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गोरखपुर महिला आरक्षी मामले में सरकार और पुलिस का आचरण पक्षपातपूर्ण, निष्पक्ष जांच की मांग
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने गोरखपुर ट्रेनिंग सेंटर के महिला आरक्षी प्रशिक्षुओं के आरोपों के संबंध में अब तक उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यवाही को पूरी तरह पक्षपातपूर्ण बताया है.
उन्होंने कहा कि कल मामला सामने आते ही बिना कोई जांच किए आनंद-फानन में पीएसी के आईजी के माध्यम से आरोपों को निराधार बता कर महिला आरक्षियों को अनुशासन के नाम पर चुप हो जाने की धमकी दी गई.
अब तक जो भी कार्रवाई की गई है, वह सिर्फ मामला बढ़ जाने पर की गई है और पूरी तरह सतही है. अब तक बाथरूम में सीसीटीवी लगाए जाने के उनके आरोपों की जांच नहीं की गई है .
अमिताभ ठाकुर ने कहा कि इस मामले में पुलिस विभाग द्वारा निष्पक्ष जांच नहीं किया जा सकती है. अतः उन्होंने एक रिटायर्ड हाई कोर्ट जज की अध्यक्षता में जांच समिति से निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.
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ओबीसी पार्टी ने जातिगत जनगणना का किया स्वागत किया स्वागत
आज ओबीसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष काली शंकर यदुवंशी ने कहा कि ओबीसी पार्टी केंद्र सरकार द्वारा जातिगत जनगणना कराने के निर्णय का स्वागत करती है और इसे सामाजिक न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानती है.
ओबीसी पार्टी लंबे समय से जातिगत जनगणना की मांग को लेकर न्यायालय से लेकर सड़क तक संघर्ष करती रही है.
काली शंकर यदुवंशी ने कहा कि ओबीसी पार्टी का स्पष्ट मानना है कि जब तक देश में आबादी के अनुपात में सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व और भागीदारी नहीं मिलती, तब तक समता और न्याय की स्थापना संभव नहीं है, इसीलिए जातिगत जनगणना केवल आंकड़ों की गणना नहीं, बल्कि समाजिक नीति निर्माण और सत्ता में समान भागीदारी का आधार है; पार्टी यह अपेक्षा करती है कि यह जनगणना पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से कराई जाए तथा पिछड़े समाज को बांटने या भ्रमित करने की कोई भी कोशिश न हो; ओबीसी पार्टी यह भी स्पष्ट करती है कि वह इस प्रक्रिया की निगरानी करती रहेगी और जब तक सामाजिक समानता और न्याय की स्थापना नहीं हो जाती, तब तक उसका संघर्ष जारी रहेगा।
News courtesy: काली शंकर यदुवंशी,राष्ट्रीय अध्यक्ष,ओबीसी पार्टी
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हावर्ट बांध पर बन रहे फोरलेन से बाढ़ बचाव के साथ यातायात की समस्या भी होगी हल: योगी
*मुख्यमंत्री योगी ने किया बांध पर बन रहे फोरलेन मार्ग का निरीक्षण*
*राजघाट से डोमिनगढ़, माधोपुर तटबंध होते हुए फोरलेन और आरओबी के निर्माण पर आएगी 700 करोड़ रुपये की लागत*
*राजघाट की तरफ से सोनौली जाने वालों को नहीं जाना पड़ेगा शहर के अंदर*
गोरखपुर, 20 अप्रैल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह हावर्ट बांध पर बन रहे फोरलेन सड़क के निर्माण कार्यों का बहरामपुर रेगुलेटर नम्बर एक के समीप स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फोरलेन से बाढ़ बचाव के साथ ही यातायात की बड़ी समस्या का समाधान होगा।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने फोरलेन की ड्राइंग मैप का अवलोकन कर प्रोजेक्ट की प्रगति की जानकारी ली और कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग (निर्माण खंड-2) के अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गोरखपुर चारों ओर से जल से घिरा हुआ क्षेत्र है। इसके पूरब में रामगढ़ताल, उत्तर की तरफ चिलुआताल, पश्चिम की तरफ राप्ती नदी और पश्चिमोत्तर में रोहिन नदी गोरखपुर महानगर को घेरे हुए है। रोहिन नदी से बचाव के लिए माधोपुर तटबंध बना हुआ है। राप्ती और रोहिन नदी का संगम डोमिनगढ़ में होता है और इसके बाद राप्ती नदी गोरखपुर के पश्चिम की ओर से बहती है। राप्ती नदी की बाढ़ से बचाव के लिए हावर्ट बांध बना हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में यदि कहीं बाढ़ आ जाती है तो गोरखपुर महानगर ही महत्वपूर्ण केंद्र होता है जहां से बचाव के कार्य सुगमता से संपन्न होते हैं। बाढ़ से शहर के बचाव के लिए दशकों से मांग हो रही थी। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2017-18 में इसी क्षेत्र में जब हावर्ट बांध पर जब राप्ती नदी का लेवल उठ रहा था तब बाढ़ से बचाव के लिए अत्यंत संवेदनशील स्थिति बन गई थी। काफी मशक्कत के बाद तटबंध को बचाया जा सकता था। इसे देखते हुए और यातायात की समस्या से भी निजात दिलाने के लिए एक नई व्यवस्था बनाई गई है। इसमें राजघाट से डोमिनगढ़ तक फोरलेन की सड़क बन रही है। डोमिनगढ़ में एक रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण हो रहा है। हावर्ट बांध के बाद माधोपुर तटबंध को भी फोरलेन से जोड़ते हुए महेसरा को जोड़ने की कार्रवाई होगी।
सीएम योगी ने कहा कि इससे सिटी के बाहर-बाहर फोरलेन की बेहतरीन कनेक्टिविटी मिल जाएगी। राजघाट, टीपीनगर से होते हुए नेपाल जाने वाले मार्ग पर जाने के लिए यात्रियों को शहर के अंदर जाने की जरूरत नहीं रहेगी। इस फोरलेन से सीधे महेसरा और फिर वहां से सोनौली मार्ग पर जाना आसान होगा। यही स्थिति मालभाड़ा पर भी लागू होगी। उन्होंने कहा कि यहां पास में स्थित साहबगंज मुख्य मंडी है। यहां पर कपड़े का भी बड़ा व्यापार है। इसके चलते ट्रक रात भर खड़े रहते हैं। लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है। दिन में भी आवागमन में दिक्कत होती है। पर, अब फोरलेन बन जाने पर दिन हो या रात लोग घर आ-जा सकेंगे और व्यापरियों के माल का आना जाना भी आसान हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस पूरी परियोजना को लोक निर्माण विभाग और सेतु निगम कर रहे हैं और सिंचाई विभाग को भी जिम्मेदारी दी गई है कि वह बरसात से पूर्व रेगुलेटरों का अनुरक्षण कर ले। कोई समस्या हो तो समय रहते उसका समाधान कर लिया जाए ताकि शहर के अंदर जलजमाव की समस्या न होने पाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राजघाट पुल से डोमिनगढ़ तक 4 किलोमीटर से अधिक की फोरलेन सड़क बनेगी, इस पर 195 करोड रुपये का खर्च आएगा। ऐसे ही डोमिनगढ़ से माधोपुर तटबंध होते हुए महेसरा तक 10 किलोमीटर से अधिक मार्ग को फोरलेन किया जाएगा जिस पर लगभग 380 करोड रुपये खर्च होंगे। साथ ही डोमिनगढ़ में एक रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण होगा जिस पर 132 करोड रुपये खर्च होना है। यानी कुल 700 करोड रुपये के ऊपर का यह कार्य जनता के लिए स्वीकृत किया गया है। स्वीकृति के बाद यहां कार्य भी युद्ध स्तर पर चल रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यदायी संस्थाएं समय पर कार्य पूर्ण कर लेंगी और लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
सीएम योगी ने कहा कि इस कार्य के प्रारंभ होने से तात्कालिक रूप से कुछ लोगों को परेशानी हुई होगी। किसी का भी मकान या मंदिर, मार्ग में आ रहा हो तो उसके सम्मानजनक ढंग से पुनर्वास और मुआवजा की व्यवस्था प्रशासन सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि इस पूरे कार्यक्रम को आमजन और व्यापारियों की सुरक्षा व सुविधा के दृष्टिकोण से सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ाया जाएगा।
इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग अजय चौहान, जंगल कौड़िया के ब्लॉक प्रमुख बृजेश यादव, उत्तर प्रदेश मत्स्य निगम के अध्यक्ष रमाकांत निषाद, भाजपा के महानगर अध्यक्ष देवेश श्रीवास्तव, निवर्तमान अध्यक्ष राजेश गुप्ता आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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हॉस्पिटल ले जाने की करें व्यवस्था, भर्ती कराकर कराएं समुचित इलाज : मुख्यमंत्री
*एक महिला की पीड़ा सुनकर मुख्यमंत्री ने अफसरों को दिए फौरी निर्देश*
*लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने सुनीं 300 लोगों की समस्याएं*
*लोगों को दिया भरोसा : मत हों परेशान, हर समस्या का कराएंगे समाधान*
*अधिकारियों से बोले मुख्यमंत्री, हर पीड़ित की समस्या का तत्परता से हो निस्तारण*
गोरखपुर। 20 अप्रैल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने समस्या लेकर आए लोगों से आत्मीयता से संवाद करते हुए कहा कि किसी को भी परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। इस दौरान एक महिला ने अपने परिजन के इलाज में आर्थिक दृष्टि से लाचार होने की बात कही तो मुख्यमंत्री भावुक हो गए। उन्होंने तत्काल अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला के परिजन को हॉस्पिटल ले जाने, भर्ती कराकर समुचित इलाज कराने की व्यवस्था की जाए। और, आगे किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर दिक्कत न हो इसके लिए आयुष्मान कार्ड भी बनवाया जाए।
रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 300 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने के निर्देश दिए। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद पहुंचे। एक-एक कर और इत्मीनान से सबकी समस्याएं सुनीं। उन्हें आश्वस्त किया कि वह सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। किसी को भी घबराने या परेशान होने की की जरूरत नहीं है। प्रार्थना पत्रों को उन्होंने अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि हर समस्या का निस्तारण त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिप्रद होना चाहिए। कहा कि समस्याओं पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और उसका समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण कराएं।
*इलाज में पैसे की कमी नहीं बनेगी बाधा: सीएम*
जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। इसी क्रम में एक महिला ने कहा कि पैसे की कमी से परिजन को अस्पताल ले जाने की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि मरीज को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। भर्ती कराने के साथ इलाज का भी पूरा इंतजाम किया जाए। यह सब होने के बाद आयुष्मान कार्ड भी बनवा दिया जाए। मुख्यमंत्री से मिले इस आत्मीय संबल से महिला करबद्ध होकर कृतज्ञता ज्ञापित करने लगी। इलाज में आर्थिक मदद मांगने पहुंचे अन्य लोगों से मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी जरूरतमंद के इलाज में धन की कमी बाधक नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी।
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अभाव व अपमान में भी बाबा साहब ने बनाया रास्ताः योगी
बाबा साहब डॉ. भीम राव अंबेडकर सम्मान अभियान के अंतर्गत विचार गोष्ठी में शामिल हुए मुख्यमंत्री
सीएम की अपीलः समाज को जातीय आधार पर बटने नहीं देना है, बल्कि एक भारत-श्रेष्ठ भारत के अभियान के साथ जोड़ना है
आरोपः जातीय संघर्ष कराना चाहती है सपा व कांग्रेस
जो समाज महापुरुषों का सम्मान नहीं करता, वह दिग्भ्रमित हो जाता हैः योगी
बाबा साहब के नाम पर लोकलुभावन नारे-भाषण देने वाले अनेक आएंगे, लेकिन उनके मूल्यों-आदर्शों को आत्मसात करने वाले एकमात्र दल भाजपा हैः योगी
गोरखपुर, 19 अप्रैलः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबडेकर ने अभाव व अपमान में रास्ता बनाया और सामाजिक बंधनों को तोड़ते हुए पूरे देश को सम्मान दिलाया। बाबा साहब के कारण ही बिना भेदभाव हर व्यक्ति को समान मताधिकार के उपयोग की स्वतंत्रता प्राप्त हुई। विकसित और आधुनिक लोकतंत्र के अनेक अग्रणी देश हैं, जिन्होंने अश्वेतों व महिलाओं को मत देने का अधिकार बहुत बाद में दिया, लेकिन भारत ने संविधान निर्माण के साथ ही 1952 के पहले आम चुनाव में ही एससी/एसटी, अतिपिछड़ी व महिलाओं को मत देने का अधिकार दे दिया था। यह बाबा साहब की कलम से ही संभव हो पाया। देश को एकता के सूत्र में बांधने का श्रेय बाबा साहब को ही जाता है।
मुख्यमंत्री ने यह बातें शनिवार को गोरखपुर क्लब में अंबेडकर सम्मान अभियान के अंतर्गत विचार गोष्ठी में कहीं।
पं. नेहरू नहीं चाहते थे कि बाबा साहब को पद मिले,
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब ने मेहनत के साथ संविधान तैयार कराया, लेकिन जब कांग्रेस ने संशोधन में संशोधन प्रारंभ किए तो वे उद्वेलित हुए। कांग्रेस बाबा साहब को संविधान सभा में जाने नहीं देना चाहती थी, लेकिन लोकप्रियता व भारत मां की प्रतिबद्धता के कारण वे संविधान सभा के सदस्य बने। फिर उन्हें ड्राफ्टिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया। पं. नेहरू नहीं चाहते थे कि उन्हें यह पद मिले। इसके लिए काफी षडयंत्र भी किया। बाबा साहब ने अपनी योग्यता व क्षमता से ऐसा संविधान दिया, जो भारत को सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में स्थापित करने का गौरव दिलाता है। एससी-एसटी के छात्रों को सौ फीसदी छात्रवृत्ति मिले, इस वर्ग के नागरिकों को नौकरियों में आरक्षण मिले, एससी-एसटी व अन्य वंचितों को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर सम्मानजनक स्थान प्राप्त हो, यह बाबा साहब की देन है।
बाबा साहब की विद्वता से घबराई थी कांग्रेस, इसलिए उनके मार्ग में खड़ा करती थी बाधा,
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस व सपा लगातार प्रयास करती रही, जिसके कारण समाज में विद्वेष,अराजकता पैदा होता रहे। कांग्रेस ने 1952 में बाबा साहब को चुनाव नहीं जीतने दिया। उन्हें हराने वाले को पद्म पुरस्कार दिया। 1954 उपचुनाव में कांग्रेस ने उनके निजी सहायक को ही उनके खिलाफ चुनाव लड़ाया, बाबा साहब फिर हार गए। जब हिंदू महासभा के एक सदस्य ने पुणे की सीट छोड़ी, तब बाबा साहब संसद में जा पाए। कांग्रेस उनकी कर्मठता, विद्वता, एससी-एसटी व देश के प्रति प्रतिबद्धता से घबराई थी, इसलिए पग-पग पर उनके मार्ग में बाधा खड़ा करती थी। राहुल गांधी संविधान की प्रति लेकर घूमते हैं तो आश्चर्य होता है कि यह वही लोग हैं, जिन्होंने डॉ. आंबेडकर का अपमान किया। जब पीएम चंद्रशेखऱ ने वह भवन बाबा साहब के नाम पर आवंटित किया तो कांग्रेस ने समर्थन वापस ले लिया। फिर अटल जी ने कार्य पूरा किया, मोदी जी ने स्मारक बनाने का कार्य किया।
बाबा साहब ने जो 65 वर्ष में किया, वह लोग सैकड़ों वर्ष में नहीं कर पाए,
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब ने 65 वर्ष में वह करके दिखाया, जो लोग सैकड़ों वर्ष में नहीं कर पाए। 1947, 1956, 1962, 1967, 1971, 1980, 1985, 1991, 2004, 2009 में भी कांग्रेस सरकार देश में थी, लेकिन उनका एक भी स्मारक नहीं बनाया। भाजपा ने उनके पंचतीर्थ बनाए, कांग्रेस, राजद, सपा या अन्य दलों का कोई योगदान नहीं है। 26 नवंबर की तिथि 2015 से संविधान दिवस के रूप में मनाई जाती है।
बाबा साहब के आदर्शों को आत्मसात करने वाला एकमात्र दल भाजपा है,
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब के नाम पर लोकलुभावन नारे-भाषण देने वाले अनेक आएंगे, लेकिन उनके मूल्यों-आदर्शों को आत्मसात करने वाले एकमात्र दल भारतीय जनता पार्टी है। बाबा साहब ने अनुयायियों से कहा था कि शिक्षित बनो, संगठित होकर अन्याय के प्रति प्रतिकार करो। जब हैदराबाद के निजाम ने अत्याचार प्रारंभ किया, तब उन्होंने हिंदुओं और अनुसूचित जाति के लोगों को पत्र लिखा कि किसी भी स्थिति में इस्लाम स्वीकार न करें, यदि बचाव का अंतिम संकट खड़ा हुआ तो पलायन करके महाराष्ट्र आ जाएं, लेकिन निजाम के सामने झुकना नहीं है। निजाम व रजाकारों द्वारा गांव-गांव जलाए जा रहे थे तो बाबा साहब लोगों के साथ खड़े हुए थे। लौहपुरुष सरदार पटेल ने हैदराबाद को निजाम से मुक्ति दिलाई और नागरिकों को सम्मान दिलाया।
गरीब भूख से मरता था और सपा के लोग उनके नाम पर राशन लेते थे,
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मैं सांसद था तो कुशीनगर में मुसहर समाज की लोगों की भूख से मौत की जानकारी लेने गया था। उस समय प्रदेश में सपा सरकार थी। पता चला कि मुसहर समाज के लोगों के राशन कार्ड सपा पदाधिकारियों के पास थे। गरीब भूख से मरता था और सपा के लोग उनके नाम पर राशन लेता था। आज प्रदेश में हर मुसहर, थारू, वनटांगिया, चेरो, कोल के पास जमीन, मकान, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड भी है। डबल इंजन सरकार जीरो पॉवर्टी के लक्ष्य को प्राप्त की दिशा में बढ़ रही है। जिन्हें अभी तक योजनाओं का लाभ नहीं मिल सका, एक साथ सरकार उन्हें सेचुरेट करेगी। सीएम ने पीएम स्वामित्व योजना का जिक्र करते हुए बताया कि यूपी में अब तक एक करोड़ लोगों को जमीन के पट्टे आवंटित कर दिए हैं।
सपा व कांग्रेस कभी जनता के सुखदुख के सहभागी नहीं बने,
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले यूपी व 2014 के पहले अन्य राज्यों में राशन नहीं मिल पाता था, क्योंकि इनकी नीयत सही नहीं थी। इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौत से सर्वाधिक प्रभावित अल्पसंख्यक, एससी व एसटी बच्चे थे। भाजपा के साथ मिलकर मैं अकेले आंदोलन करता था। सपा, कांग्रेस कभी जनता के सुख-दुख में सहभागी नहीं बने, लेकिन जब हम लोग सहभागी बने तो इंसेफेलाइटिस की चपेट में कोई मासूम नहीं आता है। सीएम ने कहा कि 2012 में सत्ता में आते ही सपा के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने कहा था कि सामाजिक न्याय के पुरोधा भीमराव अंबेडकर, ज्योतिबा फुले, सावित्री बाई फुले, छत्रपति साहू जी महाराज के नाम पर लखनऊ में बने स्मारक तोड़ेंगे, तब भाजपा ने विरोध करते हुए कहा था कि अगर तोड़ोगो को दो-दो हाथ करेंगे, क्योंकि इन महापुरुषों ने सामाजिक न्याय का नेतृत्व करते हुए समाज को नई दिशा दी और दबे-कुचले के आवाज बने।
अनुसूचित जाति का उपयोग वोटबैंक के रूप में करते हैं विपक्षी दल,
सीएम ने कहा कि सपा जब सरकार में आई तो लखनऊ में कांशीराम के नाम पर विश्वविद्यालय का नाम ऊर्दू-फारसी, अरबी विश्वविद्यालय कर दिया। कन्नौज मेडिकल कॉलेज से बाबा साहब का नाम बदल दिया, लेकिन हमारी सरकार ने फिर से इसे बाबा साहब के नाम पर किया। यह लोग अनुसूचित जाति का उपयोग वोटबैंक के रूप में करते हैं। सपा को प्रदेश में चार बार शासन का अवसर मिला, लेकिन यह गरीबों के मकान, स्वास्थ्य कार्ड, राशन, जमीन का पट्टा, कन्याओं की शादी, सुरक्षा नहीं दे सके, 2015-16 में अनुसूचित जाति की छात्रवृत्ति रोक दी थी। यह विकास सिर्फ अपना और परिवार का करते थे, लेकिन मोदी का मंत्र सबका साथ-सबका विकास है। सपा और कांग्रेस जाति के नाम पर बांटने के पक्षधर थे। सीएम ने कहा कि जो समाज महापुरुषों का सम्मान नहीं करता, वह दिग्भ्रमित हो जाता है। इंडी गठबंधन से जुड़े दल लोकसभा चुनाव में भी गुमराह करते थे, लेकिन पीएम मोदी ने संविधान की मूल प्रति को सिर पर रखकर नई संसद में स्थापित करने का कार्य किया।
जातीय संघर्ष कराना चाहती है सपा व कांग्रेस,
मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा व कांग्रेस देश-प्रदेश में जातीय संघर्ष कराना चाहती है। सपा का एक विधायक महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी का अपमान व औरंगजेब का महिमामंडन करता है। इनका सांसद राणा सांगा का अपमान और राम जन्मभूमि तोड़वाने वाले विदेशी आक्रांता बाबर का महिमामंडन करता है। सपा मुखिया लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल का अपमान करते हैं। जिस जिन्ना के कारण पाकिस्तान में हिंदू मारे-काटे जा रहे हैं, बांग्लादेश में दलित हिंदुओं के साथ निर्मम अत्याचार हो रहे हैं, सपा उस जिन्ना का महिमा मंडन कर रही है। यह कुत्सित मानसिकता दलितों-वंचितों, गरीबों का हित नहीं होने देना चाहती है। सबका साथ-सबका विकास के अभियान को नहीं बढ़ना देना चाहती, क्योंकि यह हुआ तो इनके परिवार के विकास का अभियान बेनकाब हो जाएगा। सीएम ने अपील की कि समाज को जातीय आधार पर बटने नहीं देना है, बल्कि एक भारत-श्रेष्ठ भारत के अभियान के साथ जोड़ना है।
इस दौरान सांसद रवि किशन, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष व विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, भाजपा के महानगर अध्यक्ष देवेश श्रीवास्तव, पूर्व कुलपति प्रो. चंद्रशेखर आदि मौजूद रहे।




