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  • डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय ने बांग्लादेश के राजशाही विश्वविद्यालय के साथ गठबंधन बढ़ाया

    डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय ने बांग्लादेश के राजशाही विश्वविद्यालय के साथ गठबंधन बढ़ाया

    डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय ने बांग्लादेश के राजशाही विश्वविद्यालय के साथ गठबंधन बढ़ाया

    दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन के दूरदर्शी नेतृत्व में 9 जुलाई, 2024 को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई। डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय ने बांग्लादेश के राजशाही विश्वविद्यालय के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए, जो अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग में एक नया अध्याय है।

    इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भारत और बांग्लादेश के बीच हाल ही में हुए राजनयिक जुड़ाव के अनुरूप है। पिछले महीने, 22 जून, 2024 को भारत के माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की माननीय प्रधान मंत्री श्रीमती शेख हसीना ने व्यापक चर्चा की और “हरित भागीदारी” बनाने के उद्देश्य से प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए। हमारे विश्वविद्यालयों के बीच यह समझौता ज्ञापन इस दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार है, जिससे दोनों देशों के बीच हरित और टिकाऊ साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा।

    डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय प्रकोष्ठ के निदेशक डॉ. रामवंत गुप्ता ने राजशाही विश्वविद्यालय से आए गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया और समझौता ज्ञापन के दायरे को रेखांकित किया। उन्होंने डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और अकादमिक उत्कृष्टता का परिचय भी दिया। राजशाही विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय मामलों के कार्यालय के निदेशक डॉ. मोहम्मद अजीजुर रहमान शमीम ने अपने परिचयात्मक भाषण में अपने संस्थान की अकादमिक और शोध शक्तियों पर प्रकाश डाला। राजशाही विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. गुलाम शब्बीर सत्तार ने न केवल अकादमिक और शोध में बल्कि सांस्कृतिक बातचीत और संकाय-छात्र आदान-प्रदान में भी सहयोग की संभावना पर जोर दिया। उन्होंने डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय के साथ अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने में गहरी रुचि व्यक्त की और 1971 में बांग्लादेश की स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण भूमिका के लिए भारत को धन्यवाद दिया। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए भारतीय प्रतिनिधियों को बांग्लादेश आमंत्रित किया। अपने संबोधन में प्रो. पूनम टंडन ने पड़ोसी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने पहले नेपाल के संस्थानों और अब बांग्लादेश के राजशाही विश्वविद्यालय के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने दोनों विश्वविद्यालयों के समान भौगोलिक अभिविन्यास और शैक्षणिक हितों पर प्रकाश डाला और भारत की नई शिक्षा नीति के अनुरूप जुड़वां, दोहरे और संयुक्त डिग्री कार्यक्रमों की पेशकश के अवसरों पर चर्चा की। प्रो. टंडन ने ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा के महत्व के साथ-साथ नवीन और ऊष्मायन विचारों को साझा करने पर भी जोर दिया। दोनों विश्वविद्यालयों ने विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम के अनुसार छात्र और संकाय आदान-प्रदान और छात्र इंटर्नशिप के माध्यम से शैक्षणिक और शोध अंतराल को पाटने पर सहमति व्यक्त की। समझौता ज्ञापन का उद्देश्य भविष्य के सहयोगी प्रयासों को बढ़ावा देना है जो दोनों देशों में अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देंगे। यह समझौता अकादमिक आदान-प्रदान, शोध सहयोग और संयुक्त कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करता है जो दोनों विश्वविद्यालयों के छात्रों और संकायों को लाभान्वित करते हैं। हस्ताक्षर समारोह का समापन डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो. राजर्षि गौड़ और राजशाही विश्वविद्यालय में जनसंपर्क कार्यालय के प्रशासक प्रो. प्रणब कुमार पांडे द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के रजिस्ट्रार, डीन, निदेशक और प्रोफेसरों के साथ-साथ राजशाही विश्वविद्यालय के एक प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया।

  • इमामबाड़ा स्टेट रोशनी से नहाया,तैयारियां पूरी

    इमामबाड़ा स्टेट रोशनी से नहाया,तैयारियां पूरी

    इमामबाड़ा स्टेट रोशनी से नहाया,तैयारियां पूरी

    8 जुलाई से मोहर्रम शुरू

    गोरखपुर । इस्लामिक नए साल की शुरुआत कल यानी 8 जुलाई से मोहर्रम की पहली शुरू, 10 दिनों तक शौहदाये कर्बला की याद में जिक्रे कर्बला की जंग का जिक्र होगा। हजरत इमाम हुसैन व हसन की शहादत को दुनिया कयामत तक याद रखेगी। हक और बातिल की जंग में भूखे प्यासे बातिल से जंग करते हुए हजरत इमाम हुसैन (र.अ) व 72 शौहदये किराम ने शहादत का जाम पिया। उनकी कुर्बानी को याद करते हुए 10 दिन तक मुहर्रम मनाया जाता है मियां बाजार स्थित इमामबाड़ा स्टेट के सूफी संत बाबा रोशन अली शाह की मजार व इमामबाड़ा स्टेट को रंग बिरंगी झालर से सजाया गया है सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है मीडिया प्रभारी मंजूर आलम ने बताया कि कल यानी 8 जुलाई से अपने रिवायती अंदाज में मोहर्रम शुरू हो जाएगा। इमामबाड़ा के मर्सी खाने में 10 दिनों तक कर्बला की जंग के वाक्य का जिक्र किया जाएगा। मोहर्रम की पांचवी नवी और दसवीं को मियां साहब रिवायती जुलूस पूरी शान व शौकत के साथ निकलेगा। तीसरी, चौथी,छठवीं,सातवीं आठवीं मोहर्रम को इमामबाड़ा स्थित के अंदर मियां साहब गश्त करेंगे।
    मियां बाजार वार्ड के पार्षद समद गुफरान से बात किया गया तो उन्होंने बताया कि इमामबाड़ा स्टेट और आसपास के इलाकों में साफ सफाई सड़क नाली व पथ प्रकाश की व्यवस्था को ठीक कर दिया गया है कुछ काम चुनाव आचार संहिता और बारिश की वजह से रुक गया है जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा इमामबाड़ा स्टेट में आने वाले तमाम जायरीन की सुविधा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है बारिश का मौसम है ऐसे में जलजमाव की स्थिति न उत्पन्न होने पर इसका विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

  • मीटिंग में दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और राजस्थान के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

    मीटिंग में दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और राजस्थान के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

    यूपी आने वाले कांवड़ियों को उनके राज्य उपलब्ध कराएं आईडी

    सीएम योगी के निर्देश के बाद मुख्य सचिव और डीजीपी ने मेरठ में कांवड़ यात्रा को लेकर की हाईलेवल मीटिंग

    मीटिंग में दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और राजस्थान के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

    पूरी यात्रा की सीसीटीवी और ड्रोन से होगी मॉनीटरिंग, पुलिस तय करेगी डीजे की ध्वनि सीमा

    लखनऊ/मेरठ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में उच्च स्तरीय बैठक में पवित्र सावन मास में निकलने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर अधिकारियों को तैयारियां पुख्ता करने के निर्देश दिये थे। इसी क्रम में शनिवार को मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह और डीजीपी प्रशांत कुमार ने मेरठ में पश्विमी उत्तर प्रदेश के आलाधिकारियों सहित चार राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा को सफल और सुरक्षित बनाने पर विस्तार से चर्चा की।
    बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कांवड़िए अपने साथ भाले, त्रिशूल या किसी प्रकार का हथियार लेकर नहीं चल सकेंगे। वहीं कावड़ यात्रा के रूट पर डीजे पर पाबंदी नहीं रहेगी, लेकिन नियमानुसार ध्वनि सीमा होनी आवश्यक है। साथ ही कावड़ यात्रा की सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी की जाएगी। इतना ही नहीं कांवड़ यात्रा के दौरान तिरंगा लेकर चलने वाले श्रद्धालुओं पर विशेष नजर रहेगी। इसके अलावा दूसरे राज्यों के अधिकारियों को कांवड़ियों को आईडी अवश्य उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है।
    *यूपी-उत्तराखंड में बनाए जाएंगे 8 कंबाइंड कंट्रोल रूम*
    मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में 22 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू हो जाएगी। ऐसे में मेरठ में कांवड़ यात्रा समन्वय बैठक में दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और राजस्थान के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान बैठक में मेरठ के सीमावर्ती जनपदों के वरिष्ठ अधिकारी ऑनलाइन जुड़े जबकि रेंज और मंडल के अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य सचिव ने बताया कि कांवड़ रूट के सभी 12 जिलों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। इसको दो भागों में बांटा गया है। इसमें एक ग्रुप में वरिष्ठ अधिकारी जबकि दूसरे ग्रुप में थाना स्तर के अधिकारी जानकारी साझा करेंगे। कांवड़ यात्रा की निगरानी सीसीटीवी और ड्रोन से की जाएगी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पूरी यात्रा को 5 जोन में बांटा गया है। यात्रा रूट पर जगह-जगह पर हेल्थ शिविर, कांवड़ शिविर बनाए जाएंगे। यहां पर कांवड़ियों के ठहरने, आराम करने एवं खाने पीने की व्यवस्था उपलब्ध होगी। वहीं महिलाओं के लिए अलग शिविर की व्यवस्था की गयी है। हेल्थ शिविर में एंटीवेनम इंजेक्शन भी मौजूद रहेंगे। यूपी उत्तराखंड में 8 कंबाइंड कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। इसका संचालन उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के अधिकारी करेंगे ताकि कांवड़ियों को सभी सुविधाएं दी जा सकें।
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    डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि यात्रा को देखते हुए यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। उन्होंने बताया कि जिन रूट से यात्रा निकलती है, वहां से भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। दिल्ली एक्सप्रेस वे, देहरादून एक्सप्रेस वे और चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग पर 21 जुलाई की रात 12 बजे से भारी वाहनों का प्रवेश बैन रहेगा। वहीं पुलिस यात्रा के दौरान डीजे पर बजने वाले गानों और ध्वनि सीमा को तय करेगी। यात्रा के दौरान दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और राजस्थान के बार्डर पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। यहां डाॅग स्क्वायड, बम निरोधक दस्ता, आईबी, इंटेलिजेंस, एलआईयू की टीम एक्टिव रहेगी। कांवड़ रूट पर शराब और मांस की दुकानें बंद रहेंगी। इसके अलावा बिजली के खंभों को पॉलीथिन और ट्रांसफॉर्मर को जाली से कवर किया जाएगा ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो सके। यात्रा के मार्ग पर शिविर को हाइवे और एक्सप्रेव वे से दूरी पर बनाया जाएगा। डीजीपी ने बताया कि दूसरे राज्यों के अधिकारियों को कांवड़ियों को आईडी कार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं ताकि किसी भी समस्या के दौरान उनसे संपर्क कर सहायता प्रदान की जा सके। वहीं ग्रुप में चलने वाले कांवड़ियों के ग्राम और थाने का उल्लेख करने को कहा गया है।


  • बाढ़ बचाव को लेकर सरकार की समयबद्ध कार्ययोजना का दिख रहा परिणाम : सीएम योगी

    बाढ़ बचाव को लेकर सरकार की समयबद्ध कार्ययोजना का दिख रहा परिणाम : सीएम योगी

    बाढ़ बचाव को लेकर सरकार की समयबद्ध कार्ययोजना का दिख रहा परिणाम : सीएम योगी

    राप्ती नदी के मलौनी-लहसडी तटबंध पर बाढ़ बचाव के सुरक्षात्मक कार्यों का निरीक्षण किया मुख्यमंत्री ने

    बाढ़ बचाव कार्यों से खुश लोगों ने मुख्यमंत्री का तटबंध मार्ग पर कई जगह किया स्वागत

    गोरखपुर, 6 जुलाई। प्रदेश में बाढ़ बचाव की तैयारियों का हाल जानने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद फील्ड में उतर चुके हैं। शनिवार को गोरखपुर में उन्होंने राप्ती नदी के
    मलौनी-लहसडी तटबंध पर हुए सुरक्षात्मक कार्यों का डुहिया के समीप निरीक्षण किया। इस दौरान हजारों की संख्या में जुटे लोगों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन कर बाढ़ बचाव के लिए हुए कार्यों के प्रति आभार जताया। तटबंध मार्ग पर भी उनका लोगों ने जगह-जगह स्वागत किया। लोगों के इस रुझान को विकासपरक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ बचाव को लेकर सरकार की समयबद्ध कार्ययोजना का अब दिख रहा परिणाम है और इस कार्ययोजना का लाभ बड़े पैमाने पर लोगों को मिल रहा है।

    सीएम योगी शनिवार करीब 11 बजे डुहिया गांव पहुंचे। उनके साथ प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह और गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह भी मौजूद रहे। यहां उन्होंने बाढ़ बचाव को लेकर राप्ती नदी के मलौनी-लहसडी तटबंध पर हुए 6.57 करोड़ रुपये से अधिक से हुए सुरक्षात्मक कार्यों का भौतिक निरीक्षण किया। उन्होंने नदी तटबंध पर बोल्डर पिचिंग, स्पर, जिओ बैग आदि के कार्यों का अवलोकन करने के बाद संतोष जताया। इस दौरान सीएम ने गंडक संगठन के अंतर्गत बाढ़ की विभीषिका से आमजन को बचाने के लिए हुए कार्यों को लेकर लगाई गई फोटो गैलरी का अवलोकन किया।

    डुहिया में बड़ी संख्या में जुटे लोगों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि मानसून की अच्छी बारिश के साथ ही नदियों में बाढ़ ने भी दस्तक दे दी है। पर, भाजपा सरकार की बनाई कार्ययोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन से किसी को फिक्र करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता रही है कि बाढ़ बचाव को लेकर सभी कार्य 15 जून तक पूरे कर लिए जाएं और यह समयसीमा काफी कारगर रही और इसका लाभ प्रदेशवासियों को मिलेगा।

    सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर में पांच-सात वर्ष पहले मानीराम-कुदरिहा, मलौनी-लहसडी आदि तटबंध काफी संवेदनशील होते थे। 1998 में लहसडी बंधा कटने से शहर जलमग्न हो गया था। एयरफोर्स तक पानी पहुंच गया था। पर, सरकार ने कार्ययोजना बनाकर इन संवेदनशील तटबंधों को सुरक्षित बना दिया है। समय पर हुए कार्यों का आज परिणाम सबके सामने है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां जरूरत हुई वहां नदियों की ड्रेजिंग कराई गई, नदियों की धारा को चैनलाइज कराया गया, बोल्डर पिचिंग के काम कराए गए। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से सिर्फ बाढ़ से सिर्फ तटबंध ही सुरक्षित नहीं हुए हैं बल्कि जलजमाव की समस्या भी समाप्त हुई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ बचाव के कार्यों से जनहानि तो रुकी ही, जलजमाव से होने वाली बीमारियों से भी मुक्ति मिल रही है। इससे बीमारी के इलाज पर खर्च होने वाला पैसा अब लोगों की समृद्धि में सहायक बन रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने गांव को स्वच्छ और सुंदर बनाएं। गांव में गंदगी नहीं रहेगी तो बीमारियां भी दूर रहेंगी।

    सीएम योगी ने गोरखपुर जिले और इसके ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में हुए अनगिनत कार्यों का उल्लेख भी किया। कहा कि आज गोरखपुर में फोरलेन, सिक्सलेन सड़कों का जाल बिछ रहा है। एयर और रेल कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। विकास के नए-नए उपहार मिल रहे हैं। गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र को बाढ़ बचाव के साथ पशु चिकित्सा महाविद्यालय, एनसीसी एकेडमी जैसे अनेक सौगात मिले हैं। पांच-सात साल में हुए विकास से इसकी नई पहचान बनी है। जल्द ही गोरखपुर ग्रामीण क्षेत्र में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम भी बनेगा। इस अवसर पर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमेशा जनहित के प्रति संवेदनशील रहते हैं। उनके मार्गदर्शन में पूरे प्रदेश में बाढ़ बचाव को लेकर बड़े पैमाने पर कार्य हुए हैं।

  • युवक को सांप ने काटा, दर्द से तड़प रहे युवक ने भी सांप को काटा,

    युवक को सांप ने काटा, दर्द से तड़प रहे युवक ने भी सांप को काटा,

    युवक को सांप ने काटा,
    दर्द से तड़प रहे युवक ने भी सांप को काटा,
    सांप की मौत हुई, युवक की जान बची…
    बिहार के नवादा में रेलवे लाइन बिछा रहे मजदूर को
    एक सांप ने डस लिया,
    जिसके बाद गुस्से में युवक ने भी सांप को काट लिया,
    रेलवे के अधिकारियों ने तुरंत युवक को
    अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती करवाया,
    जहां उसे एंटी वेनम दिया गया,
    युवक की हालत ठीक है, सांप की मौत हो गई है…

    सारांश: मर रहे हो तो मार कर मरो, हाथ जोड़ गिड़गिड़ाने पर मरने के अधिक चांज हैं, ज़हरीले सांपों पर जवाबी हमले में बचने के चांस भी हैं!

  • जेल में बंद अमृतपाल सिंह और इंजीनियर राशिद आज लेंगे शपथ

    जेल में बंद अमृतपाल सिंह और इंजीनियर राशिद आज लेंगे शपथ

    जेल में बंद अमृतपाल सिंह और इंजीनियर राशिद आज लेंगे शपथ

    पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच पहुंचेंगे लोकसभा

    पंजाब के खडूर साहिब से हाल में लोकसभा चुनाव जीते हैं दोनों

    जेल में बंद अमृतपाल सिंह आज संसद की गोपनीयता की शपथ लेंगे

    जम्मू कश्मीर के बारामूला से जीते इंजीनियर राशिद भी शपथ लेंगे

    दोनों को पुलिस कड़ी सुरक्षा में संसद लाएगी।

    स्पेशल सेल व दिल्ली पुलिस की अन्य यूनिटें भी सुरक्षा में शामिल रहेंगी।

  • हमारे चैंपियंस के साथ एक बेहतरीन मुलाकात!

    हमारे चैंपियंस के साथ एक बेहतरीन मुलाकात!

    हमारे चैंपियंस के साथ एक बेहतरीन मुलाकात!

    7, एलकेएम में विश्व कप विजेता टीम की मेज़बानी की और टूर्नामेंट के दौरान उनके अनुभवों पर एक यादगार बातचीत की।

  • गोरखपुर से होकर चलायी जाए राजधानी एक्सप्रेस

    गोरखपुर से होकर चलायी जाए राजधानी एक्सप्रेस

    *_गोरखपुर से होकर चलायी जाए राजधानी एक्सप्रेस : रवि किशन शुक्ला_*

    *लोकसभा में उठायी मांग*

    गोरखपुर। सदर सांसद रवि किशन ने गोरखपुर और आसपास के लोगों के सुमग रेलयात्रा को लेकर मंगलवार को लोकसभा में नई दिल्ली से डिब्रूगढ़ वाया बलिया राजधानी एक्सप्रेस को गोरखपुर से होकर चलाने की मांग की। सांसद के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने इस संबंध में उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया।
    सांसद रवि किशन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गोरखपुर में रेल सुविधाओं में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। गोरखपुर पूर्वांचल का सबसे महत्वपूर्ण महानगर है। गोरखपुर से जुड़े बीस जिले और बिहार तथा नेपाल के लोग रोजाना बड़ी संख्या में महानगर पहुंचते हैं। गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन यात्रियों का खासा दबाव रहता है। हर रोज बड़ी संख्या में लोग दिल्ली के लिए यात्रा करते हैं। लंबे समय से गोरखपुर से राजधानी एक्सप्रेस चलाने की आवश्यकता महसूस हो रही है। गोरखपुर से जुड़े कई जिलों के हजारों यात्रियों की सुविधा के लिए नई दिल्ली से डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस को सप्ताह में चार दिनों तक गोरखपुर से चलाया जाना चाहिए।

  • मैं अस्सी की 80 सीटें जीत जाऊँ फिर भी मुझे EVM पर भरोसा नहीं है: अखिलेश यादव…

    मैं अस्सी की 80 सीटें जीत जाऊँ फिर भी मुझे EVM पर भरोसा नहीं है: अखिलेश यादव…

    मैं अस्सी की 80 सीटें जीत जाऊँ फिर भी मुझे EVM पर भरोसा नहीं है: अखिलेश यादव…