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बाबरी मस्जिद विध्वंस की 33वीं बरसी आज 6 दिसंबर को लेकर अयोध्या की संवेदनशीलता बढ़ गई है
शहर को अभेद किले जैसी सुरक्षा में तब्दील किया जा रहा है।
अयोध्या के सभी प्रवेश द्वार सील करने की प्रक्रिया शुरू पुलिस,PAC व केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त टीमें सघन चेकिंग में जुटीं, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
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संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है, जो 19 दिसंबर तक चलेगा
सत्र में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है, जिसमें दो नए विधेयकों को संसद में पेश किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सत्र से पहले मीडिया को संबोधित करेंगे… विपक्षी दलों से संसद में जन सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर स्वस्थ बहस की अपील करेंगे।
इस सत्र में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सिगरेट, गुटखा और पान मसाला पर टैक्स लगाने संबंधी एक विधेयक पेश किया जाएगा। इस विधेयक को सरकार स्वास्थ्य और कर नीति को ध्यान में रख कर पेश कर रही है।
इसके अलावा, विपक्षी दलों द्वारा सरकार को वायु प्रदूषण और SIR के मुद्दे पर घेरने की संभावना जताई जा रही है। शीतकालीन सत्र में इस पर तीव्र बहस के आसार नजर आ रहे है।
इस सत्र में हंगामे की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि कई मुद्दों पर विरोधी दलों के तीव्र विरोध की उम्मीद है। यह सत्र एक बार फिर से राजनीतिक और विधायी गतिविधियों का केंद्र बन सकता है।
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“मोदी सरकार ने बड़ा फैसला”।
मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए WhatsApp, Telegram, Signal, Snapchat, ShareChat, JioChat, Arattai और Josh जैसे सभी पॉपुलर मैसेजिंग और सोशल ऐप्स पर नए नियम लागू कर दिए हैं. दूरसंचार विभाग (DoT) ने कहा है, कि अब कोई भी यूजर बिना एक्टिव SIM कार्ड के इन ऐप्स का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा. यह नियम Telecommunication Cybersecurity Amendment Rules, 2025 के तहत लाया गया है. पहली बार ऐप-बेस्ड मैसेजिंग और सोशल प्लेटफॉर्म्स को भी टेलीकॉम की तरह कड़े नियमों में शामिल किया जा रहा है. नए नियमों के तहत, इन ऐप्स को( जिन्हें ऑफिशियली टेलीकम्युनिकेशन आइडेंटिफायर यूजर एंटिटीज (TIUEs) कहा जाता है) यह पक्का करना होगा कि यूजर का SIM कार्ड 90 दिनों के अंदर ऐप से लगातार जुड़ा रहे. वेब ब्राउजर पर इन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए सरकार ने सिक्योरिटी की एक और लेयर जोड़ी है. ऐप्स को अब हर छह घंटे में यूजर्स को ऑटोमैटिकली लॉग आउट करना होगा और उन्हें QR कोड के जरिए फिर से लॉग इन करने के लिए कहना होगा.
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भारत बनेगा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस, एक्सपोर्ट में 40% जंप का अनुमान, चीन की उड़ी नींद: रिपोर्ट
भारत बनेगा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस, एक्सपोर्ट में 40% जंप का अनुमान, चीन की उड़ी नींद: रिपोर्ट
केंद्र सरकार की मेक इन इंडिया मिशन से भारत में मोबाइल मैनुफैक्चरिंग का बाजार तेजी से फल फूल रहा है।
भारत मोबाइल फोन का एक बड़ा बाजार है और यह ग्लोबली एक्सपोर्ट में अहम भूमिका निभा रहा है।
स्मार्टफोन निर्यात 40 फीसद से बढ़कर 1.8 लाख करोड़ रुपये हो सकता है।
* PLI स्कीम से 680% की होगी बढ़ोतरी
* यह वृद्धि PLI योजना के प्रभाव से संभव हो पाई है, जिसकी शुरुआत वित्त वर्ष 2020-21 में हुई थी।
* वित्त वर्ष 25 में मोबाइल प्रोडक्शन 5.1 लाख करोड़ रुपये हो सकता है।
* Apple भारत से सबसे ज्यादा मोबाइल फोन निर्यात कर सकता है।भारत मोबाइल फोन का एक बड़ा मार्केट है। देश में मोबाइल फोन की खूब डिमांड रहती है, क्योंकि भारत में आज के वक्त में सरकारी से लेकर प्राइवेट हर तरह के कामकाज मोबाइल और ऐप्स की मदद से हो रहे हैं।
■ भारत न सिर्फ मोबाइल फोन का हाई डिमांड वाला देश है, बल्कि भारत बाकी दुनिया की स्मार्टफोन जरूरतों को पूरा करता है।
■ वित्त वर्ष 25 में मोबाइल प्रोडक्शन 5.1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा, जो इंडिया को एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस बनने में मदद करेगा।
■ यह भारत के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। कहने का मतलब है कि लोकल मैन्युफैक्चरिंग को जोरदार बढ़ावा मिलेगा। ऐसे में देश में नई नौकरियां पैदा होगी। साथ ही अर्थव्यस्था को फायदा मिलेगा। इसके अलावा देश में नई मैन्यफैक्चरिंग सेक्टर खुल सकते हैं।
■ भारत सरकार देश में चिपसेट के साथ एआई चैटबॉट बनाने की दिशा में काम कर रही है। साथ ही स्मार्टफोन के पार्ट मैन्युफैक्चरिंग पर काम किया जा रहा है।
■ भारत में मोबाइल फोन एक्सपोर्ट्स में बड़े ग्रोथ ड्राइवर हैं, जिसमें US मेड इन इंडिया स्मार्टफोन्स के लिए एक अहम मार्केट है। Apple सबसे ज्यादा भारत से मोबाइल फोन का एक्सपोर्ट कर सकता है।
■ वित्त वर्ष के मुकाबले करीब 40 फीसद ज्यादा एक्सपोर्ट की उम्मीद की जा रही है। इन आंकड़ों की मानें, तो iPhone एक्सपोर्ट 1,29,000 करोड़ रुपये को पार कर सकता है। वित्त वर्ष 20-21 में PLI स्कीम शुरू होने के बाद से करीब 680 फीसद की ग्रोथ दर्ज की गई है।वित्त वर्ष 25 में अब तक मोबाइल फोन एक्सपोर 1,50,000 करोड़ रुपये का रहा है। PLI स्कीम के लॉन्च के बाद से भारत में मोबाइल फोन प्रोडक्शन दोगुना हो गया है। वित्त वर्ष 24 में स्मार्टफोन एक्सपोर्ट 2.2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 4.22 लाख करोड़ रुपये हो गया है।




