वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी का छठ गीत ‘उगी हे सूरज देव’ रिलीज, प्रियंका सिंह की मधुर आवाज में गूंजेगी छठी मईया की महिमा

वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी का छठ गीत ‘उगी हे सूरज देव’ रिलीज, प्रियंका सिंह की मधुर आवाज में गूंजेगी छठी मईया की महिमा

छठ महापर्व की आस्था, श्रद्धा और लोक परंपरा को समर्पित हुआ नया भक्तिमय गीत, अभिनेत्री प्रिया तिवारी ने अपने अभिनय से वीडियो में बिखेरी छटा

भोजपुरी संगीत जगत में अपनी अलग पहचान बना चुकी म्यूजिक कंपनी वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी छठ महापर्व के अवसर पर दर्शकों और श्रोताओं के लिए एक और खूबसूरत भक्तिमय गीत लेकर आई है। लोक आस्था, श्रद्धा, विश्वास और सूर्य उपासना के महापर्व छठ को समर्पित नया भोजपुरी गीत ‘उगी हे सूरज देव’ वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर रिलीज कर दिया गया है। गीत के रिलीज होते ही छठी मईया की आराधना और सूर्य देव की महिमा से जुड़ी भक्तिमय भावनाओं को एक बार फिर संगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। इस गीत में छठ पर्व की पारंपरिक मान्यताओं, पूजा-पद्धति, लोक संस्कृति और व्रतियों की अटूट आस्था को बेहद खूबसूरती के साथ दर्शाने का प्रयास किया गया है।

छठ महापर्व भारतीय संस्कृति और लोक आस्था का ऐसा अनुपम पर्व है, जिसमें श्रद्धालु पूरी निष्ठा, पवित्रता और समर्पण के साथ भगवान सूर्य तथा छठी मईया की आराधना करते हैं। चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य की विशेष धार्मिक मान्यता है। विशेष रूप से उगते और डूबते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा इस पर्व को अन्य त्योहारों से अलग पहचान प्रदान करती है। इसी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए ‘उगी हे सूरज देव’ गीत तैयार किया गया है। गीत के शीर्षक से ही छठ व्रतियों की वह भावनात्मक पुकार झलकती है, जिसमें वे भोर की पवित्र बेला में सूर्य देव के उदय होने की प्रतीक्षा करते हुए उनकी आराधना करते हैं।

इस गीत को लोकप्रिय भोजपुरी गायिका प्रियंका सिंह ने अपनी सुरीली और भावपूर्ण आवाज से सजाया है। उनकी गायकी में छठ महापर्व के प्रति श्रद्धा, भक्ति और भावनात्मक जुड़ाव सुनाई देता है। गीत की प्रस्तुति में पारंपरिक भोजपुरी लोक संगीत की मिठास और धार्मिक वातावरण का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रियंका सिंह की आवाज गीत के भावों को प्रभावशाली बनाती है और श्रोताओं को छठ घाट की भक्तिमय अनुभूति से जोड़ने का प्रयास करती है। गीत के बोल और संगीत का तालमेल इसे छठ महापर्व के अवसर पर सुनने योग्य एक खास प्रस्तुति बनाता है।

‘उगी हे सूरज देव’ के वीडियो में छठ पूजा की पारंपरिक छटा को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है। गंगा नदी के किनारे सजा छठ घाट, भोर की पवित्र बेला, जल में खड़े होकर सूर्य देव की प्रतीक्षा करती व्रती महिलाएं और पूजा के लिए तैयार किए गए फल-फूलों से भरे सूप तथा दउरा जैसे दृश्य इस गीत को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाते हैं। वीडियो में छठ पूजा के दौरान दिखाई देने वाली श्रद्धा, अनुशासन, पवित्रता और पारिवारिक भावनाओं को प्रस्तुत किया गया है। छठ घाट पर एकत्रित श्रद्धालुओं का वातावरण, पूजा की तैयारियां और सूर्य देव को अर्घ्य देने की परंपरा गीत के दृश्यांकन को विशेष आकर्षण प्रदान करती है।

गीत के वीडियो में अभिनेत्री प्रिया तिवारी अपनी अदाओं और प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। वह छठ व्रत की पारंपरिक भावनाओं और धार्मिक आस्था को अपने अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत करती नजर आ रही हैं। उनके किरदार में छठ महापर्व के प्रति समर्पण और श्रद्धा की झलक दिखाई देती है। पारंपरिक पूजा के दृश्यों और भावनात्मक प्रस्तुतियों के जरिए उन्होंने वीडियो की विषयवस्तु को प्रभावशाली बनाने का प्रयास किया है। छठ पर्व की पवित्रता और लोक संस्कृति को केंद्र में रखकर तैयार किया गया यह वीडियो दर्शकों को त्योहार के वास्तविक माहौल से जोड़ता है।

गीत के निर्माता रत्नाकर कुमार हैं, जिन्होंने छठ महापर्व की धार्मिक महत्ता और भोजपुरी लोक संस्कृति को ध्यान में रखते हुए इस विशेष गीत की परिकल्पना की है। गीत के बोल शुभदयाल सोहरा ने लिखे हैं, जबकि इसका संगीत छोटू रावत ने तैयार किया है। प्रोजेक्ट नवरत्न पांडे के निर्देशन में तैयार किया गया है। वीडियो का निर्देशन आशीष पार्क ने किया है। डीओपी की जिम्मेदारी रवि राठौर और राहुल रॉय ने संभाली है। कोरियोग्राफी विक्की डीएस ने की है। वहीं, एडिटिंग का काम विक्की एस. राज ने किया है और डीआई रोहित सिंह ने किया है। पूरी टीम ने मिलकर गीत के धार्मिक भाव और सांस्कृतिक स्वरूप को वीडियो के माध्यम से प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।

गीत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें छठ महापर्व की मूल भावना को केंद्र में रखा गया है। छठ पूजा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि परिवार, समाज, प्रकृति और लोक परंपराओं से जुड़ा ऐसा पर्व है, जिसमें स्वच्छता, संयम, त्याग और सामूहिक सहभागिता का विशेष महत्व होता है। इस पर्व में व्रती महिलाएं और पुरुष कठिन नियमों का पालन करते हुए सूर्य देव तथा छठी मईया की आराधना करते हैं। घाटों की सफाई से लेकर पूजा सामग्री की व्यवस्था और अर्घ्य देने तक हर प्रक्रिया में श्रद्धालुओं की गहरी आस्था दिखाई देती है। ‘उगी हे सूरज देव’ गीत इन्हीं भावनाओं को संगीत और दृश्यांकन के माध्यम से सामने लाता है।

भोजपुरी भाषा और संगीत की लोकप्रियता का एक बड़ा आधार यहां की लोक परंपराएं हैं। भोजपुरी गीतों में छठ महापर्व का विशेष स्थान रहा है। वर्षों से छठ गीतों के माध्यम से श्रद्धालु अपनी धार्मिक भावनाओं को व्यक्त करते आए हैं। गांवों से लेकर शहरों तक छठ पूजा के अवसर पर पारंपरिक गीतों की गूंज सुनाई देती है। सुबह और शाम के अर्घ्य के समय घाटों पर गाए जाने वाले गीत पर्व के वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना देते हैं। ऐसे में वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी की ओर से ‘उगी हे सूरज देव’ जैसी प्रस्तुति को इसी सांस्कृतिक परंपरा की एक नई कड़ी के रूप में देखा जा सकता है।

गीत में गंगा किनारे छठ घाट का दृश्य विशेष महत्व रखता है। गंगा नदी भारतीय संस्कृति और धार्मिक आस्था में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखती है। छठ पर्व के अवसर पर नदियों, तालाबों और अन्य जलाशयों के किनारे बने घाटों पर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या जुटती है। पूजा के लिए घाटों को सजाया जाता है और परिवार के सदस्य मिलकर पूजा की तैयारियां करते हैं। महिलाएं पारंपरिक परिधान में पूजा सामग्री के साथ घाट पहुंचती हैं। फल, फूल, नारियल, गन्ना, ठेकुआ और अन्य प्रसाद से सजे सूप तथा दउरे छठ पूजा की पारंपरिक पहचान हैं। गीत के वीडियो में इन दृश्यों को शामिल करके पर्व की सांस्कृतिक सुंदरता को उभारने का प्रयास किया गया है।

छठ पूजा में उगते सूर्य को अर्घ्य देने का क्षण विशेष रूप से भावनात्मक माना जाता है। पूरी रात श्रद्धालु भोर होने की प्रतीक्षा करते हैं और जैसे ही पूर्व दिशा में सूर्य की पहली किरण दिखाई देती है, वातावरण भक्तिमय हो उठता है। व्रती जल में खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य तथा खुशहाली की कामना करते हैं। ‘उगी हे सूरज देव’ गीत का शीर्षक इसी पवित्र क्षण की याद दिलाता है। गीत के माध्यम से सूर्य देव के प्रति श्रद्धालुओं की प्रार्थना और छठी मईया के प्रति अटूट विश्वास को स्वर दिया गया है।

इस अवसर पर गीत के निर्माता रत्नाकर कुमार ने कहा कि छठ महापर्व हमारी आस्था, संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। यह पर्व लोगों को अपनी जड़ों, लोक संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों से जोड़ता है। छठी मईया और भगवान सूर्य के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था इस पर्व की सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने कहा कि ‘उगी हे सूरज देव’ के माध्यम से उनकी कोशिश रही है कि छठ महापर्व की पवित्रता, श्रद्धा और भक्तों की भावनाओं को संगीत के जरिए खूबसूरती से प्रस्तुत किया जाए।

रत्नाकर कुमार ने आगे कहा कि भोजपुरी संगीत जगत में छठ गीतों का अपना विशेष महत्व है। इन गीतों के माध्यम से हमारी लोक परंपराएं एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचती हैं। छठ गीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं होते, बल्कि इनमें लोगों की धार्मिक मान्यताएं, पारिवारिक भावनाएं और सांस्कृतिक विरासत भी समाहित रहती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ‘उगी हे सूरज देव’ श्रोताओं को पसंद आएगा और छठ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं के बीच अपनी विशेष जगह बनाएगा।

वहीं, गायिका प्रियंका सिंह ने गीत को लेकर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि छठ गीत गाना उनके लिए बेहद भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव है। छठ महापर्व से लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है और इस पर्व के गीतों को गाते समय विशेष जिम्मेदारी का एहसास होता है। उन्होंने कहा कि ‘उगी हे सूरज देव’ में छठी मईया और सूर्य देव की आराधना से जुड़ी भावनाओं को अपनी आवाज के माध्यम से व्यक्त करने का प्रयास किया है। उन्हें उम्मीद है कि श्रोताओं को इस गीत में छठ पर्व की आत्मीयता, श्रद्धा और भक्ति का एहसास होगा।

प्रियंका सिंह ने यह भी उम्मीद जताई कि छठ पूजा के अवसर पर यह गीत श्रद्धालुओं के बीच लोकप्रिय होगा और लोग इसे अपने परिवार के साथ सुनना पसंद करेंगे। उनके अनुसार, छठ गीतों की सबसे बड़ी खूबसूरती यह है कि इनके माध्यम से लोग अपनी धार्मिक भावनाओं के साथ-साथ बचपन की यादों और पारिवारिक परंपराओं को भी महसूस करते हैं। छठ के समय घरों में पूजा की तैयारियां शुरू होते ही गीतों की गूंज वातावरण को भक्तिमय बना देती है। ऐसे में इस तरह के गीत कलाकारों के लिए भी विशेष महत्व रखते हैं।

भोजपुरी संगीत में छठ गीतों की लोकप्रियता लगातार बनी हुई है। हर वर्ष छठ महापर्व के आसपास विभिन्न म्यूजिक कंपनियां नए गीत रिलीज करती हैं। इन गीतों में पारंपरिक लोक धुनों से लेकर आधुनिक संगीत संयोजन तक का प्रयोग देखने को मिलता है। हालांकि, श्रोताओं के बीच उन गीतों को विशेष पसंद किया जाता है, जिनमें पर्व की मूल भावना और पारंपरिक स्वरूप सुरक्षित रहता है। ‘उगी हे सूरज देव’ भी छठ पूजा की पारंपरिक छवि और भक्ति भाव को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है।

वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी समय-समय पर भोजपुरी दर्शकों के लिए अलग-अलग विषयों पर गीत और संगीत प्रस्तुत करती रही है। कंपनी की ओर से धार्मिक, पारिवारिक, सामाजिक और मनोरंजक विषयों पर आधारित गीतों को दर्शकों तक पहुंचाया जाता है। छठ महापर्व के अवसर पर ‘उगी हे सूरज देव’ की रिलीज इसी संगीत यात्रा का हिस्सा है। कंपनी की इस प्रस्तुति में गायिका प्रियंका सिंह की आवाज, अभिनेत्री प्रिया तिवारी का अभिनय और पूरी तकनीकी टीम का योगदान देखने को मिलता है।

छठ पर्व की विशेषता यह भी है कि इसमें सामाजिक एकता और सामूहिक सहयोग की भावना दिखाई देती है। जाति, वर्ग और आर्थिक स्थिति से ऊपर उठकर लोग एक साथ घाटों पर पहुंचते हैं और सूर्य देव की आराधना करते हैं। परिवार के छोटे-बड़े सभी सदस्य पूजा की तैयारियों में सहयोग करते हैं। कोई पूजा सामग्री जुटाता है तो कोई घाट की साफ-सफाई में योगदान देता है। इस दौरान पूरे परिवार में उत्साह और श्रद्धा का माहौल रहता है। छठ गीत इसी सामूहिक भावना को मजबूत करने का काम करते हैं। ‘उगी हे सूरज देव’ में भी इसी लोक जीवन और धार्मिक वातावरण की झलक दिखाई देती है।

छठ पूजा में प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना भी प्रमुख रूप से दिखाई देती है। सूर्य, जल और स्वच्छ वातावरण के महत्व को यह पर्व विशेष रूप से रेखांकित करता है। सूर्य को जीवन और ऊर्जा का स्रोत मानकर उनकी पूजा की जाती है। जल में खड़े होकर अर्घ्य देने की परंपरा प्रकृति के साथ मनुष्य के संबंध को भी दर्शाती है। इस पर्व में उपयोग होने वाली पारंपरिक पूजा सामग्री और प्रसाद भी लोक जीवन से गहराई से जुड़े हुए हैं। यही कारण है कि छठ महापर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है।

गीत के वीडियो में पारंपरिक छठ पूजा की झलक दिखाकर दर्शकों को इस सांस्कृतिक वातावरण से जोड़ने की कोशिश की गई है। पूजा के लिए सजाए गए सूप, दउरा, फल-फूल और घाट का दृश्य गीत को विषय के अनुरूप बनाते हैं। भोर के समय सूर्य देव की प्रतीक्षा और अर्घ्य की तैयारी जैसे दृश्य गीत के शीर्षक के भाव को और प्रभावशाली बनाते हैं। अभिनेत्री प्रिया तिवारी का पारंपरिक अंदाज और प्रियंका सिंह की मधुर गायकी मिलकर प्रस्तुति को भक्तिमय स्वरूप देते हैं।

तकनीकी पक्ष की बात करें तो गीत को आकर्षक बनाने के लिए अनुभवी टीम ने अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाई हैं। प्रोजेक्ट निर्देशन में नवरत्न पांडे का योगदान रहा है, जबकि वीडियो निर्देशन आशीष पार्क ने किया है। डीओपी रवि राठौर और राहुल रॉय ने कैमरे के माध्यम से छठ घाट और पूजा से जुड़े दृश्यों को फिल्माया है। कोरियोग्राफी विक्की डीएस ने संभाली है। संपादन के जरिए विक्की एस. राज ने दृश्यों को व्यवस्थित रूप दिया है और रोहित सिंह ने डीआई का काम किया है। इन सभी प्रयासों से गीत को एक संपूर्ण दृश्यात्मक प्रस्तुति देने की कोशिश की गई है।

भोजपुरी संगीत प्रेमियों के लिए ‘उगी हे सूरज देव’ छठ महापर्व के अवसर पर एक नई भक्तिमय सौगात है। गीत की रिलीज के साथ ही श्रद्धालुओं को छठी मईया और सूर्य देव की आराधना से जुड़ा एक नया संगीत विकल्प मिला है। इसकी खासियत यह है कि इसमें पर्व की धार्मिक भावना को प्राथमिकता दी गई है। गायिका प्रियंका सिंह की आवाज, अभिनेत्री प्रिया तिवारी की प्रस्तुति और निर्माता रत्नाकर कुमार की पहल ने इसे एक विशेष छठ गीत का रूप दिया है।

कुल मिलाकर, वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी का नया छठ गीत ‘उगी हे सूरज देव’ लोक आस्था, धार्मिक परंपरा और भोजपुरी संगीत के सुंदर मेल के रूप में सामने आया है। प्रियंका सिंह की मधुर आवाज में सजा यह गीत छठी मईया और भगवान सूर्य की आराधना को समर्पित है। गीत के बोल, संगीत और वीडियो में छठ महापर्व की पारंपरिक छटा को उभारने का प्रयास किया गया है। निर्माता रत्नाकर कुमार ने इस प्रस्तुति के माध्यम से भोजपुरी संगीत के जरिए लोक संस्कृति और धार्मिक भावनाओं को आगे बढ़ाने की कोशिश की है। अब यह गीत वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है, जहां संगीत प्रेमी और छठ व्रती इसे सुनकर छठ महापर्व की भक्ति और आत्मीयता का अनुभव कर सकते हैं।

गीत से जुड़ी प्रमुख जानकारी

गीत उगी हे सूरज देव

म्यूजिक कंपनी वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी

गायिका प्रियंका सिंह

अभिनेत्री प्रिया तिवारी

निर्माता रत्नाकर कुमार

गीतकार शुभदयाल सोहरा

संगीतकारछोटू रावत

प्रोजेक्ट निर्देशक नवरत्न पांडे

वीडियो निर्देशकआशीष पार्क

डीओपीरवि राठौर और राहुल रॉय

कोरियोग्राफी विक्की डीएस

एडिटिंगविक्की एस. राज

डीआईरोहित सिंह

रिलीज प्लेटफॉर्म वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी का ऑफिशियल यूट्यूब चैनल

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