Tag: #DDU #Gorakhpur #breakingnews

  • पूर्वोत्तर रेलवे में मान्यता चुनाव

    पूर्वोत्तर रेलवे में मान्यता चुनाव

    पूर्वोत्तर रेलवे में मान्यता चुनाव

    डेपुटेशन पर कार्यरत कर्मचारी, बीमार कर्मचारी के लिए पोस्टल बैलेट उनके पते पर भेजा जाए एवं दिव्यांग एवं दृष्टिहीन कर्मचारी के मतदान की व्यवस्था सुनिश्चित करें प्रशासन – विनोद राय

    आगामी यूनियन मान्यता चुनाव के लिए पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ ने प्रशासन से मांग किया है कि जो कर्मचारी डेपुटेशन पर अपने हेड क्वार्टर से बाहर ड्यूटी कर रहे हैं एवं जो कर्मचारी बीमार चल रहे हैं उनका मतदान सुनिश्चित करने के लिए पोस्टल बैलेट उनके पते पर भेजा जाए एवं दिव्यांग एवं दृष्टिहीन कर्मचारी के मतदान को कैसे कराया जाएगा इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करें प्रशासन उन्होंने कहा कि किसी भी रेल कर्मचारी का मतदान छूटने न पावे। महामंत्री विनोद राय ने बताया कि ट्रैकमैन कर्मचारियों को छुट्टी मांगने पर छुट्टी नहीं दी जा रही है एवं उनका वेतन काट लिया जा रहा है। प्रशासन ट्रैकमैन कर्मचारियों के लिए पेय जल वर्दी, टोर्च की समुचित व्यवस्था नहीं कर पा रहा है एवं आवश्यकता पड़ने पर छुट्टी मांगने पर छुट्टी नहीं दे रहे हैं तथा कार्यपर नहीं आने पर वेतन काट लिया जा रहा है। महामंत्री विनोद राय ने कहा कि यह बिल्कुल अनुचित है ऐसा नहीं किया जाना चाहिए ट्रैकमैन कर्मचारी बहुत मेहनत से अपनी ड्यूटी करता है उसका एक भी दिन का वेतन नहीं काटा जाना चाहिए एवं कर्मचारियों को आवश्यकता पड़ने पर छुट्टी मांगने पर छुट्टी अवश्य दी जानी चाहिए। महामंत्री विनोद राय ने कहा कि इस मुद्दे को माननीय महाप्रबंधक महोदया के समक्ष उठाया जाएगा। महामंत्री विनोद राय के साथ उनके वरिष्ठ पदाधिकारी श्री सतीश चंद्र अवस्थी, केएम मिश्रा संजीवधर दीपक चौधरी कुलदीप मणि त्रिपाठी ईश्वर चंद्र विद्यासागर विजय पाठक जयप्रकाश सिंह बृजपाल सिंह सूरज गुप्ता अमित गुप्ता लक्ष्मी श्रीवास्तव सतीश श्रीवास्तव राकेश श्रीवास्तव देवेश सिंह ए बी पांडे अजय त्रिपाठी हेमंत कुमार एसके गोस्वामी अंशुमान पाठक अभिषेक गुप्ता योगेंद्र पाल अनिल गौतम अजय गुप्ता शशि भूषण सिंह हरकेश बहादुर सिंह मनोज शुक्ला विनोद मिश्रा दीपक प्रजापति धीरज यादव विनय यादव इत्यादि पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • पूरी तरह सौर ऊर्जा पर संचालित होगा महायोगी गोरखनाथ विवि

    पूरी तरह सौर ऊर्जा पर संचालित होगा महायोगी गोरखनाथ विवि

    पूरी तरह सौर ऊर्जा पर संचालित होगा महायोगी गोरखनाथ विवि

    महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक में लिया गया निर्णय

    15000 की क्षमता के स्टेडियम निर्माण और वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियों को बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी

    1500 की क्षमता का बनेगा बहुउद्देश्यीय ऑडिटोरियम, 11000 पौधरोपण से बनेगा ग्रीन कैम्पस

    गोरखपुर, 29 सितंबर। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, आरोग्यधाम बालापार गोरखपुर ने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह विश्वविद्यालय आने वाले दिनों में ऊर्जा संबंधी आवश्यकताओं के लिए पूरी तरह सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करेगा। विश्वविद्यालय की कार्य परिषद ने रविवार को हुई बैठक में शत प्रतिशत सौर ऊर्जा के उपयोग और इस संबंध में जरूरी व्यवस्थाओं से जुड़े प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। कार्य परिषद ने सौर ऊर्जा के रूप में क्लीन एनर्जी के प्रयोग के साथ ही कैम्पस को ग्रीन बनाने के लिए 11 हजार पौधरोपण, 15 हजार की क्षमता के स्टेडियम और 1500 की क्षमता के अत्याधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी है।

    महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल डॉ. अतुल वाजपेयी की अध्यक्षता एवं कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव के संचालन में हुई कार्यपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए उप कुलसचिव (प्रशासन) श्रीकांत ने बताया कि कार्य परिषद ने तय किया है कि जल्द ही विश्वविद्यालय में ऊर्जा संबंधी सभी जरूरतें सौर ऊर्जा से पूरी की जाएंगी। इसके लिए जरूरी सिस्टम की स्थापना को मंजूरी दे दी गई है। कार्य परिषद ने इस बात पर हर्ष व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय में सभी कक्षाओं को स्मार्ट क्लास रूम में अपग्रेड कर दिया गया है। आने वाले समय में विश्वविद्यालय का अपना सिम्यूलेशन लैब भी होगा। इससे जुड़े प्रस्ताव को बैठक में स्वीकार कर लिया गया है। कार्य परिषद ने इस प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है कि ग्रीन कैम्पस की परिकल्पना को साकार करने के लिए परिसर में 11000 पौधों का रोपण कराया जाए। शैक्षणिक व अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 1500 की क्षमता का बहुउद्देश्यीय ऑडिटोरियम बनाने और विश्वविद्यालय के अपने स्टेडियम के निर्माण के लिए रखे गए प्रस्तावों को भी कार्य परिषद के सदस्यों ने सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की। यह भी तय किया गया है कि विश्वविद्यालय आने वाले समय में वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।

    *अगले सत्र से होगी फोरेंसिक साइंस और एआई की पढ़ाई*
    स्थापना के बाद से समयानुकूल पाठ्यक्रमों को संचालित कर रहे महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में अगले सत्र से फोरेंसिक साइंस, आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और ड्रोन टेक्नोलॉजी की भी पढ़ाई होगी। इसके लिए पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे। इससे जुड़े प्रस्ताव पर भी कार्य परिषद की बैठक में मुहर लगा दी गई है।

    *एमबीबीएस और बीएएमएस का नया सत्र 14 अक्टूबर से*
    विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की बैठक में इस सत्र से एमबीबीएस कोर्स को मान्यता मिलने और सभी सीटों पर प्रवेश होने पर प्रसन्नता व्यक्त की गई। बैठक में बताया गया कि स्टेट कोटा नीट काउंसिलिंग में छात्रों ने महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के श्री गोरक्षनाथ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर को पहली प्राथमिकता दी है। बैठक में एमबीबीएस और बीएएमएस के नए सत्र का संचालन 14 अक्टूबर से शुरू किए जाने के प्रस्ताव को भी स्वीकार कर लिया गया।
    कार्य परिषद की बैठक में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की आचार्य डॉ. शोभा गौड़, महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के सदस्य प्रमथ नाथ मिश्र, महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य रामजन्म सिंह, प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव के प्रतिनिधि संयुक्त सचिव उच्च शिक्षा प्रेम कुमार पांडेय, वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. सीएम सिन्हा महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता डॉ. सुनील कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक अमित कुमार सिंह, आयुर्वेद कॉलेज के सह आचार्य डॉ. सुमित कुमार एम., सहायक आचार्य डॉ. प्रिया एसआर नैयर, सीए अनिल कुमार सिंह, मुख्य अभियंता नीरज कुमार गौतम, सहायक अभियंता आशीष सिंह व्यक्तिगत रूप से तथा देवीपाटन शक्तिपीठ के महंत योगी मिथिलेशनाथ, चिकित्सा संकाय के अधिष्ठाता डॉ. हरिओम शरण, महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के प्रमथनाथ मिश्र ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।

  • भारतीय सेना में चयनित हुए, गोरखपुर विश्वविद्यालय के एन.सी.सी. कैडेट्स

    भारतीय सेना में चयनित हुए, गोरखपुर विश्वविद्यालय के एन.सी.सी. कैडेट्स

    भारतीय सेना में चयनित हुए, गोरखपुर विश्वविद्यालय के एन.सी.सी. कैडेट्स

    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर, अत्यंत गर्व के साथ घोषणा करता है कि इस वर्ष विश्वविद्यालय के, 44 वीं वाहिनी एनसीसी ईकाई के 8 एनसीसी कैडेट्स का चयन भारतीय सेना में हुआ है। चयनित कैडेट्स में विवेक जायसवाल, हिमांशु, युवराज सिंह, शिव कुमार सहानी, विशाल यादव, मोहित कुमार, रोहन पासवान, और बृजेश गुप्ता शामिल हैं।

    कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने कैडेट्स को उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और इसे विश्वविद्यालय के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह चयन एनसीसी कैडेट्स की कड़ी मेहनत, समर्पण और अनुशासन का परिणाम है। एनसीसी प्रभारी प्रो. (कैप्टन) दिग्विजय नाथ और डाॅ. (लेफ्टिनेंट) अनुपम सिंह ने भी कैडेट्स को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि कैडेट्स के मेहनत, समर्पण एवं एनसीसी के उत्कृष्ट प्रशिक्षण तथा नेतृत्व विकास के प्रयासों को दर्शाती है।

    यह सफलता विश्वविद्यालय की एनसीसी इकाई की प्रभावशाली भूमिका और विद्यार्थियों के संपूर्ण विकास के प्रति समर्पण को प्रमाणित करती है। विश्वविद्यालय परिवार इस उपलब्धि पर गर्व महसूस करता है और भविष्य में भी इसी प्रकार की सफलता के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा‌ । चयनित कैडेट्स को विश्वविद्यालय परिवार ढेर सारी शुभकामनाएं देता है एवं कैडेट्स के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है ।

  • व्यवसाय प्रशासन विभाग में स्टार्ट- अप और उद्यमिता विषय पर आयोजित हुआ व्याख्यान’

    व्यवसाय प्रशासन विभाग में स्टार्ट- अप और उद्यमिता विषय पर आयोजित हुआ व्याख्यान’

    व्यवसाय प्रशासन विभाग में स्टार्ट- अप और उद्यमिता विषय पर आयोजित हुआ व्याख्यान’

    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर के व्यवसाय प्रशासन विभाग एवं आईसीएफएआई बिज़नेस स्कूल के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में छात्रों ने स्टार्ट-अप और उद्यमिता से जुड़ी चुनौतियों को विस्तारपूर्वक समझा। कार्यक्रम की शुरुआत कार्यक्रम का संचालन कर रही विभाग की छात्रा अर्पिता पाण्डे द्वारा अतिथि विदुषी के परिचय से हुई। विभाग की अध्यापिका सुश्री सिमरन उपाध्याय ने अतिथि वक्ता को पुष्प गुच्छ देकर उनका औपचारिक स्वागत किया तथा व्यवसाय प्रबंधन विभाग के समन्वयक प्रो मनीष कुमार श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन द्वारा विभाग की ओर से अतिथि वक्ता का औपचारिक स्वागत किया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता के रूप में आईसीएफएआई बिज़नेस स्कूल से पधारी डॉ रचिता कश्यप ने छात्रों के साथ संवाद किया। प्रो कश्यप ने स्टार्ट-अप की सफलता के प्रमुख कारकों, भविष्य में संभावित स्टार्ट- अप योजनाओं जिनमें मुख्य रूप से कचरा प्रबंधन, इलेक्ट्रिक वाहन तथा डाइरेक्ट टू कस्टमर उद्योगों में स्टार्ट अप की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। व्याख्यान के अंत में वक्ता ने छात्रों के प्रश्नों का उत्तर दिया।
    कार्यक्रम का समापन समन्वयक व्यवसाय प्रशासन विभाग प्रो मनीष कुमार श्रीवास्तव के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। कार्यक्रम में व्यवसाय प्रबंधन विभाग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो श्रीवर्धन पाठक, समन्वयक प्रो मनीष कुमार श्रीवास्तव, डॉ शेफाली जायसवाल, डॉ सुशील कुमार सिंह, सुश्री सिमरन उपाध्याय, श्रीमती तोजस्वी दुबे, श्रीमती सुरुचि श्रीवास्तव, श्री राहुल पाल, श्री अभिषेक कुमार, श्री आनन्दवर्धन, सुश्री अंशिका मिश्रा, श्रीमती शिवांगी गुप्ता आदि लोग उपस्थित रहे ।

  • टेक्नोलॉजी विभाग ने प्रभावशाली रोल प्ले का आयोजन किया

    टेक्नोलॉजी विभाग ने प्रभावशाली रोल प्ले का आयोजन किया

    प्रकाशन एवं जनसंपर्क केंद्र दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय
    HMCT के रोल प्ले ने बिखेरा जादू
    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 43वें दीक्षांत सप्ताह समारोह के अवसर पर होटल मैनेजमेंट एंड केटरिंग टेक्नोलॉजी विभाग ने प्रभावशाली रोल प्ले का आयोजन किया कार्यक्रम में उपस्थित हुए सभी अतिथियों का स्वागत अतिथि शिक्षक श्री आशीष रंजन एवं श्री कुरेश खान, होटल प्रबंधन एवं खानपान प्रद्योगिकी विभाग द्वारा किया गया।
    कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने एक उत्कृष्ट अभिनय के माध्यम से होटल में अतिथि के आगमन से लेकर विदाई तक की पूर्ण प्रक्रिया को प्रदर्शित किया। उन्होंने होटल प्रबंधन के द्वारा आतिथ्य सत्कार का प्रभावशाली प्रस्तुतिकरण किया। इस रोल प्ले ने सभी उपस्थित लोगों को प्रभावित किया. इस रोल प्ले ने होटल प्रबंधन के क्षेत्र में विद्यार्थियों की क्षमता को प्रदर्शित किया |
    विद्यार्थियों द्वारा उनके सेवा कौशल एवं धैर्यपूर्ण व्यवहार ने सभी का ध्यान आकर्षित किया.
    कार्यक्रम के अंत में वाणिज्य विभाग के अधिष्ठाता प्रो. श्रीवर्धन पाठक ने विद्यार्थियों की प्रशंसा की और उन्हें प्रोत्साहित किया। डॉ. अंशु गुप्ता ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया ,साथ ही आभार ज्ञापन कर कार्यक्रम का सफल समापन किया।
    कार्यक्रम में प्रोफेसर आर.पी.सिंह, डॉ. राहुल मिश्रा, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. प्रतिमा जायसवाल, डॉ. सुमन कन्नौजिया ,अतिथि शिक्षक डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. सारिका गुप्ता, डॉ. पूर्णिमा मिश्रा,शोधार्थी राधिका मिश्रा और रोशन जहां उपस्थित रहे।

  • देव व दानव, दोनों के लिए गुरु का महत्व

    देव व दानव, दोनों के लिए गुरु का महत्व

    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय
    देव व दानव, दोनों के लिए गुरु का महत्व: प्रो.राजवंत राव     दीक्षारम्भ हमारी सनातन परम्परा – प्रो० प्रज्ञा चतुर्वेदी
    दीनद‌याल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास, पुरातत्त्व एवं संस्कृति विभाग में ‘दीक्षारम्भ समारोह’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए प्रो. राजवंत राव ने कहा कि भारतीय संस्कृति एवं ज्ञान परम्परा में माता एवं गुरु का स्थान सर्वोपरि है। माता और गुरु, मनुष्य के जीवन को सर्वोच्च लक्ष्य प्राप्त करने की दृष्टि प्रदान करते हैं। देव व दानव, दोनों में गुरु का महत्त्व था। देवता जो दिव्य एवं स्वम् सिद्ध थे उन्हें भी मार्गदर्शन हेतु गुरु की आवश्यकता थी। भारतीय परम्परा में श्रावणी पूर्णिमा को दीक्षारम्भ होता है और शारदीय पूर्णिमा को दीक्षान्त होता है। उल्लेखनीय है कि यह परम्परा श्रावणी पूर्णिमा को कृष्ण से संबद्ध करती है।
    विभाग की अध्यक्षा प्रो० प्रज्ञा चतुर्वेदी ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि दीक्षारम्भ एवं दीक्षान्त की हमारी सनातन परम्परा रही है। हमारा विभाग भारतीय ज्ञान पम्परा से सम्बद्ध रहा है। विभाग की गौरवपूर्ण परम्परा, विभाग का ध्येय वाक्य और विभाग के वास्तु विन्यास के बारे में छात्रों को अवगत कराया।
    प्रो० शीतला प्रसाद सिहं ने विषय के महत्त्व को बताते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं में प्राचीन इतिहास विषय की उपादेयता एवं प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। प्रो० दिग्विजय नाथ मौर्य, प्रो० कमलेश कुमार गौतम, प्रो० ध्यानेन्द्र नारायण दुबे एवं डॉ मणिन्द्र यादव ने नवागत छात्र-छात्राओं को सम्बोधित किया।
    इस अवसर पर प्रो. दिग्विजय नाथ मौर्य द्वारा छात्र-छात्राओं को एंटी-रैगिंग के बारे में जागरूक किया गया एवं विधिक नियमों की जानकारी दी गई । इसके साथ ही उ०प्र० सरकार द्वारा चलाये जा रहे नशामुक्ति कार्यक्रम के तहत विभाग में उपस्थित सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों ने नशा मुक्ति की शपथ ली।
    इस कार्यक्रम का संचालन डॉ. विनोद कुमार तथा आभार ज्ञापन डॉ. पदमजा सिंह द्वारा किया गया।

  • सप्ताह कार्यक्रम का आरम्भ किया गया

    सप्ताह कार्यक्रम का आरम्भ किया गया

    अर्थशास्त्र विभाग दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर में आज दिनांक 12.08.2024 को दीक्षारंभ सप्ताह कार्यक्रम का आरम्भ किया गया। जिसमें विभागाध्यक्ष तथा विभाग के शिक्षकों द्वारा स्नाकोत्तर प्रथम सेमेस्टर में नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं का स्वागत किया गया। विभागाध्यक्ष प्रो. संदीप कुमार ने विभाग में आयोजित दीक्षारंभ कार्यक्रम के शुरुआत में छात्रों को विश्वविद्यालय तथा विभाग की विशेषताओं के बारे में बताया और आगे यह बताया कि दीक्षारंभ कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को परिसर के साथ-साथ शिक्षक व विभाग के शैक्षणिक वातावरण व संस्कृति से भली-भांति परिचित कराना है। अर्थशास्त्र विभाग के वरिष्ठ आचार्य प्रो. करुणाकर राम त्रिपाठी ने छात्रों को बताया कि नियमित क्लास करना आपको विषय की गहराई से परिचित कराता है। विभाग के वरिष्ठ आचार्य प्रो. आलोक कुमार गोयल ने छात्रों को बताया कि विधार्थियों की सफलता और असफलता में शिक्षा और शिक्षण संस्थान को हमेशा जोड़कर देखा जाता है और आगे छात्रों को कोर्स की बारीकियों के बारे में समझाया। डॉ. राजू गुप्ता ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए छात्रों को नियमित क्लास के महत्व को गिनाया और एंटी रैगिंग के बारे में बताया तथा साथ ही अर्थशास्त्र परिषद की महत्ता को बताते हुए इसके द्वारा आयोजित किए जाने वाले विभिन्न सह-पाठ्येत्तर कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताया। डॉ० अमित शर्मा ने विभागीय परंपरा के अनुरूप नियमित कक्षा में उपस्थित होने के लिए प्रेरित किया और उसके महत्व को समझाया। डॉ० वंदना अहिरवार ने विभागीय पुस्तकालय संबंधी तथा छात्रा कामन रूम की सुविधाओं से अवगत कराया। डॉ० मनीष कुमार ने प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विभाग द्वारा किए जाने वाले प्रयासों से अवगत कराया। सभी शिक्षकों ने अपने उद्बोधन में विश्वविद्यालय द्वारा एंटी रैगिंग के लिए अपनाए जाने वाले कड़े नियमों से अवगत भी कराया। कार्यक्रम का संचालन डॉ० सत्यपाल सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर विभाग के शोध छात्र तथा नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं के साथ विभाग के सभी शिक्षक उपस्थित थे ।

  • अंग्रेज़ी विभाग में रामचरितमानस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, भोजपुरी लोकगीत और जलवायु परिवर्तन पर होगा शोध

    अंग्रेज़ी विभाग में रामचरितमानस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, भोजपुरी लोकगीत और जलवायु परिवर्तन पर होगा शोध

    अंग्रेज़ी विभाग में रामचरितमानस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, भोजपुरी लोकगीत और जलवायु परिवर्तन पर होगा शोध
    एनईपी के अंतःविषयक और समग्र शिक्षा के सिद्धांत के अनुरूप होगा शोध कार्य
    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग में शोधार्थियों ने एनईपी के अंतःविषयक और समग्र शिक्षा के सिद्धांत के अनुरूप रामचरितमानस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, भोजपुरी लोकगीत और जलवायु परिवर्तन पर शोध कार्य करना प्रारंभ किया है . अंग्रेजी विभाग ने विभागीय शोध समिति की बैठक में विभिन्न शोध प्रस्तावों को मंजूरी दी। इन शोध विषयों में न केवल साहित्यिक कृतियों का विश्लेषण किया जा रहा है, बल्कि समाज के विभिन्न पहलुओं पर भी गहराई से अध्ययन किया जा रहा है।
    शोधार्थी विष्णु मिश्रा का रामचरितमानस के समाज की मुख्य धारा से वंचित पात्रों जैसे शबरी, केवट, जामवंत, अंगद, सुग्रीव, जटायु आदि पर एक शोध प्रस्ताव स्वीकृत हुआ है। शोधार्थी ने रामचरितमानस में वर्णित घटनाओं के माध्यम से यह सिद्ध करने का प्रयास किया है कि रामचरितमानस में सभी वर्गों को समानता से दिखाया गया है। इस अध्ययन में अरण्यकांड और अन्य कांडों से उदाहरण लिए गए हैं, जिससे समाज में वर्गों के धुंधले होने का संकेत मिलता है।
    इसी प्रकार, शोधार्थी विकास गुप्ता ने साइबरपंक उपन्यासों में वर्चुअल रियलिटी और साइबर स्पेस की अवधारणाओं पर शोध कार्य आरंभ किया है। उनका शोध कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आभासी वास्तविकता के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करेगा।
    भोजपुरी लोकगीतों के अध्ययन पर खुशबू जायसवाल द्वारा किए जा रहे शोध में धार्मिक गीतों (जैसे छठ गीत, माता के गीत, शिव के गीत,आदि), विवाह के विभिन्न अवसरों के गीत (सगुन, सिंदूरदान, विदाई, आदि), भारतीय संस्कारों के गीत (सोहर, नामकरण, जनेऊ आदि), त्योहारों के गीत (होली, नागपंचमी, आदि), नारीवाद और प्रकृति पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस शोध का उद्देश्य न केवल इन लोकगीतों की सांस्कृतिक महत्ता को स्थापित करना है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए इस धरोहर को संरक्षित रखना भी है।*
    इसके अलावा, दीपिका त्रिपाठी जलवायु परिवर्तन और आधुनिक डिस्टोपियन उपन्यासों पर शोध कर रही हैं, जिसमें वह जलवायु परिवर्तन के विभिन्न पहलुओं और उनके साहित्यिक प्रतिबिंबों का अध्ययन कर रही हैं।
    अन्य शोधार्थियों में प्रतिभा गुप्ता ,दिव्या राय, कीर्ति श्रीवास्तव और रीतू यादव भी शामिल हैं, जो समकालीन साहित्य के विभिन्न पहलुओं पर शोध कर रहे हैं।
    राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, इन शोध विषयों का चयन किया गया है, जो न केवल पारंपरिक साहित्यिक अध्ययन तक सीमित हैं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तनों की व्यापक समझ भी प्रदान करते हैं। एनईपी के अंतःविषयक और समग्र शिक्षा के सिद्धांत के अनुरूप, अंग्रेजी विभाग के शोधार्थी रामचरितमानस से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता और जलवायु परिवर्तन तक के विविध और समकालीन विषयों पर शोध कर रहे हैं, जो कि इस नीति की व्यापक दृष्टि के अनुरूप है।
    इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. अजय कुमार शुक्ला ने कहा कि विभाग के शोधार्थियों द्वारा चुने गए इन विषयों से यह स्पष्ट है कि हमारे विद्यार्थी न केवल पारंपरिक साहित्यिक अध्ययन तक सीमित हैं, बल्कि समकालीन मुद्दों पर भी गहराई से अध्ययन कर रहे हैं। यह हमारे विभाग की प्रगति और समर्पण का प्रतीक है
    अंग्रेज़ी विभाग के शोधार्थियों द्वारा रामचरितमानस, भोजपुरी लोकगीत, वर्चुअल रियलिटी, और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर किया जा रहा शोध सराहनीय है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अंतःविषयक और समग्र शिक्षा की अवधारणा को साकार करता है। अंग्रेज़ी विभाग के सभी शोधार्थियों को बधाई

  • काकोरी ट्रेन एक्सन की 100 वी वर्षगाँठ के उपलक्ष में काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव आयोजन

    काकोरी ट्रेन एक्सन की 100 वी वर्षगाँठ के उपलक्ष में काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव आयोजन

    गोरखपुर: काकोरी ट्रेन एक्सन की 100 वी वर्षगाँठ के उपलक्ष में काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव आयोजन के अवसर पर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवायोजना के गांधी इकाई कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रभुनाथ प्रसाद तथा निवेदिता इकाई कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अपरा त्रिपाठी द्वारा आज दिनांक 10.08.2024 को मजीठिया भवन के समीप स्थित चौरीचौरा शहीद स्मारक के समीप स्वच्छता अभियान चलाया गया|

    इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. शान्तनु रस्तोगी ने शहीदों को याद करते हुए स्वयंसेवकों को ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 9 अगस्त 1925 को लखनऊ के काकोरी में घटी थी, जब स्वतंत्रता सेनानियों ने ब्रिटिश सरकार का खजाना लूटकर क्रांति के लिए हथियार खरीदने की योजना बनाई थी। यह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई।
    स्वच्छता अभियान के दौरान कुलसचिव प्रो. शान्तनु रस्तोगी और रा.से.यो. के समन्वयक डॉ. सत्यपाल सिंह की अगुआई में स्वयंसेवकों ने शहीद स्मारक के आसपास सफाई की, जिसमें झाड़ू लगाना और बढ़ी हुई घास की कटिंग शामिल थी।
    इस अभियान में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रभुनाथ प्रसाद, डॉ. अपरा त्रिपाठी और डॉ. कुसुम रावत के साथ भौतिकी विभाग के कई अन्य शिक्षकों जैसे डॉ. विनीत कुमार सिंह, डॉ. मनिन्द्र कुमार, डॉ. अमित कुमार सिंह चौहान, डॉ. दीपेन्द्र शर्मा, डॉ. प्रशांत शाही, और डॉ. दीपेश शेखर सैनी ने भी भाग लिया। सभी इकाइयों के स्वयंसेवकों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और इस सफाई अभियान में उत्साह पूर्वक योगदान दिया।
    इस आयोजन का उद्देश्य न केवल शहीदों के बलिदान को याद करना था, बल्कि समाज में स्वच्छता और राष्ट्रप्रेम की भावना को भी बढ़ावा देना था।

  • वित्त समिति और कार्य परिषद ने दी मंजूरी, गोरखपुर विवि प्रशासन ने संविदा शिक्षकों को दी राहत

    वित्त समिति और कार्य परिषद ने दी मंजूरी, गोरखपुर विवि प्रशासन ने संविदा शिक्षकों को दी राहत

    डीडीयू
    वित्त समिति और कार्य परिषद ने दी मंजूरी, गोरखपुर विवि प्रशासन ने संविदा शिक्षकों को दी राहत
    संविदा शिक्षकों की भी 57 हजार 700 रुपये होगी बेसिक सैलरी*
    पूर्व कुलपति प्रो. राजेश सिंह का एक और विवादास्पद फैसला पलटा.
    2021 में संविदा शिक्षकों की नियुक्ति के समय हुई थी यह गड़बड़ी संविदा के असिस्टेंट प्रोफेसर्स का बेसिक अब तक 57 हजार रुपये था। इसे यूजीसी और एआईसीटीई के गाइडलाइंस के मुताबिक 57,700 रुपये कर दिया गया है।
    इससे भविष्य में किसी भी संस्थान में नियमित नियुक्ति के समय इन शिक्षकों की सर्विस जुड़ सकेगी।
    प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयू.
    ईश्वर सिंह
    गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने संविदा शिक्षकों को बड़ी राहत दी है।
    तीन वर्ष पूर्व के फैसले को पलटते हुए उनकी बेसिक सैलरी नियमित शिक्षकों की तरह निर्धारित करने का निर्णय लिया है।
    डीडीयू की वित्त समिति और कार्य परिषद ने इसे मंजूरी दे दी है। डीडीयू में वर्ष 2021 में कृषि और इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू हुई थी।
    तब इन विषयों के लिए संविदा पर असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति हुई थी।
    यूजीसी और एआईसीटीई के मानक के अनुसार संविदा शिक्षकों की बेसिक सैलरी नियमित असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर पदनाम के अनुरूप ही होना चाहिए।
    लेकिन डीडीयू में तब हुई नियुक्ति में असिस्टेंट प्रोफेसरों की बेसिक सैलरी 57,000 रुपये रखी गई थी।
    नियुक्त शिक्षक इसकी विसंगतियों की तरफ ध्यान दिलाते रहते थे। नैसर्गिक न्याय को देखते हुए *कुलपति प्रो. पूनम टंडन” ने इसे वित्त समिति और कार्य परिषद में ले जाने का निर्णय लिया था।
    दोनो ही समितियों ने संविदा असिस्टेंट प्रोफेसर की सैलरी 57,700 रुपये किए जाने पर मुहर लगा दी है।
    कम सैलरी से नहीं जुड़ पाती सर्विस
    मात्र सात सौ रुपये वेतन कम होने के कारण संविदा शिक्षक असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए तय क्राइटेरिया से बाहर थे।
    इस वजह से उनकी सर्विस आगे नहीं जुड़ पाती।अब वे नियमित असिस्टेंट प्रोफेसरों की तरह ही एसोसिएट प्रोफेसर के लिए अर्ह होंगे।
    59 संविदा शिक्षकों के लिए वैकेंसी
    डीडीयू में स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में संविदा के 59 पदों के लिए वैकेंसी निकली है।
    इसमें होटल मैनेजमेंट में 4, फिजिकल एजुकेशन में 2, विज्ञान संकाय के लिए 10, कृषि संस्थान के लिए 9, इंजीनियरिंग के लिए 33, ज्योतिष कर्मकांड के 1 पद के लिए संविदा शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।