधा न हो।
पार्किंग स्थलों की व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया गया। विभिन्न स्थानों से आने वाले वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित रखने और यातायात को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
एसएसपी ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि यातायात व्यवस्था इस तरह संचालित की जाए कि आयोजन स्थलों के आसपास जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। आवश्यकतानुसार यातायात को निर्धारित मार्गों पर संचालित किया जाए और आम नागरिकों को भी समय रहते आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
विद्युत सुरक्षा और अग्निशमन व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश
दीपोत्सव में लाखों दीपों के प्रज्ज्वलन, भव्य मंचों, पंडालों, विद्युत सजावट और प्रकाश व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा मानकों के अनुपालन को अनिवार्य किया है।
निरीक्षण के दौरान विद्युत सुरक्षा, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, मंच और पंडालों की मजबूती तथा बैरिकेडिंग से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया कि सभी विद्युत कनेक्शनों और अस्थायी व्यवस्थाओं की जांच कराई जाए। जहां भी आवश्यक हो, सुरक्षा प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज समय से उपलब्ध कराए जाएं।
अग्निशमन विभाग को आयोजन स्थलों पर पर्याप्त संसाधनों और कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए विभागीय टीमों को तैयार रहने को कहा गया।
मंच और पंडालों की संरचनात्मक मजबूती की जांच के साथ-साथ दर्शकों के बैठने और आवागमन के लिए सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और स्वच्छता पर भी प्रशासन की नजर
दीपोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, अतिथियों और आयोजन से जुड़े कर्मचारियों की उपस्थिति को देखते हुए खान-पान की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। प्रशासन ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और स्वच्छता से जुड़े मानकों का पालन अनिवार्य किया है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अतिथियों और अन्य लोगों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
इसके साथ ही आयोजन स्थलों पर साफ-सफाई, कचरा निस्तारण और पेयजल की उपलब्धता को लेकर भी संबंधित विभागों को सक्रिय रहने को कहा गया है।
रामनगरी में आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों को लगातार सफाई अभियान चलाने तथा प्रमुख स्थलों पर साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
एसएसपी का सख्त संदेश, सुरक्षा और ट्रैफिक में नहीं होनी चाहिए ढिलाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि दीपोत्सव के दौरान सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रमुख आयोजन स्थलों, वीवीआईपी आवागमन मार्गों, पार्किंग स्थलों और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। प्रत्येक पुलिसकर्मी अपने निर्धारित ड्यूटी प्वाइंट पर समय से पहुंचे और अपनी जिम्मेदारी का पूरी गंभीरता से निर्वहन करे।
भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधिकारियों से कहा गया कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें और किसी भी परिस्थिति में आपसी समन्वय की कमी न होने दें।
एसएसपी ने यह भी निर्देशित किया कि आयोजन स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं के साथ सहयोगात्मक व्यवहार किया जाए। सुरक्षा व्यवस्था का पालन कराते हुए लोगों को आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराई जाए।
पुलिस प्रशासन का प्रयास रहेगा कि दीपोत्सव का पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में ऐतिहासिक आयोजन की तैयारी
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में दीपोत्सव-2026 को भव्य और दिव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि दीपोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत, भारतीय परंपरा और आध्यात्मिक पहचान को विश्व पटल पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। इस आयोजन में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी कर लें। आयोजन से जुड़े प्रत्येक विभाग को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी तत्परता और जवाबदेही के साथ करना होगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निरीक्षण का उद्देश्य केवल व्यवस्थाओं का जायजा लेना नहीं, बल्कि कमियों की पहचान कर उन्हें समय रहते दूर करना है। सभी विभाग नियमित रूप से अपने कार्यों की समीक्षा करें और आवश्यकतानुसार उच्चाधिकारियों को प्रगति की जानकारी दें।
प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह अलर्ट, अब सात नवंबर का इंतजार
दीपोत्सव-2026 को लेकर रामनगरी अयोध्या में तैयारियों का सिलसिला अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। एयरपोर्ट से लेकर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, रामकथा पार्क, राम की पैड़ी, सरयू आरती स्थल और लक्ष्मण किला घाट तक प्रशासनिक अधिकारी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
एक ओर जहां दीप प्रज्ज्वलन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, स्वच्छता, विद्युत व्यवस्था और अतिथियों के स्वागत से जुड़े इंतजामों को मजबूत किया जा रहा है।
जिलाधिकारी और एसएसपी के संयुक्त निरीक्षण से यह स्पष्ट संदेश गया है कि आयोजन के प्रत्येक पहलू पर प्रशासन की सीधी नजर है। अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित कर दी गई है और सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब पूरे देश और दुनिया की निगाहें 07 नवंबर पर टिकी हैं, जब रामनगरी अयोध्या लाखों दीपों की रोशनी से जगमगाएगी। राम की पैड़ी और सरयू तट पर दीपों की अलौकिक छटा, भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और धार्मिक आयोजन अयोध्या की आध्यात्मिक पहचान को एक बार फिर वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेंगे।
प्रशासन की कोशिश है कि दीपोत्सव केवल भव्यता का प्रतीक न बने, बल्कि सुरक्षा, अनुशासन, स्वच्छता और बेहतर व्यवस्थाओं के मामले में भी एक मिसाल कायम करे। इसके लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी मुस्तैदी से जुटे हुए हैं।
कुल मिलाकर, दीपोत्सव-2026 को ऐतिहासिक बनाने के लिए रामनगरी में प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। डीएम और एसएसपी ने स्पष्ट कर दिया है कि आयोजन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अब इंतजार उस ऐतिहासिक पल का है, जब 07 नवंबर को अयोध्या की धरती लाखों दीपों की रोशनी से आलोकित होगी और रामनगरी का दिव्य स्वरूप पूरी दुनिया को आकर्षित करेगा।

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