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  • लव, सेक्स और धोखा डार्लिंग, लव सेक्स और धोखा

    लव, सेक्स और धोखा डार्लिंग, लव सेक्स और धोखा

     

    नए नवेले आईपीएस मोहसिन खान इसी चक्कर में फंस गए. सोच रहे होंगे वर्दी की पॉवर है तो कुछ भी कर लेंगे, कोई बाल भी न उखाड़ पाएगा,लेकिन बेचारे कैरियर के शुरुआती दौर में लव और सेक्स के खेल में ऐसे उलझे हैं कि रास्ता नजर नहीं आ रहा, नौबत गिरफ्तारी और जेल की आ गई है, इस घटनाक्रम से पहले तक आईपीएस मोहसिन खान बतौर एसीपी कानपुर ने तैनात थे, खान साहब आईआईटी कानपुर से साइबर क्राइम और क्रिमिनोलॉजी की पढ़ाई (पीएचडी) भी कर रहे हैं. वहीं पर एक रिसर्च स्कॉलर से नैना लड़ गए. बातचीत से मेलजोल और फिर प्यार. न जाने कब दो दिल एक जान से मामला आगे बढ़ गया. कई महीने तक मौज-मस्ती चलती रही. खान साहब की आईपीएस की नौकरी और आईआईटी छात्रा का भी भविष्य उज्जवल.जबरदस्त कॉम्बिनेशन.. गाड़ी, बंगला, बैंक बैलेंस, नौकर-चाकर, भौकाल.. यानि लाइफ सेटल..
    यही सोचकर छात्रा ने शादी बनाने की सोची तो पता चला खान साहब तो पहले से ही निकाह किए बैठे हैं.. खान साहब छात्रा से सच छिपाकर पहला पहला प्यार है वाला नाटक खेल रहे थे.. घर में पत्नी की जी हुजूरी करते थे और फील्ड में आईआईटी छात्रा को शादी के ख्वाब दिखाकर उसका शोषण करते थे.. छात्रा की तो जिंदगी बर्बाद हो गई. भविष्य अंधेरे में डूब गया.. उसने खान साहब के खिलाफ रेप समेत अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है. फिलहाल, शासन ने आईपीएस महोदय की इस करतूत को गंभीरता से लेते हुए उन्हें कानपुर से हटाकर पुलिस हेडक्वार्टर से अटैच कर दिया है. साथ ही कानपुर की एडीसीपी ट्रैफिक अर्चना के नेतृत्व में एसआईटी का गठन भी किया गया है. एसआईटी पूरे मामले की जांच कर रही है. बुरे फंसे आईपीएस महोदय।

    https://youtu.be/jt88uUPsTJo?si=gILdEOtG99wrPrFv

  • पोस्टर से मचा हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी

    पोस्टर से मचा हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी

     

    ब्यूरो प्रभारी :विनय तिवारी

    गोरखपुर क्षेत्र के एक चौराहे पर सादे कागज पर लिखे पोस्टर ने सनसनी फैला दी, जिसमें दस लोगों की मौत की बात लिखी थी। पोस्टर पर “एक्स, वाई और जेड” जैसे अंग्रेजी अक्षर भी अंकित थे। इसे देख लोग पहले इसे शरारत मान रहे थे, लेकिन धीरे-धीरे इस घटना ने लोगों को परेशान कर दिया।

    लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद जांच शुरू की गई। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से पोस्टर लगाने वाले की तलाश में जुटी है। हालांकि, स्थानीय लोगों में इसे लेकर संशय और अनहोनी की आशंका बनी हुई है।

    पुलिस ने बताया कि यह मामला पुराना है। पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों ने कहा, “अब तक की जांच में पता चला है कि पोस्टर 4 दिसंबर को लगाए गए थे और उसी दिन हटा दिए गए थे। रविवार की शाम को इसकी सूचना मिलने पर जांच शुरू की गई है।”
    एक चौराहे पर लगे इस पोस्टर ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। पूरे चौराहे पर छह स्थानों पर ऐसे पोस्टर देखे गए, जिनमें एक सिद्ध पीठ मंदिर भी शामिल हैं। पुलिस ने दावा किया है कि मामले की तह तक जाकर कार्रवाई की जाएगी।