अंग्रेजी विभाग में आयोजित होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

अंग्रेजी विभाग में आयोजित होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन
साहित्य में ‘ जी 20’ और ‘ सतत विकास लक्ष्य’ की संकल्पनाओं का होगा अध्ययन
दक्षिण एशियाई अंग्रेजी साहित्य एवं पर्यावरण के अंतरसंबंधों पर होगी चर्चा
दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर के अंग्रेजी विभाग में आगामी 19 – 20 सितंबर को एक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित होने जा रही है। विभागाध्यक्ष एवं संयोजक प्रो अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद द्वारा अनुदानित इस संगोष्ठी में दो दिनों तक लगभग एक दर्जन सत्रों में विभिन्न विद्वानों द्वारा विगत वर्ष भारत में आयोजित जी 20 द्वारा निर्धारित लक्ष्यों यथा ग्रीन डेवलपमेंट पैक्ट, पर्यावरण के विकास एवं संरक्षण, जैसे मूल मंत्र पर व्यवहारिक उपाय प्रस्तुत किए जायेंगे। इस पैक्ट में समानुपातिक विकास, वैश्विक स्तर पर कार्बन के न्यूनतम उत्सर्जन पर कार्ययोजना, जैविक ईंधन पर उपाय, प्लास्टिक के न्यूनतम प्रयोग और मानव जीवन के लिए आवश्यक स्वच्छ वायु आदि महत्त्वपूर्ण विषय हैं।
सतत विकास के जो लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं उनपर देश विदेश के मानद विद्वानों का जमावड़ा होगा। इसमें लगभग दो दर्जन उपविषय भी प्रस्तावित किए गए हैं। संगोष्ठी का मुख्य विषय होगा “दक्षिण एशियाई साहित्य में पर्यावरणीय चेतना एवं भविष्योन्मुखी आसन्न संकट।” इस संगोष्ठी में जी 20 के प्रमुख विषय *एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य* को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण पर आसन्न संकट, उसके संरक्षण एवं उसके समृद्ध उपायों पर चर्चा होगी। भविष्य में आने वाले पर्यावरणीय संकटों को भांप कर उनके समाधान के उपाय तलाशे जाएँगे. सम्मेलन के संयोजक प्रो अजय शुक्ला ने सम्मेलन की विवरणिका को कुलपति प्रो पूनम टंडन को भेंट की .
संगोष्ठी के संरक्षक माननीय कुलपति प्रो पूनम टंडन होंगी और आयोजन सचिव डा शायका तंजील एवं कोषाध्यक्ष डा आमोद कुमार राय होंगे, आयोजन समिति में विभाग के सभी शिक्षक शामिल हैं .अंग्रेजी विभाग की यह बहुत ही अप्रतिम पहल है। भारतीय सामाजिक अनुसंधान परिषद से अनुदानित इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में दक्षिण एशियाई अंग्रेजी साहित्य में जी 20 एवं सतत विकास लक्ष्य के द्वारा निर्धारित अभीष्ट परिकल्पनाओं पर गहन विचार विमर्श होगा। उच्च शिक्षा का यही अभीष्ट लक्ष्य भी है कि उसे समाज की समस्याओं से सीधे जोड़ा जाए और समाधान के नए मार्ग प्रशस्त किए जाएं। मैं पूरी टीम को अपनी शुभकामनाएं देती हूं कि उनका यह कार्यक्रम सफल हो और समाज को एक नई दिशा प्रदान करे
प्रो पूनम टंडन, कुलपति, दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर

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