Category: गोरखपुर

  • दस्तक/ संचारी अभियान का शुभारंभ

    दस्तक/ संचारी अभियान का शुभारंभ

    आज दस्तक/ संचारी अभियान का शुभारंभ मेयर डाक्टर मंगलेश एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी महोदय द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया साथ में सभी अपर सी एम , डी एम ओ उप जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी, एस एम ओ जेई ए ई एस कंसल्टेंट,सभी पार्टन एजेंसियां मीडिया कर्मी,स्टाफ नर्स एवं अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे
  • नेशनल डॉक्टर्स डे (01 जुलाई 2024) पर विशेष

    नेशनल डॉक्टर्स डे (01 जुलाई 2024) पर विशेष

    1. नेशनल डॉक्टर्स डे (01 जुलाई 2024) पर विशेष

    अस्पताल से लेकर समुदाय तक जन स्वास्थ्य की अलख जगा रहे डॉ हरिओम

    टीबी मरीजों के एडॉप्शन कार्यक्रम और कायाकल्प पुरस्कार योजना में निभाई उल्लेखनीय भूमिका

    गोरखपुर:समय के साथ चिकित्सकों की भूमिका में बदलाव हुआ है। अब वह सिर्फ ओपीडी में बैठे चिकित्सक नहीं रहे । उनकी भूमिका अब समुदाय को बीमारी से बचाने और बीमारी का सामना करने में सक्षम बनाने तक विस्तृत हुई है।

    सरकारी क्षेत्र के एक ऐसे ही चिकित्सक है डॉ हरिओम पांडेय, जो अस्पताल से लेकर समुदाय तक जन स्वास्थ्य की अलख जगाने में जुटे हैं । सरदारनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी की भूमिका में उन्होंने अपनी टीम की मदद से चार बार अस्पताल को कायाकल्प पुरस्कार दिलवाया। टीबी मरीजों के एडॉप्शन में बढ़ चढ़ कर भाग लिया। वह नियमित टीकाकरण, जेई-एएईस और गैर संचारी रोगों से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिये भी अहम योगदान दे रहे हैं।

    राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में पब्लिक प्राइवेट मिक्स (पीपीएम) समन्वयक अभय नारायण मिश्र बताते हैं कि टीबी मरीजों का एडॉप्शन जब पहले चरण में शुरू हुआ, उस समय डॉ पांडेय ने खुद तो मरीजों को गोद लिया ही, कई संस्थाओं को इसके लिए प्रेरित भी किया। डॉ पांडेय ने दस टीबी मरीजों को गोद लेकर स्वस्थ होने में उनकी मदद की। उन्होंने लायंस क्लब के सदस्यों को प्रेरित किया कि वह भी टीबी मरीजों को गोद लें। इस तरह करीब सत्तर और टीबी मरीजों को गोद लिया गया और सभी स्वस्थ हो चुके हैं। इस तरह डॉ हरिओम जिले में सर्वाधिक टीबी मरीजों को गोद लेकर उनका सहयोग करने वाले चिकित्सक बन गये।

    मूलतः सिद्धार्थनगर जिले के लोटन ब्लॉक के रसियावल खुर्द गांव के रहने वाले डॉ पांडेय के परिवार में कोई अन्य सदस्य चिकित्सक नहीं है। वह बताते हैं कि बचपन में जब वह अस्पताल जाते थे या किसी डॉक्टर के पास जाते थे तो उसके प्रति लोगों का सम्मान देख कर चिकित्सक बनना उनके जीवन का लक्ष्य बन गया। बड़े हुए तो वर्ष 2011 में पुणे स्थित भारतीय विद्यापीठ से उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई की। छात्र जीवन में उन्होंने महसूस किया कि जन स्वास्थ्य की दिशा में अभी काफी काम किया जाना बाकी है। लोगों को बीमारियों से बचाना है तो सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा ही एक अच्छा माध्यम है। इसी ध्येय से वर्ष 2012 में रेलवे अस्पताल गोरखपुर से शुरूआत की। इसके बाद जंगल कौड़िया में डोहरिया न्यू पीएचसी पर वर्ष 2014 में ज्वाइन किया ।

    वह बताते हैं कि इस दौरान कई कार्यक्रमों का मास्टर ट्रेनर बनने का मौका मिला। इस अवसर का लाभ उन्होंने अधिकाधिक जानकारी प्राप्त करने और ज्यादा से ज्यादा चिकित्सा अधिकारियों और स्टॉफ का क्षमता संवर्धन करने में किया । मंडल स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला के जरिये सैकड़ों चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को उन तकनीकी पक्षों की जानकारी दी जिनके जरिये बीमारियों पर नियंत्रण, उनसे बचाव या उनका उन्मूलन किया जा सकता है। डॉ पांडेय राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के भी प्रशिक्षक हैं । सरदारनगर में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी का पद ग्रहण करने के बाद उनके प्रयासों से जिले में आरबीएसके योजना के तहत पहली हार्ट सर्जरी कराई जा सकी ।

    *ऐसे शुरू हुआ कायाकल्प का सफर*

    डॉ हरिओम पांडेय को जुलाई 2019 में सरदारनगर पीएचसी का प्रभारी चिकित्सा अधिकारी बनाया गया। उस समय तक इस पीएचसी को एक भी कायाकल्प पुरस्कार नहीं मिला था। वह बताते हैं कि चूंकि उन्हें प्रशिक्षण की महत्ता पता थी, इसलिए सबसे पहले पूरी टीम को क्वालिटी का प्रशिक्षण दिलवाया। धीरे धीरे मानकों को पूरा किया । पहले प्रयास में इस योजना के तहत केवल 79.2 फीसदी अंकों के साथ पुरस्कार मिला। टीम का मनोबल बढ़ा और दक्षता बढ़ाई गई तो वर्ष 2020-21 में 80.9 फीसदी, वर्ष 2021-22 में 88.6 फीसदी और वर्ष 2022-23 में 92.55 फीसदी के साथ कायाकल्प पुरस्कार हासिल हुआ। अब उनका प्रयास होगा कि ब्लॉक के अधिकाधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का एनक्वास सर्टिफिकेशन कराया जाए।

    *सभी चिकित्सकों को बधाई*

    राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर सभी चिकित्सकों को ढेर सारी बधाई। राष्ट्रीय कार्यक्रमों में अहम भूमिका निभाने वाले चिकित्सक एक नजीर हैं। बाकी लोगों को भी उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए और कोशिश करनी चाहिए कि अपने मूल दायित्वों को निभाते हुए जन स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने का प्रयास करें। इस साल इस दिवस की थीम ‘हीलिंग हैंड्स, केयरिंग हार्ट्स’ है, जो चिकित्सकों के समर्पण, करुणा और उनके जीवनकाल में लाखों लोगों के जीवन बचाने की उनकी भूमिका को रेखांकित करती है।

    डॉ आशुतोष कुमार दूबे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, गोरखपुर

  • कुलपति ने किया मोजेक पत्रिका का विमोचन

    कुलपति ने किया मोजेक पत्रिका का विमोचन

    गोरखपुर: सेंट पॉल स्कूल द्वारा शनिवार को संयुक्त राष्ट के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें विश्विद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन द्वारा मोजेक पत्रिका का विमोचन किया। डीडीयू ने तीन लाख छात्रों में एसडीजी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए पत्रिका के संस्थापक अमरीश चंद्रा के साथ साझेदारी की है। कुलपति ने इस दौरान कहा कि एसडीजी के प्रति लोगों को अवेयर करके हम संयुक्त राष्ट के निर्धारित लक्ष्यों को हासिल कर सकते हैं। इस दौरान अमरीश चंद्रा ने कहा कि डीडीयू के साथ जागरूकता को लेकर साझेदारी की जा रही है। यह विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण कदम होगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद सांसद रवि किशन और कमिश्नर अनिल ढींगरा ने कहा कि यह बहुत ही सराहनीय कदम है। वहीं सांसद रवि किशन ने आगे कहा कि हमें विकास तो करना चाहिए लेकिन प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण के साथ-साथ। प्रकृति और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा कर हमें विकास नहीं चाहिए और उन्होंने वादा किया कि वह जब तक गोरखपुर में रहेंगे यहां के चौमुखी विकास में अपना योगदान करते रहेंगे। इस दौरान सुधीर मिश्रा, अनुराग बत्रा, मिहिर श्रीवास्तव, डॉ. सोनम महाजन, रोहित बोस प्रो. डॉ. दिव्या रानी सिंह, प्रो. अनुभूति दुबे, रेव्ह गिरीश चंद्र मौजूद रहे।

  • अधिकारियों संग चेयरमैन प्रतिनिधि ने किया वृक्षारोपण

    अधिकारियों संग चेयरमैन प्रतिनिधि ने किया वृक्षारोपण

     

    गोरखपुर::गोला। पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिये जागरूकता अभियान की शुरूआत करते हुये चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर ने वन क्षेत्राधिकारी शिवजीत सिंह के साथ वृक्षारोपण किया।

    शनिवार को उपनगर के पुरानी हनुमान गढ़ी मन्दिर घाट के पास वृक्षारोपण करने के बाद उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे लोग भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अपनी भूमिका समझे और वृक्षारोपण कर उसकी सुरक्षा करें।

    उन्होंने कहा कि वृक्ष ही हमारे जीवनदाता है अगर यह नही होंगे तो हम नही होंगे, अगर हम चाहते हैं कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ जल और हवा मिलती रहे तो हम सभी को आज वृक्षारोपण अभियान में अपनी सहभागिता निभानी होगी।

    इस अवसर पर सभासद सुदीप वर्मा, राकेश राय, हिमांशु गौड़, उमेश यादव, अमलेश कुमार सहित तमाम लोग मौजुद थे

    अधिकारियों संग चेयरमैन प्रतिनिधि ने किया वृक्षारोपण

    गोला। पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिये जागरूकता अभियान की शुरूआत करते हुये चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर ने वन क्षेत्राधिकारी शिवजीत सिंह के साथ वृक्षारोपण किया।
    शनिवार को उपनगर के पुरानी हनुमान गढ़ी मन्दिर घाट के पास वृक्षारोपण करने के बाद उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे लोग भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अपनी भूमिका समझे और वृक्षारोपण कर उसकी सुरक्षा करें।
    उन्होंने कहा कि वृक्ष ही हमारे जीवनदाता है अगर यह नही होंगे तो हम नही होंगे, अगर हम चाहते हैं कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ जल और हवा मिलती रहे तो हम सभी को आज वृक्षारोपण अभियान में अपनी सहभागिता निभानी होगी।
    इस अवसर पर सभासद सुदीप वर्मा, राकेश राय, हिमांशु गौड़, उमेश यादव, अमलेश कुमार सहित तमाम लोग मौजुद थे

  • न्यू टेक्नोलोजी से जुड़ना समय की मांग: कुलपति

    न्यू टेक्नोलोजी से जुड़ना समय की मांग: कुलपति

    गोरखपुर: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर की कुलपति श्रीमती प्रोफेसर पूनम टंडन ने इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में संचालित हो रहे सैमसंग इन्नोवेशन केंपस प्रोग्राम में प्रतिभाग कर रहे छात्र-छात्राओं को संबोधित किया।
    इस अवसर पर कुलपति ने छात्र-छात्राओं को SWADES स्वदेश संस्था की तरफ से सैमसंग इन्नोवेशन केंपस किट का वितरण भी किया।
    ध्यातव्य हो कि यह प्रोग्राम स्वदेश सोसायटी एवं गोरखपुर विश्वविद्यालय के मध्य एम•ओ•यू• के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है।
    कुलपति ने बीटेक के छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि न्यू टेक्नोलोजी जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डाटा, इंटरनेट का थिंग्स और कोडिंग एवं प्रोग्रामिंग जैसी नवीनतम तकनीकों के साथ खुद को जोड़ना समय की मांग है। उन्होंने इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय में अत्याधुनिक सुविधाओं को जोड़ने की योजना की घोषणा भी की। प्रोफेसर टंडन ने छात्रों को इनक्यूबेशन सेल में अनुसंधान प्रस्ताव प्रस्तुत करके विश्वविद्यालय की विरासत को बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
    कुलपति ने गोरखपुर महोत्सव और राष्ट्रीय विज्ञान दिवस जैसे कार्यक्रमों में इंजीनियरिंग छात्रों के प्रयासों की सराहना की और उन्हें बेहतर अवसरों की प्राप्ति के लिए विश्वविद्यालय के समर्थन का आश्वासन भी दिया। ‘स्वदेश समिति’ के प्रेसिडेंट डॉक्टर राजीव निगम एवं इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रोफेसर उमेश यादव ने इस सैमसंग इनोवेशन प्रोग्राम को संचालित करने में महत्वपूर्ण भुमिका निभायी है। इस अवसर पर अभियान्त्रिकी एवं प्रोद्योगिकी संस्थान के फकल्टी सदस्य श्री राजीव रंजन कुमार त्रिपाठी, डॉक्टर नरेंद्र यादव डॉक्टर राहुल कुमार, डॉक्टर सूर्यभान प्रताप सिंह, श्री सौरभ सिंह, डॉक्टर मुनीष शरन, श्री पंकज उपाध्याय एवं श्री प्रत्यूष त्रिपाठी एवं स्वदेश समिति के डॉक्टर नितिन शंकर एवं श्री कौस्तुभ नारायण त्रिपाठी सहित 60 से अधिक की संख्या छात्र उपस्थित रहे।
    प्रो उमेश यादव
    निदेशक, अभियांत्रिकी एवं प्रोद्योगिकी संस्थान
    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर।

  • काजी-ए- शहर के निधन पर आयोजित हुई प्रार्थना सभा

    काजी-ए- शहर के निधन पर आयोजित हुई प्रार्थना सभा

    इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी के जिला अध्यक्ष सैय्यद इरशाद अहमद की अध्यक्षता में कैम्प कार्यालय जाफरा बाजार में एक प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया |
    इस अवसर पर संबोधित करते हुए सैय्यद इरशाद अहमद ने कहा कि मुफ्ती साहब ने जो दिन की खिदमत की है उसको लंबे समय तक याद किया जाएगा | शायर एवं समाजसेवी मिन्नत गोरखपुरी ने संबोधित करते हुए कहा कि मुफ्ती साहब को लगभग हर जवान (भाषा) आती थी और जब कभी किसी को कोई कठिनाई आती थी तो वह हमेशा लोगों का सहयोग करते थे |
    इस अवसर पर मौलाना तामीर अजीजी, शाकिर अली सलमानी, महासचिव हाजी सोहराब खान ,वरिष्ठ उपाध्यक्ष शकील शाही, डॉ सैय्यद वसीम इकबाल ,मोहम्मद सिराज सानू ,मोहम्मद जफर खान आदि उपस्थित रहे |

  • विधायक ने किया ड्राई फ्रूट्स शॉप का उद्धघाटन

    विधायक ने किया ड्राई फ्रूट्स शॉप का उद्धघाटन

    गोला: व्यापारिक दृष्टि से तेजी से विकसित हो रहे बड़हलगंज कस्बे के निकट जामा मस्जिद पर शुक्रवार को चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी ने ड्राई फ्रूट्स शॉप का उद्धघाटन किया।

     

    पूर्व सभासद रफीक अहमद के ड्राई फ्रूट्स शॉप का उद्धघाटन करते हुए चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी ने कहा कि बड़हलगंज नगर हर क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहा है। अब यहां हर प्रकार की प्रतिष्ठान खुल रही है। इस दौरान चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर, व्यापार मंडल अध्यक्ष श्रीकांत सोनी, सभासद दीपक शर्मा, आचार्य वेदप्रकाश त्रिपाठी, डा० शमीम, हक्का कुरैशी, मदनलाल सोनी, सुरेश उमर सहित अन्य लोग मौजूद रहें।

    विधायक ने किया ड्राई फ्रूट्स शॉप का उद्धघाटन

    गोला: व्यापारिक दृष्टि से तेजी से विकसित हो रहे बड़हलगंज कस्बे के निकट जामा मस्जिद पर शुक्रवार को चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी ने ड्राई फ्रूट्स शॉप का उद्धघाटन किया।

    पूर्व सभासद रफीक अहमद के ड्राई फ्रूट्स शॉप का उद्धघाटन करते हुए चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी ने कहा कि बड़हलगंज नगर हर क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहा है। अब यहां हर प्रकार की प्रतिष्ठान खुल रही है। इस दौरान चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर, व्यापार मंडल अध्यक्ष श्रीकांत सोनी, सभासद दीपक शर्मा, आचार्य वेदप्रकाश त्रिपाठी, डा० शमीम, हक्का कुरैशी, मदनलाल सोनी, सुरेश उमर सहित अन्य लोग मौजूद रहें।

  • आटा चक्की की बेल्ट में फंस कर बच्चे की मौत

    आटा चक्की की बेल्ट में फंस कर बच्चे की मौत

    आटा चक्की की बेल्ट में फंस कर बच्चे की मौत

    गोरखपुर ।सहजनवां थाना क्षेत्र के पिपरौली गांव में शुक्रवार को दर्दनाक हादसा हो गया। आंटा चक्की

    के बेल्ट में फंस कर 8 साल के मासूम की मौत हो गई। जिस

    घर में आंटा चक्की चल रही थी मासूम उससी घर के ऊपरी

    मंजिल में रहता था। चक्की मलिक मशीन चला कर कही चला

    गया इस बीच मासूम खेलते हुए बेल्ट में फंस गया और उसकी

    मौत हो गई। जब चक्की मालिक को घटना की जानकारी हुई

    तो वह मौके से फरार हो गया।जब परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो घर में चींख पुकार मच गई। परिजनों ने इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मासूम के शव को कब्जे में ले कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की पड़ताल में जुट गई। वही मासूम के परिजनों ने आटा चक्की मालिक के खिलाफ पुलिस को लिखित तहरीर दी है। हालांकि, अभी इस मामले में पुलिस ने केस नहीं दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    जानकारी के अनुसार आसिफ के पिता सफीक पिछले कई साल से किराये के घर में रहते थे और नीचे मकान मालिक अपना आंटा चक्की चलता था। कल शाम 7 बजे आसिफ खेलने के लिये नीचे उतरा तभी उसका पैर चक्की के बेल्ट में फस गया और वह घायल हो गया। जब यह घटना चक्की मलिक रामज्ञा सिंह ने देखा तो बच्चे को बचाने की बजाए उसको तड़पता छोड़ भाग गया और बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद बच्चे के परिजन पुलिस के पास पहुँचे।

    परिजनों ने बताया कि चक्की मलिक की लापरवाही से यह दुर्घटना हुई है। वह अक्सर ही मशीन को चालू कर के गायब हो जाया करता है। कुछ दिनों पहले ही किराये को लेकर मकान मालिक और आसिफ के पिता सादिक के बीच कुछ कहा सुनी भी हुई थी।

    आटा चक्की की बेल्ट में फंस कर बच्चे की मौत

    संवाददाता सूर्य प्रकाश ओझा

    गोरखपुर ।सहजनवां थाना क्षेत्र के पिपरौली गांव में शुक्रवार को दर्दनाक हादसा हो गया। आंटा चक्की
    के बेल्ट में फंस कर 8 साल के मासूम की मौत हो गई। जिस
    घर में आंटा चक्की चल रही थी मासूम उससी घर के ऊपरी
    मंजिल में रहता था। चक्की मलिक मशीन चला कर कही चला
    गया इस बीच मासूम खेलते हुए बेल्ट में फंस गया और उसकी
    मौत हो गई। जब चक्की मालिक को घटना की जानकारी हुई
    तो वह मौके से फरार हो गया।जब परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो घर में चींख पुकार मच गई। परिजनों ने इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मासूम के शव को कब्जे में ले कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की पड़ताल में जुट गई। वही मासूम के परिजनों ने आटा चक्की मालिक के खिलाफ पुलिस को लिखित तहरीर दी है। हालांकि, अभी इस मामले में पुलिस ने केस नहीं दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    जानकारी के अनुसार आसिफ के पिता सफीक पिछले कई साल से किराये के घर में रहते थे और नीचे मकान मालिक अपना आंटा चक्की चलता था। कल शाम 7 बजे आसिफ खेलने के लिये नीचे उतरा तभी उसका पैर चक्की के बेल्ट में फस गया और वह घायल हो गया। जब यह घटना चक्की मलिक रामज्ञा सिंह ने देखा तो बच्चे को बचाने की बजाए उसको तड़पता छोड़ भाग गया और बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद बच्चे के परिजन पुलिस के पास पहुँचे।
    परिजनों ने बताया कि चक्की मलिक की लापरवाही से यह दुर्घटना हुई है। वह अक्सर ही मशीन को चालू कर के गायब हो जाया करता है। कुछ दिनों पहले ही किराये को लेकर मकान मालिक और आसिफ के पिता सादिक के बीच कुछ कहा सुनी भी हुई थी।

  • एनक्वास सर्टिफाइड हुये जनपद के तीन आयुष्मान आरोग्य मंदिर

    एनक्वास सर्टिफाइड हुये जनपद के तीन आयुष्मान आरोग्य मंदिर

    ब्रह्मपुर के दो और खोराबार के एक आयुष्मान आरोग्य मंदिर का हुआ प्रमाणन

    1.26 लाख की पुरस्कार राशि से व्यवस्था सुदृढ़ीकरण में मिलेंगी मदद

    गोरखपुर: गोरखपुर जिले के तीन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेट (एनक्वास) प्रमाणन हुआ है। इसमें आकांक्षी ब्लॉक ब्रह्मपुर का राजधानी और राघो पट्टी व खोराबार का लहसड़ी आयुष्मान आरोग्य मंदिर शामिल है । इन्हें 1.26 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिलेगी, जिसे यह मरीजों की सुविधाओं के लिए व्यवस्था सुदृढ़ीकरण और कर्मचारियों के प्रोत्साहन व पुरस्कार के लिए खर्च कर सकते हैं।

     

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि जनपद में अब एनक्वास सर्टिफाइड आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या पांच हो गयी है। हाल ही में पिपरौली ब्लॉक का कालेसर आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी प्रमाणित हुआ है । इससे पहले भटहट ब्लॉक का जैनपुर आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी एनक्वास सर्टिफाइड हो चुका है।

    डॉ दूबे ने बताया कि इस समय जिले में 460 सक्रिय आयुष्मान आरोग्य मंदिर समुदाय को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा प्रदान कर रहे हैं। वहां बीमारियों की स्क्रीनिंग, टेलीकंसल्टेशन से चिकित्सकों से परामर्श और दवा उपलब्ध कराना, मातृ शिशु स्वास्थ्य जांच की सुविधा प्रदान करना, गैर संचारी बीमारियों की स्क्रीनिंग और संचारी रोगों की रोकथाम के कार्य किये जा रहे हैं। कुछ केंद्रों पर संस्थागत प्रसव भी होते हैं। जनसमुदाय को स्वास्थ्य देने में इन केंद्रों की अहम भूमिका है और इनका एनक्वास प्रमाणीकरण गुणवत्तापूर्ण सेवा की गारंटी है।

    सीएमओ ने बताया कि इस प्रमाण पत्र को हासिल करने में वहां के स्थानीय ग्राम प्रधान, सीएचओ, एएनएम, आशा, अधीक्षक व प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, नोडल अधिकारी डॉ एके चौधरी और जिला व ब्लॉक कार्यक्रम प्रबन्धन इकाई और जिला व मंडलीय क्वालिटी टीम एवं कंसल्टेंट ने प्रमुख भूमिका निभाई है। क्वालिटी कार्यक्रम के प्रमुख सहयोगी विजय श्रीवास्तव का भी सबसे अहम योगदान रहा है । जिले में क्वालिटी एश्योरेंस कंसल्टेंट का पद खाली है और इन विपरीत परिस्थितियों में भी इन इकाइयों का सहयोग कर उन्हें प्रमाणन दिलवाने में उन्होंने भरपूर मदद की।

     

     

    एनएचआरसी के पत्र से मिली जानकारी

     

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (एनएचआरसी) के कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल प्रोफेसर अतुल कोटवाल की तरफ से जारी पत्र में एनक्वास सर्टिफिकेशन की जानकारी दी गयी है। पत्र के मुताबिक ब्रह्मपुर ब्लॉक के राजधानी आयुष्मान आरोग्य मंदिर को 87.3 फीसदी, जबकि राघो पट्टी आयुष्मान आरोग्य मंदिर को 86.79 फीसदी अंक मिले हैं। इन दोनों का राष्ट्रीय स्तर का मूल्यांकन इसी साल मई में हुआ था। खोराबार ब्लॉक के लहसड़ी आयुष्मान आरोग्य मंदिर को 83 फीसदी अंकों के साथ सशर्त प्रमाणन मिला है। इसका मूल्यांकन फरवरी 2024 में हुआ था। इन केंद्रों को जो पुरस्कार मिलेंगे उनकी 75 फीसदी रकम अस्पताल में गुणात्मक सेवा देने के उपायों पर खर्च करनी है, जबकि 25 फीसदी की धनराशि कर्मचारियों के प्रोत्साहन व पुरस्कार में खर्च करने का प्रावधान है।

     

    इन सात सेवाओं का हुआ मूल्यांकन

     

     गर्भावस्था एवं प्रसव के दौरान देखभाल

     नवजात और शिशु स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं

     बाल और किशोर स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं

     परिवार नियोजन, गर्भनिरोधक सेवाएं एवं अन्य प्रजनन देखभाल सेवाएं

     संचारी रोगों का प्रबंधन (राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम)

     सामान्य संक्रामक रोगों का प्रबन्धन और तीव्र साधारण बीमारियों और छोटी बीमारियों के लिए सामान्य बाह्य रोगी देखभाल

    गैर संचारी रोगों और टीबी व कुष्ठ रोग जैसी दीर्घकालिक संचारी बीमारियों की जांच, रोकथाम, प्रबन्धन और नियंत्रण

    एनक्वास सर्टिफाइड हुये जनपद के तीन आयुष्मान आरोग्य मंदिर

    ब्रह्मपुर के दो और खोराबार के एक आयुष्मान आरोग्य मंदिर का हुआ प्रमाणन

    1.26 लाख की पुरस्कार राशि से व्यवस्था सुदृढ़ीकरण में मिलेंगी मदद

    गोरखपुर: गोरखपुर जिले के तीन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेट (एनक्वास) प्रमाणन हुआ है। इसमें आकांक्षी ब्लॉक ब्रह्मपुर का राजधानी और राघो पट्टी व खोराबार का लहसड़ी आयुष्मान आरोग्य मंदिर शामिल है । इन्हें 1.26 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिलेगी, जिसे यह मरीजों की सुविधाओं के लिए व्यवस्था सुदृढ़ीकरण और कर्मचारियों के प्रोत्साहन व पुरस्कार के लिए खर्च कर सकते हैं।

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि जनपद में अब एनक्वास सर्टिफाइड आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या पांच हो गयी है। हाल ही में पिपरौली ब्लॉक का कालेसर आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी प्रमाणित हुआ है । इससे पहले भटहट ब्लॉक का जैनपुर आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी एनक्वास सर्टिफाइड हो चुका है।
    डॉ दूबे ने बताया कि इस समय जिले में 460 सक्रिय आयुष्मान आरोग्य मंदिर समुदाय को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा प्रदान कर रहे हैं। वहां बीमारियों की स्क्रीनिंग, टेलीकंसल्टेशन से चिकित्सकों से परामर्श और दवा उपलब्ध कराना, मातृ शिशु स्वास्थ्य जांच की सुविधा प्रदान करना, गैर संचारी बीमारियों की स्क्रीनिंग और संचारी रोगों की रोकथाम के कार्य किये जा रहे हैं। कुछ केंद्रों पर संस्थागत प्रसव भी होते हैं। जनसमुदाय को स्वास्थ्य देने में इन केंद्रों की अहम भूमिका है और इनका एनक्वास प्रमाणीकरण गुणवत्तापूर्ण सेवा की गारंटी है।
    सीएमओ ने बताया कि इस प्रमाण पत्र को हासिल करने में वहां के स्थानीय ग्राम प्रधान, सीएचओ, एएनएम, आशा, अधीक्षक व प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, नोडल अधिकारी डॉ एके चौधरी और जिला व ब्लॉक कार्यक्रम प्रबन्धन इकाई और जिला व मंडलीय क्वालिटी टीम एवं कंसल्टेंट ने प्रमुख भूमिका निभाई है। क्वालिटी कार्यक्रम के प्रमुख सहयोगी विजय श्रीवास्तव का भी सबसे अहम योगदान रहा है । जिले में क्वालिटी एश्योरेंस कंसल्टेंट का पद खाली है और इन विपरीत परिस्थितियों में भी इन इकाइयों का सहयोग कर उन्हें प्रमाणन दिलवाने में उन्होंने भरपूर मदद की।

    एनएचआरसी के पत्र से मिली जानकारी

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (एनएचआरसी) के कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल प्रोफेसर अतुल कोटवाल की तरफ से जारी पत्र में एनक्वास सर्टिफिकेशन की जानकारी दी गयी है। पत्र के मुताबिक ब्रह्मपुर ब्लॉक के राजधानी आयुष्मान आरोग्य मंदिर को 87.3 फीसदी, जबकि राघो पट्टी आयुष्मान आरोग्य मंदिर को 86.79 फीसदी अंक मिले हैं। इन दोनों का राष्ट्रीय स्तर का मूल्यांकन इसी साल मई में हुआ था। खोराबार ब्लॉक के लहसड़ी आयुष्मान आरोग्य मंदिर को 83 फीसदी अंकों के साथ सशर्त प्रमाणन मिला है। इसका मूल्यांकन फरवरी 2024 में हुआ था। इन केंद्रों को जो पुरस्कार मिलेंगे उनकी 75 फीसदी रकम अस्पताल में गुणात्मक सेवा देने के उपायों पर खर्च करनी है, जबकि 25 फीसदी की धनराशि कर्मचारियों के प्रोत्साहन व पुरस्कार में खर्च करने का प्रावधान है।

    इन सात सेवाओं का हुआ मूल्यांकन

     गर्भावस्था एवं प्रसव के दौरान देखभाल
     नवजात और शिशु स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं
     बाल और किशोर स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं
     परिवार नियोजन, गर्भनिरोधक सेवाएं एवं अन्य प्रजनन देखभाल सेवाएं
     संचारी रोगों का प्रबंधन (राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम)
     सामान्य संक्रामक रोगों का प्रबन्धन और तीव्र साधारण बीमारियों और छोटी बीमारियों के लिए सामान्य बाह्य रोगी देखभाल
    गैर संचारी रोगों और टीबी व कुष्ठ रोग जैसी दीर्घकालिक संचारी बीमारियों की जांच, रोकथाम, प्रबन्धन और नियंत्रण