बजट 2024-25 पर परिचर्चा.

बजट 2024-25 पर परिचर्चा.
अर्थशास्त्र विभाग के द्वारा आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रमों के क्रम में आज दिनांक 26.07.2024 को ‘केन्द्रीय बजट 2024-25’ विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. संदीप कुमार ने बताया कि बजट में गरीबों के कल्याण, कृषि क्षेत्र के विकास और अर्थव्यवस्था के बुनियादी ढांचे के लिए जो प्रावधान है वह प्रशंसनीय है। 8 से 10 लाख तक की आय वर्ग के लोगों को आयकर राहत में विशेष फायदा है। बड़ी कंपनी द्वारा जो इंटर्नशिप युवाओं को दी जाएगी जो की एक अच्छा प्रयास है। वही शिक्षा एवं चिकित्सा पर और अधिक व्यय होने चाहिए जो की बजट में कम है और नए प्रकार के रोजगार के अवसर तथा स्थाई रोजगार के भी प्रयास होने चाहिए। विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सत्यपाल सिंह ने अपने वक्तव्य में यह बताया कि आज मोदी सरकार ने 3.0 का पहला बजट पेश किया अर्थात चालू वित्तीय वर्ष में सरकार द्वारा प्रस्तुत इस बजट को वर्तमान वैश्विक अर्थव्यवस्था के मुश्किल दौर में एक सन्तुलित बजट कहा जा सकता है। वित्त मंत्री ने इस बजट में पहले से चली आ रही योजनाओं और कार्यक्रमों की निरंतरता को बनाए रखने का ही प्रयास किया अर्थात इस बजट के माध्यम से गरीबो, वंचितों, महिलाओं और युवाओं पर केंद्रित रहने का प्रयास किया गया है तथा नीतियों में कुछ आवश्यक परिवर्तन करके, विदेशी निवेश में प्रोत्साहन हेतु उदार विदेशी निवेश नीति , निजी निवेश को प्रोत्साहित कर इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रामीण विकास को प्राथमिकता में रखकर अमृतकाल में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में लाने के सपने को साकार करने का प्रयास दिखाई दे रहा है। विभाग के सहायक आचार्य डॉ.अमित कुमार शर्मा द्वारा अपने वक्तव्य में बताया कि केंद्रीय बजट 2024-25 के बजट में समावेशी विकास के लक्ष्य को ध्यान में रखा गया है। इसमें पर्यावरण को ध्यान में रखकर जो भी कदम उठाए गए हैं वह प्रशंसनीय हैं। जैसे पीएम सोलर योजना जहां एक तरफ निशुल्क 300 यूनिट बिजली उपलब्ध कराएगी वहीं अप्रत्यक्ष रूप से सतत विकास की ओर बढ़ते कदम की दिशा को भी मजबूती प्रदान करेगी।सहायक आचार्य डॉ. वन्दना अहिवार ने अपने विचार साझा किया और बताया कि बजट 2024-25 में आर्थिक वृद्धि व योजनाओं का विशेष ध्यान में रखकर बनाया गया है। इस बजट में रोजगार के नए अवसर प्रदान करने की पहल की गई है,तथा ऊर्जा के गैर परंपरा का स्रोतों में सौर ऊर्जा पर विशेष बल दिया गया है। इसके साथ ही कृषि के बजट में भी सरकार ने ऐतिहासिक वृद्धि कर किसानों को मजबूती प्रदान करने का प्रयास किया है। कार्यक्रम का संचालन विभाग के सहायक आचार्य डॉ. मनीश कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर विभाग के समस्त शोध छात्र तथा विधार्थी उपस्थिति रहें हैं।

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