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  • महानगर को स्पोर्ट्स हब बनाने में जुटी योगी सरकार

    महानगर को स्पोर्ट्स हब बनाने में जुटी योगी सरकार

    *बेहतरीन सुविधाओं से संवरेंगी पूर्वांचल की खेल प्रतिभाएं*

    *स्पोर्ट्स कॉलेज में मुहैया हुईं शानदार खेल सुविधाएं*

    *मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की मिल चुकी है सौगात, ग्रामीण क्षेत्रों में मिनी स्टेडियम भी बने*

    *रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम का भी हो रहा कायाकल्प*

    *इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम से समृद्ध होगी गोरखपुर की उपलब्धियों की फेहरिस्त*

    गोरखपुर, 14 मई। खेल सुविधाओं के ढांचागत विकास को सतत बढ़ावा देकर योगी सरकार गोरखपुर को स्पोर्ट्स हब बनाने में जुटी है। पिछले कुछ सालों में गोरखपुर के स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर में उल्लेखनीय सुदृढ़ता आई है और नव विकास हुआ है। यहां के वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में शानदार सुविधाएं मुहैया कराकर इसे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है तो साथ ही राजेंद्र नगर के भाटी विहार में मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की सौगात मिल चुकी है। सहजनवा में मिनी स्पोर्ट्स स्टेडियम खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रतियोगिता की सुविधा दे रहा है तो रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम का तेजी से कायाकल्प जारी है। वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के जरिये रामगढ़ताल जल क्रीड़ा की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए नया मंच बन गया है। इन सबके बीच सबसे बड़ी उपलब्धि इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की जुड़ने जा रही है। इस स्टेडियम के बन जाने पर गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों के लिए भी तैयार हो जाएगा।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में गोरखपुर में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का कायाकल्प इस स्तर पर किया जा रहा है कि आने वाले समय में यहां से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की नई श्रृंखला तैयार हो सके। इस सिलसिले में पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर का पुनरोद्धार शुरू हुआ तो साथ ही कई नए खेल प्लेटफॉर्म का विकास हुआ। योगी सरकार ने वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज का करीब 10 करोड़ रुपये से जीर्णोद्धार कराने के बाद यहां के एस्ट्रो टर्फ हॉकी मैदान पर अत्याधुनिक पैवेलियन के निर्माण के लिए 22.22 करोड़ रुपये की धनराशि दी। इस पैवेलियन का काम अंतिम दौर में है। योगी सरकार गोरखपुर में रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम का भी आधुनिकीकरण करा रही है। इस पर 47.42 करोड़ रुपये की लागत आ रही है और वर्तमान में निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है।

    सीएम योगी ने गोरखपुर को खेल क्षेत्र के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की कई नए उपहार भी दिए हैं। इसके तहत जंगल कौड़िया में 10.16 करोड़ रुपये की लागत से महंत अवेद्यनाथ स्टेडियम बनवाया गया है। जबकि सहजनवा में 10.43 करोड़ रुपये से मिनी स्पोर्ट्स स्टेडियम का विकास किया गया है। इसके साथ ही शहरी क्षेत्र के भाटी विहार (राजेंद्र नगर) में 5.96 करोड़ रुपये की लागत से मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया गया है। गुलरिहा क्षेत्र में भी करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से एक अन्य मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनना प्रस्तावित है जबकि राप्ती नगर विस्तार क्षेत्र में एक स्पोर्ट्स सिटी भी बननी है।

    अब गोरखपुर की उपलब्धियों की फेहरिस्त में सबसे महत्वपूर्ण नाम इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का जुड़ने जा रहा है। करीब 393 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले स्टेडियम का शिलान्यास 16 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इस स्टेडियमके निर्माण से न केवल पूर्वांचल के क्रिकेट प्रेमियों का सपना साकार होगा, बल्कि यहां अंतरराष्ट्रीय मैचों का आयोजन भी संभव हो सकेगा। यह स्टेडियम अत्याधुनिक सुविधाओं, इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के पिच, पैवेलियन, फ्लड लाइट से लैस होकर इसे विश्व स्तरीय पहचान दिलाएगा।

    *देश के लिए नए स्पोर्ट्स चैंपियंस तैयार करने की नर्सरी बनेगा

    गोरखपुर : सांसद रविकिशन शुक्ल के मुताबिक गोरखपुर का स्पोर्ट्स हब बनना केवल खेल तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह प्रयास न केवल युवाओं को नशे और गलत रास्तों से दूर रखेगा, बल्कि देश के लिए नए ‘चैंपियंस’ तैयार करने की नर्सरी भी बनेगा। सांसद का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय आयोजनों और बेहतर स्टेडियमों के कारण यहां खेल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर होटल, परिवहन और अन्य सेवाओं के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

  • महानगर में पत्रकार को जान से मारने की धमकी, सुरक्षा की मांग

    महानगर में पत्रकार को जान से मारने की धमकी, सुरक्षा की मांग

    गोरखपुर। जनपद के थाना चिलुवाताल क्षेत्र अंतर्गत एक पत्रकार को जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई एवं अपनी सुरक्षा की मांग की है।

    मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम बलुआ, पोस्ट सिंहोरवा निवासी सूर्य प्रकाश ओझा, जो कि “निष्पक्ष टुडे” समाचार पत्र में सिटी रिपोर्टर के पद पर कार्यरत हैं, ने बताया कि वर्ष 2024 में ₹1,90,000 की ठगी के मामले में उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना चिलुवाताल में जवाहर वर्मा एवं उनके पुत्र अमरनाथ वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

    पीड़ित का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही अमरनाथ वर्मा लगातार मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बना रहा है। कई बार मना करने के बावजूद उसे धमकियां दी गईं। आरोप है कि हाल ही में अमरनाथ वर्मा की ओर से यह संदेश दिलाया गया कि यदि मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो उसे गोली मार दी जाएगी।

    इसके अलावा, दिनांक1/05/2026 को रात्रि लगभग 9:15 बजे बरगदवा स्थित चावला स्वीट हाउस के पास चाय की दुकान पर बैठे समय अमरनाथ वर्मा अपने साथियों नवनीष यादव, मनु मद्धेशिया एवं करण गुप्ता के साथ बाइक से पहुंचा। कुछ समय तक वहां संदिग्ध गतिविधियां करने के बाद वह लगभग आधे घंटे तक आसपास चक्कर लगाते रहे, जिससे पीड़ित के मन में भय का माहौल बन गया।

    पीड़ित पत्रकार का कहना है कि आरोपित सुनियोजित तरीके से उसे डराकर मुकदमा वापस कराने का प्रयास कर रहे हैं और किसी भी समय गंभीर घटना को अंजाम दे सकते हैं।

    इस संबंध में पीड़ित ने थाना चिलुवाताल में प्रार्थना पत्र देकर आरोपितों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई, जान से मारने की धमकी के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने तथा स्वयं को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।

    वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

  • विश्व कीर्तिमान के साथ होगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ

    विश्व कीर्तिमान के साथ होगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ

    “एमपीआईटी में टीसीएस के सहयोग से स्थापित हुआ है पूर्वी यूपी का पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस”

    “शुभारंभ अवसर तक पांच लाख युवाओं को ‘एआई फॉर आल’ ट्रेनिंग वर्कशॉप से जोड़ने की तैयारी”

    “किसानों और कृषि विद्यार्थियों के लिए एआई अवेयरनेस फॉर फार्मर्स वर्कशॉप भी होगा”

    “15 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ, टीसीएस के चेयरमैन भी रहेंगे मौजूद”

    गोरखपुर, 5 अप्रैल। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी शिक्षण संस्थान महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) में टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (टीसीएस) के सहयोग से बने पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ एक विश्व कीर्तिमान के साथ होगा। 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर टीसीएस एवं टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन भी उपस्थित रहेंगे। शुभारंभ के अवसर पर एमपीआईटी ने एआई फॉर आल ट्रेनिंग वर्कशॉप के लिए पांच लाख युवाओं को पंजीकृत करने की तैयारी की है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और साइबर सिक्योरिटी जागरूकता पर निशुल्क 60 दिवसीय इस वर्कशॉप को एमपीआईटी की तरफ से दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, टीसीएस और महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर के साथ संयुक्त पहल के रूप में कराया जाएगा।

    एमपीआईटी के निदेशक सुधीर अग्रवाल के अनुसार ट्रेनिंग वर्कशॉप के लिए पंजीकरण शुरू हो गया है। इसका लिंक एमपीआईटी की वेबसाइट पर उपलब्ध है, 9 अप्रैल तक पंजीकरण किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि एआई अवेयरनेस फॉर आल के साथ ही किसानों और कृषि विद्यार्थियों के लिए ‘एआई अवेयरनेस फॉर फार्मर्स’ वर्कशॉप के लिए पंजीकरण शुरू किया गया है। इसमें एक हजार किसानों और कृषि विद्यार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। वर्कशॉप पूर्णतः निशुल्क है और इसका शुभारंभ भी 15 अप्रैल को होगा।

    एआई अवेयरनेस तथा साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस प्रोग्राम में एआई का परिचय, जेनेरेटिव एआई टूल्स, प्रॉम्प्टिंग एंड प्रोडक्टिविटी, रिस्पांसिबल एआई यूज, साइबर हाइजीन, फ्रॉड प्रिवेंशन, पासवर्ड एंड ओटीपी सेफ्टी और सेफ डिजिटल प्रैक्टिसेज के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण प्राप्त होगा। जबकि एआई अवेयरनेस फॉर फार्मर्स वर्कशॉप में कृषि में एआई, मौसम और फसल योजना, डिजिटल फार्मिंग टूल्स और रूरल प्रोडक्टिविटी सपोर्ट के बारे में विस्तार से व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    “50 करोड़ रुपये की लागत से बना है सेंटर ऑफ एक्सीलेंस”

    महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की तरफ से संचालित महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) में टीसीएस के सहयोग से पूर्वी उत्तर प्रदेश का पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित हुआ है। इसे विश्व स्तरीय मानक के अनुरूप विकसित किया गया है। इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कॉम्प्लेक्स में ड्रोन टेक्नोलॉजी एंड थ्री डी प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेस टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्युरिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में कुल छह तरह के पाठ्यक्रम (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्युरिटी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी, थ्री डी प्रिंटिंग समेत एकीकृत पाठ्यक्रम) संचालित होंगे। बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स में हर पाठ्यक्रम के लिए एक अलग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस होगा। एमपीआईटी के निदेशक सुधीर अग्रवाल के अनुसार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के ढांचागत निर्माण पर 19.35 करोड़ रुपये, फर्नीचर व फर्निशिंग पर 2.40 करोड़, ड्रोन टेक्नोलॉजी सेंटर पर 1.84 करोड़, एआई सेंटर पर 9.56 करोड़, स्पेस टेक्नोलॉजी सेंटर पर 2.09 करोड़, साइबर सिक्योरिटी सेंटर पर 6.19 करोड़ और थ्री डी प्रिंटिंग सेंटर पर 6.79 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

    “एमपीआईटी से लाभान्वित होंगे 15 अन्य तकनीकी शिक्षण संस्थान”

    एमपीआईटी के सभी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस समूचे पूर्वी उत्तर प्रदेश के तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में काम करेंगे। यहां न केवल एमपीआईटी के छात्रों को बल्कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से अनुमोदित 15 अन्य तकनीकी शिक्षण संस्थानों को भी ग्लोबल कोर्सेज में शामिल होने की सुविधा मिलेगी। जो संस्थान एमपीआईटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से लाभान्वित होंगे उनमें मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, राजकीय पॉलिटेक्निक गोरखपुर, राजकीय महिला पॉलिटेक्निक गोरखपुर, महामाया राजकीय पॉलिटेक्निक हरिहरपुर खजनी, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी गोरखपुर सेंटर, महाराणा प्रताप पॉलिटेक्निक गोरखपुर, बुद्धा इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी गीडा गोरखपुर, बुद्धा पॉलिटेक्निक कॉलेज गीडा गोरखपुर, आईटीएम गीडा गोरखपुर, आईटीएम पॉलिटेक्निक गीडा गोरखपुर, केआईपीएम कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी गीडा गोरखपुर, लिटिल फ्लावर पॉलिटेक्निक गोरखपुर, महामानव गौतम बुद्ध पॉलिटेक्निक बनकटी खुर्द, सुयश इंस्टीट्यूट ऑफ़ इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी हक्काबाद गोरखपुर और विकास इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी गोरखपुर शामिल हैं।

  • कुआनों नदी में फिर मिला शव, इलाके में सनसनी

    कुआनों नदी में फिर मिला शव, इलाके में सनसनी

    गोरखपुर। गोरखपुर जनपद के बेलघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत रसूलपुर माफी गांव के सामने कुआनो नदी में एक व्यक्ति का शव मिलने से क्षेत्र में दहशत और सनसनी का माहौल बन गया। लगातार नदी में शव मिलने की घटनाओं से ग्रामीणों में भय व्याप्त है।

    जानकारी के अनुसार सुबह ग्रामीणों ने नदी में एक शव उतराता देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर जांच शुरू की। बाद में मृतक की पहचान अमरजीत पुत्र चुन्नीलाल, निवासी दुघरा गांव, थाना उरूवा क्षेत्र के रूप में हुई।

    घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौत के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है।

    पुलिस का कहना है कि हर एंगल से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि मामला हादसा है, आत्महत्या है या फिर किसी अन्य कारण से जुड़ा हुआ है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है।

  • अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर शिक्षक ने की आत्महत्या 

    अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर शिक्षक ने की आत्महत्या 

    चार पन्नों का सुसाइड नोट लिख की खुदकुशी, जांच में जुटी पुलिस

    खुदकुशी से पहले बनाया वीडियों, कहा कि मेरे 16 लाख रुपए डूब गये, मैं मरना नहीं चाहता था, बच्चे और पत्नी के लिए जीना चाहता था, मुझे मरने के लिए मजबूर कर दिया गया।

    पत्नी के गहने और बैंक से कर्ज लेकर दिए थे शिक्षा विभाग में नौकरी के लिए रुपये।

    पादरी बाजार (गोरखपुर)। गुलरिहा थाना क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज मोहल्ले के नहर रोड निवासी एक शिक्षक ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर खुदकुशी कर लीं। शिक्षक ने खुदकुशी के पहले चार पेज का सुसाइड नोट लिखा और एक वीडियो बनाया, जिसमें देवरिया के शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर रुपया लेने को लेकर गंभीर आरोप लगाया गया है।

    जानकारी के मुताबिक, कुशीनगर जनपद के कुबेर स्थान स्थित हरैया निवासी कृष्ण मोहन सिंह (37) अपने बड़े भाई शिवपुर सहबाजगंज नहर रोड निवासी अवधेश सिंह के यहां परिवार के साथ रहते थे। वह तीन भाइयों में बीच के थे। उनके बड़े भाई विदेश में रहते हैं, जबकि छोटा भाई घर रहता हैं। शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह के दो मासूम बच्चे हैं। शिक्षक ने देवरिया शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए चार पेज का सुसाइड नोट लिखा और एक वीडियों भी बनाया।

    आरोप है कि शुक्रवार को देवरिया शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने रुपये के लिए शिक्षक को बुलाकर काफी जलील और अपमानित किया था, जिसे वह बर्दाश्त नहीं कर पाया और आहत होकर शनिवार की सुबह 6:30 बजे के करीब शिक्षक ने कमरे मे फंदे से लटक कर खुदकुशी कर ली। परिजनों ने जानकारी होते ही शोर मचाते हुए दरवाजा तोड़ा और पुलिस की सूचना दी। पुलिस मौके पहुंची और फंदे से उतार कर एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने शिक्षकों  देखते ही मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पत्नी और मासूम बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है। पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।

  • 10 जनवरी, 2026 को बृहस्पति (Jupiter) ‘विरोध’ (Opposition) की स्थिति में होगा

    10 जनवरी, 2026 को बृहस्पति (Jupiter) ‘विरोध’ (Opposition) की स्थिति में होगा

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि जब पृथ्वी, सूर्य और बृहस्पति एक सीधी रेखा में होते हैं जिससे यह रात भर, बर्ष में सबसे चमकीला और बड़ा दिखाई देता है, इसे ही विरोध या विपक्ष ( अपोजिशन) कहा जाता है, यह भारत सहित पूरी दुनिया से बिना दूरबीन (टेलीस्कोप) के भी आसानी से दिखाई देगा,खासकर आधी रात के आसपास जब यह आकाश में सबसे ऊंचा होगा और मिथुन राशि (Gemini  constellation) में दिखेगा, जोकि एक शानदार खगोलीय घटना है।

    खगोलीय घटना: 10 जनवरी को धरती के सबसे करीब होगा ‘ग्रहों का राजा’ बृहस्पति।

    नए साल 2026 की शुरुआत खगोलीय घटनाओं के शौकीनों के लिए बेहद खास है। आगामी 10 जनवरी 2026 को सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति (Jupiter) पृथ्वी के ठीक सामने यानी ‘अपोजिशन’ (Opposition) की स्थिति में होगा।

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने इस दुर्लभ खगोलीय घटना की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह साल 2026 का वह समय होगा जब बृहस्पति न केवल पृथ्वी के सबसे करीब होगा, (विरोध/अपोजिशन लगभग 62.8 करोड़ किलोमीटर दूर होता है) , बल्कि अपनी पूरी चमक के साथ पूरी रात आकाश में दिखाई देगा।

    क्या है ‘अपोजिशन’ की घटना?

    खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार, “विपक्ष या अपोजिशन (Opposition) वह स्थिति है जब पृथ्वी, सूर्य और बृहस्पति के बीच में आ जाती है। इस दौरान सूर्य पश्चिम में अस्त हो रहा होता है और ठीक उसी समय बृहस्पति पूर्व से उदय होता है। चूंकि इस समय पृथ्वी और बृहस्पति के बीच की दूरी न्यूनतम होती है, इसलिए यह ग्रह आकार में बड़ा और सामान्य से कई गुना अधिक चमकदार दिखाई देता है।”

    भारत में कैसा होगा नजारा?

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि वैसे तो, माह जनवरी 2026 की रातों में भारत के अधिकांश स्थानों से बृहस्पति स्पष्ट रूप से दिखाई देगा, लेकिन, विरोध/ विपरीत के दौरान, भारत के किसी भी कोने से लोग इस शानदार खगोलीय घटना का आनंद ले सकते हैं, इस विरोध के दौरान बृहस्पति ग्रह की चमक का स्तर काफ़ी अनुकूल रहेगा एवं इस दौरान बृहस्पति ग्रह -2.7 मैग्नीट्यूड पर चमकेगा। इस दौरान यह इतना तेजस्वी होगा कि रात के आकाश में चंद्रमा और शुक्र ग्रह के बाद सबसे चमकदार पिंडों में यही बेमिसाल नजर आएगा।

    कहां और आकाश की किस दिशा में दिखाई देगा बृहस्पति ग्रह।
    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस दौरान बृहस्पति ग्रह, मिथुन राशि में मौजूद रहेगा , या यूं कहें कि इस बार बृहस्पति मिथुन (Gemini) तारामंडल में स्थित होगा। इसे पहचानने के लिए आप पूर्व की दिशा में दो चमकदार सितारों (कास्टर) कस्तूरि और (पोलक्स) पुलह / पुलस्त्य के पास एक स्थिर रोशनी वाला पिंड देख सकते हैं। वही होगा बृहस्पति ग्रह, इसकी
    दृश्यता के बारे में जानकारी देते हुए खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह शाम को सूर्यास्त के बाद उदित होगा और पूरी रात आकाश में रहने के बाद अगले दिन सूर्योदय के समय अस्त होगा।

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि दूरबीन से दिखेंगे, बृहस्पति के चार चंद्रमा, और बृहस्पति 10 जनवरी 2026 की रात्रि में पृथ्वी के सबसे नज़दीक भी होगा, इसलिए वह और भी चमकीला दिखेगा,यह खगोलीय घटना आमतौर पर हर 13 महीने में घटित होती है, लेकिन इसका प्रकाश इतना शानदार हर बार नहीं होता है, इसीलिए इस बार इस खगोलीय घटना को ज़रूर देखें,

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि “अपोजिशन” (Opposition) जैसी घटनाएं वैश्विक होती हैं, जिसका अर्थ है कि पूरी पृथ्वी पर जहाँ भी रात होगी, वहां से बृहस्पति (Jupiter) इसी अद्भुत रूप में दिखाई देगा।

    भारत के लिए समय और दृश्यता क्या होगी।

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि भारत के लिए समय और दृश्यता के हिसाब से तारीख 10 जनवरी, 2026 की पूरी रात रहेगी और लेकिन इसको देखने का सबसे अच्छा समय (पीक टाइम) , रात के 11:00 बजे से रात के 1:00 बजे के बीच होगा, इस समय बृहस्पति आकाश में बिल्कुल बीचों-बीच (शीर्ष पर) होगा, जिससे वायुमंडल का हस्तक्षेप कम होगा और यह सबसे साफ दिखेगा, एवं शाम को पूर्व (East) दिशा में उगेगा, आधी रात को सिर के ऊपर होगा और सुबह पश्चिम (West) में अस्त होगा,

    इसे कैसे पहचानें?

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि बृहस्पति ग्रह को पहचानना बहुत आसान होगा क्योंकि उस रात यह चंद्रमा और शुक्र ग्रह के बाद आकाश में सबसे चमकदार खगोलीय पिंड होगा, इस दौरान बृहस्पति ‘मिथुन’ तारामंडल में स्थित होगा, एक बहुत ही तेज, स्थिर रोशनी वाला “तारा” जैसा दिखाई देगा,(लेकिन वह तारा नहीं है बल्कि बृहस्पति ग्रह है) वही बृहस्पति ग्रह होगा, लेकिन तारों की तरह, बृहस्पति टिमटिमाएगा (Twinkle) नहीं, बल्कि इसकी चमक और रोशनी स्थिर और शांत होगी, एवं इसकी चमक का मैग्नीट्यूड -2.7 होगा,जो इसे सामान्य से कहीं अधिक तेजस्वी बनाएगी।

    देखने के लिए उपकरण ।

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि वैसे तो इसको देखने के लिए आपको किसी भी ख़ास या विशेष खगोलीय उपकरण की आवश्यकता नहीं है क्योंकि आप इसे नग्न आंखों से (Naked Eye) भी देख सकते हैं, क्योंकि यह एक बेहद चमकदार सफेद बिंदु जैसा दिखाई देगा, लेकिन यदि आपके पास एक सामान्य दूरबीन (7×50 या 10×50) है, तो आप बृहस्पति के साथ उसके 4 सबसे बड़े चंद्रमाओं (आयो, यूरोपा, गेनीमीड और कैलिस्टो) को छोटे बिंदुओं के रूप में देख सकते हैं,वहीं, एक अच्छे टेलीस्कोप की मदद से बृहस्पति की सतह पर मौजूद बादलों की धारियां और उसके प्रसिद्ध ‘ग्रेट रेड स्पॉट’ (Great Red Spot) को भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा, खगोलविद अमर पाल सिंह ने विशेष सलाह देते हुए बताया कि खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने वाले छात्रों और आम जनमानस से अपील है कि वे इस खगोलीय घटना का,रात भर भरपूर लाभ उठाएं, उनके अनुसार, “शहरों के प्रदूषण के बावजूद बृहस्पति इतना चमकीला होगा कि इसे अपने घरों से आसानी से देखा जा सकेगा, बस ध्यान रहे कि 10 जनवरी 2026 की रात्रि को आसमान साफ रहे और कोहरा आदि बाधा न बने।

  • टूटेगा गोड़धोइया नाला का जर्जर पुल, सीएम ने अफसरों से कहा- नया बनाएं

    टूटेगा गोड़धोइया नाला का जर्जर पुल, सीएम ने अफसरों से कहा- नया बनाएं

    “निरीक्षण कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश”

    “गोड़धोइया नाला परियोजना के कार्यों की भी सीएम ने ली जानकारी, मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश”

    गोरखपुर, 7 जनवरी। गोरखपुर-पिपराइच मार्ग पर संत हुसैन नगर के समीप गोड़धोइया नाला पर स्थित जर्जर पुल टूटेगा। मुख्यमंत्री ने इस पुल के स्थान पर नया पुल बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह हिदायत भी दी है कि गोड़धोइया नाला परियोजना के तहत पूर्व निर्धारित सभी कार्य मार्च माह तक जरूर पूर्ण कर लिए जाएं।

    बुधवार को निर्माणाधीन गोरखपुर – पिपराइच फोरलेन का निरीक्षण कर वापस लौटते वक्त सीएम योगी आदित्यनाथ संत हुसैन नगर के पास गोड़धोइया नाला पर बने पुल पर रुके। उन्हें यह पुराना पुल जर्जर स्थिति में दिखा। इस पर उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया यह पुल भविष्य में खतरा हो सकता है। इसके स्थान पर नया पुल बनाया जाए। इस अवसर पर उन्होंने गोड़धोइया नाला परियोजना के कार्यों की अद्यतन स्थिति की भी जानकारी ली और मार्च माह तक इसे पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से शहर के उत्तरी छोर के लिए जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा।

    उल्लेखनीय है कि गोड़धोइया नाला कई दशकों तक उपेक्षा और गंदगी का पर्याय बना रहा। अतिक्रमण के कारण यह एक तरह से विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गया था। मुख्यमंत्री ने इसके जीर्णोद्धार के लिए पक्का नाला निर्माण, डायवर्जन, इंटरसेप्शन और ट्रीटमेंट की परियोजना बनवाई। यह परियोजना 474.42 करोड़ रुपये की लागत वाली है।

    “सीएम का निर्देश, और तेज करें विरासत गलियारा का निर्माण”

    गोड़धोइया नाला का पुराना पुल देखने और जरूरी निर्देश देने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रेती चौक पहुंचे और धर्मशाला से पाण्डेयहाता तक सड़क चौड़ीकरण की निर्माणाधीन परियोजना विरासत गलियारा का भी जायजा लिया। उन्होंने इसके निर्माण कार्य में और तेजी लाने के लिए कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण में अवरोधक हटाने के सभी कार्य 15 जनवरी के पहले तक पूरे कर लिए जाएं। विरासत गलियारा का निर्माण 3.5 किमी लंबाई में 555.56 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इसके कार्य अप्रैल 2026 तक पूर्ण किए जाने हैं।

  • महानगर में वोटर ड्रॉप सूची का प्रकाशन, 6.45 लाख से अधिक नाम हटे

    महानगर में वोटर ड्रॉप सूची का प्रकाशन, 6.45 लाख से अधिक नाम हटे

    “13 प्रपत्रों में से किसी एक के साथ निवास साक्ष्य देकर जुड़ सकेगा नाम – डीएम”

    गोरखपुर। जनपद गोरखपुर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के अंतर्गत “वोटर ड्रॉप” (नाम विलोपन) से संबंधित अद्यतन आंकड़ों का आज औपचारिक रूप से प्रकाशन कर दिया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक मीणा ने कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में मीडिया को पूरी प्रक्रिया, आंकड़ों और आगे की कार्यवाही के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

    जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में जनपद भर में घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन कराया गया। इस दौरान मृत मतदाता, स्थायी रूप से अन्यत्र स्थानांतरित हो चुके मतदाता, दोहरे पंजीकरण (डुप्लीकेट वोटर) तथा अपात्र पाए गए मतदाताओं के नाम नियमानुसार मतदाता सूची से हटाए गए हैं। इसी प्रक्रिया को वोटर ड्रॉप कहा जाता है। डीएम के अनुसार गोरखपुर जनपद में अब तक कुल 6,45,625 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जो कुल मतदाताओं का लगभग 9 प्रतिशत है।

    डीएम ने स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और विधि सम्मत रही है। बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन किया गया, इसके बाद निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) स्तर पर सभी रिपोर्टों की जांच की गई। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम जानबूझकर नहीं हटाया गया है और सभी को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जा रहा है।

    जिलाधिकारी ने बताया कि जिन मतदाताओं के नाम वोटर ड्रॉप सूची में शामिल किए गए हैं, उनके पते पर बीएलओ द्वारा नोटिस भेजा जाएगा। नोटिस मिलने के बाद यदि किसी मतदाता का नाम गलती से कट गया है, तो वह निर्वाचन आयोग द्वारा जारी 13 प्रपत्रों में से किसी एक उपयुक्त प्रपत्र को भरकर, अपना नाम पुनः मतदाता सूची में जुड़वा सकता है।
    डीएम दीपक मीणा ने बताया कि इन प्रपत्रों के साथ अपने वर्तमान निवास स्थान का वैध साक्ष्य देना अनिवार्य होगा। निवास प्रमाण के रूप में निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य दस्तावेज—जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड, बिजली या पानी का बिल, बैंक पासबुक, किरायानामा अथवा अन्य अधिकृत दस्तावेज—संलग्न करने होंगे। बिना दस्तावेजी साक्ष्य के कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि मतदाता यह प्रक्रिया अपने क्षेत्र के बीएलओ, तहसील कार्यालय या निर्वाचन कार्यालय में ऑफलाइन पूरी कर सकते हैं, वहीं ऑनलाइन माध्यम से भी आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। 6 फरवरी तक दावा-आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। इसके बाद प्राप्त आवेदनों की जांच कर नियमानुसार अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

    प्रेस वार्ता में डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी मकान नंबर में बाहरी व्यक्तियों के नाम गलत तरीके से दर्ज हो गए हैं, तो संबंधित मकान स्वामी या निवासी आपत्ति दर्ज कराकर उन नामों को उस मकान नंबर से हटवा सकता है। जांच के बाद गलत प्रविष्टियों को हटाने की कार्यवाही की जाएगी।
    इसके साथ ही डीएम ने बताया कि यदि किसी मृत व्यक्ति का नाम गलती से मतदाता सूची में बना हुआ है, तो उसके संबंध में भी आवेदन देकर नाम हटवाया जा सकता है। सत्यापन के बाद मृतक का नाम मतदाता सूची से विलोपित कर दिया जाएगा, ताकि सूची पूरी तरह शुद्ध और अद्यतन बनी रहे।

    जिलाधिकारी ने विशेष रूप से कहा कि एक मतदाता केवल एक ही स्थान का मतदाता हो सकता है। यदि कोई व्यक्ति एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाया जाता है, तो नियमानुसार उसका नाम अतिरिक्त स्थानों से हटाया जाएगा। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करते समय पूरी सावधानी बरतें और सही जानकारी व दस्तावेज ही प्रस्तुत करें।

    डीएम दीपक मीणा ने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है। इससे फर्जी मतदान और गलत प्रविष्टियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा और आगामी चुनाव निष्पक्ष व पारदर्शी ढंग से संपन्न कराए जा सकेंगे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी मतदाता प्रविष्टि अवश्य जांचें और किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर समय रहते सुधार के लिए आवेदन करें।
    प्रेस वार्ता के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विनीत कुमार सिंह उप जिला निर्वाचन अधिकारी शंकर मिश्रा सहित निर्वाचन कार्यालय के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए वोटर ड्रॉप प्रक्रिया, आंकड़ों और आगे की कार्यवाही से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की।

  • सहजनवा में सड़क सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती, प्रधानमंत्री मोदी के ‘सुरक्षित सड़क–सुगम यात्रा’ विज़न को आगे बढ़ा रही योगी सरकार

    सहजनवा में सड़क सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती, प्रधानमंत्री मोदी के ‘सुरक्षित सड़क–सुगम यात्रा’ विज़न को आगे बढ़ा रही योगी सरकार

    सांसद रवि किशन के अनुरोध पर केंद्र की सक्रिय पहल, नितिन गडकरी का जताया आभार

    गोरखपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुरक्षित सड़क, सुगम आवागमन और आधुनिक बुनियादी ढांचे के राष्ट्रीय विज़न को धरातल पर उतारते हुए केंद्र सरकार निरंतर ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या–27 (गोरखपुर–लखनऊ) पर स्थित सहजनवा क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को और अधिक मजबूत किए जाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है।

    इस विषय को गंभीरता से उठाते हुए गोरखपुर के लोकप्रिय सांसद रवि किशन शुक्ल ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर सहजनवा कस्बा/बाजार क्षेत्र में फ्लाईओवर एवं सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों की आवश्यकता से अवगत कराया था। सांसद के अनुरोध पर मंत्रालय द्वारा मामले की जांच कर आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।

    केंद्र – राज्य समन्वय का उदाहरण

    केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गोरखपुर सांसद रवि किशन शुक्ला को पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि सहजनवा क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-27 पर सड़क सुरक्षा, यातायात सुगमता और जाम की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सड़क उपयोगकर्ताओं की सुविधा, सुरक्षा और स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए फ्लाईओवर सहित आवश्यक बुनियादी ढांचा विकास के लिए संबंधित विभागों के माध्यम से जरूरी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। मंत्री नितिन गडकरी ने आश्वस्त किया कि जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर राज्य सरकार के सहयोग से शीघ्र प्रभावी कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया है जिससे सहजनवा और आसपास के क्षेत्र की जनता को यातायात में बड़ी राहत मिलेगी।

    यह पहल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीरो टॉलरेंस ऑन एक्सीडेंट्स और बेहतर कनेक्टिविटी के संकल्प के अनुरूप है। योगी सरकार के नेतृत्व में प्रदेश में एक्सप्रेसवे, हाईवे और शहरी–ग्रामीण सड़कों का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है, जिससे उत्तर प्रदेश आज देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है।

    जनता को मिलेगा सीधा लाभ

    सहजनवा क्षेत्र में प्रस्तावित सुधार कार्यों से स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, छात्रों और यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। यातायात सुचारु होगा, दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी और क्षेत्र के आर्थिक व सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी।

    नितिन गडकरी का जताया आभार

    माननीय सांसद रवि किशन शुक्ल ने इस त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय सहजनवा की जनता के लिए अत्यंत हितकारी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज डबल इंजन सरकार में जनप्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से सुना जाता है और समाधान भी समयबद्ध तरीके से किया जाता है।

    विकास की राह पर आगे बढ़ता सहजनवा

    प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री योगी के विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य के तहत सहजनवा सहित पूरे गोरखपुर क्षेत्र में आधारभूत संरचनाओं को लगातार सशक्त किया जा रहा है। आने वाले समय में यह पहल क्षेत्र की पहचान को और मजबूत करेगी।

  • रिटायर्ड लेखपाल के घर लूट की वारदात से हड़कंप, एडीजी जोन व डीआईजी रेंज ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

    रिटायर्ड लेखपाल के घर लूट की वारदात से हड़कंप, एडीजी जोन व डीआईजी रेंज ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

    संवाददाता : शिशिर श्रीवास्तव।

    गोरखपुर। रिटायर्ड लेखपाल बालेंदु सिंह के घर हुई लूट की सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। घटना के बाद पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने चार अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज कर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय निगरानी में जांच के निर्देश दिए हैं।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए एडीजी जोन मुथा अशोक जैन एवं डीआईजी रेंज एस. चिनप्पा मंगलवार की दोपहर घटनास्थल पर पहुंचे और मौके का गहन निरीक्षण किया। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने सबसे पहले पीड़ित रिटायर्ड लेखपाल बालेंदु सिंह से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली। पीड़ित ने अधिकारियों को बताया कि किस तरह बदमाशों ने घर में घुसकर लूटपाट की और फरार हो गए। अधिकारियों ने पीड़ित को आश्वस्त किया कि पुलिस पूरी गंभीरता के साथ मामले का खुलासा करेगी और दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।

    निरीक्षण के दौरान एडीजी जोन और डीआईजी रेंज ने घटनास्थल की स्थिति, घर के अंदर और बाहर के रास्तों, संभावित प्रवेश और निकास मार्गों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से अब तक की गई कार्रवाई, जुटाए गए साक्ष्य और जांच की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
    वरिष्ठ अधिकारियों ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को तत्काल खंगालने, तकनीकी साक्ष्यों का अधिकतम उपयोग करने और संदिग्ध व्यक्तियों से गहन पूछताछ करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पूर्व में घटित समान घटनाओं से भी लिंक जोड़कर जांच की जाए, ताकि बदमाशों के नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।

    एडीजी जोन मुथा अशोक जैन ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र में पुलिस गश्त को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। रात्रि पेट्रोलिंग बढ़ाने, संवेदनशील इलाकों की निगरानी तेज करने और स्थानीय स्तर पर मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि आमजन में सुरक्षा की भावना बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    डीआईजी रेंज एस. चिनप्पा ने कहा कि इस तरह की आपराधिक घटनाओं से निपटने के लिए पुलिस को पूरी तत्परता के साथ काम करना होगा। उन्होंने कहा कि अपराधियों की पहचान कर शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के संबंध में विभिन्न बिंदुओं पर जांच की जा रही है और जल्द ही लूट की इस वारदात का खुलासा किया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पीड़ित को न्याय दिलाने के साथ-साथ क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए।