आन्दोलन और संघर्ष जनेश्वर मिश्र के जीवन के मूलमंत्र थे : राजेश यादव

गोला। जनेश्वर मिश्र खांटी समाजवादी थे। वह समाजवादी आंदोलन के पाठशाला थे। अन्याय, शोषण,अत्याचार, भेदभाव,पूंजीवाद के खिलाफ आजीवन संघर्ष करते रहे। गरीबों, शोषितों के प्रति उनके मन में गहरी पीड़ा थी। वह हमेशा लोगों से कहा करते थे कि गरीबों के आंसुओं को पोछना ही सच्चा समाजवाद है। उन्होंने आजीवन सरलता और सादगी नहीं छोड़ी। डा. लोहिया ने कहा था कि जनेश्वर जी जैसा एक भी नेता अगर मुल्क में रहेगा तो तानाशाही ताकत देश में कभी अपना सर नहीं उठा सकती। अस्पृश्यता के खिलाफ उन्होंने जीवनपर्यन्त लड़ाई लड़ी और इसके खिलाफ आंदोलन भी किया। छुआछूत को वह देश के लिए कलंक मानते थे। उनके मन में बचपन से ही सामाजिक व्यवस्था में व्याप्त विसंगतियों के प्रति विद्रोह की भावना थी आंदोलन और संघर्ष उनके जीवन के मूल मंत्र थे।

उक्त बातें उपनगर गोला के बेवरी चौराहा स्थित एक रिसोर्ट में समाजवादी पुरोधा स्व जनेश्वर मिश्र की जयंती पर आयोजित विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए चिल्लूपार सपा के पूर्व विस अध्यक्ष राजेश कुमार यादव ने कहीं।

उन्होने कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया और जनेश्वर मिश्र ने जो समाजवादी रास्ता बताया था,उस पर चल कर नेता जी मुलायम सिंह यादव व अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा सरकार ने समाज के आखिरी व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का काम किया।स्व मिश्र के बताए रास्ते पर चलकर समाजवादी परंपरा को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सही सम्‍मान होगा।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *