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  • वोटर लिस्ट, संस्थागत जांच और जनता का भरोसा

    वोटर लिस्ट, संस्थागत जांच और जनता का भरोसा

    भारत में चुनाव आयोग (ECI) और उसके ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न’ (SIR) को लेकर चल रही बहस अब सिर्फ़ वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों की संख्या तक सीमित नहीं है। यह इस बारे में भी है कि वोटर लिस्ट कैसे बनाई, जांची और सुधारी जाती है, और चुनाव आयोग के भीतर फ़ैसले लेने का अधिकार किसके पास है।

    SIR की प्रक्रिया सटीक वोटर लिस्ट और सभी को शामिल करने वाले वोटर रजिस्ट्रेशन के बीच संतुलन बनाने के महत्व को उजागर करती है। बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) द्वारा घर-घर जाकर जानकारी लेना, कमज़ोर वर्गों के लिए स्पेशल हेल्प डेस्क, बूथ लेवल एजेंटों (BLAs) की मदद और ऑनलाइन डॉक्यूमेंट जमा करने जैसे उपाय इस प्रक्रिया को ज़्यादा आसान बनाने के लिए किए गए हैं। 24 जून 2025 और अक्टूबर 2026 के बीच 2.37 करोड़ ‘जेन ज़ी’ (Gen Z) वोटर जुड़ने के साथ, यह पक्का करना कि हर योग्य नागरिक रजिस्टर कर सके और अपनी जानकारी वेरिफ़ाई कर सके, चुनावी भागीदारी के लिए बहुत ज़रूरी है।

    इसलिए, यह समझना ज़रूरी है कि SIR असल में क्या है, इसे क्यों शुरू किया गया और असली वोटरों को बाहर होने से बचाने के लिए क्या सुरक्षा उपाय किए गए हैं।

    * SIR क्या है और यह क्यों ज़रूरी है?

    ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न’ वोटर लिस्ट को वेरिफ़ाई और अपडेट करने की एक विस्तृत प्रक्रिया है। आम ‘समरी रिविज़न’ के उलट, इसमें मौजूदा एंट्रीज़ की गहरी जांच-पड़ताल शामिल होती है, जिसमें यह देखना भी शामिल है कि वोटर ज़िंदा हैं या नहीं, बताए गए पते पर आम तौर पर रहते हैं या नहीं, और उनका नाम एक से ज़्यादा बार तो दर्ज नहीं है।

    इसका कानूनी आधार संविधान का अनुच्छेद 324 और ‘जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950’ की धारा 21(3) है, जो ECI को कारण बताते हुए किसी भी समय स्पेशल रिविज़न का आदेश देने की इजाज़त देती है।

    इसकी ज़रूरत इसलिए पड़ती है क्योंकि वोटर लिस्ट लगातार बदलती रहती है। लोग मरते हैं, दूसरी जगह जाते हैं, चुनाव क्षेत्र बदलते हैं और कभी-कभी एक से ज़्यादा बार लिस्ट में आ जाते हैं। सुप्रीम कोर्ट के 27 मई 2026 के फ़ैसले में कहा गया था कि बिहार में पिछली बार ‘इंटेंसिव रिविज़न’ 2003 में हुआ था, जबकि उसके बाद के दो दशकों में तेज़ी से शहरीकरण, बड़े पैमाने पर पलायन, मौतों की जानकारी न मिलना और एंट्रीज़ का डुप्लीकेशन हुआ। कोर्ट ने माना कि SIR का मकसद वोटर लिस्ट की सटीकता और ईमानदारी बनाए रखना और निष्पक्ष चुनाव कराना था।
    बिहार में SIR (स्पेशल समरी रिविज़न) 24 जून 2025 को शुरू हुआ। एक समय पर, 98.01% वोटर्स को कवर कर लिया गया था, और 7.17 करोड़ एन्यूमरेशन फ़ॉर्म (कुल का 90.89%) मिल गए थे और उन्हें डिजिटाइज़ कर लिया गया था। इस प्रक्रिया में लगभग 20 लाख मृत वोटर्स, 28 लाख स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए वोटर्स, 7 लाख डुप्लिकेट एनरोलमेंट, 1 ​​लाख ऐसे वोटर्स जिनका पता नहीं चल सका और लगभग 15 लाख ऐसे फ़ॉर्म जिनकी जानकारी नहीं मिली, उनकी पहचान की गई।

    ये आंकड़े बताते हैं कि वोटर डेटाबेस की समय-समय पर गहन जांच क्यों ज़रूरी है। लेकिन सटीकता के साथ-साथ सभी को शामिल करना भी ज़रूरी है।

    * यह प्रक्रिया वोटर्स की सुरक्षा कैसे करती है?

    ECI ने बिहार और पश्चिम बंगाल सहित 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR पूरा किया, और बाकी 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तीसरा चरण शुरू किया।

    अनमैपिंग या लॉजिकल गड़बड़ियों की वजह से जिन वोटर्स को नोटिस मिलते हैं, उनके लिए बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) घर-घर जाकर दस्तावेज़ इकट्ठा करते हैं और उन्हें ECINet पर अपलोड करते हैं, जिससे उन्हें ERO या AERO ऑफिस जाने की ज़रूरत नहीं पड़ती। सुनवाई जहाँ तक संभव हो ऑनलाइन होती है, और वोटर्स अपनी तरफ़ से किसी वयस्क परिवार के सदस्य को अपना प्रतिनिधित्व करने के लिए अधिकृत कर सकते हैं।

    ज़िला चुनाव अधिकारियों ने मज़दूरों, नाइट-शेल्टर में रहने वालों और गरीब नागरिकों के लिए हेल्प डेस्क और विशेष कैंप लगाए हैं। गोवा में, BLO के संपर्क अभियान से पहचाने गए 97 छूटे हुए वोटर्स में से 81 को फ़ॉर्म 6 जमा करने और अपना रजिस्ट्रेशन बहाल करने में मदद मिली।

    फ़ील्ड में भागीदारी का स्तर भी काफ़ी बड़ा है। बिहार ने 77,895 मौजूदा BLOs, 20,603 नए नियुक्त BLOs और बुज़ुर्गों, दिव्यांगों और कमज़ोर नागरिकों की मदद करने वाले 4 लाख से ज़्यादा वॉलंटियर्स को काम पर लगाया। मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों ने वोटर लिस्ट की साथ-साथ जांच करने के लिए लगभग 1.56 लाख बूथ लेवल एजेंट्स (BLAs) नियुक्त किए। पूरे देश में, 20 लाख से ज़्यादा BLAs रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया का ऑडिट करते हैं, जबकि चुनाव के दिन पोलिंग स्टेशनों पर 100% वेबकास्टिंग की जाती है।

    30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 13 करोड़ से ज़्यादा ड्राफ़्ट डिलीशन (हटाए जाने वाले नामों) का आंकड़ा विवाद का मुख्य कारण बन गया है। लेकिन ड्राफ्ट डिलीशन में मृत, प्रवासी, डुप्लिकेट और अपुष्ट प्रविष्टियों जैसी श्रेणियां शामिल हैं। इसलिए ड्राफ्ट डिलीशन स्वतः ही मताधिकार से वंचित करने के समान नहीं है।

    * प्रक्रिया, युवाओं का नामांकन और कोर्ट का नया सवाल:

    SIR टाइमलाइन में 24 जून 2025 का शुरुआती आदेश, 12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 27 अक्टूबर 2025 का शेड्यूल और 19 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 14 मई 2026 का शेड्यूल शामिल था। ECI ने कहा था कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने सर्वसम्मति से इन आदेशों पर सहमति जताई थी।

    सुप्रीम कोर्ट की 26 मई 2026 और 27 मई 2026 की कार्यवाही ने बिहार SIR फ्रेमवर्क के कानूनी आधार को सही ठहराया।

    साथ ही, 24 जून 2025 और अक्टूबर 2026 के बीच, 2.37 करोड़ GenZ वोटर जोड़े गए – यानी हर महीने लगभग 16 लाख, या हर दिन 50,000। दिल्ली में दावे और आपत्तियों की समय-सीमा 30 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाई गई और इनका निपटारा 30 नवंबर 2026 तक किया जाना था; वहीं महाराष्ट्र में यह समय-सीमा 12 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाई गई और निपटारा 10 नवंबर 2026 तक होना था।

    * प्रशासनिक और तकनीकी जांच:

    कैबिनेट सचिव को लिखा गया पत्र डेप्युटेशन पर काम कर रहे एक अधिकारी से संबंधित था और इसका आयोग की नीतिगत मामलों या IT डिवीज़न से कोई लेना-देना नहीं था। अधिकारी द्वारा जारी काम के बंटवारे से जुड़े आदेशों को दो आयुक्तों के निर्देशों के बाद लागू नहीं किया गया। डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर द्वारा IT डिवीज़न की देखरेख का अधिकार कभी वापस नहीं लिया गया।

    एक सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर की अध्यक्षता वाली समिति को, जिसमें IIT या IIIT का एक स्वतंत्र विशेषज्ञ भी शामिल था, ECINet की समीक्षा करने का काम सौंपा गया था।

    EVMs स्टैंडअलोन यूनिट होती हैं जो किसी भी नेटवर्क से जुड़ी नहीं होती हैं। सुरक्षा उपायों में फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC), उम्मीदवार के एजेंटों की मौजूदगी में मशीन रैंडमाइजेशन के दो चरण, चुनाव से पहले अनिवार्य मॉक पोल, बर्न मेमोरी का उम्मीदवार द्वारा वेरिफिकेशन, और हर विधानसभा क्षेत्र में रैंडम तरीके से चुने गए पांच पोलिंग स्टेशनों पर VVPAT पर्ची का अनिवार्य मिलान शामिल है। सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2024 में ADR बनाम ECI मामले में इन सुरक्षा उपायों को फिर से दोहराया।

    * सटीकता, समावेश और संस्थागत भरोसा:

    SIR ज़रूरी है क्योंकि मौत, पलायन, डुप्लीकेशन और निवास स्थान में बदलावों को समय-समय पर शामिल किए बिना वोटर लिस्ट सटीक नहीं रह सकती। लेकिन गहन संशोधन से एक संबंधित स्थिति भी पैदा होती है।
    ज़िम्मेदारी: असली वोटरों के पास अपनी पात्रता साबित करने और गलतियों पर सवाल उठाने के आसान तरीके होने चाहिए।

    13 करोड़ नामों को हटाने का ड्राफ्ट, GenZ के 2.37 करोड़ नए वोटर, 20 लाख से ज़्यादा BLAs, 100% वेबकास्टिंग, BLO वेरिफिकेशन, तकनीकी सुरक्षा उपाय और न्यायिक निगरानी इस पूरी प्रक्रिया के बड़े पैमाने को दिखाते हैं।

    सुप्रीम कोर्ट की हालिया कार्यवाही से एक और बात सीखने को मिलती है। SIR प्रक्रिया की वैधता और उसके तहत लिए गए खास प्रशासनिक फैसलों की वैधता, दोनों अलग-अलग सवाल हैं। कोर्ट पहले ही SIR कराने की ECI की शक्ति की जांच कर चुका है; अब वह खास फैसलों और बदले हुए फॉर्म 6 से जुड़े आरोपों की जांच कर रहा है।

    आखिरकार, चुनावी लिस्ट में सुधार की विश्वसनीयता इस समीकरण के दोनों पहलुओं पर निर्भर करती है: सही वोटर लिस्ट और गलतियों को सुधारने की असरदार प्रक्रिया।

  • सिर्फ ‘गाली’ से SC/ST एक्ट नहीं लगेगा, इरादा साबित करना जरूरी ! सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

    सिर्फ ‘गाली’ से SC/ST एक्ट नहीं लगेगा, इरादा साबित करना जरूरी ! सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

    कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता को जाति के आधार पर अपमानित करने की स्पष्ट मंशा होनी चाहिए। पटना हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एफआईआर और आरोप पत्र में जाति-आधारित अपमान के अभाव को रेखांकित किया। कोर्ट ने एससी एसटी एक्ट की धारा 3(1) के प्रावधानों को दोहराते हुए कहा कि केवल अपशब्दों का प्रयोग अपराध नहीं बनता।

  • सुबह की देश राज्यों से बड़ी खबरें

    सुबह की देश राज्यों से बड़ी खबरें

    08 दिसम्बर, सोमवार।

    1) लोकसभा में वंदे मातरम पर चर्चा आज, तीखी तकरार के आसार; PM मोदी बहस में लेंगे हिस्सा

    2) ‘अमूर्त विरासत को बचाना मानवता की सांस्कृतिक विविधता की रक्षा’, यूनेस्को के आइसीएच सत्र में पीएम मोदी का संदेश

    3) पीएम मोदी ने कहा कि भारत में विरासत सिर्फ अतीत की स्मृति भर नहीं, बल्कि एक जीवंत और निरंतर बहने वाली सांस्कृतिक धारा है। हमारी सभ्यता इस विचार पर आधारित है कि संस्कृति स्मारकों या ग्रंथों में ही नहीं बसती, बल्कि लोगों के त्योहारों, अनुष्ठानों, कला और शिल्प में सांस लेती है।

    4) राजनाथ ने BRO के 125 इंफ्रा प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया, कहा- ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में मजबूत कनेक्टिविटी ने अहम भूमिका निभाई

    5) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत अब आयात-निर्भर नहीं, बल्कि उभरता हुआ रक्षा उत्पादक और निर्यातक बन गया है। 10 वर्षों में रक्षा उत्पादन 46,000 करोड़ से बढ़कर 1.51 लाख करोड़ और निर्यात लगभग 24,000 करोड़ पहुंचा।

    6) ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारी सेनाएं और अधिक कर सकती थीं, लेकिन हमने संयम बरता: राजनाथ

    7) बंगाल-तमिलनाडु में एनडीए की प्रचंड जीत तय, अमित शाह का दावा; कहा- जनता ने कांग्रेस को खारिज किया

    8) शाह ने मतदाता सूची और ईवीएम के संबंध में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आरोपों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भले ही भाजपा और एनडीए सहयोगियों ने बिहार में दो तिहाई बहुमत से सरकार बनाई है, लेकिन राहुल गांधी ईवीएम और मतदाता सूची में गड़बड़ी बता रहे हैं। सच्चाई यह है कि देश की जनता कांग्रेस और उसके गठबंधन सहयोगियों को स्वीकार नहीं कर रही है।

    9) एफटीए को रफ्तार देने के लिए भारत-ईयू के बीच वार्ता आज, पीयूष गोयल-सबाइन वेयेंड की मुलाकात पर नजर

    10) इंडिगो संकट पर संसदीय समिति सख्त, सभी निजी एयरलाइंस और DGCA के अधिकारियों को कर सकती है तलब

    11) 500 करोड़ में मिलता है कांग्रेस में CM पद? सिद्धू की पत्नी बोलीं; बीजेपी हमलावर

    12)  कोहली ने परिवार के साथ सिंहाचलम मंदिर में दर्शन किए, ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर भी साथ थे; इसी साल अयोध्या-वृंदावन भी गए थे

    13)  विदेशी-निवेशकों ने 7 दिन में बाजार से ₹11,820 करोड़ निकाले, रुपए में गिरावट इसकी वजह; घरेलू निवेशकों की ₹19,783 करोड़ की खरीद से संभला बाजार

    14) उत्तर भारत में ठंड का कहर, कश्मीर में -4 डिग्री पहुंचा तापमान; कड़ाके की सर्दी के बीच कई राज्यों में बारिश का अलर्ट

  • “पुतिन का बड़ा बयान”।

    “पुतिन का बड़ा बयान”।

    “भारत के लिए बिना रुकावट जारी रहेगा शिपमेंट!

    हमारा व्यापार रुबल और रूपये में हो रहा है, हम ‘मेक इन इंडिया’ में सहयोग करेंगे।

    हम सिर्फ तेल-गैस की बात करने भारत नहीं आए हैं।

    हम भारत के साथ हर क्षेत्र में रिश्ते और व्यापार बढ़ाना चाहते हैं।

    रूस भारत मिलकर भारत में सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर प्लांट बना रहे हैं।”

  • अंग्रेजी शासन के दौरान भारतीय मूल्यों और संस्कारों पर आधारित शिक्षण संस्थान की स्थापना करना, सच्ची राष्ट्रसेवा है- लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी (से.नि.)

    अंग्रेजी शासन के दौरान भारतीय मूल्यों और संस्कारों पर आधारित शिक्षण संस्थान की स्थापना करना, सच्ची राष्ट्रसेवा है- लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी (से.नि.)

    इमानदारी से कर्तव्य पालन करना, पर्यावरण संरक्षण, लोक कल्याण और अच्छा नागरिक बनना, वास्तविक देशभक्ति है – ले.जनरल योगेंद्र डिमरी (से.नि.)

    महाराणा प्रताप शिक्षण परिषद के संस्थापक-सप्ताह उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए यूपी एडीआरएफ के उपाध्यक्ष, ले.जनरल योगेंद्र डिमरी (से.नि.)

    गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक-सप्ताह समारोह 2025 का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी जी (से.नि.) शामिल हुए। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने छात्र-छात्राओं को महाराणा प्रताप के अनुकरणीय जीवन से प्रेरणा लेने और जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अनुशासन, साहस, समर्पण, समानता और प्रतिबद्धता के मूल्यों को अपनाने लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने कहा कि देशभक्ति केवल सीमा पर साहस दिखाना ही नहीं बल्कि इमानदारी से अपने कर्तव्य का पालन करना, पर्यावरण की रक्षा, लोक कल्याण और समाज का एक अच्छा नागरिक बनना भी वास्तविक देशभक्ति है। उन्होंने कहा कि आप सभी सौभाग्यशाली हैं कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के माध्यम से आप सफलता के इन मूल्यों का संस्कार प्राप्त कर रहे हैं।

    महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक-सप्ताह समारोह 2025 के उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन गोरखपुर में किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी (से.नि.) ने अंग्रजों के शासन और स्वतंत्रा संघर्ष के दौरान भारतीय संस्कारों और शिक्षा मूल्यों पर आधारित महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना और उसके निरंतर राष्ट्रसेवा में योगदान देने की सरहाहना की एवं शिक्षा परिषद के संस्थापकों के प्रति आभार और सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जब देश में अग्रेंजी शासन और अंग्रेजियत का बोलबाला था ऐसे में 1916 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी और 1932 में महाराणा प्रतापा शिक्षा परिषद की गोरखपुर में नींव रखना भारतीयता और राष्ट्र की सच्ची सेवा थी। उन्होंने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक महंत दिग्विजय नाथ, राष्ट्र संत महंत अवेद्यनाथ व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं शिक्षा परिषद के सभी शिक्षकों राष्ट्रसेवा के इस संकल्प को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया।

    उद्घाटन अवसर पर छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा ही महाराणा प्रताप का जीवन हम सबके लिए अनुकरणीय है किस प्रकार उन्होंने अकेले, अन्य राजपूत राजाओं के सहयोग के बिना भी शक्तिशाली मुगल साम्राज्य की अवज्ञा की और आत्मबलिदान, त्याग और समर्पण के मूल्यों की अमर गाथा हम सबके लिए ये प्रस्तुत की। यही कारण था कि 17वीं शताब्दी में छत्रपति शिवाजी महाराज हो या 19वीं, 20वीं शताब्दी के राष्ट्र के क्रांतिकारियों ने उनसे प्रेरणा प्राप्त की। महाराणा प्रताप के जीवन से हमें अनुशासन, ईमानदारी, समर्पण और प्रतिबद्धता के जिन मूल्यों की शिक्षा मिलती है वो ही आपको जीवन में सफल बनाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि आप सभी सौभाग्यशाली हैं कि महाराणा प्रताप शिक्षण संस्थान में आप इन मूल्यों और संस्कारों को प्राप्त कर रहे हैं।

    अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि देशभक्ति केवल देश की सीमा पर साहस दिखाना ही नहीं, इमानदारी से अपने कर्यव्यों का निर्वहन करने, पर्यावरण संरक्षण, लोक कल्याण और अच्छा नागरिक बनान सच्ची देशभक्ति हैं। अपने जीवन के व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि सेना भी ऐसे नौजवानों को चुनती है जो जीवन में अनुशासन, समर्पण और कर्तव्यपालन को सर्वोपरी मानते हैं। अनुशासन ही सफलात की सीढ़ी है। उन्होंने शिक्षा परिषद की प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं को भागीदारी करने के लिए भी प्रेरित किया और कहा की हार और जीत निर्णायक नहीं है प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करना सबसे जरूरी है। असफलता से निराश होने की जरूरत नहीं है, असफलता ही हमें सफलता का मार्ग दिखाती है। उन्होंने सचिन तेंदुलकर के जीवन का प्रसंग और परिणाम की चिंता किए बगैर कर्व्यपालन करने के भागवत् गीता के श्लोक – कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन् को अनुकरणीय बताया। साथ ही उन्होंने तेजी से बदल रही तकनीकि, एआई, रोबोटिक्स के प्रति भी छात्रों को सजग रहने को कहा। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में केवल एक मजबूत चरित्र और सही तकनीक की समझ ही सफलता दिलाएगी। लेकिन हमें ये याद रखना है कि विजय मैदान में नहीं मन पर होती है, शक्ति हथियार में नहीं संस्कार में होती है।

  • DoT का नया फैसला, अब हर मोबाइल में प्री इंस्टाल होगा संचार साथी ऐप

    DoT का नया फैसला, अब हर मोबाइल में प्री इंस्टाल होगा संचार साथी ऐप

    भारत में मोबाइल सुरक्षा को मजबूत करने और ऑनलाइन ठगी को रोकने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) ने एक नया निर्देश जारी किया है. इसके तहत अब देश में बनने वाले या विदेश से आने वाले हर नए स्मार्टफोन में संचार साथी ऐप पहले से ही मौजूद होगा यानि प्री-इंस्टॉल होगा. इस आदेश को सभी मोबाइल निर्माता कंपनियों और आयातकों को तुरंत लागू करने के लिए कहा गया है.

    यह ऐप पहली बार सेटअप के दौरान यूजर्स के लिए दिखाई देना चाहिए, काम करने योग्य (Functional) और सक्षम (Enabled) होना चाहिए. निर्माताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि डिवाइस सेटअप के दौरान ऐप सुलभ हो, इसकी विशेषताओं को अक्षम (Disabling) या प्रतिबंधित (Restriction) नहीं किया जा सकता. इसके किसी भी फ़ीचर को छिपाने, डिसेबल करने या रोकने की इजाज़त नहीं होगी. संचार साथी ऐप मोबाइल यूजर को सुरक्षा मुहैया करवाता है. फोन खो जाए या चोरी हो जाए तो उसकी रिपोर्टिंग और ब्लॉकिंग इसी ऐप से कुछ मिनटों में की जा सकती है. इसके अलावा यह ऐप फर्जी लिंक, स्पैम कॉल, संदिग्ध संदेश और मोबाइल पर जारी कनेक्शनों की निगरानी में भी मदद करता है. ऐप की खास बात यह है कि यूजर को अब IMEI नंबर याद रखने जैसी कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा.

    राजस्थान से राज्यसभा के सांसद के सी वेणुगोपाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि बिग ब्रदर हम पर नजर नहीं रख सकता. दूरसंचार विभाग का यह निर्देश असंवैधानिक से भी परे है. निजता का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 में निहित जीवन और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का एक अभिन्न अंग है. एक प्री-लोडेड सरकारी ऐप, जिसे अनइंस्टॉल नहीं किया जा सकता, हर भारतीय पर नजर रखने की एक मनहूस मशीन है. यह प्रत्येक नागरिक की हर गतिविधि, बातचीत और निर्णय पर नजर रखने का एक साधन है. यह भारतीय नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला करने का हिस्सा है. इसे जारी नहीं रहने दिया जाएगा. हम इस निर्देश को अस्वीकार करते हैं और इसे तत्काल वापस लेने की मांग करते .

  • कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार पर एक्शन!!

    कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार पर एक्शन!!

    Lko Big Breaking

    6 जिलों में 11 फर्मों पर NDPS एक्ट में FIR दर्ज!!

    कुल 98 फार्मेसी पर मुकदमा लाइसेंस किए रद्द!!

    जौनपुर,वाराणसी,भदोही,सोनभद्र में छापेमारी हुई!!

    लखीमपुर,प्रयागराज में छापेमारी की गई!!

    Abbott,Laborate की सप्लाई चेन पर कसा शिकंजा!!

    Three-B Healthcare की सप्लाई चेन पर शिकंजा!!

    वाराणसी में सबसे ज्यादा 28, जौनपुर में 16 फर्में दोषी!!

    औषधि विभाग से DM को सतत निगरानी के आदेश!!

    प्रदेश में कोडीन सिरप सिर्फ RMP प्रिस्क्रिप्शन पर मिलेगा!!

  • एयरबस का बड़ा टेक्निकल अलर्ट जारी होने के बाद भारत सहित दुनिया भर की उड़ानों पर असर दिखने लगा है

    एयरबस का बड़ा टेक्निकल अलर्ट जारी होने के बाद भारत सहित दुनिया भर की उड़ानों पर असर दिखने लगा है

    “BIG Breaking”

    एयरबस के करीब 6,000 विमानों में सोलर रेडिएशन (Solar Radiation) से फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम प्रभावित होने की आशंका जताई गई है, जिसके चलते कई देशों में उड़ान संचालन में भारी व्यवधान देखा जा रहा है।

    भारत में भी इसका सीधा असर पड़ रहा है, क्योंकि देश की प्रमुख एयरलाइंस — IndiGo, Vistara, Air India, AirAsia India और Akasa — सभी के बेड़ों में A320 फैमिली के विमान बड़ी संख्या में शामिल हैं।

    एयरलाइंस सतर्क मोड पर, तकनीकी जांचें तेज — उड़ानों के शेड्यूल पर असर पड़ने की संभावना।

  • ‘ब्राह्मण बहू’ की टिप्पणी पर आइएएस पर बड़ी कार्यवाही

    ‘ब्राह्मण बहू’ की टिप्पणी पर आइएएस पर बड़ी कार्यवाही

    ब्राह्मण बहू वाली टिप्पणी पर IAS संतोष वर्मा पर बड़ी कार्रवाई की गई है, सरकार ने उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया है और विवादित बयान पर कठोर रुख अपनाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जातिगत टिप्पणी के रूप में देखे जा रहे इस बयान को शासन ने अत्यंत अनुचित, आपत्तिजनक और सेवा आचरण के विपरीत माना है, इसी आधार पर यह सख्त कार्रवाई की गई है।

  • 322 शहर विधानसभा में एनसीसी कैडेट्स मैदान में उतरे, घर-घर जाकर कराएंगे SIR गणना प्रपत्र भराव

    322 शहर विधानसभा में एनसीसी कैडेट्स मैदान में उतरे, घर-घर जाकर कराएंगे SIR गणना प्रपत्र भराव

    गोरखपुर। 322 शहर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता जागरूकता अभियान को नई गति देने के लिए आज से एनसीसी कैडेट्स को विशेष रूप से जिम्मेदारी सौंपी गई है। सदर तहसील सभागार में आयोजित बैठक में ईआरओ/एसडीएम सदर दीपक गुप्ता ने एनसीसी कैडेट्स को विस्तृत दिशा-निर्देश देते हुए बताया कि शहर के प्रत्येक मोहल्ले में जाकर मतदाताओं से सीधे संवाद स्थापित करना है और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक एसआईआर गणना प्रपत्र भरने से वंचित न रहे।

    बैठक में एसडीएम ने बताया कि एनसीसी कैडेट्स का मुख्य कार्य शहर के घर-घर जाकर यह पूछना होगा कि मतदाता को बीएलओ से एसआईआर गणना प्रपत्र प्राप्त हुआ है या नहीं। यदि किसी मतदाता को फॉर्म प्राप्त नहीं हुआ है, तो कैडेट्स बीएलओ से गणना प्रपत्र लेकर स्वयं उनके घर पहुंचाएंगे। इसके अलावा जिन मतदाताओं को फॉर्म मिल चुका है, लेकिन उन्होंने अभी तक उसे भरकर जमा नहीं किया है, उन लोगों से वार्ता कर कैडेट्स उन्हें फॉर्म भरवाकर जमा कराने में भी सहायता करेंगे।

    एसडीएम दीपक गुप्ता ने कैडेट्स को बताया कि यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि 4 दिसंबर तक शहर विधानसभा क्षेत्र में शत-प्रतिशत एसआईआर गणना प्रपत्र भरवाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मतदाता सूची अद्यतन प्रक्रिया में किसी भी पात्र मतदाता का नाम छूटना नहीं चाहिए, और यह तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक समय से फॉर्म भरकर जमा कर दे।

    उन्होंने एनसीसी कैडेट्स की सराहना करते हुए कहा कि युवा ऊर्जा और अनुशासन से भरे ये कैडेट्स समाज में सकारात्मक संदेश देने में सक्षम हैं। इनके घर-घर पहुंचने से न केवल लोगों में जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि फॉर्म भरने की संख्या भी तेजी से बढ़ेगी। एसडीएम ने सभी कैडेट्स को यह भी निर्देश दिया कि वे लोगों को यह समझाएं कि एसआईआर प्रपत्र भरना एक सरल और अनिवार्य प्रक्रिया है, जो मतदाता सूची को सटीक बनाने में मदद करता है।

    बैठक में कैडेट्स को यह भी बताया गया कि कई बार लोग अनभिज्ञ होते हैं या फॉर्म भरने में कठिनाई महसूस करते हैं। ऐसे में कैडेट्स का मुख्य दायित्व होगा कि वे धैर्यपूर्वक मतदाताओं को जानकारी दें, उन्हें फॉर्म के प्रत्येक कॉलम को समझाएं और आवश्यकतानुसार सही-सही भरने में सहयोग करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि फॉर्म में कोई त्रुटि न रहे और उसे तुरंत बीएलओ को जमा किया जा सके।

    एनसीसी कैडेट्स ने इस अभियान में पूरे उत्साह से शामिल होने की प्रतिबद्धता जताई। उनका कहना था कि यह अभियान न केवल सामाजिक सेवा का अवसर है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती देने का भी माध्यम है। शहर के विभिन्न मोहल्लों में कैडेट्स आज से ही सक्रिय हो गए हैं और लोगों को जागरूक करने का सिलसिला शुरू हो गया है।

    अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि एनसीसी कैडेट्स की सक्रिय भागीदारी से 4 दिसंबर तक 322 शहर विधानसभा के सभी पात्र मतदाताओं द्वारा एसआईआर गणना प्रपत्र भरकर जमा करने का लक्ष्य आसानी से पूरा हो जाएगा। इससे न केवल मतदाता सूची मजबूत होगी बल्कि आगामी चुनावों में किसी भी नागरिक का नाम छूटने का जोखिम भी समाप्त हो जाएगा।