गोरखपुर ने कैंसर के खिलाफ बुलंद की आवाज

गोरखपुर ने कैंसर के खिलाफ बुलंद की आवाज

स्वास्थ्य महकमे ने भी कैंसर उन्मूलन संबंधी विविध आयोजनों में की हिस्सेदारी

लोगों में सर्वाइकल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर और ओरल कैंसर के खिलाफ जनजागरूकता का संदेश दिया गया

गोरखपुर। जिले में कैंसर के खिलाफ सोमवार को विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य महकमे ने भी विभिन्न संस्थाओं और संस्थानों के सहयोग से आयोजित इन गतिविधियों में सक्रिय प्रतिभागिता की। इन गतिविधियों के माध्यम से लोगों के बीच सर्वाइकल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर और ओरल कैंसर के खिलाफ जनजागरूकता का संदेश दिया गया। पंडित दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, महायोगी गुरू गोरखनाथ विश्वविद्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज और मोहद्दीपुर स्थित एक निजी होटल में हुए इन आयोजनों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा ने भी हिस्सा लिया।

पंडित दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय द्वारा सर्वाइकल कैंसर के प्रति जनजागरूकता के लिए पदयात्रा निकाली गई, जिसमें कुलपित प्रोफेसर पूनम टंडन, कार्यक्रम संयोजक डॉ दिव्या रानी सिंह, सीएमओ, आईएमए पदाधिकारीगण और विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधिगण के साथ स्कूली छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के टीके भी लगाए गए। कुलपति ने अपने सम्बोधन में कहा कि पदयात्रा का उद्देश्य यह संदेश देना है कि कैंसर से बचाव के लिए लगने वाले टीके की सुविधा प्रत्येक पात्र लाभार्थी को मिल सके। अभी यह टीके निःशुल्क उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन विभिन्न संस्थाओं के प्रयासों से बच्चियों का निःशुल्क टीकाकरण कराया जा रहा है। सीएसआर से जुड़ी संस्थाएं भी इस मुहिम से जुड़ें। सीएमओ डॉ राजेश झा ने कहा कि हमारा प्रयास कैंसर से बचाव के लिए अतिशीघ्र स्क्रिनिंग का है। अक्सर देखा जाता है कि सर्वाइकल कैंसर की मरीज जब तक अस्पताल पहुंचती है कैंसर के गंभीर स्टेज तक पहुंच चुकी होती है। इसलिए तीस वर्ष से अधिक आयु की हर महिला की कैंसर की जांच अवश्य होनी चाहिए। समय से जांच और उपचार से जटिलताओं से बचाव होता है।

महायोगी गुरू गोरखनाथ विश्वविद्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज में हुए कार्यक्रम में सर्वाइकल कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर के बारे में आयोजित सत्र में एम्स गोरखपुर की निदेशक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ विभा दत्ता, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ शिखा सेठ और बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ रामकुमार जायसवाल ने भी हिस्सा लिया। सत्र के दौरान पिंक कार्ड अभियान के बारे में विशेष तौर पर चर्चा हुई। प्रधानाचार्य डॉ अनुराग श्रीवास्तव ने इस समन्वित मॉडल पर राष्ट्रीय स्तर से जुड़े ऑनलाइन विशेषज्ञों के बीच चर्चा की। सीएमओ ने कहा कि इस मॉडल को मिल रही लोकप्रियता में एम्स गोरखपुर का विशेष योगदान है।

मोहद्दीपुर स्थित एक निजी होटल में हुए कार्यक्रम में तंबाकू के दुष्प्रभावों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में दस जिलों के स्वास्थ्य महकमें के अधिकारियों और एनएचएम कंसल्टेंट ने भागीदारी की। उन्हें सम्बोधित करते हुए सीएमओ ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए तम्बाकू की भयावहता का संदेश समाज के बीच जाना चाहिए। हमारा प्रयास हो कि लोग तम्बाकू का सेवन बचपन से ही न करें। इसके लिए बच्चों को ध्यान में रख कर शिक्षाप्रद सामग्री तैयार करनी होगी। कार्यक्रम में एम्स गोरखपुर के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ वेंकटेश सहित कई अन्य विषय विशेषज्ञ शामिल हुए।

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