“एंटी रैगिंग कमेटी, स्क्वाड एवं मॉनिटरिंग सेल का गठन – समाजसेवी मांधाता सिंह को विशेष जिम्मेदारी”
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने परिसर में विद्यार्थियों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कुलपति प्रो. पूनम टंडन के आदेश पर एंटी रैगिंग कमेटी, एंटी रैगिंग स्क्वाड और रैगिंग मॉनिटरिंग सेल का गठन किया गया है। इस निर्णय को विश्वविद्यालय के गौरवपूर्ण इतिहास और विद्यार्थियों की उन्नतिशील परंपरा को सुदृढ़ करने वाला माना जा रहा है।
एंटी रैगिंग कमेटी
•समिति की अध्यक्षता स्वयं कुलपति प्रो. पूनम टंडन करेंगी।
•प्रशासनिक प्रतिनिधित्व हेतु अपर नगर मजिस्ट्रेट (प्रथम) श्री प्रशांत वर्मा सदस्य बनाए गए हैं।
• पुलिस विभाग की ओर से क्षेत्राधिकारी कैण्ट को शामिल किया गया है।
•मीडिया प्रतिनिधि के रूप में डॉ. राकेश राय (दैनिक जागरण) को जोड़ा गया है।
गोरखपुर के चर्चित समाजसेवी, शिक्षाविद् एवं युवा चेतना समिति के संस्थापक श्री मांधाता सिंह को गैर-सरकारी संगठन के प्रतिनिधि के रूप में स्थान दिया गया है।
श्री मांधाता सिंह बीते तीन दशकों से गोरखपुर और पूर्वांचल में युवा चेतना जागरण, शिक्षा प्रसार, खेलों को बढ़ावा देने और सामाजिक सरोकारों से जुड़े आंदोलनों में अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं। उनकी अगुवाई में युवा चेतना समिति ने खेलकूद प्रतियोगिताओं, वृक्षारोपण, महिला सशक्तिकरण, नशा मुक्ति अभियान और छात्रवृत्ति वितरण जैसे अनेक कार्य किए हैं। हाल ही में समिति का रजत जयंती वर्ष मनाया गया, जिसमें राष्ट्रीय स्तर की हॉकी प्रतियोगिता आयोजित कर पूर्वांचल की खेल परंपरा को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया।
विद्यार्थियों और समाज के बीच गहरी पैठ रखने वाले श्री मांधाता सिंह को इस कमेटी में शामिल किया जाना विश्वविद्यालय के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। छात्र-समुदाय का मानना है कि उनकी भागीदारी से समिति की कार्यप्रणाली और भी पारदर्शी एवं जनोन्मुखी होगी।
•इसके साथ ही फैकल्टी प्रतिनिधि के रूप में सभी संकायाध्यक्ष, अभिभावक प्रतिनिधि के रूप में डॉ. चंद्रकांत चौबे, नवप्रवेशित छात्र प्रतिनिधि के रूप में शिवम निषाद तथा वरिष्ठ छात्र प्रतिनिधि के रूप में श्री नवीन उपाध्याय (शोध छात्र, सांख्यिकी विभाग) शामिल हैं।
*एंटी रैगिंग स्क्वाड*
किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए गठित इस स्क्वाड में प्रो. विनय कुमार सिंह (नियंता एवं नियंता मण्डल), सभी संकायाध्यक्ष, विश्वविद्यालय अभियंता तथा छात्रावासों के अधीक्षक व अभिरक्षक सदस्य होंगे।
*रैगिंग मॉनिटरिंग सेल*
यह सेल कुलपति की अध्यक्षता में गठित हुआ है, जिसमें वरिष्ठतम संकायाध्यक्ष, कुलसचिव एवं प्रो. विनय कुमार सिंह सदस्य रहेंगे। यह सेल समय-समय पर एंटी रैगिंग कार्यक्रमों की समीक्षा करेगा और संबद्ध महाविद्यालयों के साथ समन्वय स्थापित करेगा।
*कुलपति का संदेश*
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय में रैगिंग जैसी अमानवीय और असंवैधानिक गतिविधियों के प्रति शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जाएगी। यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
विश्वविद्यालय के इस निर्णय का छात्र, अभिभावक और समाज के बुद्धिजीवी वर्ग ने स्वागत किया है। विशेषकर श्री मांधाता सिंह की नियुक्ति को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सभी का मानना है कि शिक्षा और समाज सेवा में लगातार सक्रिय रहने वाले श्री सिंह की मौजूदगी से यह समिति अधिक सशक्त होगी और विद्यार्थियों के हित पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।
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