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  • बिहार में राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल, जमीन संबंधी कामकाज ठप

    बिहार में राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल, जमीन संबंधी कामकाज ठप

    संवाददाता अनुनय कुमार उपाध्याय ( गोपालानन्द )

    बिहार राजस्व सेवा के अधिकारी सोमवार से सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। राजस्व सेवा संघ ने अपनी मांगों के समर्थन में यह निर्णय लिया है। संघ की ओर से इसकी लिखित सूचना विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल को पहले दे दी गई है।

    दावा किया गया है कि इनके समर्थन में राजस्व कर्मचारी भी सामूहिक अवकाश पर जाएंगे। संघ की ओर से प्रधान सचिव को दिए गए पत्र में इस संवर्ग के अधिकारियों की अनदेखी का आरोप लगाया गया है।

    संघ का कहना है कि पूर्व में उनके संवर्ग के लिए घोषित पदों पर बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी तैनात किए जा रहे हैं।

    अंचलाधिकारी के बाद के पद डीसीएलआर के पद पर भी उनकी तैनाती नहीं हो रही है। इस मामले में पटना हाई कोर्ट के आदेश को भी नजरअंदाज किया जा रहा है।

    हाई कोर्ट ने पिछले साल जून में ही डीसीएलआर के पद पर बिहार राजस्व सेवा के अधिकारियों को तैनात करने का आदेश दिया था। लेकिन, इसे लागू नहीं किया गया।

    यह मामला अब भी पटना हाई कोर्ट के विचाराधीन है। इस बीच राज्य सरकार ने राजस्व सेवा के अधिकारियों के लिए अनुमंडल राजस्व अधिकारी का पद सृजित कर दिया है। यह पद सृजन संघ को मंजूर नहीं है।

  • राहगीरों को देख जंगल में बच्चों को छोड़ भागा अधेड़

    राहगीरों को देख जंगल में बच्चों को छोड़ भागा अधेड़

    “बिहार के रहने वाले बच्चे महादेव झारखंडी में करते थे काम”

    “अनामिका और अमिताभ बोले काम दिलाने ले जा रहा था अधेड़”

    “एम्स पुलिस ने नाम, पता पूछने के बाद दोनों को चाइल्ड लाइन भेजा”

    गोरखपुर। एम्स क्षेत्र में गुरुवार की भोर में मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया। बुढ़िया माई मंदिर के पास दो मासूम बच्चे लावारिस हालत में मिले। 11 वर्षीय लड़की और छह वर्ष के लड़के को बिहार से एक व्यक्ति काम दिलाने के बहाने ले आया था। रात में ऑटो से लेकर जंगल में पहुंचा। राहगीरों की नजर पड़ी तो बच्चों को छोड़ भागा। एम्स पुलिस ने दोनों को चाइल्ड लाइन भेजने के साथ ही छोड़कर भागे व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी है।

    गुरुवार की भोर में करीब चार बजे स्थानीय लोग मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। मंदिर के पास दो सहमे हुए बच्चों को देखकर वे रुके। बातचीत करने पर बच्ची ने अपना नाम अनामिका और छोटे बच्चे ने अमिताभ बताया। अनामिका के अनुसार, वे मूल रूप से बिहार के सिवान जिले के छोटकी बभनौली, साहब जी का मठिया गांव के रहने वाले हैं। पिछले आठ महीने से महादेव झारखंडी में एक व्यक्ति के घर काम कर रहे थे।

    बुधवार की रात कुछ घरेलू परेशानी या झगड़े की वजह से वह वहां से निकलकर छावनी स्टेशन पहुंचे। वहां एक अधेड़ व्यक्ति मिला जिसकी एक आंख खराब थी। उसने कहा कि उन्हें काम दिला देगा। इसके बाद ऑटो से लेकर कुसम्ही जंगल के पास पहुंचा और कहा कि यहीं रुको, मैं अभी आता हूं। इसी दौरान रास्ते से गुजर रहे लोग रुके तो गायब हो गया। जिसके बाद वह यहीं पर बैठ गए। जानकारी मिलते ही एम्स थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। प्राथमिक पूछताछ के बाद दोनों बच्चों को चाइल्ड लाइन की टीम को सौंप दिया गया। चाइल्ड लाइन अब बच्चों की काउंसलिंग कर रही है और उनके घरवालों से संपर्क साधने की कोशिश कर रही है।