नाम-धर्म पूछकर लोगों पर हमला इंसानियत के खिलाफ, ये हैवान लोग हैं इन्‍हें सख्‍त सजा मिलेः हाजी सैयद सलमान चिश्ती

संवाददाता: शिशिर श्रीवास्तव

गोरखपुर। अजमेर शरीफ के गद्दीनशीन, यूएनओ के शांतिदूत व चिश्‍ती फाउंडेशन के अध्‍यक्ष हाजी सैयद सलमान चिश्‍ती ने कहा कि कुरान शरीफ में एक आयत है कि एक बेगुनाह इंसान का कत्‍ल करना पूरी इंसानियत के कत्‍ल करने जैसा है. अजमेर शरीफ से भी उन्‍होंने संदेश दिया था कि जो ये हमला किया गया है, वो भारतीयों पर नहीं पूरी मानवता के ऊपर हमला है. जिन लोगों ने भी अटैक किया है, उनका किसी धर्म और इंसानियत से कोई नाता नहीं है. ये हैवान लोग हैं. हैवानियत के ऊपर उतरे हैं. जिस तरह से लोगों की पहचान करके नाम और धर्म पूछकर जो वहां पर हमला किया गया है. ये इंसानियत के बिल्‍कुल खिलाफ है. ऐसे लोगों को सख्‍त से सख्‍त सजा मिलनी चाहिए.

गोरखपुर में शनिवार 26 अप्रैल को एक कार्यक्रम में शिरकत करने आए अजमेर शरीफ के गद्दीनशीन, यूएनओ के शांतिदूत व चिश्‍ती फाउंडेशन के अध्‍यक्ष हाजी सैयद सलमान चिश्‍ती ने कहा कि गोरखपुर के तमाम शहरवासियों और देश के 140 करोड़ देशवासियों के साथ दुआ करते हैं कि हमारे मुल्‍क में प्‍यार-मोहब्‍बत की सदाएं हमेशा बुलंद होती रहें. गरीब नवाज अजमेर शरीफ दरबार का जो पैगाम 800 साल से पैगाम है कि मोहब्बत सबसे और नफरत किसी ने नहीं हो. उसी पैगाम को देने के लिए वे यहां पर साझा करने आए हैं. सबकी दुआएं कुबूल हो.

हाजी सैयद सलमान चिश्‍ती ने कहा कि ऐसे लोगों को सख्‍त सजा मिलनी चाहिए, जिससे कि वे दोबारा कहीं भी दुनिया में इस तरह की बर्बरता नजर नहीं आएं और इंसानियत पर कोई हमला नहीं कर सके. उन्‍होंने कहा कि आम दिनों में अजमेर शरीफ अधिक जायरीन नहीं आते हैं. लेकिन 140 करोड़ लोग देश की हुकूमत के फैसले के साथ खड़े हैं. जो भी हुकूमत फैसला लेगी, उसके साथ हर भारतीय खड़ा है. दुनिया के लीडर्स भी उस फैसले के साथ खड़े हैं. ये दहशतगर्दी मानवता के ऊपर ऐसा कलंक है, जिसे जड़ से खत्‍म करना बहुत जरूरी है.

हाजी सैयद सलमान चिश्‍ती ने कहा कि हमारी मौजूदा युवा पीढ़ी और आने वाले जनरेशन के लिए इस कलंक को पूरी दुनिया की सरजमी से खत्‍म करना बहुत जरूरी है. हमारे देश भारत की ओर से जो शुरुआत हो रही है, वो पूरी दुनिया बहुत जल्‍द आतंकवाद खत्‍म होगा. अजमेर शरीफ में हर मजहब हिन्‍दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई हर धर्म के लोग आते हैं. दरगाह का पैगाम हमेशा अमन का रहा है. जहां तक‍ आतंकवाद का किसी भी मजहब से दूर-दूर तक ताल्‍लुक नहीं है. इंसानियत से कोई ताल्‍लुक नहीं है. इंसानियत से किसी आतंकवादी का ताल्‍लुक नहीं है. उन्‍हें सख्‍त से सख्‍त सजा मिलनी चाहिए. यही हमारी हुकूमत दुनिया के लीडर्स अपील करते हैं.

हाजी सैयद सलमान चिश्‍ती ने कहा कि उनका पैगाम है कि 140 करोड़ देशवासी एकजुट होकर एक साथ खड़े हैं. सरकार आतंकवादियों और जो भी संगठन इस घटना से जुड़े हुए हैं, उनके खिलाफ सख्‍त कार्रवाई होनी चाहिए. पूरे दुनिया के लीडर्स हमारे देश के साथ हैं. 14 क‍रोड़ देशवासी कंधे से कंधा मिलाकर देश की तरक्‍की का हिस्‍सा बन रहे हैं. कुछ ऐसे हमारे दुश्‍मन देशों को ये तरक्‍की पसंद नहीं आ रही है. हमें उनको मुंहतोड़ जवाब देना है. कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहना है.

हाजी सैयद सलमान चिश्‍ती ने कहा कि कोई भी सोशल मीडिया पर भारतीय के अंदर वैमनस्‍य पैदा करने की कोशिश करता है, तो उन सभी को हमें मुंहतोड़ जवाब देना है कि हम सभी एक हैं और एकता के सा‍थ हम दहशतगर्दी को खत्‍म करेंगे. यही 140 करोड़ देशवासियों का संकल्‍प है. यही हमारी भारत सरकार का संकल्‍प है. ये पैगाम हमारे हिन्‍दुस्‍तान में जाता है. कश्‍मीर से कन्‍याकुमारी तक जितने भी हमारे आध्‍यात्मिक स्‍थल हैं. गोरखपुर की सरजमीं पर हम गोरखनाथ मठ की बात करते हैं. यहां पर जो दरगाहें हैं उनकी बात करते हैं. जब बाबा फरीद की बात करते हैं, तो तालिका में पढ़ते हैं कि नाथ संप्रदाय के योगी और सूफी संतों ने एक साथ मिलकर देश की आजादी के लिए लड़े हैं.

हाजी सैयद सलमान चिश्‍ती ने कहा कि पहले भी एक साथ आध्‍यात्मिक तालीमात से जुड़ते हुए देश की सेवा की है, वो मंजरेआम है. उसी को हमें फिर से दोहराना है कि हमें कोई भी तोड़ न सकें. हम एक साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश के साथ खड़े रहें. जहां भी जरूरत पड़े वहां पर उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाए. मॉब लिंचिंग की कोई घटना कोई सामने नहीं आई है. लेकिन देश के माहौल को खराब करने का कोई प्रयास करता है, उनको इससे बचना चाहिए. सरकार ने साफ किया है कि जो भी आतंकी इस घटना में शामिल है, उसके खिलाफ सख्‍त कार्रवाई होगी.

हाजी सैयद सलमान चिश्‍ती ने देश के दुश्‍मनों का मुर्दाबाद करते हुए कहा कि जो भी भारत सरकार का निर्णय है, हर देशवासी उसके साथ है. उन्‍होंने कहा कि हमें परिवार के बुजुर्ग के साथ बच्‍चों को बैठाना चाहिए. सूफिज्म का पैगाम मोहब्‍बत सबसे, नफरत किसी से नहीं है. आज के बच्‍चे को ये सिखाना चाहिए. पहले जो बड़े-बुजुर्गों के साथ बच्‍चे बैठते थे. आज बच्‍चे मोबाइल लेकर खाना खाने के लिए भी बैठते हैं. बच्‍चों को मोबाइल की जगह बुजुर्गों के साथ बैठने की सीख देनी चाहिए.

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